उजाला योजना (Unnat Jyoti by Affordable LEDs for All (UJALA)) भारत सरकार की एक योजना है जिसके अन्तर्गत कम मूल्य पर एल ई डी बल्ब दिये जाते हैं ताकि बिजली की बचत की जा सके। यह योजना ‘बचत लैम्प योजना’ के स्थान पर 01 मई2015को भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने शुरू की। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को एलईडी बल्ब दिए जाएंगे। कई गांवों के घरों में आज भी अँधेरा है, इस योजना के माध्यम से सरकार घर-घर रोशनी पहुंचाना चाहती है।
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प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना(UJALA) का उद्देश्य
प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना(UJALA) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में एनर्जी एफिशिएंसी को पहुंचाना है। इस योजना के माध्यम से ₹10 मैं एक LED प्रदान किया जाएगा। जिससे कि बिजली की खपत में कमी होगी और पैसों की बचत होगी। प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग एनर्जी एफिशिएंसी के बारे में जागरूकता होंगे जिससे कि पूरा देश का विकास होगा।
प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना(UJALA) की विशेषताएं
- इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को तीन से चार एलईडी बल्ब प्रदान किए जाएंगे।
- प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना(UJALA) के माध्यम से लगभग 9325 करोड़ यूनिट सालाना बिजली की बचत होगी।
- इस योजना के माध्यम से 7.65 करोड़ टन सालाना कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
- इस योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 50000 करोड रुपए की बचत होगी।
- प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना(UJALA) को लागू करने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार से कोई भी सब्सिडी नहीं ली जाएगी। इस योजना में जो भी खर्चा आएगा वह ईईएसएल करेगी।
- इस योजना के अंतर्गत लागत की वसूली कार्बन ट्रेडिंग के माध्यम से की जाएगी।
- प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना(UJALA) के माध्यम से ग्रामीण इलाकों के लोग एनर्जी एफिशिएंसी के बारे में जागरूक होंगे।
- इस योजना के माध्यम से बिजली के बिल में कमी आएगी।
- इस योजना के माध्यम से लोगों के पैसों की बचत होगी।
योजना का लाभ
- देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग हाई वाट वाले पीले बल्ब का इस्तेमाल करते हैं। यदि आंकड़े देखें तो करीब 30 करोड़ से ज्यादा लोग इन बल्बों का इस्तेमाल आज भी कर रहे हैं। इन हाई वाट के पीले बल्ब के स्थान पर एलईडी बल्ब के इस्तेमाल से हर वर्ष 40773 मिलियन किलोवाट से भी ज्यादा उर्जा को बचाया जा सकता है।
- योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को 7 और 12 वाट के एलईडी बल्ब मात्र 10 रुपए में दिए जाएंगे।
- 10 में बल्ब लेने के लिए आपको पुराने पीले रंग के बल्ब को जमा करना होगा।
- ये उच्च क्वालिटी की एलईडी बल्ब होंगे और इन पर 3 वर्षों की वारंटी दी जाएगी।
- एक ग्रामीण 5 एलइडी बल्ब ले सकता है।
- पर्यावरण के हिसाब से भी यह बल्ब लाभदायक है, एलईडी बल्ब का इस्तेमाल बढ़ने से कार्बन उत्सर्जन घटेगा और पर्यावरण स्वच्छ बनेगा।
उजाला योजना(UJALA) पात्रता
ऐसे सभी उपभोक्ता जिनको विद्युत वितरण कंपनी से मीटर के जरिए कनेक्शन दिया गया है वो उजाला योजना कार्यक्रम के तहत एलईडी बल्ब पाने के लिए योग्य है I उपभोक्ता ईएमआई भुगतान (बिजली बिल में मासिक / द्विमासिक किस्तों पर ) पर या अग्रिम भुगतान करके एलईडी की खरीद कर सकते पात्र है।
उपभोक्ता को उजाला एलईडी बल्ब पाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों को ले जाने की जरूरत है –
- ईएमआई के लिए – नवीनतम बिजली बिल और सरकार अधिकृत आईडी प्रूफ की कॉपी की प्रति
- अग्रिम के लिए – सरकार अधिकृत आईडी प्रूफ की कॉपी ।
उजाला योजना(UJALA) के बारे में मुख्य जानकारी
| योजना उजाला का पूरा नाम | उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल(उजाला) |
| मंत्रालय का नाम | विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार |
| केन्द्रीय विद्युत मंत्री | श्री पीयूष गोयल |
| लागू का अधिकार | एनर्जी इफ्फीशीयेंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल) |
| योजना लागू करने की तिथि | 30 अप्रैल, 2016 |
| एलईडी बल्ब पॉवर | 9 वाट |
| एलईडी बल्ब की वारंटी | 3 साल |
कहाँ और कैसे एलईडी बल्ब की खरीद की जा सकती है?
उजाला एलईडी बल्ब शहर में विशेष निर्दिष्ट स्थानों पर स्थापित काउंटरों (कियोस्क) के माध्यम से वितरित किया जा रहा है । यह खुदरा दुकानों पर उपलब्ध नहीं होगा। वितरण काउंटर का विवरण ujala.gov.in पर उपलब्ध है।

एलईडी बल्ब की कीमत
उजाला उपकरणों को 70 रुपये प्रति एलईडी बल्ब पर, 220 रुपये प्रति एलईडी ट्यूब्लाइट और 1110 रुपये प्रति फैन पर खरीदा जा सकता है। उपकरणों की कीमत में बल्ब, वितरण, जागरूकता लागत की कीमत जैसे घटक होते हैं, जो प्रतिस्पर्धी बोली, वार्षिक रखरखाव लागत (एएमसी), पूंजी की लागत और प्रशासनिक लागत के माध्यम से की जाती है।
शिकायत निवारण
इसमें उपभोक्ता के लिए उपलब्ध निवारण तंत्र के 4 प्रकार हैं:
- वितरण के दौरान शिकायतों जो हमारे विज्ञापन और जागरूकता ड्राइव में प्रचारित है हमारे वितरण एजेंसी के कस्टमर केयर सेंटर नंबर पर संबोधित किया जा सकता है। ईईएसएल सुनिश्चित किया गया है कि एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर , निर्माता को इसी मुद्रित किया जाता है पर उजाला बल्ब के साथ ही बॉक्स सहमति के कर्म ( भुगतान रसीद ) का नेतृत्व किया। एक बार वितरण की अवधि खत्म हो गया है उपभोक्ताओं को इन हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से संबंधित निर्माता से संपर्क करें और बल्ब के प्रतिस्थापन की तलाश कर सकते हैं। संबंधित निर्माता निकटतम रिटेल आउटलेट , जिस पर तकनीकी खामियों के साथ बल्ब प्रतिस्थापित किया जा सकता करने के लिए उपभोक्ता मार्गदर्शन करेंगे।
- ईईएसएल एक मजबूत सामाजिक मीडिया की प्रतिक्रिया प्रणाली है, जहां उन ईईएसएल के ट्विटर संभाल @EESL_India को उनकी शिकायत चहक कर सकते हैं बनाए रखता है।
- विवरण और संपर्क विवरण के साथ एक विस्तृत ईमेल भी [email protected] के लिए भेजा जा सकता है।
- उजाला डैशबोर्ड (www.ujala.gov.in) भी शीर्ष सही पर एक शिकायत / शिकायत संकल्प टैब है। उपभोक्ताओं को इस platform.All शिकायतों आमतौर पर प्राप्ति के 48 घंटे और एक संतोषजनक समाधान इस प्रकार के भीतर संबोधित कर रहे हैं पर उनकी चिंताओं को दर्ज करने के लिए स्वतंत्र हैं।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना क्या होता है व इसमें ऑनलाइन व आफलाईन आवेदन कैसे करवाया जाता है आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
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Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
this site are based on official sources including PIB press releases,
ministry notifications, and gazette publications.

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