| ताज़ा अपडेट (अगस्त 2026): • हर आधार धारक को DigiLocker पर 1GB मुफ्त स्टोरेज मिलती है — सरकारी दस्तावेज़ों के अलावा निजी फाइलें, फोटो भी रखी जा सकती हैं। • इनकम टैक्स विभाग के Form 16, ITR और Form 26AS जैसे दस्तावेज़ अब सीधे incometax.gov.in से DigiLocker में फेच किए जा सकते हैं। • PMAY लाभार्थी पत्र और आयुष्मान भारत कार्ड जैसे योजना-संबंधी सर्टिफिकेट भी अब DigiLocker पर उपलब्ध हैं — कुछ राज्यों में भूलेख/प्रॉपर्टी रिकॉर्ड जोड़ने का काम भी शुरू हुआ है, यह सुविधा अभी सभी राज्यों में नहीं है। |
| digilocker.gov.in पर जाकर या DigiLocker ऐप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर और OTP से रजिस्टर करें, फिर आधार लिंक करें — इससे आधार, PAN जैसे कई दस्तावेज़ अपने-आप दिख जाते हैं। बाकी दस्तावेज़ (ड्राइविंग लाइसेंस, मार्कशीट, बीमा आदि) के लिए “Search Documents” में जाकर सही इशूइंग विभाग चुनें, दस्तावेज़ नंबर और जन्मतिथि डालकर फेच करें। ध्यान रहे — सरकारी विभाग द्वारा भेजा गया “Issued Document” ही कानूनी रूप से मूल के बराबर मान्य होता है, खुद अपलोड की गई स्कैन कॉपी सिर्फ निजी स्टोरेज के लिए है। |
संक्षेप में
| सुविधा | तरीका | फीस | मान्यता |
| रजिस्ट्रेशन | digilocker.gov.in / ऐप — मोबाइल OTP | मुफ्त | — |
| स्टोरेज | 1GB प्रति आधार धारक | मुफ्त | — |
| Issued Document (सरकार द्वारा भेजा गया) | Search Documents से फेच करें | मुफ्त | मूल दस्तावेज़ के बराबर कानूनी मान्यता |
| Uploaded Document (खुद अपलोड) | Upload Documents सेक्शन | मुफ्त | सिर्फ निजी स्टोरेज, आधिकारिक तौर पर मूल जैसा मान्य नहीं |
DigiLocker क्यों ज़रूरी है?
अजय जी ट्रेन में सफर के दौरान TC ने पहचान पत्र मांगा। बैग में फिजिकल आधार कार्ड नहीं था, पर मोबाइल में DigiLocker ऐप था — वहां से आधार दिखाकर काम चल गया। कॉलेज एडमिशन, बैंक KYC, ट्रैफिक चेकिंग, एयरपोर्ट पर पहचान — अब ज़्यादातर जगह DigiLocker से निकाला डिजिटल दस्तावेज़ फिजिकल कॉपी जितना ही मान्य है। इससे बार-बार फोटोकॉपी कराने और मूल दस्तावेज़ खोने के डर से भी छुटकारा मिलता है।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें
- digilocker.gov.in खोलें या Google Play Store/App Store से “DigiLocker” ऐप डाउनलोड करें (सिर्फ भारत सरकार का आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करें)।
- “Sign Up” पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर डालें।
- मोबाइल पर आया OTP वेरिफाई करें।
- Username चुनें और 6 अंकों का सुरक्षा PIN सेट करें — यह हर बार लॉगिन में इस्तेमाल होगा, इसे किसी के साथ शेयर न करें।
- रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही डैशबोर्ड खुल जाएगा — यहां “Link Aadhaar” पर क्लिक कर आधार नंबर और OTP से आधार लिंक करें।
आधार लिंक करते ही आधार कार्ड और e-PAN जैसे कई दस्तावेज़ अपने-आप डैशबोर्ड पर दिखने लगते हैं। ध्यान रहे — एक आधार नंबर से सिर्फ एक ही DigiLocker अकाउंट बन सकता है।
Issued Documents vs Uploaded Documents — फर्क समझें
यह सबसे ज़रूरी बात है जो अक्सर लोग समझ नहीं पाते:
- Issued Documents — यह वे दस्तावेज़ हैं जो सीधे संबंधित सरकारी विभाग (जैसे UIDAI, आयकर विभाग, परिवहन विभाग, बोर्ड) द्वारा DigiLocker सिस्टम में भेजे जाते हैं। यही कानूनी रूप से मूल दस्तावेज़ के बराबर मान्य होते हैं।
- Uploaded Documents — यह वे स्कैन कॉपी हैं जो आप खुद अपने फोन/कंप्यूटर से अपलोड करते हैं। यह सिर्फ आपकी निजी सुविधा के लिए है — किसी सरकारी दफ्तर या ट्रैफिक चेकिंग में इसे मूल दस्तावेज़ की जगह स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसलिए बैंक KYC, ट्रैफिक चेकिंग या किसी सरकारी काम के लिए हमेशा “Issued Documents” सेक्शन से ही दस्तावेज़ दिखाएं।
कोई भी डॉक्यूमेंट कैसे निकालें (Issued Document फेच करना)
- DigiLocker में लॉगिन कर “Search Documents” या “Get Documents” विकल्प खोलें।
- सर्च बॉक्स में दस्तावेज़ का नाम टाइप करें — जैसे “Driving Licence”, “PAN Verification”, “Marksheet”।
- नतीजों में सही जारीकर्ता विभाग चुनें — जैसे ड्राइविंग लाइसेंस के लिए “Ministry of Road Transport and Highways”, PAN के लिए “Income Tax Department”।
- मांगी गई जानकारी भरें — जैसे दस्तावेज़ नंबर, जन्मतिथि या रोल नंबर।
- “Get Document” पर क्लिक करें — कुछ ही सेकंड में दस्तावेज़ आपके DigiLocker में जुड़ जाएगा।
कौन-कौन से दस्तावेज़ मिलते हैं
| दस्तावेज़ | जारीकर्ता विभाग |
| आधार कार्ड | UIDAI |
| PAN वेरिफिकेशन | आयकर विभाग |
| ड्राइविंग लाइसेंस / RC | परिवहन मंत्रालय (Parivahan) |
| स्कूल/कॉलेज मार्कशीट व सर्टिफिकेट | CBSE और अन्य बोर्ड/यूनिवर्सिटी |
| वाहन बीमा | संबंधित बीमा कंपनी |
| Form 16, ITR, Form 26AS | आयकर विभाग |
| PMAY लाभार्थी पत्र | आवास मंत्रालय |
| आयुष्मान भारत कार्ड | स्वास्थ्य मंत्रालय |
| वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट | स्वास्थ्य मंत्रालय (CoWIN) |
उपलब्ध दस्तावेज़ों की सूची लगातार बढ़ रही है — पूरी और ताज़ा सूची के लिए ऐप में “Browse Documents” सेक्शन देखें।
डॉक्यूमेंट शेयर कैसे करें
- जिस दस्तावेज़ को शेयर करना है, उसे खोलें।
- “Share” विकल्प चुनें — QR कोड या शेयर लिंक जनरेट होगा।
- जिस व्यक्ति/संस्था को दिखाना है, वह QR कोड स्कैन करके या लिंक खोलकर दस्तावेज़ वेरिफाई कर सकता है — बिना आपका पूरा अकाउंट एक्सेस किए।
कानूनी मान्यता
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और DigiLocker Rules, 2017 के तहत, DigiLocker से “Issued” डिजिटल दस्तावेज़ को मूल भौतिक दस्तावेज़ के बराबर कानूनी मान्यता प्राप्त है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 2018 की एडवाइज़री के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस और RC जैसे दस्तावेज़ भी ट्रैफिक चेकिंग में डिजिटल रूप में मान्य हैं। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी DigiLocker से निकाले गए दस्तावेज़ स्वीकार किए गए हैं।
आम समस्याएं और समाधान
ड्राइविंग लाइसेंस/RC DigiLocker में नहीं दिख रहा:
- हाल ही में बना लाइसेंस है तो RTO को सिस्टम में भेजने में कुछ समय (आमतौर पर कुछ हफ्ते) लग सकता है।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर और RTO रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर अलग-अलग होने पर भी दस्तावेज़ नहीं मिलता — RTO में मोबाइल नंबर अपडेट कराएं।
रजिस्ट्रेशन फेल हो रहा है:
- आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होने पर रजिस्ट्रेशन अटक सकता है — पहले आधार में मोबाइल नंबर अपडेट कराएं।
PIN भूल गए:
- नए फोन में आधार-लिंक मोबाइल OTP से दोबारा लॉगिन कर PIN रीसेट किया जा सकता है।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- नकली/थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड कर लेना — हमेशा भारत सरकार का आधिकारिक DigiLocker ऐप ही इस्तेमाल करें।
- अपना 6-अंकों का PIN किसी के साथ शेयर करना — यह आपके पूरे अकाउंट का एक्सेस देता है।
- सरकारी दफ्तर में “Uploaded” (खुद अपलोड की) स्कैन कॉपी को “Issued” दस्तावेज़ समझकर दिखाना — इसे अस्वीकार किया जा सकता है।
- एक ही आधार से बार-बार नया अकाउंट बनाने की कोशिश करना — एक आधार पर सिर्फ एक अकाउंट बनता है, बार-बार कोशिश करने पर अटक सकता है।
संबंधित सेवाएं और योजनाएं
DigiLocker से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:
- आधार कार्ड अपडेट 2026: मोबाइल लिंक और डाउनलोड
- पैन कार्ड 2026: ऑनलाइन अप्लाई, डाउनलोड और आधार लिंक
- ड्राइविंग लाइसेंस 2026: ऑनलाइन अप्लाई, डाउनलोड और रिन्यूअल
- आयुष्मान भारत योजना 2026 – PM-JAY की पूरी जानकारी
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2026 (PMAY-G 2.0)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
DigiLocker इस्तेमाल करने की फीस क्या है?
पूरी तरह मुफ्त है — रजिस्ट्रेशन, 1GB स्टोरेज और दस्तावेज़ फेच करना, सब बिना किसी शुल्क के।
DigiLocker के दस्तावेज़ कानूनी रूप से मान्य हैं क्या?
हां, “Issued Documents” सेक्शन के दस्तावेज़ IT Act और DigiLocker Rules 2017 के तहत मूल दस्तावेज़ के बराबर मान्य हैं। खुद अपलोड की गई स्कैन कॉपी सिर्फ निजी स्टोरेज के लिए है।
बिना आधार के DigiLocker इस्तेमाल किया जा सकता है क्या?
मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन हो जाता है, पर ज़्यादातर सरकारी दस्तावेज़ (आधार, PAN आदि) अपने-आप पाने के लिए आधार लिंक करना ज़रूरी है।
DigiLocker पर स्टोरेज कितनी मिलती है?
हर आधार धारक को 1GB मुफ्त स्टोरेज मिलती है, जिसमें सरकारी दस्तावेज़ों के अलावा निजी फाइलें भी रखी जा सकती हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस DigiLocker में क्यों नहीं दिख रहा?
हाल ही में बने लाइसेंस को सिस्टम में आने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं, या आधार-लिंक मोबाइल नंबर RTO रिकॉर्ड से अलग होने पर भी नहीं दिखता — RTO में मोबाइल अपडेट कराएं।
क्या एक आधार से एक से ज़्यादा DigiLocker अकाउंट बन सकते हैं?
नहीं, एक आधार नंबर पर सिर्फ एक ही DigiLocker अकाउंट बनाया जा सकता है।
PIN भूल जाने पर क्या करें?
आधार-लिंक मोबाइल नंबर पर OTP मंगवाकर दोबारा लॉगिन करें और नया PIN सेट कर लें।
क्या स्कूल/कॉलेज की मार्कशीट भी DigiLocker में मिलती है?
हां, CBSE समेत कई बोर्ड और यूनिवर्सिटी अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट DigiLocker पर जारी करते हैं — “Search Documents” में बोर्ड/यूनिवर्सिटी का नाम खोजें।
क्या DigiLocker डेटा सुरक्षित है?
हां, यह सरकारी प्लेटफॉर्म है और डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है, एक्सेस के लिए मोबाइल OTP और PIN दोनों चाहिए होते हैं।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



