| ताज़ा अपडेट (सितंबर 2026): • जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन ने आकांक्षा योजना के प्रचार के लिए नया आधिकारिक पोस्टर जारी किया है — कक्षा 11वीं-12वीं के पात्र अनुसूचित जनजाति (ST) विद्यार्थियों के लिए 24 महीने तक छात्रावास और कोचिंग सहायता, मेरिट व प्रवेश परीक्षण से चयन, और MPTAAS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है। • यह योजना 2018-19 से लगातार चल रही है और भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के साथ मिलकर संचालित होती है। |
| आकांक्षा योजना मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग की एक योजना है, जो अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के कक्षा 11वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को JEE, NEET/AIIMS और CLAT जैसी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह मुफ्त कोचिंग देती है — साथ में 24 महीने तक छात्रावास (रहना-खाना) की सुविधा भी शामिल है। यह कोचिंग भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के प्रतिष्ठित संस्थानों में दी जाती है। चयन मेरिट और प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है, और आवेदन MPTAAS पोर्टल (tribal.mp.gov.in/MPTAAS) से ऑनलाइन किया जाता है। |
संक्षेप में
| बिंदु | जानकारी |
| विभाग | जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन |
| पोर्टल | tribal.mp.gov.in/MPTAAS |
| किसके लिए | अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थी |
| तैयारी कराई जाती है | JEE (इंजीनियरिंग), NEET/AIIMS (मेडिकल), CLAT (लॉ) |
| कोचिंग शहर | भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर |
| मुख्य लाभ | मुफ्त कोचिंग + 24 महीने छात्रावास व भोजन सहायता |
| चयन | मेरिट और प्रवेश परीक्षण के आधार पर |
| शुरुआत | 2018-19 |
योजना क्यों खास है?
सतना ज़िले के एक छोटे से गांव की रहने वाली सुनीता, अनुसूचित जनजाति परिवार से हैं और डॉक्टर बनने का सपना देखती हैं — पर परिवार के पास न शहर में कोचिंग की फीस देने के पैसे थे, न रहने-खाने का इंतज़ाम। आकांक्षा योजना ठीक इसी कमी को पूरा करती है — सिर्फ फीस माफ नहीं करती, बल्कि इंदौर या भोपाल जैसे शहर में 24 महीने तक रहने और खाने की पूरी व्यवस्था के साथ प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में सीट भी दिलाती है। यानी परिवार को अपने बच्चे को बड़े शहर भेजने की चिंता से पूरी तरह मुक्त कर देती है।
योजना के फायदे
- JEE, NEET/AIIMS और CLAT — तीनों प्रमुख राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग-अलग कोचिंग बैच।
- भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थानों के साथ सरकार की साझेदारी।
- 24 महीने तक (कक्षा 11वीं और 12वीं दोनों वर्ष) निरंतर कोचिंग सुविधा।
- इसी अवधि के लिए छात्रावास (रहना) और भोजन की व्यवस्था भी योजना में शामिल है।
- शुरुआती वर्ष में हर कोचिंग सेंटर पर लगभग 200 विद्यार्थियों (100 इंजीनियरिंग, 50 मेडिकल, 50 CLAT) को यह सुविधा दी गई थी — मौजूदा वर्ष की सटीक सीट संख्या के लिए MPTAAS पोर्टल पर ताज़ा नोटिफिकेशन देखें।
पात्रता
- आवेदक अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से हो।
- मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो।
- आवेदन के समय कक्षा 10वीं पास कर कक्षा 11वीं में प्रवेश ले रहा हो, या कक्षा 11वीं/12वीं में अध्ययनरत हो (योजना का विवरण साल-दर-साल थोड़ा बदल सकता है, ताज़ा पात्रता शर्त MPTAAS पोर्टल पर देखें)।
- मेरिट और/या प्रवेश परीक्षण में चयन ज़रूरी है — सिर्फ आवेदन करने से सीट सुनिश्चित नहीं होती।
चयन प्रक्रिया
चयन दो आधारों पर होता है — पिछली कक्षा (कक्षा 10वीं) के परिणामों की मेरिट, और/या विभाग द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षण। सीमित सीटों की वजह से यह एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया है, इसलिए समय पर आवेदन करना और मांगे गए दस्तावेज़ पूरे रखना ज़रूरी है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- जाति (ST) प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- कक्षा 10वीं की मार्कशीट (मेरिट के लिए)
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- वर्तमान कक्षा (11वीं/12वीं) में प्रवेश/अध्ययन प्रमाण
आवेदन कैसे करें (MPTAAS पोर्टल)
- tribal.mp.gov.in/MPTAAS पोर्टल खोलें।
- नए यूज़र हैं तो पहले पंजीकरण करें — मोबाइल नंबर और आवश्यक जानकारी से।
- लॉगिन कर “आकांक्षा योजना” सेवा खोजें और आवेदन फॉर्म खोलें।
- व्यक्तिगत, शैक्षणिक और पारिवारिक जानकारी भरें।
- जाति प्रमाण पत्र, मार्कशीट, फोटो जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
- फॉर्म जांचकर सबमिट करें — आवेदन की एक प्रति डाउनलोड/प्रिंट कर लें।
- चयन सूची और प्रवेश परीक्षण/मेरिट से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए MPTAAS पोर्टल पर नियमित रूप से नज़र रखें, या अपने ज़िले के सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
आवेदन की समय-सीमा हर साल अलग हो सकती है — कुछ ज़िलों में पिछले वर्षों में यह अप्रैल के आसपास बंद हुई है, इसलिए कक्षा 10वीं में पढ़ते हुए ही समय रहते जानकारी लेना शुरू कर दें।
महर्षि वाल्मीकि योजना से फर्क समझें
मध्य प्रदेश सरकार की एक और मिलती-जुलती योजना — महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन योजना — SC वर्ग के विद्यार्थियों के लिए है, पर दोनों योजनाओं का तरीका अलग है। आकांक्षा योजना प्रवेश परीक्षा से पहले मुफ्त कोचिंग + छात्रावास सहायता देती है (ताकि विद्यार्थी परीक्षा पास कर सकें), जबकि महर्षि वाल्मीकि योजना प्रवेश परीक्षा पास कर संस्थान में दाखिला मिल जाने के बाद ₹50,000 तक की नकद प्रोत्साहन राशि देती है। यानी एक “तैयारी में मदद” है, दूसरी “सफलता का इनाम” — दोनों को एक न समझें।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- यह सोचना कि सिर्फ आवेदन करने से कोचिंग की सीट मिल जाएगी — मेरिट/प्रवेश परीक्षण में चयन ज़रूरी है।
- आवेदन की समय-सीमा को नज़रअंदाज़ करना — सीमित सीटों वाली योजना में देरी से मौका छूट सकता है।
- आकांक्षा योजना (ST, कोचिंग सहायता) और महर्षि वाल्मीकि योजना (SC, नकद प्रोत्साहन) को एक समझ लेना।
- जाति प्रमाण पत्र या मार्कशीट जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ बिना तैयार किए आवेदन शुरू करना।
संबंधित सेवाएं और योजनाएं
इस योजना से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:
- महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन योजना 2026 (MP)
- NFST फेलोशिप 2026 — अनुसूचित जनजाति के PhD छात्रों को
- अनुसूचित जनजाति उच्च शिक्षा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति 2026 (NSS-ST)
- मुख्यमंत्री स्कूटी योजना (MP)
- राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति 2026 (NOS-ST)
- PM विद्यालक्ष्मी योजना 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आकांक्षा योजना किसके लिए है?
मध्य प्रदेश के अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए, जो JEE, NEET/AIIMS या CLAT की तैयारी करना चाहते हैं।
क्या कोचिंग की फीस देनी होती है?
नहीं, यह पूरी तरह मुफ्त कोचिंग सुविधा है।
क्या रहने-खाने की भी व्यवस्था होती है?
हां, 24 महीने तक छात्रावास और भोजन सहायता भी योजना में शामिल है।
कोचिंग किन शहरों में दी जाती है?
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर — मध्य प्रदेश के प्रमुख संभागीय मुख्यालयों में।
आवेदन कहां करें?
MPTAAS पोर्टल (tribal.mp.gov.in/MPTAAS) पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है।
चयन कैसे होता है?
कक्षा 10वीं की मेरिट और/या विभाग द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षण के आधार पर — यह एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया है, सीमित सीटें हैं।
क्या तीनों परीक्षाओं (JEE, NEET, CLAT) के लिए अलग आवेदन करना होगा?
आवेदन के समय ही अपनी पसंद की स्ट्रीम बताई जाती है — सामान्यतः एक विद्यार्थी एक ही स्ट्रीम (इंजीनियरिंग/मेडिकल/लॉ) के लिए कोचिंग पाता है।
आकांक्षा योजना और महर्षि वाल्मीकि योजना में क्या फर्क है?
आकांक्षा योजना ST छात्रों को परीक्षा से पहले मुफ्त कोचिंग+छात्रावास देती है, जबकि महर्षि वाल्मीकि योजना SC छात्रों को परीक्षा पास कर प्रवेश मिलने के बाद ₹50,000 तक नकद प्रोत्साहन देती है।
आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
यह हर साल बदल सकती है — कुछ ज़िलों में पहले अप्रैल के आसपास आवेदन बंद हुए हैं। सटीक और ताज़ा तारीख MPTAAS पोर्टल या अपने ज़िले के सहायक आयुक्त कार्यालय से कन्फर्म करें।
क्या यह योजना अभी भी चालू है?
हां, यह 2018-19 से लगातार चल रही एक सक्रिय योजना है, और हाल ही में जनजातीय कार्य विभाग ने इसका नया प्रचार अभियान भी शुरू किया है।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



