🚨 Breaking (5 जून 2026 — विश्व पर्यावरण दिवस): “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान आज से पूरे देश में शुरू। उत्तर प्रदेश में CM योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से अभियान की शुरुआत की। UP ने एक ही दिन में 5 करोड़ (50 मिलियन) पौधे लगाकर देश में नया रिकॉर्ड बनाया। MP में यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। भारत ने Kenya में भी 5 लाख पेड़ लगाने की घोषणा की।
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एक पेड़ माँ के नाम अभियान क्या है?
“एक पेड़ माँ के नाम” (Ek Ped Maa Ke Naam) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 जून 2024 — विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू किया गया एक राष्ट्रीय वृक्षारोपण अभियान है। PM मोदी ने दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में एक पीपल का पेड़ लगाकर इसकी शुरुआत की थी।
इस अभियान का मुख्य संदेश है — अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाएं। माँ के प्रति प्रेम, सम्मान और आदर के प्रतीक के रूप में। साथ ही धरती माँ की रक्षा के लिए पेड़-पौधों का संरक्षण करें।
यह अभियान Mission LiFE (Lifestyle for Environment) कार्यक्रम के अंतर्गत चलाया जाता है जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और जीवनशैली में पर्यावरण-अनुकूल बदलाव लाना है।
त्वरित जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अभियान का नाम | एक पेड़ माँ के नाम (Ek Ped Maa Ke Naam) |
| शुरुआत | 5 जून 2024 (विश्व पर्यावरण दिवस) |
| 2026 Edition | एक पेड़ माँ के नाम 2.0 |
| 2026 अवधि | 5 जून – 30 सितंबर 2026 |
| शुरुआत | PM नरेंद्र मोदी |
| मंत्रालय | पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय |
| पंजीकरण पोर्टल | merilife.moef.gov.in |
| Geo-Tagging | Meri LiFE Portal पर अनिवार्य |
| 2024 उपलब्धि | 80 करोड़+ पौधे — लक्ष्य से 5 दिन पहले |
| 2026 UP लक्ष्य | 35 करोड़ पौधे (2026-27) |
एक पेड़ माँ के नाम 2.0 — 2026 में क्या नया है?
2024 में हुई शुरुआत, 2026 में बड़ा विस्तार:
“एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत नागरिकों, शैक्षणिक संस्थाओं, उद्योगों, स्वयं सहायता समूहों, नगरीय निकायों, पंचायतों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा। रोपे गए पौधों का Geo-Tagging करके उनका पंजीकरण Meri LiFE Portal पर किया जाएगा।
2026 के नए बदलाव:
- Meri LiFE Portal पर Geo-Tagged पंजीकरण अनिवार्य
- पौधों की Digital Monitoring — पोर्टल से Track होगी
- अंतर्राष्ट्रीय विस्तार — Kenya में 5 लाख पेड़
- Theme 2026: “Inspired by Nature”
- हर राज्य का अलग Target निर्धारित
2024 की ऐतिहासिक उपलब्धियां
सरकार ने घोषणा की कि 80 करोड़ पौधे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत लगाए जा चुके हैं — लक्ष्य से 5 दिन पहले! यह उपलब्धि सरकारी एजेंसियों, ग्राम-स्तरीय संस्थाओं, स्थानीय समुदायों और अन्य हितधारकों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई।
उत्तर प्रदेश ने 2024 में 26.5 करोड़ पौधे लगाकर देश का नेतृत्व किया। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पूरे देश में 80.84 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
2026 में राज्यवार प्रमुख गतिविधियां
उत्तर प्रदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर उत्तर प्रदेश ने 5 करोड़ से अधिक पौधे एक ही दिन में लगाकर देश में नया मील का पत्थर स्थापित किया। यह उपलब्धि पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर किए गए वृक्षारोपण अभियान का परिणाम है। UP सरकार ने 2026-27 के लिए 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मध्यप्रदेश
MP में CM डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” का शुभारंभ किया। यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक जन-सहभागिता के साथ प्रदेशभर में संचालित होगा।
छत्तीसगढ़
CG में CM विष्णु देव साय ने रायपुर के राजीव स्मृति वन में “एक पेड़ माँ के नाम 2026-27” का शुभारंभ किया। उन्होंने कृष्ण वट (बरगद) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अंतर्राष्ट्रीय विस्तार — Kenya
भारतीय उच्चायोग नैरोबी ने Drylake Ngelesa Conservancy Amboseli के साथ मिलकर Kenya के Amboseli Ecosystem में 5 लाख स्वदेशी पेड़ 5 वर्षों में लगाने की शुरुआत की। यह Kenya के 2032 तक 15 अरब पेड़ लगाने के लक्ष्य से भी जुड़ा है।
Meri LiFE Portal पर पौधा कैसे Register करें?
रोपे गए पौधों का Geo-Tagging करके उनका पंजीकरण Meri LiFE Portal पर किया जाएगा। पोर्टल के माध्यम से Geo-Tagged पौधों की निगरानी और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
Step 1: merilife.moef.gov.in पर जाएं या Meri LiFE App डाउनलोड करें (Google Play Store)।
Step 2: मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।
Step 3: “एक पेड़ माँ के नाम” Option चुनें।
Step 4: पौधे की Photo खींचें — Location Automatically Geo-Tag होगी।
Step 5: पौधे का नाम, स्थान और माँ का नाम दर्ज करें।
Step 6: Submit करें — Digital Certificate मिलेगा।
📱 महत्वपूर्ण: रजिस्ट्रेशन के समय GPS On रखें ताकि Geo-Tagging सही हो।
कौन से पौधे लगाएं?
वन अनुसंधान संस्थान (FRI) देहरादून ने अभियान के तहत औषधीय पौधे लगाने की सिफारिश की — सर्पगंधा, बहेड़ा, कपूर, हरड़ और रीठा।
सरकार द्वारा अनुशंसित पौधों की श्रेणियां:
| श्रेणी | पौधे |
|---|---|
| छायादार पेड़ | पीपल, बरगद, नीम, आम |
| फलदार पेड़ | आम, अमरूद, आंवला, जामुन |
| औषधीय पौधे | तुलसी, नीम, हरड़, बहेड़ा |
| स्थानीय/देशी प्रजातियां | हर क्षेत्र की Native Species |
| पर्यावरण-अनुकूल | Carbon Capture में सहायक |
🌱 सुझाव: अपने इलाके के स्थानीय/देशी पौधे लगाएं — वे जल्दी बढ़ते हैं और रखरखाव कम चाहते हैं।
अभियान का महत्व — क्यों जरूरी है यह कदम?
भारत के Climate Commitments से जुड़ाव:
- भारत ने 2030 तक 33 करोड़ हेक्टेयर अतिरिक्त वन क्षेत्र का लक्ष्य रखा है
- NDC (Nationally Determined Contribution) के अंतर्गत Carbon Sink बढ़ाने की प्रतिबद्धता
- Land Degradation Neutrality का लक्ष्य
- Climate Change से लड़ने में पेड़ों की भूमिका
सामाजिक महत्व:
- माँ और प्रकृति — दोनों जीवन के आधार
- युवाओं में पर्यावरण जागरूकता
- Community Participation को बढ़ावा
- Gram Panchayat और School स्तर पर जन-आंदोलन
आप कैसे भाग ले सकते हैं?
व्यक्तिगत स्तर पर:
- एक पौधा खरीदें — अपनी माँ के नाम पर लगाएं
- Meri LiFE Portal पर Geo-Tag करें
- सोशल मीडिया पर #EkPedMaaKeNaam शेयर करें
- अपने पड़ोसियों को भी प्रेरित करें
संस्थागत स्तर पर:
- स्कूल — हर छात्र एक पौधा लगाए
- ग्राम पंचायत — सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण
- NGO/SHG — अपने क्षेत्र में अभियान चलाएं
- उद्योग/कंपनी — CSR के तहत Plantation Drive
आधिकारिक स्रोत
- Meri LiFE Portal: merilife.moef.gov.in
- मंत्रालय: moef.gov.in (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन)
- अभियान अवधि: 5 जून – 30 सितंबर 2026
- Hashtag: #EkPedMaaKeNaam | #WorldEnvironmentDay2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक पेड़ माँ के नाम अभियान क्या है?
“एक पेड़ माँ के नाम” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू किया गया राष्ट्रीय वृक्षारोपण अभियान है। इसमें हर नागरिक से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील की जाती है।
एक पेड़ माँ के नाम 2.0 कब से शुरू हुआ?
एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान 5 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) से शुरू हुआ और 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
Meri LiFE Portal पर पौधा कैसे Register करें?
merilife.moef.gov.in पर जाएं, मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें, पौधे की Geo-Tagged Photo अपलोड करें और माँ का नाम दर्ज करें। Digital Certificate मिलेगा।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान में अब तक कितने पौधे लगे?
2024 में 80 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए — लक्ष्य से 5 दिन पहले। 2026 में UP ने अकेले एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया।
इस अभियान में कौन भाग ले सकता है?
भारत का हर नागरिक — व्यक्तिगत, स्कूल-कॉलेज, SHG, NGO, उद्योग, ग्राम पंचायत, नगर निकाय — सभी भाग ले सकते हैं।
कौन से पौधे लगाने चाहिए?
पीपल, बरगद, नीम, आम, तुलसी, आंवला जैसे देशी/स्थानीय पौधे लगाना सबसे उपयुक्त है। FRI देहरादून ने औषधीय पौधे जैसे सर्पगंधा, बहेड़ा, हरड़ लगाने की सिफारिश की है।
क्या यह अभियान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी चल रहा है?
हां। भारतीय उच्चायोग नैरोबी ने Kenya के Amboseli Ecosystem में 5 वर्षों में 5 लाख स्वदेशी पेड़ लगाने की शुरुआत की है — PM मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को आगे बढ़ाते हुए।
यह अभियान Mission LiFE से कैसे जुड़ा है?
“एक पेड़ माँ के नाम” Mission LiFE (Lifestyle for Environment) का हिस्सा है जो PM मोदी की पहल है। यह पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देता है।
Geo-Tagging क्यों जरूरी है?
Geo-Tagging से लगाए गए पौधे का सटीक स्थान Digital रिकॉर्ड में दर्ज होता है। इससे पौधे की Growth Monitor की जा सकती है और अभियान की वास्तविक सफलता मापी जा सकती है।
2026 में UP का लक्ष्य क्या है?
UP सरकार ने 2026-27 के लिए 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। 5 जून 2026 को एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाकर UP ने अभियान की शानदार शुरुआत की।
UPSC/Current Affairs नोट:“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान GS-III (पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, वनीकरण नीति) और GS-II (सरकारी योजनाएं, जन-भागीदारी) दोनों के लिए प्रासंगिक है। यह भारत के NDC (Nationally Determined Contribution) और Land Degradation Neutrality लक्ष्यों से जुड़ा है। Mission LiFE (Lifestyle for Environment) — COP26 में PM मोदी की वैश्विक पहल — इस अभियान का मूल आधार है। 2024 में 80 करोड़+ पौधे और 2026 में UP का 5 करोड़/दिन का रिकॉर्ड — UPSC मेन्स में Citizen Participation in Environmental Conservation के उदाहरण के रूप में उपयोगी है। Kenya में 5 लाख पेड़ — GS-II (India’s Soft Power, Environmental Diplomacy) के लिए भी प्रासंगिक है।
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Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.
