| 📌 अपडेट बॉक्स अभियान अवधि: 9 से 17 अगस्त 2026 — केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा शुभारंभ अवसर: भारत का 79वां स्वतंत्रता दिवस मुफ़्त डिजिटल सर्टिफिकेट: harghartiranga.com पर सेल्फी अपलोड करके फोटो सहित सर्टिफिकेट पाएं राष्ट्रीय ध्वज क्विज़ 2026: MY Bharat पोर्टल पर 15 अगस्त तक भाग लें |
शुरुआत — हर घर की छत पर तिरंगा
2022 से शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान अब हर साल स्वतंत्रता दिवस के आसपास एक जन-आंदोलन बन चुका है। 2026 में ये अभियान 9 से 17 अगस्त तक — यानी कल से — पूरे देश में चलेगा, जिसमें हर नागरिक को अपने घर पर तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस साल भी हर घर तिरंगा वेबसाइट पर सेल्फी अपलोड करके मुफ़्त डिजिटल सर्टिफिकेट लिया जा सकता है, और युवाओं के लिए एक राष्ट्रीय ध्वज क्विज़ भी शुरू की गई है।
| सीधा जवाब: हर घर तिरंगा अभियान 9 से 17 अगस्त 2026 तक चलेगा। हर नागरिक अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर harghartiranga.com पर सेल्फी अपलोड कर सकता है और मुफ़्त में फोटो सहित डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकता है। 2021 में झंडा संहिता में हुए संशोधन के बाद अब मशीन से बना पॉलिएस्टर झंडा भी इस्तेमाल किया जा सकता है, और झंडा दिन-रात दोनों समय फहराया जा सकता है। |
एक नज़र में हर घर तिरंगा 2026
| बिंदु | जानकारी |
| मंत्रालय | संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय |
| अभियान अवधि | 9 से 17 अगस्त 2026 |
| सर्टिफिकेट वेबसाइट | harghartiranga.com |
| क्विज़ पोर्टल | mybharat.gov.in (15 अगस्त 2026 तक) |
| फीस | पूरी तरह मुफ़्त |
| झंडा संहिता | 2002 में जारी, 2021 में संशोधित |
इस अभियान का मकसद
हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य है — देशभक्ति की भावना को हर घर तक पहुंचाना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति नागरिकों में व्यक्तिगत जुड़ाव पैदा करना। इस साल ज़िलों, विकासखंडों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी पर ज़ोर दिया गया है — स्थानीय संस्थाएं, जल सेवा समितियां, स्वयं सहायता समूह, पंचायती राज संस्थाएं, स्कूली बच्चे, स्वयंसेवक और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता सभी इसमें भाग लेने और नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किए जा रहे हैं।
मुफ़्त डिजिटल सर्टिफिकेट कैसे पाएं
- स्टेप 1: अपने घर पर विधिपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराएं
- स्टेप 2: harghartiranga.com वेबसाइट खोलें
- स्टेप 3: झंडे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड करें
- स्टेप 4: बुनियादी जानकारी (नाम, राज्य आदि) भरें
- स्टेप 5: अपलोड पूरा होते ही फोटो सहित डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड करें
राष्ट्रीय ध्वज क्विज़ 2026 — युवाओं के लिए
युवा कार्य विभाग ने MY Bharat पोर्टल (mybharat.gov.in) पर ‘भारत का राष्ट्रीय ध्वज क्विज़ 2026’ शुरू की है, जो 15 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसका मकसद युवाओं में राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास, महत्व और उससे जुड़े संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है — कोई भी युवा इसमें मुफ़्त भाग ले सकता है।
झंडा फहराने के नियम — 2021 संशोधन के बाद क्या बदला
- पहले सिर्फ हाथ से बुने खादी/सूती/रेशम/ऊनी झंडे की अनुमति थी — अब मशीन से बने पॉलिएस्टर झंडे भी मान्य हैं
- पहले झंडा सिर्फ सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी — अब उचित रोशनी की व्यवस्था के साथ दिन-रात दोनों समय फहराया जा सकता है
- झंडा हमेशा सम्मानपूर्वक, फटा-मैला न हो, ऐसी स्थिति में फहराना चाहिए
- झंडे को ज़मीन या पानी को नहीं छूना चाहिए
- क्षतिग्रस्त झंडे का निपटान गरिमापूर्ण तरीके से (एकांत में जलाकर या दफनाकर) करना चाहिए
किसे नेतृत्व करने के लिए कहा गया है
- ज़िला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी
- स्थानीय संस्थाएं और जल सेवा समितियां
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- पंचायती राज संस्थाएं
- स्कूली बच्चे, स्वयंसेवक और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता
संबंधित जानकारी
- एक पेड़ माँ के नाम
- Mission LiFE — Lifestyle for Environment
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हर घर तिरंगा अभियान 2026 कब से कब तक है?
9 से 17 अगस्त 2026 तक।
डिजिटल सर्टिफिकेट कैसे मिलेगा?
harghartiranga.com पर झंडे के साथ सेल्फी अपलोड करके, फोटो सहित मुफ़्त डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।
क्या अब पॉलिएस्टर झंडा इस्तेमाल कर सकते हैं?
हां, 2021 के संशोधन के बाद मशीन से बना पॉलिएस्टर झंडा भी मान्य है।
क्या रात में भी झंडा फहरा सकते हैं?
हां, 2021 संशोधन के बाद उचित रोशनी के साथ दिन-रात दोनों समय झंडा फहराया जा सकता है।
राष्ट्रीय ध्वज क्विज़ कहां और कब तक है?
MY Bharat पोर्टल (mybharat.gov.in) पर, 15 अगस्त 2026 तक।
क्या इसमें कोई फीस लगती है?
नहीं, अभियान में भाग लेना और सर्टिफिकेट लेना दोनों मुफ़्त है।
क्षतिग्रस्त झंडे का क्या करें?
झंडा संहिता के अनुसार गरिमापूर्ण तरीके से (एकांत में जलाकर या दफनाकर) निपटान करना चाहिए।
इस अभियान का शुभारंभ किसने किया?
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने।
झंडा संहिता कब जारी हुई थी?
2002 में, और इसमें 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन हुआ।
क्या स्कूल और संस्थान भी इसमें भाग ले सकते हैं?
हां, स्कूली बच्चों, स्वयंसेवकों और स्थानीय संस्थाओं को खास तौर पर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



