अपडेट (2026): मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना बिहार के सरकारी स्कूलों में जारी है। कक्षा 9 में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं को ₹3,000 की साइकिल प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दी जाती है। लाभ लेने के लिए विद्यालय के माध्यम से आवेदन करें।
मुख्यमंत्री बालक बालिका साइकिल योजना क्या है?
मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण शिक्षा प्रोत्साहन योजना है जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुरू किया।
इस योजना का उद्देश्य है — सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9 के छात्र-छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए ₹3,000 की आर्थिक सहायता देना — ताकि वे घर से स्कूल आसानी से आ-जा सकें और स्कूल छोड़ने (Dropout) की दर कम हो।
यह योजना लड़के और लड़कियों दोनों के लिए है — बिना किसी जाति या आय सीमा के।
मुख्यमंत्री बालक बालिका साइकिल योजना त्वरित जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना |
| विभाग | शिक्षा विभाग, बिहार सरकार |
| लाभार्थी | सरकारी स्कूल कक्षा 9 के सभी छात्र-छात्रा |
| सहायता राशि | ₹3,000 |
| भुगतान माध्यम | DBT — सीधे बैंक खाते में |
| लिंग | लड़के और लड़कियां — दोनों पात्र |
| जाति/आय सीमा | कोई नहीं — सभी वर्ग पात्र |
| न्यूनतम उपस्थिति | 75% |
| एक परिवार से | अधिकतम 2 बच्चे |
| आवेदन माध्यम | विद्यालय के प्रधानाध्यापक के माध्यम से |
मुख्यमंत्री बालक बालिका साइकिल योजना के मुख्य लाभ
1. ₹3,000 सीधे बैंक में साइकिल खरीदने के लिए ₹3,000 की प्रोत्साहन राशि DBT से बैंक खाते में जमा होती है। छात्र-छात्रा अपनी पसंद की साइकिल खरीद सकते हैं।
2. लड़के और लड़कियां — दोनों पात्र यह योजना केवल बालिकाओं के लिए नहीं है — बालक और बालिका दोनों को समान रूप से लाभ मिलता है।
3. सभी जाति/वर्ग पात्र SC, ST, OBC, EBC, सामान्य — हर वर्ग के छात्र-छात्रा पात्र हैं। कोई आय सीमा नहीं है।
4. Dropout दर में कमी साइकिल मिलने से छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्कूल जाते हैं — विशेषकर दूरदराज के इलाकों में यह योजना बेहद कारगर है।
5. लड़कियों में माध्यमिक शिक्षा को बढ़ावा ग्रामीण परिवार अक्सर लड़कियों को दूर के स्कूल नहीं भेजते। साइकिल मिलने से परिवार निश्चिंत होकर बेटियों को स्कूल भेजते हैं।
मुख्यमंत्री बालक बालिका साइकिल योजना पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
- बिहार का स्थायी निवासी
- सरकारी विद्यालय में पढ़ना अनिवार्य
- राजकीय/राजकीयकृत विद्यालय
- प्रोजेक्ट विद्यालय (उत्क्रमित सहित)
- अल्पसंख्यक स्वीकृत मदरसे
- संस्कृत विद्यालय
- वित्त रहित माध्यमिक विद्यालय
- कक्षा 9 में नामांकित होना अनिवार्य
- कक्षा 8 पास करके कक्षा 9 में आए हों
- विद्यालय में न्यूनतम 75% उपस्थिति
- एक परिवार से अधिकतम 2 बच्चे पात्र
⚠️ प्राइवेट स्कूल के छात्र पात्र नहीं हैं। केवल सरकारी/अनुदानित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री बालक बालिका साइकिल योजना आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- 8वीं कक्षा की मार्कशीट
- स्कूल आईडी कार्ड
- बैंक पासबुक (आधार लिंक्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण पत्र
📌 नोट: अधिकांश दस्तावेज स्कूल के पास पहले से होते हैं। प्रधानाध्यापक की मदद से आवेदन आसानी से होता है।
आवेदन कैसे करें?
तरीका 1 — स्कूल के माध्यम से (मुख्य तरीका)
Step 1: अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक/प्रिंसिपल से संपर्क करें।
Step 2: साइकिल योजना का आवेदन फॉर्म प्रधानाध्यापक से लें।
Step 3: फॉर्म में नाम, कक्षा, बैंक खाता नंबर और आधार नंबर भरें।
Step 4: जरूरी दस्तावेज संलग्न करें।
Step 5: भरा हुआ फॉर्म प्रधानाध्यापक को जमा करें।
Step 6: प्रधानाध्यापक सूची तैयार करके जिला शिक्षा कार्यालय को भेजते हैं।
Step 7: सत्यापन के बाद ₹3,000 DBT से बैंक खाते में जमा।
तरीका 2 — ऑनलाइन पोर्टल से
शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल medhasoft.bihar.gov.in या state.bihar.gov.in/educationbihar पर भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
✅ सबसे आसान तरीका: सीधे स्कूल में प्रधानाध्यापक से बात करें — वे ही पूरा आवेदन प्रक्रिया में मदद करते हैं।
पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?
Step 1: medhasoft.bihar.gov.in पर जाएं।
Step 2: “साइकिल पोशाक छात्रवृत्ति” या “Cycle Yojana Status” सेक्शन चुनें।
Step 3: अपना जिला, ब्लॉक, स्कूल और कक्षा चुनें।
Step 4: अपना नाम या रोल नंबर डालकर स्टेटस देखें।
💰 पैसा नहीं आया? यहां चेक करें (Payment Status कैसे पता करें)
अगर आपने मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना के लिए आवेदन किया है और अभी तक खाते में पैसा नहीं आया है, तो घबराएं नहीं। नीचे दिए गए कारण और समाधान चेक करें:
सबसे आम कारण:
| कारण | क्या करें |
|---|---|
| आवेदन अभी प्रोसेस में है | 1-2 महीने का इंतज़ार करें, कई बार जिलेवार सूची अलग-अलग समय पर जारी होती है |
| बैंक खाता आधार से लिंक नहीं | नज़दीकी बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग स्टेटस चेक करवाएं |
| फॉर्म में बैंक डिटेल गलत भरी गई | विद्यालय/BEO कार्यालय से आवेदन में भरी गई जानकारी वेरीफाई करवाएं |
| आपके ब्लॉक/जिले की सूची अभी जारी नहीं हुई | योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होती है, स्कूल से अपडेट लेते रहें |
| DBT (Direct Benefit Transfer) में तकनीकी देरी | सरकारी प्रक्रिया में सामान्य देरी हो सकती है, संबंधित विभाग से संपर्क करें |
स्टेटस चेक करने के लिए कहां संपर्क करें:
- अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य/क्लास टीचर से
- ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय से
- जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय से
ध्यान दें: आवेदन/पंजीकरण नंबर हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें — स्टेटस पूछने के लिए यह ज़रूरी होता है।
बिहार की अन्य छात्र शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं
| योजना | लाभ | पात्रता |
|---|---|---|
| साइकिल योजना | ₹3,000 | कक्षा 9, सरकारी स्कूल |
| पोशाक योजना | ₹600–₹1,500 | कक्षा 1-12, सरकारी स्कूल |
| Balak/Balika Protsahan | ₹8,000–₹10,000 | 10वीं प्रथम/द्वितीय श्रेणी |
| Medhavriti Yojana | ₹10,000–₹15,000 | SC/ST 12वीं पास |
| Kanya Utthan Yojana | ₹25,000–₹50,000 | 12वीं/स्नातक बालिकाएं |
| Bihar Student Credit Card | ₹4 लाख | 12वीं पास, 25 वर्ष तक |
आधिकारिक स्रोत
- पोर्टल: medhasoft.bihar.gov.in
- पोर्टल: state.bihar.gov.in/educationbihar
- विभाग: शिक्षा विभाग, बिहार सरकार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुख्यमंत्री बालक-बालिका साइकिल योजना में कितनी राशि मिलती है?
इस योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालय के कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए ₹3,000 की प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
साइकिल योजना के लिए कौन पात्र है?
बिहार के सरकारी विद्यालय (राजकीय, प्रोजेक्ट, मदरसा, संस्कृत) में कक्षा 9 में नामांकित सभी छात्र-छात्राएं पात्र हैं। SC, ST, OBC, सामान्य — सभी वर्ग पात्र हैं।
क्या प्राइवेट स्कूल के छात्र पात्र हैं?
नहीं। मुख्यमंत्री साइकिल योजना का लाभ केवल सरकारी/अनुदानित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मिलता है। प्राइवेट स्कूल के छात्र इस योजना के पात्र नहीं हैं।
साइकिल योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
सीधे अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक से संपर्क करें। वे आवेदन फॉर्म देंगे और जिला शिक्षा कार्यालय को भेजेंगे। medhasoft.bihar.gov.in पर भी आवेदन किया जा सकता है।
पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?
medhasoft.bihar.gov.in पर जाएं और अपना जिला, ब्लॉक, स्कूल और कक्षा चुनकर स्टेटस देखें।
क्या लड़के और लड़कियां दोनों पात्र हैं?
हां। यह योजना बालक और बालिका दोनों के लिए है। दोनों को समान रूप से ₹3,000 की साइकिल प्रोत्साहन राशि मिलती है।
न्यूनतम उपस्थिति कितनी होनी चाहिए?
साइकिल योजना का लाभ पाने के लिए विद्यालय में न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य है।
एक परिवार के कितने बच्चों को लाभ मिलेगा?
एक परिवार के अधिकतम 2 बच्चों को साइकिल योजना का लाभ मिल सकता है।
पेमेंट नहीं आई तो क्या करें?
सबसे पहले बैंक जाकर आधार कार्ड को बैंक खाते से NPCI Seeding करवाएं। इसके अलावा स्कूल के प्रधानाध्यापक से भी संपर्क करें कि आवेदन सही तरीके से भेजा गया है या नहीं।
साइकिल योजना और पोशाक योजना में क्या अंतर है?
साइकिल योजना में साइकिल खरीदने के लिए ₹3,000 कक्षा 9 में दिए जाते हैं। पोशाक योजना में स्कूल यूनिफॉर्म के लिए ₹600-₹1,500 कक्षा 1 से 12 तक दिए जाते हैं। दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं और दोनों का लाभ एक साथ मिल सकता है।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।




मेरे खाते में पैसा नहीं आया है
जी, हमने आर्टिकल में ऊपर ‘पैसा नहीं आया? यहां चेक करें’ सेक्शन जोड़ दिया है, कृपया वहां देखें।
जब मैं 1 साल पहले क्लास नाइंथ में था तब मुझे क्लास नाइंथ में साइकिल के लिए पैसा नहीं मिला था क्योंकि स्कूल एक आदमी काम करने वाला आदमी उसमें कुछ गलती कर दिया था जिसके कारण कोई भी बच्चा का साइकिल का पैसा नहीं आया क्या मैं आपको साइकिल केयर किया इस फॉर्म को भर सकता हूं
नमस्ते, आपकी समस्या के लिए हमें खेद है। आमतौर पर साइकिल योजना का फॉर्म उसी शैक्षणिक सत्र में भरा जाता है जब विद्यार्थी कक्षा 9 में होता है, इसलिए अगले सत्र में नया फॉर्म भरना संभव नहीं होता। लेकिन चूंकि यह गलती विद्यालय की ओर से हुई है, तो आप अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य या ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करें और उन्हें बताएं कि रिकॉर्ड में गलती के कारण भुगतान नहीं हुआ। कई मामलों में विद्यालय स्तर पर सुधार कर पिछले सत्र का भुगतान करवाया जा सकता है। आप जिला समाज कल्याण विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।