
सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार द्वारा बेटियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलायी गई एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण योजना है। यह एक बचत योजना है। इस योजना को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम के अंतर्गत लांच किया गया है।इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए बेटी की 10 वर्ष की आयु होने से पहले खाता खुलवाना होगा। इस खाते में निवेश की न्यूनतम सीमा ₹250 रुपए है तथा अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपए हैं। यह निवेश बेटी की उच्च शिक्षा या फिर शादी के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत निवेश करने पर टैक्स में छूट भी प्रदान की जाएगी।
Table of Contents
सुकन्या समृद्धि योजना के लाभ व मुख्य विशेषताए
- इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी राष्ट्रीयकृत बैंक ,पोस्ट ऑफिस ,एसबीआई ,आईसीआईसीआई ,पीएनबी ,एक्सिस बैंक ,एचडीएफसी , आदि इन सभी बैंको में अपनी बेटी के लिए खाता खुलवा सकते है
- सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 10 साल से कम उम्र की बेटी का अकाउंट खुलवाया जा सकता है।
- खाते मे एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रू तथा अधिकतम 1,50,000 रू जमा किए जा सकते है
- खाता कन्या के नाम से उसके किसी अभिभावक द्वारा खोला जा सकेगा जिसने खाता खोलने की तारीख को 10 वर्ष की उम्र प्राप्त ना की हो
- एक कन्या के नाम से केवल एक खाता खोला जा सकता है।
- कन्या की आयु 18 वर्ष होने के उपरांत उसके विवाह के लिए खाते को समय पूर्व बंद किया जा सकता है।
- खाता धारक की उच्च शिक्षा में होने वाले खर्चों के लिए खाते से आहरण किया जा सकता है।
- खाता पूरे देश में एक डाकघर/बैंक से दूसरे डाकघर/बैंक में स्थानांतरित किया जा सकता है।
- बेटी की उच्च शिक्षा के लिए भी सुकन्या समृद्धि योजना से 50% की रकम निकाली जा सकती है।
- खाता खोले जाने की तारीख से 21 वर्ष पूर्ण होने पर खाता परिपक्व हो जाता है।
- खाते में जमा राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत छूट उपलब्ध है।
- खाते में अर्जित सम्पूर्ण ब्याज आयकर अधिनियम की धारा 10 के तहत कर मुक्त है।
- इस योजना के अंतर्गत एक परिवार की अधिकतम दो बच्चों का अकाउंट खुलवाया जा सकता है।
- कुछ विशेष परिस्थितियों में एक परिवार की तीन बच्चों का अकाउंट भी खुलवाया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के योग्यता
सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बच्ची की आयु 10 साल से कम होना चाहिए
सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज
- आवेदन पत्र
- कन्या का जन्म प्रमाण पत्र
- माता/पिता/अभिभावक का पहचान पत्र
- माता/पिता/अभिभावक का निवास प्रमाण पत्र
- चिकित्सा प्रमाण पत्र
- अन्य दस्तावेज जो बैंक या डाकघर द्वारा मांगे गए हो।
सुकन्या समृद्धि योजना की कुछ नियम व शर्तें
- सुकन्या समृद्धि खाता बालिका की 10 वर्ष की आयु होने से पहले अभिभावक द्वारा खोला जा सकता है।
- एक परिवार की केवल दो बेटियां ही इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
- यदि जुड़वा या ट्रिपलेट बेटियों का जन्म होता है तो उस स्थिति में 2 से अधिक खाते भी खोले जा सकते हैं।
- एक लड़की के लिए केवल एक ही खाता इस योजना के अंतर्गत खोला जा सकता है।
- सुकन्या समृद्धि खाते को खाताधारक की 18 वर्ष की आयु होने तक खाता धारक के अभिभावक द्वारा संचालित किया जाता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया
- इस योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए सर्वप्रथम आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा, आवेदन पत्र किसी भी बैंक से प्राप्त किया जा सकता है या आनलाईन भी डाउनलोड किया जा सकता है।
- इसके बाद सभी आवश्यक जानकारी के साथ आवेदन फॉर्म भरना होगा।
- आवेदन पत्र भरने के उपरांत उसके साथ सभी दस्तावेज़ों को संलग्न करना होगा |
- फिर संबंधित बैंक और पोस्ट ऑफिस में आवेदन फॉर्म और दस्तावेज़ों को राशि के साथ जमा करना होगा।
- इसके बाद बैक द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन उपरांत सुकन्या समृद्धी योजना के अंतर्गत बैंक द्वारा खाता खोल दिया जाता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के खाते का संचालन
इस योजना के तहत सरकार के नए नियमों के अनुसार जिस बच्ची के नाम से खाता है, वह जब तक 18 साल की नहीं हो जाती तब तक अपने खाते का संचालन अभिभावक द्वारा किया जाएगा, जबकि पहले यह आयु 10 साल थी। आवश्यक दस्तावेजों के प्रस्तुत करने के द्वारा 18 वर्ष की अवस्था प्राप्त करने के पश्चात् स्वयं उसके द्वारा खाते का प्रचालन किया जाएगा ।
सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत निवेश की सीमा
इस योजना मे कम से कम 250 रुपये की रकम सालाना जमा करके शुरुआत कर सकते हैं. इस अकाउंट में एक साल में अधिकतम डेढ़ लाख रुपए (1.5 lakh) जमा करवाया जा सकता है. वहीं अगर आप किसी साल न्यूनतम राशि जमा नहीं करवाते हैं तो अगली बार पैसे जमा करवाते समय 50 रुपए की पेनाल्टी देनी होगी।
सुकन्या समृद्धि योजना मे ब्याज दर
इस योजना मे व्याज दर का निर्धारण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है वर्तमान मे ब्याज दर 7.6% है इस ब्याज दर मे समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा परिवर्तन किया जाता है।
सुकन्या समृद्धि योजना में थोड़ा कम या ज्यादा पैसा इन्वेस्ट कर देने पर क्या होता है?
- निर्धारित न्यूनतम धनराशि से कम जमा : एक वित्तीय वर्ष में मिनिमम अमाउंट यानी 250 रुपये इन्वेस्ट न करने पर, अकाउंट को डिफ़ॉल्ट मान लिया जाएगा। लेकिन, 50 रुपये का फाइन देकर अकाउंट को फिर से एक्टिव किया जा सकता है।
- निर्धारित अधिकतम राशि से अधिक जमा : 5 लाख रुपये से ज्यादा इन्वेस्ट करने पर अतिरिक्त धनराशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता है। डिपोजिटर यानी जमाकर्ता, उस अतिरिक्त धनराशि को कभी भी निकाल सकता है।
सुकन्या समृद्धी योजना के अंतर्गत ऋण(Loan)
सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत लोन प्राप्त नहीं किया जा सकता है। परंतु यदि बालिका 18 वर्ष की हो गई है तो इस योजना के खाते से अभिभावकों द्वारा निकासी की जा सकती है। यह निकासी केवल 50% की ही की जा सकती है।इस राशि को बालिका की शादी, उच्च शिक्षा आदि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना खाता में धनराशि जमा कैसे करे
सुकन्या समृद्धि योजना के खाते के धनराशि केश ,डिमांड ड्राफ्ट से जमा कर सकते है या जिस पोस्ट ऑफिस या बैंक में कोर बैंकिंग सिस्टम मौजूद हो उसमे इलेक्टॉनिक ट्रांसफर मोड से भी जमा कर सकते है खाता खुलवाने के लिए नाम और अकॉउंट होल्डर का नाम लिखना होगा |
सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत कर लाभ
- आयकर अधिनियम के अनुसार, इस योजना के तहत किए गए सभी निवेश अधिकतम 1.5 लाख रु. की सीमा तक कर लाभ मिलता है ।
- इसके तहत ब्याज जमा होता है, जिसे वार्षिक आधार पर खाते में जमा किया जाता है। इस अर्जित / संचित ब्याज पर कोई कर नहीं लगाया जाता है।
- टैक्स छूट का दावा लड़की के अभिभावक द्वारा किया जा सकता है। केवल एक जमाकर्ता आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर छूट के लिए पात्र है।
सुकन्या समृद्धि योजना अंतर्गत खाते की परिपक्वता
जब आपकी बेटी की उम्र 18 साल हो जाएगी, तो उसके बाद आप अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं. उससे पहले आप पैसे नहीं निकाल सकते. खाते के खोलने की तारीख से 21 वर्ष की अवधि के पूर्ण होने पर खाते की परिपक्वता होगी , लेकिन अगर दुर्भाग्य से आपकी बच्ची की अगर मृत्यु हो जाती है तो अकाउंट तुरंत बंद हो जाएगा, जिसके चलते अकाउंट में पड़ी रकम अभिभावक को दे दी जाती है।
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
this site are based on official sources including PIB press releases,
ministry notifications, and gazette publications.
