मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा 2026: पात्रता और राशि

ताज़ा अपडेट (अगस्त 2026): • इस योजना की सहायता राशि समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है — पिछले कुछ वर्षों में यह ₹41,000 से बढ़कर अब SC/ST BPL वर्ग के लिए ₹71,000 तक पहुंच चुकी है। आवेदन से ठीक पहले saralharyana.gov.in पर मौजूदा राशि ज़रूर कन्फर्म करें। • आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र (Family ID/PPP) होना अनिवार्य है — इसके बिना योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं होता। • दूसरी किस्त (₹5,000) पाने के लिए शादी के 6 महीने के भीतर विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है — देर होने पर वह किस्त रद्द हो सकती है।
हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना गरीब, SC/ST, विधवा, तलाकशुदा, अनाथ और दिव्यांग बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता देती है। आवेदन Antyodaya Saral Haryana पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर परिवार पहचान पत्र (Family ID) से किया जाता है — ज़्यादातर राशि शादी के समय या उससे पहले मिलती है, बाकी ₹5,000 शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करने के 6 महीने के भीतर मिलते हैं। सही राशि आवेदक की श्रेणी (SC/ST, सामान्य BPL, विधवा, दिव्यांग) और पारिवारिक आय पर निर्भर करती है — आवेदन से पहले पोर्टल पर अपनी श्रेणी की ताज़ा राशि ज़रूर देख लें।

संक्षेप में

बिंदुजानकारी
विभागमहिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा सरकार
पोर्टलsaralharyana.gov.in (Antyodaya Saral Haryana)
आय सीमा (सामान्य/BPL वर्ग)₹1,80,000 वार्षिक से कम
सहायता राशि (मौजूदा रुझान)SC/ST BPL: ₹71,000 | विधवा/अनाथ/दिव्यांग/सामान्य BPL: ₹51,000 के आसपास (सटीक राशि पोर्टल पर कन्फर्म करें)
किस्तेंपहली किस्त शादी के समय/पहले, दूसरी किस्त (₹5,000) पंजीकरण के 6 महीने के भीतर
ज़रूरी शर्तपरिवार पहचान पत्र (Family ID) और विवाह पंजीकरण अनिवार्य

योजना क्यों खास है?

सुमन देवी विधवा हैं और अकेले अपनी बेटी को पाल रही थीं। बेटी की शादी की उम्र आई तो सबसे बड़ी चिंता खर्च की थी। पड़ोस की एक महिला ने बताया कि हरियाणा सरकार की विवाह शगुन योजना से विधवा माताओं को शादी के लिए सीधी आर्थिक मदद मिलती है। परिवार पहचान पत्र से आवेदन किया और शादी के आसपास एक बड़ी रकम खाते में आ गई। यही इस योजना का मकसद है — गरीब, विधवा, दिव्यांग और वंचित परिवारों के लिए बेटी की शादी का बोझ थोड़ा हल्का करना।

सहायता राशि — वर्ग अनुसार

ध्यान दें: यह योजना समय-समय पर संशोधित होती रही है और अलग-अलग वर्षों में राशि में बढ़ोतरी हुई है, इसलिए अलग-अलग सोर्स पर थोड़े अलग आंकड़े मिलते हैं। नीचे सबसे ज़्यादा जगह दोहराई गई और सबसे हालिया जानकारी दी गई है — फिर भी आवेदन से ठीक पहले saralharyana.gov.in पर अपनी श्रेणी की सटीक राशि एक बार ज़रूर देख लें।

  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/टपरिवास (घुमंतू) समुदाय के BPL परिवार — कुल ₹71,000 (₹66,000 शादी के समय/पहले + ₹5,000 पंजीकरण के बाद)
  • विधवा/तलाकशुदा महिला, अनाथ बेटी, दिव्यांग बेटी, या सामान्य वर्ग की BPL/कम आय वाली बेटी — कुल राशि आमतौर पर ₹51,000 के आसपास बताई जा रही है
  • सामान्य वर्ग के जो परिवार उपरोक्त किसी श्रेणी में नहीं आते, पर शादी के 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराते हैं — उन्हें ₹1,100 का शगुन और मिठाई का डिब्बा दिया जाता है

SC/ST परिवारों के लिए ₹71,000 का आंकड़ा सबसे ज़्यादा स्रोतों में एक जैसा मिला है, इसलिए इस पर भरोसा ज़्यादा है। बाकी श्रेणियों (विधवा/सामान्य BPL/दिव्यांग) की राशि अलग-अलग जगह ₹31,000 से ₹51,000 के बीच अलग-अलग बताई गई है — यह संभवतः समय के साथ हुई बढ़ोतरी की वजह से है, इसलिए सबसे ताज़ा आंकड़ा पोर्टल पर ही कन्फर्म करना सबसे भरोसेमंद तरीका है।

पात्रता की शर्तें

  • आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो।
  • लड़की की आयु विवाह के समय कम से कम 18 वर्ष और लड़के की आयु कम से कम 21 वर्ष हो।
  • परिवार की वार्षिक आय ₹1,80,000 से कम हो (सामान्य/BPL वर्ग के लिए)।
  • SC/ST/टपरिवास समुदाय, विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या दिव्यांग बेटियों को प्राथमिकता श्रेणी में रखा जाता है।
  • विवाह का पंजीकरण अनिवार्य है — बिना पंजीकरण के योजना का पूरा लाभ नहीं मिलता।
  • विधवा/तलाकशुदा महिला अगर दोबारा शादी कर रही है, तो भी वह इस योजना के लिए पात्र है।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • परिवार पहचान पत्र (Family ID/PPP)
  • आधार कार्ड (दूल्हा-दुल्हन दोनों का)
  • आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र/10वीं की मार्कशीट)
  • आय प्रमाण पत्र या BPL राशन कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST वर्ग के लिए)
  • विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (दूसरी किस्त के लिए ज़रूरी)
  • बैंक पासबुक (आधार-लिंक्ड खाता)
  • शादी की फोटो/निमंत्रण पत्र
  • विधवा होने पर पति की मृत्यु प्रमाण पत्र, तलाकशुदा होने पर तलाक का कागज़, अनाथ होने पर संबंधित प्रमाण

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (saralharyana.gov.in)

  1. saralharyana.gov.in पोर्टल खोलें।
  2. Family ID और OTP से लॉगिन/रजिस्टर करें (नए यूज़र पहले रजिस्ट्रेशन करें)।
  3. “Mukhyamantri Vivah Shagun Yojana” सेवा खोजकर चुनें।
  4. आवेदन फॉर्म में वर-वधू और परिवार की जानकारी भरें — जानकारी Family ID से अपने-आप भी भर सकती है।
  5. ज़रूरी दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  6. फॉर्म प्रीव्यू कर सबमिट करें और मिली एप्लीकेशन/रेफरेंस संख्या संभालकर रखें।
  7. शादी होने के बाद विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र उसी पोर्टल पर अपलोड करें — यह दूसरी किस्त पाने के लिए ज़रूरी है।

दो किस्तों में भुगतान कैसे होता है

ज़्यादातर श्रेणियों में राशि दो हिस्सों में मिलती है — बड़ा हिस्सा शादी के समय या उससे पहले सीधे बैंक खाते में आता है, और बचे हुए ₹5,000 शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करने के बाद, शादी की तारीख से 6 महीने के भीतर मिलते हैं। अगर पंजीकरण 6 महीने के बाद होता है, तो यह दूसरी किस्त रद्द हो सकती है — इसलिए शादी के फौरन बाद पंजीकरण कराना ज़रूरी है।

स्टेटस कैसे चेक करें

  • saralharyana.gov.in पर लॉगिन करें।
  • “Track Application Status” या “आवेदन की स्थिति” विकल्प चुनें।
  • एप्लीकेशन/रेफरेंस संख्या या Family ID डालें।
  • भुगतान, वेरिफिकेशन या पेंडिंग जैसी मौजूदा स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी।

आम गलतियाँ जिनसे बचें

  • परिवार पहचान पत्र में जानकारी अपडेट किए बिना आवेदन करना — Family ID में गलत/पुरानी जानकारी होने पर आवेदन अटक सकता है।
  • शादी के 6 महीने बाद तक विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा न करना — इससे ₹5,000 की दूसरी किस्त छूट सकती है।
  • गलत श्रेणी (जैसे सामान्य वर्ग की जगह SC/ST) के लिए आवेदन कर देना — इससे आवेदन निरस्त हो सकता है।
  • पुरानी/अधूरी दस्तावेज़ स्कैन कॉपी अपलोड करना।

संबंधित सेवाएं और योजनाएं

इस योजना से जुड़ी इन हरियाणा-केंद्रित सेवाओं की जानकारी भी देखें:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

विवाह शगुन योजना में कितनी राशि मिलती है?

यह आवेदक की श्रेणी पर निर्भर करता है — SC/ST BPL परिवारों को ₹71,000 तक, और विधवा/अनाथ/दिव्यांग/सामान्य BPL श्रेणी को इससे कम राशि मिलती है। योजना की राशि समय-समय पर बढ़ती रही है, इसलिए सटीक मौजूदा राशि saralharyana.gov.in पर ज़रूर देखें।

आवेदन के लिए कौन सा पोर्टल इस्तेमाल करें?

saralharyana.gov.in (Antyodaya Saral Haryana पोर्टल) पर Family ID से आवेदन किया जाता है।

क्या Family ID के बिना आवेदन हो सकता है?

नहीं, परिवार पहचान पत्र (Family ID) होना अनिवार्य है — यह पूरे आवेदन का आधार है।

दूसरी किस्त कब मिलती है?

शादी के बाद विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करने पर, शादी की तारीख से 6 महीने के भीतर बचे हुए ₹5,000 मिलते हैं।

क्या विधवा महिला दूसरी शादी के लिए भी आवेदन कर सकती है?

हां, विधवा या तलाकशुदा महिला दोबारा शादी करने पर भी इस योजना के लिए पात्र है।

आय सीमा क्या है?

सामान्य/BPL वर्ग के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹1,80,000 से कम होनी चाहिए।

लड़का-लड़की की न्यूनतम उम्र क्या होनी चाहिए?

लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी ज़रूरी है — यह कानूनी विवाह योग्य उम्र है।

सामान्य वर्ग के परिवार जो किसी विशेष श्रेणी में नहीं आते, उन्हें क्या मिलता है?

अगर वे शादी के 30 दिन के भीतर विवाह पंजीकरण कराते हैं, तो उन्हें ₹1,100 का शगुन और मिठाई का डिब्बा दिया जाता है।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?

saralharyana.gov.in पर लॉगिन कर “Track Application Status” में एप्लीकेशन नंबर या Family ID डालकर स्थिति देखी जा सकती है।

अगर विवाह पंजीकरण में देरी हो जाए तो क्या होगा?

6 महीने के भीतर पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा न करने पर ₹5,000 की दूसरी किस्त रद्द हो सकती है — इसलिए शादी के तुरंत बाद पंजीकरण कराना बेहतर है।

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