भारत सरकार द्वारा कोरोना महामारी के दौरान गरीब वर्ग की सहायता हेतु प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत मार्च 2020 मे की गई है ।इस योजना के अंतर्गत देश के जिस नागरिक के पास भी राशन कार्ड उपलब्ध है, उसे अपने कोटे के राशन के साथ-साथ इस योजना के तहत हर महीने 5 किलो अतिरिक्त राशन मिल रहा है. इस योजना के तहत मुफ्त अनाज उसी राशन की दुकान पर मिलेगा, जहां से राशन कार्ड पर मिलता है।
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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कोरोना महामारी के प्रभाव को कम करने तथा गरीब वर्ग को भुखमरी से बचाने हेतु प्रत्येक परिवार जिनके पास राशनकार्ड है को इस योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से पहले से ही प्रदान किये गए 5 किलोग्राम अनुदानित खाद्यान्न के अलावा प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत 5 किलोग्राम अतिरिक्त अनाज (गेहूँ या चावल) मुफ्त में उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के मुख्य तथ्य
| योजना | प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना |
| योजना की शरुआत कब हुई | मार्च 2020 |
| उद्देश्य | कोरोना महामारी से निपटने हेतु गरीब एवं प्रवासी मजदूरों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना |
| किसको मिलेगा लाभ | देश के लगभग 80 करोड़ राशन कार्ड धारको को |
| आधिकारिक वेबसाईट | PMGKAY |
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की विशेषताए
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई है और सम्पूर्ण भारत मे लागू है।
- इस योजना में प्रत्येक परिवार को प्रति माह 5 किलो चावल या गेहूं और एक किलो चना दिया जाता है।
- भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पीएमजीकेएवाई के तहत समयबद्ध तरीके से मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त करने और वितरित करने के लिए जागरूक किया गया है।
- राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय सहायता के हिस्से के रूप में खाद्यान्न की लागत और अंतर्राज्यीय परिवहन आदि के लिए 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का पूरा खर्च भारत सरकार वहन करेगी।
- गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ देश के 80 करोड़ से अधिक गरीब वर्गीय नागरिक प्राप्त कर सकते है।
- देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिक जैसे सड़क पर रहने वाले, कूड़ा उठाने वाले, फेरी वाले, रिक्शा चालक, प्रवासी मजदूर आदि को इस योजना के तहत प्राथमिकता दी जाएगी। यह योजना मार्च 2020 में शुरू की गई थी। यह उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा संचालित है।
- इसे 7 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर अप्रैल, 2020 से जून, 2020 की अवधि के लिए लॉन्च किया गया था।
- 90,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन के साथ इस योजना को नवंबर, 2020 तक बढ़ा दिया गया था।
- खाद्यान्नों का यह अतिरिक्त निःशुल्क आवंटन एनएफएसए के तहत आने वाले लाभार्थियों के लिए आवंटित नियमित मासिक खाद्यान्न के अतिरिक्त होगा।
- इस अतिरिक्त आवंटन की पूरी लागत भारत सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
- PMGKAY (चरण 1 से 4) के तहत राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कुल मिलाकर लगभग 600 लाख मीट्रिक टन (LMT) खाद्यान्न का आवंटन किया गया, जो लगभग 2.07 लाख करोड़ रुपए की खाद्यान्न सब्सिडी के बराबर है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ कौन ले सकता है ?
- लाभार्थी भारत देश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ पाने के लिए राशन कार्ड होना अनिवार्य है.
- इस योजना के अंतर्गत राशन कार्ड में जितने लोगों के नाम दर्ज हैं, उसी हिसाब से सभी को पांच-पांच किलो अनाज उपलब्ध करवाया जाता है.
- इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा राशन कार्ड धारकों को 5 किलो अनाज (गेहूं/चावल) एवं 1 किलो दाल दी जाती है.
- मान लीजिए कि राशन कार्ड में 4 लोगों के नाम दर्ज हैं तो सभी को 5-5 किलो यानी कुल 20 किलो अनाज मिलेगा. यह अनाज आपको हर महीने मिलने वाले अनाज से अलग होगा. आप जिस सरकारी राशन दुकान से अपना अनाज लेते हैं. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मिलने वाला अनाज भी वहीं से मिलेगा.
- एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर भी मजदूर अपना पुराना राशन कार्ड इस्तेमाल कर सकते हैं. यानी कि एक राशन कार्ड से दूसरे राज्य में भी सरकारी राशन खरीदा जा सकता है.
- केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नया राशन कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं है. ‘वन नेशन, वन राशन’ कार्ड योजना के तहत पुराना राशन कार्ड चलता रहेगा. इसे अपडेट किए जाने के बाद पूरे देश में मान्य होगा.
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ कौन नहीं ले सकता?
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज का फायदा उन लोगों के लिए नहीं है, जिनका राशन कार्ड नहीं है. यह योजना राशनकार्ड धारकों तक ही सीमित है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत लाभ लेने की प्रक्रिया
- इस योजना के अंतर्गत अनाज लेने के लिए आपको सर्वप्रथम अपने नजदीकी सरकारी राशन की दुकान पर जाना होगा।
- उसके बाद आपको राशन की दुकान पर आप अपना राशन कार्ड व आधारकार्ड दिखाकर राशन प्राप्त कर सकते है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अन्न की कीमत
इस योजना के तहत हर बीपीएल परिवार को प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अनाज मुफ्त में दिया जाता है. यह नि:शुल्क खाद्यान्न, नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (National Food Security Act) के तहत 2 और 3 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाले अनाज के अतिरिक्त होता है.
कब तक मिलेगा फ्री अनाज
प्रारंभ में इस योजना की शुरुआत केवल तीन महीने(अप्रैल, मई और जून 2020) के लिये की गयी थी। इसके बाद सरकार ने इसे बढ़ाकर जुलाई-नवंबर तक के लिए कर दिया गया था। वहीं कोविड संकट बने रहने पर इसे 2021 में मई और जून के लिए भी लागू रखा गया और चौथे चरण के तहत पांच महीने के लिये जुलाई से नवंबर, 2021 तक बढ़ाया गया। इसके बाद फिर इस योजना की अवधि दिसंबर, 2021 से सितंबर, 2022 तक बढ़ायी गई। मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक मे गरीबों को लाभ पहुचाने वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि दिसंबर 2022 तक के लिए बढ़ा दी गई है।
योजना का फायदा नहीं मिलने पर ऐसे कर सकते हैं शिकायत
अगर आपके पास राशन कार्ड है और राशन डीलर इस योजना के तहत आपके कोटे का आनाज देने से मना कर रहे हैं, तो आप टोल-फ्री नंबर पर शिकायत कर सकते हैं. नेशनल फूड सिक्योरिटी पोर्टल (NFSA) पर हर राज्यों के लिए टोल फ्री नंबर मौजूद होते हैं. इस पर कॉल कर आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा अगर आप चाहें तो NFSA की वेबसाइट https://nfsa.gov.in पर जाकर मेल लिखकर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना क्या होता है व इसमें आवेदन कैसे करवाया जाता है आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
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Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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