| 📌 अपडेट बॉक्स योजना: National Pest Surveillance System (NPSS) लॉन्च: 15 अगस्त 2024, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा — PIB PRID 2045280, 2114896 विभाग: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) कवरेज: 61 फसलों में कीट/रोग पहचान मॉड्यूल, 15 प्रमुख फसलों के लिए सर्विलांस व सलाह मॉड्यूल अब तक: 10,154+ पेस्ट मैनेजमेंट एडवाइज़री जारी (PIB PRID 2114896 — नवीनतम आधिकारिक आंकड़ा) |
शुरुआत — एक किसान की समस्या
हरियाणा के एक किसान की कपास की फसल में अचानक सफेद मक्खी का प्रकोप शुरू हुआ। पहले वो नज़दीकी दुकानदार के पास जाते और जो भी दवा वो बताता, वही छिड़क देते — कई बार गलत दवा से नुकसान और बढ़ जाता। अब NPSS ऐप पर कीट की फोटो खींचकर अपलोड करने पर कुछ ही देर में AI आधारित सही पहचान और सही दवा की सलाह मिल जाती है — बिना किसी दुकानदार की सिफारिश पर निर्भर हुए। यही है NPSS का मकसद: विज्ञान-आधारित, तुरंत और सही सलाह, सीधे किसान के फोन पर।
| सीधा जवाब: NPSS एक मुफ़्त सरकारी मोबाइल ऐप और पोर्टल है, जो AI/ML तकनीक से किसान की फसल में लगे कीट या रोग की फोटो से तुरंत पहचान करता है और सही उपचार की सलाह देता है — बिना किसी दुकानदार के पास गए। ऐप Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है, हिंदी सहित 4 भाषाओं में। |
एक नज़र में NPSS
| बिंदु | जानकारी |
| मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार |
| लॉन्च तिथि | 15 अगस्त 2024 |
| प्लेटफ़ॉर्म | मोबाइल ऐप (Android व iOS) + वेब पोर्टल |
| कीट पहचान कवरेज | 61 फसलें |
| सर्विलांस/सलाह कवरेज | 15 प्रमुख फसलें (कपास, धान, गेहूं, मक्का, अरहर, मूंग, सोयाबीन, गन्ना, बैंगन, टमाटर, सेब, केला, अंगूर, अनार सहित) |
| भाषाएं | अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी, पंजाबी |
| फीस | पूरी तरह मुफ़्त |
| किसके लिए | किसान, कृषि छात्र, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ |
| आधिकारिक पोर्टल | npss.dac.gov.in |
NPSS क्यों बनाया गया?
भारत में परंपरागत रूप से कीट नियंत्रण मैनुअल निगरानी और दुकानदार की सलाह पर निर्भर रहा है, जिससे अक्सर गलत या ज़रूरत से ज़्यादा कीटनाशक इस्तेमाल होता है — इससे मिट्टी और पानी को नुकसान होता है और लागत भी बढ़ती है। NPSS का मकसद है: कीटों की जल्द पहचान, वैज्ञानिक Integrated Pest Management (IPM) को बढ़ावा, दुकानदारों पर निर्भरता कम करना, और डेटा-आधारित सही फैसले लेने में किसान की मदद करना।
यह काम कैसे करता है
- किसान NPSS ऐप में कीट या रोग-ग्रस्त फसल की फोटो अपलोड करता है
- AI/ML मॉडल फोटो का विश्लेषण करके कीट/रोग की पहचान करता है
- तुरंत रीयल-टाइम सलाह — कौन सी दवा, कितनी मात्रा, कब छिड़कें — किसान के फोन पर आती है
- पोर्टल पर पूरे देश के कीट प्रकोप का डेटा जमा होता है, जिससे वैज्ञानिक और नीति-निर्माता ट्रेंड समझ पाते हैं
- ज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से सीधे संपर्क का विकल्प भी उपलब्ध है
ऐप कैसे इस्तेमाल करें — स्टेप–बाय–स्टेप
- स्टेप 1: Google Play Store या Apple App Store से “NPSS” ऐप डाउनलोड करें
- स्टेप 2: मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और भाषा चुनें (हिंदी उपलब्ध है)
- स्टेप 3: प्रभावित फसल/कीट की साफ़ फोटो खींचकर अपलोड करें
- स्टेप 4: AI द्वारा दी गई पहचान और सलाह पढ़ें
- स्टेप 5: सुझाई गई मात्रा और सावधानी के मुताबिक ही उपचार करें
Bharat VISTAAR और AgriStack से जुड़ाव
NPSS भारत सरकार के बड़े डिजिटल कृषि ईकोसिस्टम का हिस्सा है, जिसमें AgriStack (किसान डिजिटल पहचान) और Bharat VISTAAR (AI आधारित बहुभाषी सलाह प्लेटफ़ॉर्म) भी शामिल हैं। आने वाले समय में इन तीनों प्लेटफॉर्म का डेटा आपस में जुड़कर किसान को उसकी अपनी ज़मीन, फसल और क्षेत्र के हिसाब से एक ही जगह पूरी सलाह देने की दिशा में काम हो रहा है।
सावधानी
NPSS पूरी तरह मुफ़्त सरकारी सेवा है — किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप या व्यक्ति को पैसे न दें। सलाह के बाद भी गंभीर या फैलते प्रकोप में नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क करना बेहतर रहेगा।
संबंधित योजनाएं
- AgriStack — किसान डिजिटल पहचान (Farmer ID)
- Bharat VISTAAR — AI आधारित किसान सलाह प्लेटफॉर्म
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
- Farmer Registry — किसान पहचान पत्र
- PM Kisan Samman Nidhi
- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
NPSS ऐप डाउनलोड और इस्तेमाल करने की कोई फीस है?
नहीं, यह पूरी तरह मुफ़्त सरकारी सेवा है।
NPSS किन किसानों के लिए है?
देश के सभी किसानों के लिए, चाहे ज़मीन का आकार कुछ भी हो — साथ ही कृषि छात्र और वैज्ञानिक भी इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या NPSS सिर्फ 15 फसलों तक सीमित है?
कीट/रोग पहचान 61 फसलों में होती है, जबकि पूर्ण सर्विलांस और सलाह मॉड्यूल फिलहाल 15 प्रमुख फसलों के लिए है — बाकी फसलें धीरे-धीरे जोड़ी जा रही हैं।
फोटो अपलोड करने के बाद कितनी देर में जवाब मिलता है?
सिस्टम रीयल-टाइम एनालिसिस पर आधारित है, जवाब आमतौर पर कुछ ही मिनटों में मिल जाता है।
NPSS किन भाषाओं में उपलब्ध है?
अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी और पंजाबी — आगे और भाषाएं जुड़ने की उम्मीद है।
क्या NPSS ऐप iPhone पर भी चलता है?
हां, यह Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
अगर AI की सलाह से फायदा न हो तो क्या करें?
नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि विशेषज्ञ से सीधे संपर्क करें — गंभीर मामलों में यह ज़्यादा भरोसेमंद रहेगा।
क्या NPSS का इस्तेमाल AgriStack Farmer ID के बिना हो सकता है?
हां, NPSS इस्तेमाल करने के लिए Farmer ID अनिवार्य नहीं है — यह एक स्वतंत्र सेवा है।
NPSS पर डेटा कितना भरोसेमंद है?
यह देशभर से जमा हो रहे रीयल-टाइम डेटा और वैज्ञानिक मॉडल पर आधारित है, और सरकार द्वारा लगातार अपडेट किया जाता है।
क्या यह सिर्फ मोबाइल ऐप है या वेबसाइट भी है?
दोनों उपलब्ध हैं — मोबाइल ऐप के साथ-साथ एक वेब पोर्टल भी है जहां से निगरानी और सलाह दोनों ली जा सकती है।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



