| ताज़ा अपडेट (अगस्त 2026): • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत देश की लगभग 67% आबादी को सब्सिडी वाला राशन मिलता है — AAY और PHH (प्राथमिकता परिवार) श्रेणियों में ₹1 से ₹3 प्रति किलो की दर पर अनाज मिलता है। • नया राशन कार्ड बनवाने की शर्त है कि परिवार में पहले से किसी का भी नाम किसी दूसरे राशन कार्ड में शामिल न हो — नहीं तो आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। • एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC) के तहत बना कार्ड देश के किसी भी राज्य में मान्य है — विस्तार से जानकारी हमारी अलग पोस्ट में उपलब्ध है। |
| नया राशन कार्ड बनवाने के लिए अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग (Food & Civil Supplies) के पोर्टल पर या नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) से ऑनलाइन आवेदन करें — आधार, पता प्रमाण, परिवार की फोटो और आय प्रमाण पत्र (जहां ज़रूरी हो) अपलोड करना होता है। आवेदन के बाद फील्ड वेरिफिकेशन होता है, जिसके आधार पर परिवार को AAY, PHH या सामान्य श्रेणी में रखा जाता है। ज़्यादातर राज्यों में यह मुफ्त या बहुत मामूली शुल्क में बनता है, और बनने में आमतौर पर कुछ हफ्तों से एक महीने तक का समय लगता है। |
संक्षेप में
| राज्य | पोर्टल | फीस | समय |
| उत्तर प्रदेश | fcs.up.gov.in (आवेदन: edistrict.up.gov.in) | लगभग ₹15 | कुछ हफ्ते (वेरिफिकेशन पर निर्भर) |
| बिहार | epds.bihar.gov.in | मुफ्त/मामूली शुल्क | कुछ हफ्ते |
| राजस्थान | food.rajasthan.gov.in | मुफ्त/मामूली शुल्क | कुछ हफ्ते |
| अन्य राज्य | संबंधित राज्य का खाद्य विभाग पोर्टल या CSC | राज्य अनुसार अलग | राज्य अनुसार अलग |
राशन कार्ड क्यों ज़रूरी है?
गीता देवी नई-नई शादी होकर ससुराल आई थीं। उनका नाम अभी तक न मायके के राशन कार्ड में कट पाया था, न ससुराल के कार्ड में जुड़ा था। सस्ते राशन के अलावा भी राशन कार्ड कई जगह काम आता है — पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर, बच्चों के स्कूल एडमिशन में, कई सरकारी योजनाओं की पात्रता जांचने में, और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं के लिए। इसलिए घर में नई शादी, बंटवारे या पहली बार अपना अलग घर बसाने पर राशन कार्ड बनवाना ज़रूरी हो जाता है।
राशन कार्ड के प्रकार — एक नज़र में
आवेदन से पहले जान लें कि आपका परिवार किस श्रेणी में आ सकता है — अंतिम फैसला वेरिफिकेशन के बाद राज्य सरकार करती है:
- AAY (अंत्योदय अन्न योजना) — सबसे गरीब परिवारों के लिए, सबसे ज़्यादा सब्सिडी
- PHH (प्राथमिकता परिवार) — NFSA के तहत तय आय सीमा से कम आय वाले परिवार
- सामान्य/APL — बाकी परिवार, जिन्हें सीमित सब्सिडी या सिर्फ पहचान-पत्र के तौर पर कार्ड मिलता है
इन श्रेणियों और उनके फायदों की पूरी जानकारी हमारी अलग पोस्ट (AAY और PHH) में है — नीचे “संबंधित सेवाएं” में लिंक दिया गया है।
पात्रता और ज़रूरी दस्तावेज़ (सामान्य)
पात्रता की मुख्य शर्तें:
- परिवार के पास पहले से कोई राशन कार्ड नहीं होना चाहिए, और किसी सदस्य का नाम किसी और कार्ड में शामिल नहीं होना चाहिए
- आवेदक संबंधित राज्य का स्थायी निवासी हो
- श्रेणी (AAY/PHH/सामान्य) राज्य सरकार द्वारा तय आय सीमा और अन्य मानदंडों के अनुसार तय होती है — यह सीमा हर राज्य में अलग है
ज़रूरी दस्तावेज़:
- परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र (बिजली बिल, वोटर आईडी, किराया एग्रीमेंट आदि)
- परिवार की पासपोर्ट साइज़ फोटो
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
- बैंक पासबुक की कॉपी
- आय प्रमाण पत्र (जहां ज़रूरी हो)
- शादीशुदा महिलाओं के लिए मायके के राशन कार्ड से नाम कटवाने का प्रमाण (अगर लागू हो)
सामान्य ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (लगभग हर राज्य में)
- अपने राज्य के खाद्य एवं रसद/नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- “New Ration Card Apply” या “नया राशन कार्ड आवेदन” विकल्प चुनें — पहली बार इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन (मोबाइल नंबर/OTP) करना होगा।
- आवेदन फॉर्म में परिवार के मुखिया और सभी सदस्यों की जानकारी भरें।
- ज़रूरी दस्तावेज़ स्कैन कर अपलोड करें।
- अगर फीस लागू है तो ऑनलाइन भुगतान करें और आवेदन सबमिट करें — एक आवेदन/संदर्भ संख्या मिलेगी, इसे संभालकर रखें।
- इसके बाद फील्ड वेरिफिकेशन होगा — संबंधित अधिकारी पते पर जांच कर सकते हैं।
- वेरिफिकेशन पूरा होने पर राशन कार्ड जारी हो जाएगा, जिसे पोर्टल से डाउनलोड या नज़दीकी राशन दुकान से भी लिया जा सकता है।
अगर ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो, तो नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या साइबर कैफ़े से भी मदद ली जा सकती है — वे तय शुल्क लेकर आवेदन में सहायता करते हैं।
उत्तर प्रदेश में नया राशन कार्ड कैसे बनाएं
UP में राशन कार्ड की सारी जानकारी fcs.up.gov.in पोर्टल पर मिलती है, पर नया आवेदन जमा करने के लिए e-District UP पोर्टल इस्तेमाल होता है।
- edistrict.up.gov.in खोलें और “E District Login” पर क्लिक करें।
- अगर पहले से रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो पहले नया रजिस्ट्रेशन करें — मोबाइल नंबर और OTP से।
- लॉगिन कर “राशन कार्ड हेतु आवेदन” सेवा चुनें।
- परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी, आधार और अन्य दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क (लगभग ₹15) ऑनलाइन भरें और सबमिट करें।
- आवेदन की स्थिति fcs.up.gov.in पर “राशन कार्ड आवेदन की स्थिति” में संदर्भ आईडी डालकर चेक की जा सकती है।
बिहार में नया राशन कार्ड कैसे बनाएं
- epds.bihar.gov.in पोर्टल खोलें।
- “राशन कार्ड हेतु आवेदन करें” विकल्प चुनें — पहली बार आवेदन कर रहे हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- आवेदक की जानकारी, परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें।
- आधार, निवास प्रमाण पत्र, परिवार की फोटो, बैंक पासबुक और (ज़रूरत पड़ने पर) आय प्रमाण पत्र अपलोड करें।
- Declaration पर टिक कर आवेदन Final Submit करें — RTPS संख्या मिलेगी।
- आवेदन की स्थिति देखने के लिए संबंधित पेज पर जिला, अनुमंडल चुनकर RTPS संख्या डालें।
बिहार में आवेदन की शर्त साफ है — आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो, पहले से कोई राशन कार्ड न हो, और परिवार के किसी सदस्य का नाम किसी और कार्ड में न हो।
राजस्थान में नया राशन कार्ड कैसे बनाएं
- food.rajasthan.gov.in (राजस्थान खाद्य सुरक्षा पोर्टल) खोलें।
- “राशन कार्ड के लिए आवेदन करें” लिंक पर क्लिक करें।
- आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज़ (आधार, आय प्रमाण पत्र जहां लागू हो) अपलोड करें — PDF या JPG फॉर्मेट में स्कैन कॉपी तैयार रखें।
- आवेदन सबमिट करें और मिली रसीद/संदर्भ संख्या संभालकर रखें।
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत ही राशन कार्ड बनता है — नाम जोड़ने और e-KYC की सुविधा भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध है।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- परिवार के किसी सदस्य का नाम पुराने (मायके या पिछले पते के) राशन कार्ड में कटवाए बिना नया आवेदन करना — इससे आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
- दस्तावेज़ों की धुंधली फोटो या स्कैन अपलोड करना — फील्ड वेरिफिकेशन में देरी हो सकती है।
- गैर-सरकारी थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर आधार/बैंक जानकारी शेयर करना — हमेशा राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत CSC का ही इस्तेमाल करें।
- आवेदन के बाद संदर्भ/आवेदन संख्या न संभालना — बिना इसके आवेदन की स्थिति ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
संबंधित सेवाएं और योजनाएं
राशन कार्ड से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:
- PHH राशन कार्ड 2026 (Priority Household)
- अंत्योदय अन्न योजना 2026 (AAY)
- एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC) 2026
- राशन कार्ड e-KYC कैसे करें 2026
- राशन ATM (अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम) 2026
- राजस्थान जन आधार योजना 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नया राशन कार्ड बनवाने में कितनी फीस लगती है?
ज़्यादातर राज्यों में यह मुफ्त या बहुत मामूली शुल्क (कुछ राज्यों में ₹15 जैसा नाममात्र शुल्क) में बनता है — सही राशि अपने राज्य के पोर्टल पर देखें।
राशन कार्ड बनने में कितना समय लगता है?
आवेदन के बाद फील्ड वेरिफिकेशन होता है, जिसके बाद आमतौर पर कुछ हफ्तों में कार्ड जारी हो जाता है — यह समय राज्य और वेरिफिकेशन की गति पर निर्भर करता है।
क्या मेरा नाम एक साथ दो राशन कार्ड में हो सकता है?
नहीं, यह नियमों के खिलाफ है। नया कार्ड बनवाने से पहले पुराने (मायके या पिछले पते के) कार्ड से नाम कटवाना ज़रूरी है।
मेरी श्रेणी (AAY/PHH/सामान्य) कैसे तय होती है?
आवेदन के बाद फील्ड वेरिफिकेशन में आय, परिवार की स्थिति और राज्य द्वारा तय मानदंडों के आधार पर अधिकारी श्रेणी तय करते हैं।
अगर ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत हो तो क्या करें?
नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या साइबर कैफ़े जाकर मदद ली जा सकती है, वे तय शुल्क लेकर आवेदन जमा कर देते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?
संबंधित राज्य के पोर्टल पर “Application Status” या “आवेदन की स्थिति” में आवेदन/संदर्भ संख्या डालकर चेक किया जा सकता है।
क्या राशन कार्ड सिर्फ राशन लेने के लिए ज़रूरी है?
नहीं, यह पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर भी इस्तेमाल होता है, और कई सरकारी योजनाओं व स्कूल एडमिशन में भी मांगा जाता है।
एक राज्य में बना राशन कार्ड दूसरे राज्य में चल सकता है क्या?
हां, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC) योजना के तहत बना कार्ड देश के किसी भी राज्य में मान्य है।
परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर क्या नया कार्ड बनवाना पड़ेगा?
नहीं, मौजूदा कार्ड में ही राज्य के पोर्टल से “Add Member” विकल्प से नया सदस्य जोड़ा जा सकता है — नया कार्ड बनवाने की ज़रूरत नहीं।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



