बिहार डीजल अनुदान योजना 2026 – सिंचाई के लिए ₹750 प्रति एकड़ सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन करें

📌 अपडेट (2026): बिहार सरकार के कृषि विभाग (DBT Agriculture Bihar) ने खरीफ 2026 के लिए डीजल अनुदान योजना जारी रखी है। ₹75 प्रति लीटर की दर से प्रति एकड़ प्रति सिंचाई ₹750 अनुदान। अधिकतम 8 एकड़ तक और ₹18,000 तक की सहायता DBT से सीधे बैंक खाते में। आवेदन पोर्टल: dbtagriculture.bihar.gov.in

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बिहार डीजल अनुदान योजना क्या है?

बिहार डीजल अनुदान योजना (Bihar Diesel Anudan Yojana / Bihar Diesel Grant Scheme) बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा चलाई जाने वाली एक किसान सहायता योजना है।

जब मानसून कमजोर होता है या बिजली उपलब्ध नहीं होती, तब किसानों को डीजल पंप से खेतों की सिंचाई करनी पड़ती है। डीजल महंगा होने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।

इस समस्या को देखते हुए बिहार सरकार ने यह योजना शुरू की — डीजल पंपसेट से सिंचाई करने वाले किसानों को ₹75 प्रति लीटर की दर से अनुदान दिया जाता है जो सीधे DBT के माध्यम से बैंक खाते में आता है।

बिहार डीजल अनुदान योजना त्वरित जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामबिहार डीजल अनुदान योजना
विभागकृषि विभाग (DBT Agriculture), बिहार सरकार
अनुदान दर₹75 प्रति लीटर
प्रति एकड़ प्रति सिंचाई₹750
अधिकतम क्षेत्र8 एकड़ प्रति किसान
अधिकतम अनुदान₹18,000 प्रति सीजन
लाभार्थीरैयत + गैर-रैयत दोनों किसान
भुगतान माध्यमDBT — आधार लिंक्ड बैंक खाते में
वार्षिक बजट₹150–₹200 करोड़
आधिकारिक पोर्टलdbtagriculture.bihar.gov.in
हेल्पलाइन0612-2233555

अनुदान राशि का पूरा हिसाब

खरीफ सीजन (Kharif)

फसलसिंचाई संख्याप्रति एकड़ अनुदान
धान का बिचड़ा + जूटअधिकतम 2 सिंचाई₹1,500 प्रति एकड़
धान, मक्का, दलहन, तिलहन, सब्जी, औषधीय पौधेअधिकतम 3 सिंचाई₹2,250 प्रति एकड़

रबी सीजन (Rabi)

फसलसिंचाई संख्याप्रति एकड़ अनुदान
गेहूंअधिकतम 3 सिंचाई₹2,250 प्रति एकड़
दलहन, तिलहन, सब्जी, सुगंधित पौधेअधिकतम 2 सिंचाई₹1,500 प्रति एकड़

📌 गणना: ₹75/लीटर × 10 लीटर/एकड़ = ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई
📌 अधिकतम: 8 एकड़ × ₹2,250 = ₹18,000 (धान/मक्का के लिए 3 सिंचाई पर)

पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

  • बिहार का स्थायी निवासी किसान
  • आयु 18 वर्ष से अधिक
  • DBT Agriculture पोर्टल पर 13 अंकों का किसान पंजीकरण अनिवार्य
  • डीजल पंपसेट से सिंचाई करने वाले किसान
  • रैयत किसान (अपनी जमीन पर खेती)
  • गैर-रैयत किसान (दूसरे की जमीन पर बटाई/किरायेदारी पर खेती)
  • आधार से लिंक्ड बैंक खाता अनिवार्य

⚠️ जरूरी: अगर 13 अंकों का किसान पंजीकरण नहीं है तो पहले dbtagriculture.bihar.gov.in पर “किसान पंजीकरण” करें।

आवश्यक दस्तावेज

  • किसान पंजीकरण संख्या (13 अंक — DBT Agriculture पोर्टल से)
  • कंप्यूटरीकृत डीजल रसीद (पेट्रोल पंप से — हस्तलिखित रसीद मान्य नहीं)
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (आधार से लिंक्ड)
  • जमीन का खाता/खेसरा नंबर (रैयत के लिए)
  • स्व-घोषणा प्रमाण पत्र

गैर-रैयत किसानों के लिए अतिरिक्त दस्तावेज:

  • वार्ड सदस्य और पंचायत कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित सत्यापन पत्र

🔴 सबसे महत्वपूर्ण नियम: डीजल रसीद कंप्यूटरीकृत/डिजिटल होनी चाहिए। रसीद पर किसान पंजीकरण संख्या के अंतिम 10 अंक और किसान के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान अनिवार्य है। बिना इसके रसीद अमान्य होगी और अनुदान नहीं मिलेगा।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — Step by Step

Step 1: dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं।

Step 2: होमपेज पर “ऑनलाइन सेवाएं” सेक्शन में “डीजल अनुदान खरीफ 2026” लिंक पर क्लिक करें।

Step 3: अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करें — सभी जानकारी स्वतः भर जाएगी।

Step 4: किसान का प्रकार चुनें — रैयत / गैर-रैयत / आंशिक रैयत।

Step 5: फसल का नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर और सिंचित क्षेत्र (एकड़ में) भरें।

Step 6: कंप्यूटरीकृत डीजल रसीद स्कैन करके अपलोड करें।

Step 7: गैर-रैयत हैं तो सत्यापन पत्र भी अपलोड करें।

Step 8: फॉर्म सबमिट करें — रसीद डाउनलोड करें।

Step 9: पंचायत कृषि समन्वयक जमीन का भौतिक सत्यापन करेंगे।

Step 10: सत्यापन के 15-30 दिन बाद DBT से बैंक खाते में अनुदान राशि जमा।

📱 स्टेटस चेक: onlinedbtagriservice.bihar.gov.in पर “Diesel Status” सेक्शन में अपना आवेदन स्थिति देखें।

डीजल रसीद — 5 जरूरी बातें

यह योजना का सबसे संवेदनशील हिस्सा है। अधिकांश आवेदन इसी कारण रद्द होते हैं:

  1. रसीद कंप्यूटरीकृत होनी चाहिए — हाथ से लिखी नहीं
  2. रसीद पर किसान पंजीकरण संख्या के अंतिम 10 अंक होने चाहिए
  3. रसीद पर किसान का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान होना चाहिए
  4. पेट्रोल पंप पर जाने से पहले अपना 13 अंकों का पंजीकरण नंबर साथ रखें
  5. रसीद की स्कैन कॉपी साफ और पठनीय होनी चाहिए

बिहार डीजल अनुदान बनाम PM कृषि इनपुट अनुदान — अंतर

विषयडीजल अनुदानकृषि इनपुट अनुदान
उद्देश्यसिंचाई के लिए डीजल सब्सिडीबाढ़/ओलावृष्टि से फसल नुकसान
दर₹750/एकड़/सिंचाई₹6,800–₹13,500/हेक्टेयर
आवेदन समयसीजन के दौरानआपदा के बाद
रसीदकंप्यूटरीकृत डीजल रसीदभूमि रिकॉर्ड
पोर्टलdbtagriculture.bihar.gov.indbtagriculture.bihar.gov.in

आधिकारिक स्रोत

  • पोर्टल: dbtagriculture.bihar.gov.in
  • स्टेटस चेक: onlinedbtagriservice.bihar.gov.in
  • हेल्पलाइन: 0612-2233555
  • विभाग: कृषि विभाग (DBT Agriculture), बिहार सरकार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार डीजल अनुदान योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?

₹75 प्रति लीटर की दर से ₹750 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई अनुदान मिलता है। धान/मक्का की 3 सिंचाई पर अधिकतम ₹2,250 प्रति एकड़ और अधिकतम 8 एकड़ तक कुल ₹18,000 तक मिल सकते हैं।

बिहार डीजल अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कहां करें?

dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं और “डीजल अनुदान” सेक्शन से ऑनलाइन आवेदन करें। 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर अनिवार्य है।

क्या गैर-रैयत (बटाईदार) किसान भी पात्र हैं?

हां। रैयत और गैर-रैयत दोनों किसान पात्र हैं। गैर-रैयत किसानों को वार्ड सदस्य और कृषि समन्वयक द्वारा संयुक्त सत्यापन पत्र जमा करना होगा।

डीजल रसीद कैसी होनी चाहिए?

रसीद कंप्यूटरीकृत/डिजिटल होनी चाहिए। उस पर किसान पंजीकरण संख्या के अंतिम 10 अंक और किसान के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान अनिवार्य है। हस्तलिखित रसीद मान्य नहीं है।

13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर कहां से मिलेगा?

dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर “किसान पंजीकरण” सेक्शन में पंजीकरण करें। पंजीकरण के बाद 13 अंकों का नंबर मिलेगा।

अनुदान राशि कितने दिन में बैंक में आती है?

आवेदन सत्यापन और पंचायत कृषि समन्वयक की जमीनी जांच के बाद 15-30 दिन में DBT से आधार-लिंक्ड बैंक खाते में अनुदान जमा होता है।

एक किसान कितनी फसलों के लिए आवेदन कर सकता है?

एक ही सीजन में अलग-अलग फसलों के लिए अलग-अलग आवेदन किए जा सकते हैं।

अनुदान का स्टेटस कैसे चेक करें?

onlinedbtagriservice.bihar.gov.in पर “Diesel Status” सेक्शन में किसान पंजीकरण नंबर डालकर स्टेटस चेक करें।

डीजल अनुदान और फसल सहायता योजना में क्या अंतर है?

डीजल अनुदान सिंचाई के लिए डीजल खर्च पर मिलता है, जबकि बिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY) प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होने पर मिलती है। दोनों अलग योजनाएं हैं।

आवेदन के लिए अंतिम तिथि क्या है?

खरीफ और रबी दोनों सीजन की अंतिम तिथि अलग-अलग होती है। dbtagriculture.bihar.gov.in पर नियमित रूप से चेक करते रहें। सीजन शुरू होते ही आवेदन खुल जाता है।

UPSC/BPSC Current Affairs नोट: बिहार डीजल अनुदान योजना कृषि इनपुट सब्सिडी का एक राज्य-स्तरीय मॉडल है जो सूखे जैसी स्थिति में किसानों को Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से राहत देता है। यह GS-III (कृषि, सिंचाई नीति, किसान कल्याण) और BPSC मेन्स के लिए प्रासंगिक है। PM-KISAN, PMFBY, BRFSY और Bihar Diesel Anudan — इन चारों को मिलाकर बिहार के किसान सहायता तंत्र का समग्र मूल्यांकन BPSC के “बिहार विशेष” प्रश्नों में उपयोगी है।

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