📌 अपडेट (मई 2026): प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) खरीफ 2026 के लिए Enrollment शुरू हो गया है। अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026। Loan लेने वाले किसानों का बीमा Bank द्वारा अपने आप होगा — Non-Loanee किसान pmfby.gov.in या CSC जाकर स्वयं आवेदन करें।
Table of Contents
एक नज़र में — Quick Info Table
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) |
| लॉन्च तिथि | 18 फरवरी 2016 |
| क्रियान्वयन | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय |
| खरीफ प्रीमियम | अधिकतम 2% (किसान का हिस्सा) |
| रबी प्रीमियम | अधिकतम 1.5% |
| बागवानी/वाणिज्यिक | अधिकतम 5% |
| खरीफ 2026 Last Date | 31 जुलाई 2026 |
| रबी 2026-27 Last Date | 31 दिसंबर 2026 |
| Claim Helpline | 14447 |
| आधिकारिक पोर्टल | pmfby.gov.in |
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना(PMFBY) क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार की एक प्रमुख कृषि बीमा योजना है जिसे 18 फरवरी 2016 को लॉन्च किया गया था। इसके तहत किसान की फसल को प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, सूखा, ओले, तूफान, कीट-रोग) से होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार और बीमा कंपनियों के माध्यम से की जाती है।
किसान को बेहद कम प्रीमियम देना होता है — बाकी हिस्सा राज्य और केंद्र सरकार 50-50 के आधार पर वहन करती हैं।
UPSC Perspective: PMFBY ने पुरानी NAIS (National Agricultural Insurance Scheme) और MNAIS को replace किया। यह “One Nation One Scheme” की अवधारणा पर आधारित है। FY2025-26 में PMFBY का बजट ₹14,600 करोड़ रहा। योजना में Satellite Technology, Drone Survey और Crop Cutting Experiments (CCE) का उपयोग Yield Loss Assessment के लिए होता है।
प्रीमियम दर — किसान को कितना देना होगा?
| फसल का प्रकार | किसान का प्रीमियम | बाकी कौन देता है? |
|---|---|---|
| खरीफ (धान, मक्का, सोयाबीन, बाजरा आदि) | अधिकतम 2% | केंद्र + राज्य सरकार |
| रबी (गेहूं, चना, सरसों, मसूर आदि) | अधिकतम 1.5% | केंद्र + राज्य सरकार |
| वार्षिक बागवानी/वाणिज्यिक फसलें | अधिकतम 5% | केंद्र + राज्य सरकार |
उदाहरण: अगर 1 हेक्टेयर धान की Insured Value ₹40,000 है तो किसान का प्रीमियम = ₹800 मात्र। नुकसान होने पर पूरे ₹40,000 तक Claim मिल सकता है।
सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं — यदि Actual Premium 90% भी हो, तो 88% सरकार देती है, किसान सिर्फ 2% देता है।
कौन-कौन सी फसलें कवर होती हैं?
खाद्य फसलें: धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, चना, मसूर, अरहर, मूंग, उड़द
तिलहन: सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी, तिल
वाणिज्यिक/बागवानी फसलें: गन्ना, कपास, आलू, प्याज, टमाटर, केला, आम
ध्यान दें: हर राज्य अपनी Notified Crops की सूची अलग से जारी करता है। अपने जिले की Notified Crops pmfby.gov.in पर check करें।
किन जोखिमों पर Claim मिलेगा?
✅ कवर होता है:
- बुवाई/रोपण में रुकावट (कम बारिश या प्रतिकूल मौसम)
- खड़ी फसल का नुकसान — सूखा, बाढ़, ओले, तूफान, चक्रवात, भूस्खलन, कीट-रोग
- कटाई के बाद नुकसान (Harvest के 14 दिन तक — बेमौसम बारिश, चक्रवात)
- स्थानीय आपदा — मूसलाधार बारिश, भूस्खलन से Individual Field का नुकसान
❌ कवर नहीं होता:
- युद्ध, परमाणु जोखिम
- दंगा या दुर्भावनापूर्ण क्षति
- चोरी
- आवारा पशुओं द्वारा नुकसान
- मानव निर्मित आपदाएं (आग लगाना, सेंध)
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
- सभी भू-स्वामी किसान (खुद की जमीन पर खेती)
- बटाईदार/किराएदार किसान (दूसरे की जमीन पर खेती) — जमीन मालिक से इकरारनामा ज़रूरी
- KCC/Crop Loan लेने वाले किसान — Bank द्वारा अपने आप Enroll (Mandatory)
- Non-Loanee किसान — स्वेच्छा से आवेदन (pmfby.gov.in या CSC के माध्यम से)
ज़रूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (IFSC सहित)
- खसरा/खतौनी नंबर (भूमि का रिकॉर्ड)
- बुवाई प्रमाण पत्र (Sowing Certificate) — ग्राम पंचायत/पटवारी से
- किराएदार किसान के लिए — जमीन मालिक के साथ इकरारनामा (Notarized)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर (Claim Notification के लिए अनिवार्य)
आवेदन कैसे करें? — 3 तरीके
तरीका 1 — pmfby.gov.in (Online)
- pmfby.gov.in पर जाएं।
- “Farmer Corner” → “Apply for Crop Insurance” पर click करें।
- Mobile Number से Login/Register करें।
- राज्य, जिला, फसल, बैंक Account की जानकारी भरें।
- दस्तावेज Upload करें और Submit करें।
- Premium Online Payment करें — Confirmation SMS आएगा।
तरीका 2 — बैंक शाखा (Offline)
अपने KCC/Savings Account वाले बैंक में जाएं, PMFBY Enrollment Form भरें, दस्तावेज जमा करें। Premium Account से Debit होगा।
तरीका 3 — CSC (Common Service Centre)
नज़दीकी Jan Seva Kendra (CSC) पर जाएं। ऑपरेटर आपकी मदद से Online Apply कर देगा। न्यूनतम Service Charge लगता है।
Claim कैसे करें? — Step-by-Step (सबसे ज़रूरी जानकारी)
Step 1 — नुकसान की सूचना 72 घंटे में दें
फसल खराब होने के 72 घंटे के भीतर इनमें से किसी एक तरीके से सूचित करें:
- Crop Insurance App (Google Play पर उपलब्ध) — सबसे आसान
- Helpline: 14447 पर Call करें
- pmfby.gov.in पर Online Report करें
- बैंक शाखा में लिखित शिकायत दें
- कृषि विभाग के ज़िला कार्यालय में सूचित करें
72 घंटे का नियम सख्त है — देर से सूचना देने पर Claim Reject हो सकता है।
Step 2 — Survey और Assessment
बीमा कंपनी प्रतिनिधि आकर नुकसान का Survey करेंगे। Satellite Data और Drone Survey भी होती है।
Step 3 — Claim Processing
Survey के बाद बीमा कंपनी नुकसान का आकलन करती है।
Step 4 — Claim राशि DBT से
Approved Claim की राशि सीधे आधार-linked Bank Account में Transfer होती है। आमतौर पर Survey के 15-30 दिन के भीतर।
Enrollment की महत्वपूर्ण तिथियाँ
| फसल | Enrollment की अंतिम तिथि |
|---|---|
| खरीफ 2026 | 31 जुलाई 2026 |
| रबी 2026-27 | 31 दिसंबर 2026 |
| बागवानी/वाणिज्यिक | फसल-विशेष — राज्य सूची देखें |
KCC किसान ध्यान दें: अगर आप बीमा नहीं चाहते तो Enrollment Date से पहले बैंक में Written Opt-Out देना होगा। वरना Premium अपने आप Debit हो जाएगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना(PMFBY) में नए बदलाव (2020 से)
2020 में PMFBY को Voluntary किया गया — अब Non-Loanee किसानों के लिए यह स्वैच्छिक है (पहले सभी KCC किसानों के लिए Mandatory था)।
नए बदलाव:
- Opt-Out का अधिकार — KCC किसान भी अब बाहर हो सकते हैं
- State को Option — कुछ राज्य PMFBY की जगह अपनी Scheme चला रहे हैं (UP, Bihar, Jharkhand, Telangana आदि)
- Technology का बढ़ा उपयोग — Satellite, Drone, Smartphone से CCE
- Faster Claim Settlement — 72 घंटे नोटिफिकेशन + Mobile App
राज्यवार Status — कहाँ PMFBY लागू है?
| Status | राज्य |
|---|---|
| PMFBY लागू | MP, Rajasthan, Chhattisgarh, Gujarat, Odisha, Maharashtra, Punjab (कुछ जिले) आदि |
| अपनी Scheme | UP, Bihar, Jharkhand, Telangana, Andhra Pradesh, West Bengal |
अपने राज्य की स्थिति pmfby.gov.in या कृषि विभाग से Confirm करें।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना(PMFBY) से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं
- PM किसान सम्मान निधि 2026 → — 23वीं किस्त, Status Check
- Farmer Registry 2026 (किसान पहचान पत्र) → — PMFBY के लिए ज़रूरी
- PM किसान Beneficiary List → — अपना नाम check करें
- मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना MP → — ₹6,000 अतिरिक्त
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना(PMFBY) खरीफ 2026 की Last Date क्या है?
31 जुलाई 2026। इससे पहले pmfby.gov.in, बैंक या CSC के माध्यम से आवेदन करें।
Claim के लिए कहाँ Call करें?
Toll Free Helpline 14447 पर Call करें या Crop Insurance App से 72 घंटे में Report करें।
क्या किरायेदार किसान PMFBY का लाभ ले सकते हैं?
हाँ। जमीन मालिक के साथ Notarized इकरारनामा दिखाकर Enrollment हो सकता है।
अगर बैंक से Loan नहीं लिया तो क्या PMFBY मिलेगा?
हाँ। Non-Loanee किसान स्वेच्छा से pmfby.gov.in या CSC से Apply कर सकते हैं।
Claim कितने दिनों में आता है?
Survey और Assessment के बाद सामान्यतः 15-30 दिन में DBT से Account में।
मेरे राज्य में PMFBY है या नहीं, कैसे पता करें?
pmfby.gov.in → “State Notifications” section में अपने राज्य की स्थिति देखें।
क्या ओले से सिर्फ खेत का एक हिस्सा खराब हुआ तो Claim मिलेगा?
हाँ। यह “Localized Calamity” के अंतर्गत आता है — Individual Farm Assessment होती है।
KCC किसान बीमा नहीं चाहते तो क्या करें?
Enrollment Date से पहले अपने बैंक में लिखित “Opt-Out Declaration” जमा करें।
Premium कितना होगा — कैसे Calculate करें?
pmfby.gov.in → “Premium Calculator” में State, Crop और Area डालें — तुरंत Premium पता चलेगा।
PMFBY और मौसम बीमा (RWBCIS) में क्या फर्क है?
PMFBY में Actual Yield Loss पर Claim मिलता है। RWBCIS (Restructured Weather Based Crop Insurance) में Weather Parameters (बारिश, तापमान) के आधार पर Claim मिलता है — दोनों pmfby.gov.in से लिए जा सकते हैं।
आधिकारिक स्रोत
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय — pmfby.gov.in
- Crop Insurance App — Google Play Store
- Helpline: 14447
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
this site are based on official sources including PIB press releases,
ministry notifications, and gazette publications.

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