अटल पेंशन योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित असंगठित क्षेत्र मे काम करने वाले लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित एक महत्त्वपूर्ण योजना है। यह एक रिटायरमेंट पेंशन योजना है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रीमियम का भुगतान करना होता है।इस योजना से उन्हें अपने रिटायरमेंट के लिए बचत करने का प्रोत्साहन मिलता है। इस योजना का सम्पूर्ण संचालन कार्य, पेंशन फंड रेगुलेटरी ऐंड डेवलपमेंट ऑथोरिटी (पीएफआरडीए) द्वारा संभाला जाता है। एपीवाई योजना, रिटायरमेंट के लिए बचत करने के लिए एक स्वैच्छिक योजना है।इसका आरम्भ कोलकाता में ९ मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।
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अटल पेंशन योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्रो के कामगार लोगो को पेंशन देकर भविष्य को सुरक्षित करना है तथा आत्मनिर्भर बनाना है| यह एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका उद्देश्य योजना में शामिल होने वाले लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है | इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष बाद एक निश्चित धनराशि पेंशन के रूप मे प्रदान की जाती है जिससे रिटायरमेंट के बाद नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
अटल पेंशन योजना के लाभ व विशेषताए
- भारत की सरकार, व्यक्ति को उसके रिटायरमेंट के बाद दिए जाने वाले मिनिमम पेंशन की गारंटी देती है।
- इस योजना में किए गए इन्वेस्टमेंट पर, सेक्शन 80CCD के तहत, अटल पेंशन योजना टैक्स बेनिफिट मिलता है।
- सभी बैंक अकाउंट होल्डर्स इस योजना में शामिल हो सकते हैं।
- इसमें इन्वेस्ट करने वाले लोगों को 60 साल का होने के बाद पेंशन मिलना शुरू हो जाता है।
- यदि इस योजना से जुड़े किसी व्यक्ति की 60 साल की उम्र से पहले मौत हो जाती है, तो उनके पति/पत्नी के पास यह विकल्प होता है, कि वे या तो अभी तक जमा कराई गयी सारी राशि ले लें, या फिर पेंशन खाते में पैसे डालते रहे।
- अटल पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही केंद्र सकरार द्वारा 1000 रूपये से लेकर 5000 रूपये तक की मासिक पेंशन प्रदान की जाएगी |
- अटल पेंशन योजना के तहत पेंशन की धनराशि लाभार्थियों के द्वारा किये गए निवेश तथा आयु के आधार पर ही प्रदान की जाएगी |
- अटल पेंशन योजना के फायदे मुख्य रूप से उन लोगों के लिए हैं, तो मुख्यधारा के कार्यों में शामिल नहीं हैं। इसकी मदद से गरीब लोगों को भी पेंशन की सुविधा मिलती है।
पेंशन की आवश्यकता क्यों?
- उम्र बढ़ाने के साथ कार्यक्षमता मे कमी जिससे आय मे कमी आती है।
- जीवन यापन हेतु खर्चे और महंगाई बढ़ना।
- जीने की उम्र बढ़ना, जिससे खर्चा बढ़ता है।
- निश्चित पेंशन से पैसे की चिंता नहीं रहती है और व्यक्ति अपनी जिंदगी ख़ुशी से जी सकता है।
- एक पेंशन लोगों को एक मासिक आय प्रदान करता है जब वे कमाई नही कर रहे होते हैं।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत पात्रता
अटल पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए निम्न पात्रता होनी चाहिए:-
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवदेक की उम्र 18 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक का एक चालु या सेविंग खाता बैंक में होना चाहिए।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड
- बैंक खाता संख्या
- मोबाइल नंबर
- पहचान पत्र
- स्थायी पता का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया
- प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना के अंतर्गत जो व्यक्ति वेदन करना चाहते हैं वह सर्वप्रथम किसी भी राष्ट्रीय बैंक में अपना बचत खाता खुलवा ले |
- बैंक से अटल योजना का फॉर्म लें, यह फार्म आनलाईन भी डाउनलोड किया जा सकता है उसके बाद वहां मौजूद अधिकारीयों की मदद से इस फॉर्म को भरें।
- उसके बाद प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना के लिए आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे आधार कार्ड ,मोबाइल नंबर आदि भर दीजिये
- आवेदन फॉर्म भरने के पश्चात् बैंक मैनेजर के पास जमा कर दीजिये |इसके बाद आपके सभी पत्रों का सत्यापन कर अटल पेंशन योजना के अंतर्गत आपका बैंक खाता खोल दिया जायेगा |
- आवेदन मंजूर होने पर, एक कन्फर्मेशन मैसेज मिलता है।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत किस्त का भुगतान
अटल पेंशन योजना के तहत आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट से काट लिया जाता है। आप खुद जाकर भी हर महीने पैसे जमा करा सकते हैं।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत निकासी की प्रक्रिया
- 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर :- 60 वर्ष पूरे होने के बाद अटल पेंशन योजना से ग्राहक निकासी कर सकता है। इस स्थिति में ग्राहक को पेंशन निकासी के बाद पेंशन प्रदान की जाएगी।
- 60 साल की उम्र के बाद किसी भी कारण की वजह से ग्राहक की मृत्यु के मामले में :- ग्राहक की मृत्यु के मामले में, वही पेंशन पति या पत्नी को देय है और दोनों की मृत्यु पर (ग्राहक और पति या पत्नी) 60 साल की उम्र तक संचित पेंशन धन नामिनी को वापस किया जायेगा।
- 60 साल की उम्र से पहले बाहर निकलना :- यदि एक ग्राहक, जिसने एपीवाई के तहत सरकार के सह-योगदान का लाभ उठाया है, भविष्य में स्वेच्छा से एपीवाई बाहर निकलने के लिए चुनता है तो उसे केवल एपीवाई में उनके द्वारा किया गया योगदान उनके योगदान पर अर्जित शुद्ध वास्तविक अर्जित आय के साथ-साथ खाते के रखरखाव शुल्क घटाने के बाद वापस किया जाएगा।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत कर लाभ
Atal Pension Yojana में निवेश करते हैं तो आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 CCD (1B) के अंतर्गत कर लाभ प्रदान किया जाता है। सेक्शन 80 CCD (1B) के अंतर्गत निवेशक को ₹50000 की इनकम टैक्स डिडक्शन प्रदान की जाएगी।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत कंट्रीब्यूशन ना किए जाने की स्थिति
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत यदि आवेदक कंट्रीब्यूशन जमा नहीं करता है तो उसका अकाउंट 6 महीने बाद फ्रीज कर दिया जाता है, यदि इसके बाद भी आवेदक ने कोई जमा नहीं किया है तो 12 महीने के बाद उसका अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा और 24 महीने के बाद उसका अकाउंट बंद कर दिया जाएगा। यदि आवेदक समय से भुगतान नहीं कर पाता है तो उसे प्रतिमाह की ₹1 से लेकर ₹10 तक पेनल्टी देनी होगी।
अटल पेंशन योजना के अंतर्गत कान्ट्रब्यूशन चार्ट

Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
this site are based on official sources including PIB press releases,
ministry notifications, and gazette publications.
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