🔴 अपडेट (जुलाई 2026)
| यह लेख समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित गौरा देवी कन्याधन योजना की जानकारी देता है — SC/ST एवं BPL वर्ग की 12वीं पास बालिकाओं के लिए ₹50,000 की एकमुश्त सहायता। ध्यान दें: वेब पर “नंदा गौरा योजना” नाम से एक और योजना का भी ज़िक्र मिलता है, जिसमें बेटी के जन्म पर भी राशि दिए जाने की बात कही जाती है। दोनों नाम मिलते-जुलते होने से अक्सर भ्रम होता है। यह लेख विशेष रूप से 12वीं पास पर मिलने वाली ₹50,000 की सहायता (समाज कल्याण विभाग) पर केंद्रित है। जन्म-सम्बन्धी सहायता की पुष्टि के लिए अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या बाल विकास विभाग कार्यालय से संपर्क करें। |
सीधा जवाब
Gaura Devi Kanya Dhan Yojana उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार की उन छात्राओं के लिए शुरू की गई योजना है, जो कक्षा 12वीं में उत्तराखंड के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ रही हों। गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों और अनुसूचित जाति की बालिकाओं को इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने पर ₹50,000 की धनराशि उनके नाम स्वीकृत की जाती है, जो सीधे बालिका के बैंक खाते में भेजी जाती है।
📊 गौरा देवी कन्याधन योजना 2026 – एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | गौरा देवी कन्याधन योजना |
| राज्य | उत्तराखंड |
| संचालक विभाग | समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार |
| लाभार्थी | SC/ST एवं BPL वर्ग की 12वीं पास बालिकाएं |
| सहायता राशि | ₹50,000 (एकमुश्त, एक बार) |
| अधिकतम लाभार्थी | प्रति परिवार अधिकतम 2 बेटियां |
| आवेदन प्रक्रिया | विद्यालय के प्रधानाचार्य / समाज कल्याण कार्यालय के माध्यम से; फॉर्म ऑनलाइन डाउनलोड भी उपलब्ध |
| आधिकारिक वेबसाइट | escholarship.uk.gov.in |
| भुगतान का तरीका | सीधे बालिका के बैंक खाते में (DBT) |
| अंतिम अद्यतन | जुलाई 2026 |
🎯 गौरा देवी कन्याधन योजना के उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिससे उनकी शिक्षा तथा स्वास्थ्य के स्तर में सुधार हो सके, तथा बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित हो। योजना की मदद से बेटियां आर्थिक मदद हासिल कर समाज में यह साबित कर सकती हैं कि वे किसी पर बोझ नहीं हैं और लड़कों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकती हैं।
💰 लाभ व विशेषताएं
- प्रदेश की बालिकाओं को आर्थिक सहायता देकर सशक्तिकरण प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
- इस योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी — दोनों क्षेत्रों के लाभार्थियों को मिलता है।
- ग्रामीण/शहरी क्षेत्र में बीपीएल क्रमांक अंकित हो, अथवा ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय ₹15,976 और शहरी क्षेत्र में ₹21,206 तक का आय प्रमाण पत्र चाहिए (तहसीलदार स्तर से कम न हो)।
- यदि परिवार बीपीएल श्रेणी में है, तो अलग से आय प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
- योजना का लाभ उत्तराखंड की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबी रेखा से नीचे (BPL/SC/ST/EWS) वर्ग की बालिकाओं को दिया जाता है।
- पात्र बालिकाओं को सरकार द्वारा ₹50,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है।
- छात्रा राज्य में स्थित केंद्र/राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड के अधीन किसी विद्यालय से इंटर या 12वीं कक्षा की होनी चाहिए।
- सहायता राशि सीधे बालिका के बैंक खाते में भेजी जाती है — किसी बिचौलिये की ज़रूरत नहीं।
✅ पात्रता
- आवेदन करने वाली छात्रा उत्तराखण्ड की मूल निवासी होनी चाहिए।
- आवेदिका अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वर्ग की होनी चाहिए।
- बालिका 12वीं कक्षा की छात्रा होनी चाहिए (या उत्तीर्ण कर चुकी हो)।
- ग्रामीण क्षेत्र की आवेदिका के परिवार की वार्षिक आय ₹15,976 और शहरी क्षेत्र की आवेदिका के परिवार की वार्षिक आय ₹21,206 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- छात्रा अविवाहित हो और आवेदन वर्ष की 1 जुलाई को उसकी उम्र 25 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- पूर्ण-कालिक/अंश-कालिक रूप से सेवायोजित (नौकरी करने वाली) छात्रा इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होगी।
- एक परिवार (एक दंपति) की अधिकतम दो पुत्रियों को ही योजना का लाभ मिल सकता है।
📋 आवश्यक दस्तावेज़
- छात्रा की तीन फोटो
- छात्रा का पहचान पत्र
- परिवार रजिस्टर की नकल
- इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण अंकतालिका
- आयु सम्बन्धी प्रमाण-पत्र (हाईस्कूल अंकतालिका के अनुसार)
- बीपीएल कार्ड क्रमांक / आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
📝 आवेदन की प्रक्रिया
- सबसे पहले अपने विद्यालय (जहाँ से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की हो) या संबंधित जिले के जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय / जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय / विकास खण्ड अधिकारी कार्यालय में तैनात सहायक समाज कल्याण अधिकारी से निःशुल्क आवेदन पत्र प्राप्त करें। आवेदन पत्र ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ फॉर्म के साथ संलग्न करें।
- भरा हुआ आवेदन फॉर्म संबंधित विकास खण्ड कार्यालय या सहायक समाज कल्याण अधिकारी के पास जमा करें।
- आवेदन पत्र व संलग्न दस्तावेज़ों की जाँच के बाद स्वीकृति मिलने पर योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया
- सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र पर escholarship.uk.gov.in टाइप करें। इसके बाद होम पेज खुल जाएगा।
- होम पेज पर गौरा देवी कन्याधन स्कीम का लिंक दिखाई देगा — उस पर क्लिक करें।
- इस पेज पर “विद्यार्थी खंड” के नीचे दिए गए “आवेदन पत्र” लिंक पर क्लिक करें — अगले पेज पर आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।
- गौरा देवी कन्याधन योजना पंजीकरण फॉर्म पीडीएफ डाउनलोड करें और उसका प्रिंट निकाल लें।
🔗 संबंधित सरकारी योजनाएं
- मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड — अनाथ बच्चों के लिए
- सुकन्या समृद्धि योजना — बेटी के लिए 8.2% ब्याज
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (UP) — बेटी के जन्म से ग्रेजुएशन तक ₹25,000
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (Bihar) — 10वीं-12वीं-ग्रेजुएशन पर सहायता
- लाडली लक्ष्मी योजना (MP) — जन्म से 21 साल तक ₹1,18,000+
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गौरा देवी कन्याधन योजना में कितनी राशि मिलती है?
पात्र बालिका को इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा उत्तीर्ण करने पर ₹50,000 की एकमुश्त धनराशि दी जाती है, जो सीधे उसके बैंक खाते में भेजी जाती है।
गौरा देवी कन्याधन योजना के लिए कौन पात्र है?
उत्तराखंड की मूल निवासी, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति या BPL वर्ग की वे बालिकाएं पात्र हैं जिन्होंने राज्य में मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो, अविवाहित हों, और जिनकी उम्र आवेदन वर्ष की 1 जुलाई को 25 वर्ष से कम हो। नौकरी करने वाली छात्राएं पात्र नहीं हैं।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन पत्र अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय या विकास खण्ड कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है, या escholarship.uk.gov.in से ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है। भरा हुआ फॉर्म ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ संबंधित कार्यालय में जमा करना होता है।
क्या गौरा देवी कन्याधन योजना और नंदा गौरा योजना एक ही हैं?
दोनों नाम काफी मिलते-जुलते हैं, इसलिए अक्सर भ्रम होता है। गौरा देवी कन्याधन योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित है और 12वीं पास SC/ST/BPL बालिकाओं को ₹50,000 देती है। वेब पर “नंदा गौरा योजना” नाम से एक और योजना का ज़िक्र मिलता है, जो कथित तौर पर बाल विकास विभाग द्वारा संचालित है और जन्म पर भी राशि देने की बात करती है। इसकी पुष्टि अपने नज़दीकी समाज कल्याण या बाल विकास कार्यालय से ज़रूर करें।
एक परिवार में कितनी बेटियों को गौरा देवी कन्याधन योजना का लाभ मिल सकता है?
एक परिवार (एक दंपति) की अधिकतम दो पुत्रियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है।
क्या BPL कार्ड न होने पर भी आवेदन कर सकते हैं?
हाँ। यदि परिवार के पास BPL कार्ड नहीं है, तो तहसीलदार स्तर से कम न हो ऐसे सक्षम अधिकारी से जारी आय प्रमाण पत्र (ग्रामीण क्षेत्र के लिए ₹15,976 और शहरी क्षेत्र के लिए ₹21,206 तक की वार्षिक आय) प्रस्तुत करके आवेदन किया जा सकता है।
अभी क्या करें?
अगर आपके परिवार में कोई बालिका 12वीं कक्षा में पढ़ रही है या उत्तीर्ण कर चुकी है और उपरोक्त पात्रता पूरी करती है, तो आज ही अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य या नज़दीकी समाज कल्याण कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें ताकि आवेदन में देरी न हो। योजना से जुड़ी किसी भी शंका के लिए अपने जिले के समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।




I used to be able to find good advice from your articles.