UPI पर चार्ज लगेगा? सरकार ने साफ़ किया — यूज़र्स के लिए हमेशा मुफ़्त रहेगा UPI

📌 अपडेट बॉक्स (8 अगस्त 2026) सरकार का साफ़ बयान: वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की — आम यूज़र्स के लिए UPI पूरी तरह मुफ़्त रहेगा P2P लेन-देन: व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) सभी ट्रांज़ैक्शन हमेशा मुफ़्त व्यापारियों के लिए: अधिकांश लेन-देन मुफ़्त ही रहेंगे, सिर्फ चुनिंदा बड़े transactions पर मामूली MDR संभव (debit/credit card से भी कम)

शुरुआत — WhatsApp पर फैली अफवाह का सच

पिछले कुछ दिनों से WhatsApp और सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेज़ी से फैल रहा था कि सरकार अब UPI पर चार्ज लगाने जा रही है, और इसके पीछे किसी बाहरी दबाव का हाथ है। ये मैसेज पढ़कर करोड़ों लोग परेशान हो गए, क्योंकि आज के समय में UPI हर घर में दूध-सब्ज़ी से लेकर बड़ी खरीदारी तक हर जगह इस्तेमाल होता है। 8 अगस्त 2026 को खुद वित्त मंत्रालय ने आगे आकर इस अफवाह को पूरी तरह गलत बताया — UPI आम यूज़र्स के लिए मुफ़्त था, मुफ़्त है, और मुफ़्त रहेगा।

सीधा जवाब: नहीं, आम लोगों के लिए UPI पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। सरकार ने साफ़ किया है कि सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेन-देन हमेशा मुफ़्त रहेंगे, और व्यापारियों के लिए भी ज़्यादातर लेन-देन मुफ़्त ही रहेंगे। हाल में हुआ कानूनी संशोधन सिर्फ UPI सिस्टम को साइबर-सुरक्षित और तकनीकी रूप से मज़बूत बनाए रखने के लिए है, आम आदमी की जेब से पैसा निकालने के लिए नहीं।

सरकार ने बिंदुवार क्या कहा

  • यूज़र्स के लिए निःशुल्क — भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का ट्रांज़ैक्शन शुल्क नहीं देना होगा
  • P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) लेन-देन पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे — जैसे दोस्तों-रिश्तेदारों को पैसे भेजना
  • व्यापारियों के लिए मामूली MDR — अगर MDR लगता भी है, तो सिर्फ सीमित संख्या में बड़े व्यापारी लेन-देन पर, एक तय सीमा से ऊपर, और वो भी डेबिट/क्रेडिट कार्ड MDR से काफी कम दर पर
  • अधिकांश व्यापारी लेन-देन भी मुफ़्त रहेंगे — MDR लागू होने पर भी वो सब पर एक समान लागू नहीं होगा, सिर्फ सीमा-आधारित होगा
  • अंतिम फैसला NPCI की अध्यक्षता वाली समिति लेगी — संसद से कानून पास होने के बाद “UPI और सेवा संचालन समिति” MDR पर निर्णय करेगी

ये अफवाह कहां से शुरू हुई

हाल ही में भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम (PSS Act) की धारा 10A में एक संशोधन प्रस्तावित हुआ — कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत। इसे कुछ लोगों ने गलत तरीके से “UPI पर चार्ज लगाने की तैयारी” समझ लिया, और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने ये भी सुझाया कि इसके पीछे कोई बाहरी दबाव है। सरकार ने इसे “पूरी तरह निराधार, गलत और भ्रामक” बताते हुए कहा कि अगर बाहरी दबाव होता तो 2016 में UPI शुरू ही नहीं होता, और न ही जनवरी 2020 से इसे नागरिकों और व्यापारियों दोनों के लिए मुफ़्त रखा जाता।

संशोधन असल में क्यों किया गया

  • UPI की बढ़ती लेन-देन मात्रा के साथ साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश ज़रूरी है
  • ज़्यादा कंपनियों को UPI इकोसिस्टम में लाने के लिए एक आत्मनिर्भर राजस्व मॉडल चाहिए
  • सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रहना दीर्घकाल में व्यावहारिक नहीं — एक संतुलित ढांचा चाहिए ताकि UPI आगे भी मुफ़्त और मज़बूत बना रहे

UPI की अब तक की उपलब्धियां

  • लॉन्च: 2016-17 में, जनवरी 2020 से नागरिकों और व्यापारियों दोनों के लिए मुफ़्त
  • सिर्फ जुलाई 2026 में: ₹29.9 लाख करोड़ के 2,366 करोड़ लेन-देन प्रोसेस हुए
  • दुनिया की सबसे बड़ी रीयल-टाइम इंटरऑपरेबल भुगतान प्रणाली
  • अब 11 विदेशी देशों में भी सक्रिय, और कई और देशों की दिलचस्पी

किस पर भरोसा करें

सरकार ने साफ़ अपील की है कि नागरिक सिर्फ वित्त मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और NPCI की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, और असत्यापित मैसेज को आगे फॉरवर्ड न करें। अगर कभी कोई मैसेज UPI चार्ज को लेकर मिले, तो सबसे पहले pib.gov.in या NPCI की आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अब UPI पर चार्ज लगेगा?

नहीं, आम यूज़र्स के लिए UPI पूरी तरह मुफ़्त रहेगा — ये सरकार का स्पष्ट, आधिकारिक बयान है।

क्या दोस्तों-रिश्तेदारों को पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?

नहीं, सभी P2P (person-to-person) लेन-देन हमेशा मुफ़्त रहेंगे।

क्या दुकानदारों को पेमेंट करने पर चार्ज लगेगा?

ज़्यादातर लेन-देन मुफ़्त रहेंगे। अगर कभी MDR लगे भी, तो सिर्फ कुछ बड़े व्यापारी लेन-देन पर, वो भी डेबिट/क्रेडिट कार्ड से कम दर पर।

ये अफवाह कहां से आई?

PSS Act में एक कानूनी संशोधन को गलत तरीके से “UPI चार्ज” समझ लिया गया, जबकि ये सिर्फ सिस्टम को सुरक्षित और मज़बूत बनाए रखने के लिए है।

MDR पर आखिरी फैसला कौन करेगा?

संसद से कानून पास होने के बाद NPCI की अध्यक्षता वाली “UPI और सेवा संचालन समिति”।

क्या ये संशोधन बाहरी दबाव में हुआ?

नहीं, सरकार ने इसे पूरी तरह निराधार बताया है।

UPI कब से मुफ़्त है?

जनवरी 2020 से नागरिकों और व्यापारियों दोनों के लिए मुफ़्त है।

जुलाई 2026 में UPI से कितना लेन-देन हुआ?

₹29.9 लाख करोड़ के 2,366 करोड़ ट्रांज़ैक्शन।

क्या UPI सिर्फ भारत में चलता है?

नहीं, अब 11 विदेशी देशों में भी सक्रिय है।

अगर कोई मैसेज UPI चार्ज को लेकर मिले तो क्या करें?

आगे फॉरवर्ड न करें, सिर्फ वित्त मंत्रालय, RBI या NPCI की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

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