| 📌 अपडेट बॉक्स (8 अगस्त 2026) ताज़ा खबर: छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में राज्य के पहले 3 ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का शुभारंभ — खाद्य मंत्री दयालदास बघेल द्वारा कैसे काम करता है: आधार/राशन कार्ड नंबर + फिंगरप्रिंट से पहचान, फिर तय मात्रा में अनाज तुरंत मिलता है ONORC से जुड़ाव: One Nation One Ration Card के तहत दूसरे राज्यों के प्रवासी मज़दूर भी इस्तेमाल कर सकते हैं |
शुरुआत — लंबी लाइन से मुक्ति
राशन दुकान पर हर महीने लंबी लाइन में घंटों खड़े रहना, कभी-कभी कम राशन मिलने की शिकायत — ये समस्याएं अब धीरे-धीरे इतिहास बनती जा रही हैं। सरकार ने बैंक ATM की तरह काम करने वाली एक मशीन शुरू की है, जिससे पैसे की जगह राशन (चावल, गेहूं, चीनी) निकलता है। आज ही (8 अगस्त 2026) छत्तीसगढ़ ने रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में अपने पहले 3 ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ शुरू किए हैं, और इससे पहले हरियाणा, ओडिशा और राजस्थान में भी ये तकनीक अपनाई जा चुकी है।
| सीधा जवाब: राशन ATM (अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम) एक स्वचालित मशीन है जो बैंक ATM की तरह काम करती है, पर पैसे की जगह चावल, गेहूं जैसा अनाज देती है। लाभार्थी को सिर्फ अपना आधार या राशन कार्ड नंबर डालकर फिंगरप्रिंट से पहचान देनी होती है, और मशीन तय मात्रा में राशन तुरंत दे देती है — बिना लाइन में लगे, बिना दुकानदार पर निर्भर हुए। One Nation One Ration Card योजना के तहत दूसरे राज्यों के प्रवासी मज़दूर भी इसी मशीन से अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं। |
एक नज़र में राशन ATM
| बिंदु | जानकारी |
| नाम | अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम / अनाज ATM / Grain ATM |
| पहचान | आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर + फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) |
| मिलने वाला अनाज | चावल, गेहूं, चीनी (मशीन और राज्य के अनुसार अलग) |
| प्रति डिस्पेंस मात्रा | एक बार में अधिकतम 25 किलो तक (मॉडल के अनुसार अलग-अलग) |
| समय बचत | पारंपरिक लाइन के मुकाबले ~70% समय की बचत |
| संचालन | 24×7 (कई जगह) या दुकान के समय अनुसार |
| शुरुआत | 2021 में हरियाणा (गुरुग्राम) — देश की पहली मशीन |
| अब तक फैलाव | हरियाणा, ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ (8 अगस्त 2026 से) |
राशन ATM कैसे काम करता है — स्टेप–बाय–स्टेप
- स्टेप 1: मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर दर्ज करें
- स्टेप 2: फिंगरप्रिंट से बायोमेट्रिक सत्यापन करें
- स्टेप 3: पहचान की पुष्टि होते ही स्क्रीन पर उपलब्ध अनाज के विकल्प दिखेंगे
- स्टेप 4: ज़रूरी अनाज चुनें — मशीन तय मासिक कोटे के अनुसार अनाज डिस्पेंस करती है
- स्टेप 5: अंत में एक रसीद मिलती है, जिसमें वितरण की पूरी जानकारी दर्ज होती है
आज (8 अगस्त 2026) छत्तीसगढ़ में क्या शुरू हुआ
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने आज छत्तीसगढ़ के तीन शहरों — रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर — में राज्य के पहले 3 ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इसके साथ छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को ग्रेन एटीएम के ज़रिए और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
One Nation One Ration Card (ONORC) से जुड़ाव — प्रवासी मज़दूरों को बड़ा फायदा
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ छत्तीसगढ़ के राशन कार्ड धारक ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से आए राशन कार्ड धारक भी ONORC योजना के तहत बायोमेट्रिक सत्यापन से यहां राशन ले सकते हैं। इससे उन प्रवासी श्रमिकों को खास फायदा होगा जो काम के सिलसिले में अपने राज्य से बाहर रहते हैं, पर उन्हें अब भी अपने हिस्से का राशन मिल जाएगा — बिना अपने गृह राज्य वापस जाए।
अन्य राज्यों में राशन ATM की स्थिति
- हरियाणा — गुरुग्राम में 2021 में देश की पहली ग्रेन एटीएम स्थापित हुई
- ओडिशा — भुवनेश्वर में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ नाम से मशीन, विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से
- राजस्थान — जयपुर, भरतपुर और बीकानेर में अनाज ATM शुरू होने की प्रक्रिया में
- छत्तीसगढ़ — 8 अगस्त 2026 से रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर में शुरू
फायदे
- लंबी लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं
- राशन कम मिलने या गड़बड़ी की शिकायत घटती है — मशीन तय मात्रा ही देती है
- पारदर्शिता बढ़ती है, भ्रष्टाचार की गुंजाइश घटती है
- ऊर्जा की खपत बहुत कम — कई मॉडल सोलर पैनल से भी जुड़े जा सकते हैं
- ONORC के तहत दूसरे राज्यों के लाभार्थी भी इस्तेमाल कर सकते हैं
संबंधित योजनाएं
- एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC)
- PHH राशन कार्ड (Priority Household)
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY)
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राशन ATM क्या है?
एक स्वचालित मशीन जो बैंक ATM की तरह काम करती है, पर पैसे की जगह चावल-गेहूं जैसा अनाज देती है।
राशन ATM से अनाज कैसे मिलता है?
आधार/राशन कार्ड नंबर डालकर फिंगरप्रिंट से पहचान वेरिफाई करने पर तय मात्रा में अनाज मिलता है।
छत्तीसगढ़ में कहां-कहां शुरू हुआ है?
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में — 8 अगस्त 2026 से।
क्या दूसरे राज्यों के राशन कार्ड धारक भी इस्तेमाल कर सकते हैं?
हां, One Nation One Ration Card (ONORC) योजना के तहत बायोमेट्रिक सत्यापन से इस्तेमाल कर सकते हैं।
देश की पहली ग्रेन एटीएम कहां लगी थी?
2021 में हरियाणा के गुरुग्राम में।
क्या इससे कोई फीस लगती है?
नहीं, ये सामान्य राशन वितरण प्रणाली का ही डिजिटल तरीका है, कोई अतिरिक्त फीस नहीं।
मशीन कितना समय बचाती है?
पारंपरिक लाइन के मुकाबले लगभग 70% समय की बचत होती है।
क्या ये 24 घंटे काम करती है?
कई जगह हां, 24×7 काम करती है, कुछ जगह दुकान के तय समय के अनुसार।
एक बार में कितना अनाज मिल सकता है?
मॉडल के अनुसार अलग-अलग, कुछ मशीनें एक बार में 25 किलो तक अनाज दे सकती हैं।
इससे राशन वितरण में क्या सुधार होगा?
पारदर्शिता बढ़ेगी, कम राशन मिलने की शिकायतें घटेंगी, और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



