PMBJP 2026: जन औषधि केंद्र से 50-80% सस्ती दवाएं — पूरी जानकारी और केंद्र खोलने का तरीका

📌 अपडेट बॉक्स योजना: प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) कुल केंद्र: 20,149 जन औषधि केंद्र (30 जून 2026 तक) — 2014 में सिर्फ 80 थे — PIB PRID 2290613, 2290720 उत्पाद: 2,110 दवाएं + 315 सर्जिकल/मेडिकल आइटम, ब्रांडेड से 50-80% सस्ती बिक्री: FY 2025-26 में ₹2,252.19 करोड़, FY 2026-27 में 30 जून तक ₹474.40 करोड़ कुल बचत: पिछले 12 वर्ष में नागरिकों की लगभग ₹45,000 करोड़ की बचत

शुरुआत सुनीता जी का अनुभव

सुनीता जी को शुगर और बीपी की दवा हर महीने खरीदनी पड़ती थी — मेडिकल स्टोर से ब्रांडेड दवाओं पर लगभग ₹1,200 महीना खर्च होता था। पड़ोस में नया जन औषधि केंद्र खुला तो पता चला कि वही साल्ट वाली जेनेरिक दवा वहां ₹300-400 में मिल जाती है — क्वालिटी वही, कीमत लगभग एक-तिहाई। अब वो हर महीने ₹800 से ज़्यादा बचा लेती हैं। यही है PMBJP का असली मकसद — जेनेरिक दवाओं पर भरोसा बढ़ाना और आम आदमी की जेब पर बोझ कम करना।

सीधा जवाब: PMBJP (जन औषधि केंद्र योजना) के तहत देशभर के 20,149 केंद्रों पर 2,110 जेनेरिक दवाएं और 315 सर्जिकल/मेडिकल आइटम ब्रांडेड दवाओं से 50-80% सस्ती दरों पर मिलते हैं। कोई भी D.Pharma/B.Pharma डिग्री धारक, रजिस्टर्ड डॉक्टर, NGO या ट्रस्ट janaushadhi.gov.in पर आवेदन करके अपना केंद्र भी खोल सकता है।

एक नज़र में PMBJP

बिंदुजानकारी
मंत्रालयरसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, औषध विभाग
कार्यान्वयन एजेंसीफार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI)
कुल केंद्र20,149 (30 जून 2026 तक)
उत्पाद सूची2,110 दवाएं + 315 सर्जिकल/मेडिकल आइटम
कीमत में बचतब्रांडेड दवाओं से 50-80% सस्ती
रोज़ाना फुटफॉललगभग 15 लाख लोग
पोर्टलjanaushadhi.gov.in
केंद्र खोलने की पात्रताD.Pharma/B.Pharma डिग्रीधारक, रजिस्टर्ड डॉक्टर, NGO/ट्रस्ट/अस्पताल, सरकारी संस्था

PMBJP क्या है और क्यों शुरू हुई

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का मकसद है — हर नागरिक को अच्छी गुणवत्ता वाली दवाएं किफायती कीमत पर मिलें, जेनेरिक दवाओं को लेकर लोगों में भरोसा बने (कि सस्ती दवा का मतलब कमज़ोर दवा नहीं), महिलाओं के लिए मासिक धर्म से जुड़े उत्पाद आसानी से उपलब्ध हों, और साथ ही व्यक्तिगत उद्यमियों को केंद्र खोलने का मौका देकर रोज़गार भी बने। 2014 में सिर्फ 80 केंद्र थे, जो अब बढ़कर 20,149 हो चुके हैं।

कितनी बचत होती है आंकड़ों में

  • दवाएं ब्रांडेड कीमत से 50% से 80% तक सस्ती
  • पिछले 12 वर्ष में नागरिकों की कुल बचत: लगभग ₹45,000 करोड़
  • FY 2025-26 में कुल बिक्री: ₹2,252.19 करोड़ (MRP)
  • FY 2026-27 में सिर्फ 3 महीने (अप्रैल-जून) में ही ₹474.40 करोड़ की बिक्री
  • 2014 में सालाना बिक्री सिर्फ ₹7.29 करोड़ थी — यानी बिक्री में सैकड़ों गुना बढ़ोतरी

कौनकौन सी दवाएं और उत्पाद मिलते हैं

जन औषधि केंद्रों पर 2,110 दवाएं और 315 सर्जिकल/मेडिकल उपकरण उपलब्ध हैं, जिनमें हृदय रोग (cardiovascular), कैंसर-रोधी, डायबिटीज़-रोधी, इन्फेक्शन-रोधी, एलर्जी-रोधी, पेट से जुड़ी बीमारियों की दवाएं और न्यूट्रास्युटिकल्स शामिल हैं — यानी लगभग हर बड़ी बीमारी की जेनेरिक दवा यहां मिल जाती है।

नज़दीकी जन औषधि केंद्र कैसे खोजें

janaushadhi.gov.in पोर्टल या Jan Aushadhi Sugam मोबाइल ऐप पर अपने शहर/पिन कोड से नज़दीकी केंद्र खोजा जा सकता है, और वहां दवाओं की उपलब्धता भी चेक की जा सकती है।

जन औषधि केंद्र कैसे खोलें पात्रता और प्रक्रिया

  • पात्रता: D.Pharma/B.Pharma डिग्रीधारक व्यक्ति, या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर/डॉक्टर, या कोई NGO/ट्रस्ट/सोसायटी/अस्पताल, या राज्य/केंद्र सरकार की एजेंसी
  • दुकान की जगह: न्यूनतम लगभग 120 वर्ग फीट की दुकान (खुद की या किराए/लीज़ पर)
  • ज़रूरी दस्तावेज़: पहचान प्रमाण, योग्यता प्रमाण-पत्र, दुकान का स्वामित्व/किराया प्रमाण, GST रजिस्ट्रेशन
  • आवेदन: janaushadhi.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें
  • सरकारी सहायता: दवाओं की मासिक खरीद पर एक तय दर से इंसेंटिव, साथ ही शुरुआती फर्नीचर/कंप्यूटर/इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आर्थिक सहायता — महिला, SC/ST, दिव्यांग, पूर्वोत्तर राज्य और आकांक्षी ज़िलों के आवेदकों के लिए अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है

ज़रूरी: ऊपर दिए इंसेंटिव और सब्सिडी के प्रतिशत/सीमा समय-समय पर बदलते रहते हैं — पब्लिश करने से पहले janaushadhi.gov.in पर मौजूदा स्लैब एक बार ज़रूर वेरीफाई कर लें, ताकि गलत आंकड़ा न जाए।

जागरूकता अभियान और जन औषधि सप्ताह

PMBI, केंद्रीय संचार ब्यूरो, PIB, MyGov और MY Bharat के साथ मिलकर प्रिंट, TV, रेडियो, सोशल मीडिया और आउटडोर माध्यमों से लगातार जागरूकता अभियान चलाती है। हर साल मार्च के पहले हफ़्ते में “जन औषधि सप्ताह” मनाया जाता है, जिसमें रैली, स्वास्थ्य शिविर और फार्मेसी कॉलेजों में सेमिनार होते हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थानीय भाषा में जागरूकता के लिए स्वास्थ्य शिविर और नुक्कड़-नाटक जैसे कार्यक्रम भी होते हैं।

निगरानी व्यवस्था

PMBI केंद्रीकृत IT-आधारित सिस्टम, बिक्री-स्टॉक की नियमित समीक्षा और फील्ड इंस्पेक्शन के ज़रिए केंद्रों की निगरानी करता है। ज़िला प्रशासन के तहत कोई अलग ज़िला-स्तरीय निगरानी एजेंसी नहीं है — यह सीधे केंद्रीय एजेंसी PMBI के ज़िम्मे है।

जन औषधि न्यूट्रास्यूटिकल्स — अब सप्लीमेंट्स भी सस्ते

जन औषधि केंद्र अब सिर्फ दवाएं नहीं, बल्कि पोषण से जुड़े सप्लीमेंट्स भी किफायती दाम पर देते हैं:

उत्पादकीमत
जन औषधि प्रोटीन बार / इम्युनिटी बार (35 ग्राम, चॉकलेट फ्लेवर)किफायती दर पर
मट्ठा प्रोटीन पाउडर (वनीला, केसर पिस्ता फ्लेवर)किफायती दर पर
महिला प्रोटीन बूस्ट (250 ग्राम, चॉकलेट/वनीला)₹204.66
डायबिटीज केयर प्रोटीन पाउडरकिफायती दर पर
रीनल केयर प्रोटीन पाउडर (लो/हाई प्रोटीन)किफायती दर पर
पोषण माल्ट आधारित (500 ग्राम, रेगुलर)₹160.17
पोषण माल्ट आधारित + कोको (500 ग्राम)₹164.62
पोषण कोको सैशे (30 ग्राम)₹8.90

ये उत्पाद बच्चों, कामकाजी लोगों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और डायबिटीज़/किडनी जैसी खास ज़रूरतों वाले लोगों के लिए बनाए गए हैं। ध्यान रहे — विशेष पोषण उत्पाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेने चाहिए।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जन औषधि केंद्र की दवाएं कितनी सस्ती होती हैं?

ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% तक सस्ती।

क्या जन औषधि दवाओं की क्वालिटी कमज़ोर होती है?

नहीं, ये WHO-GMP प्रमाणित मानकों पर बनती हैं — सिर्फ ब्रांड नाम और मार्केटिंग खर्च नहीं होने से कीमत कम रहती है।

नज़दीकी जन औषधि केंद्र कैसे पता करें?

janaushadhi.gov.in पोर्टल या Jan Aushadhi Sugam ऐप पर पिन कोड डालकर पता किया जा सकता है।

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए क्या डिग्री चाहिए?

D.Pharma या B.Pharma डिग्री, या रजिस्टर्ड डॉक्टर होना ज़रूरी है — NGO/ट्रस्ट/सरकारी संस्था भी आवेदन कर सकती हैं।

केंद्र खोलने में कितना खर्च आता है?

मुख्य खर्च दुकान और शुरुआती इन्वेंट्री का है; सरकार फर्नीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आंशिक आर्थिक सहायता भी देती है — सटीक राशि के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।

क्या हर दवा जन औषधि केंद्र पर मिल जाएगी?

2,110 दवाओं और 315 उत्पादों की सूची में ज़्यादातर आम बीमारियों की दवाएं शामिल हैं, लेकिन हर ब्रांड-विशेष दवा का जेनेरिक विकल्प उपलब्ध न भी हो।

महिला उद्यमियों के लिए कोई खास सुविधा है?

हां, महिला, SC/ST, दिव्यांग, पूर्वोत्तर राज्य और आकांक्षी ज़िलों के आवेदकों के लिए अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है।

जन औषधि सप्ताह क्या है?

हर साल मार्च के पहले हफ़्ते में मनाया जाने वाला जागरूकता अभियान, जिसमें रैली, स्वास्थ्य शिविर और सेमिनार होते हैं।

क्या केंद्र संचालक को कमीशन मिलता है?

हां, दवाओं की बिक्री पर एक तय दर से मासिक इंसेंटिव मिलता है — सटीक दर के लिए आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा नीति देखें।

योजना किस मंत्रालय के तहत आती है?

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के तहत, PMBI एजेंसी इसे लागू करती है।

क्या ग्रामीण इलाकों में भी केंद्र खुल रहे हैं?

हां, ग्रामीण और दूर-दराज़ इलाकों में केंद्र खोलने को प्राथमिकता और अतिरिक्त सहायता दी जाती है।

क्या जन औषधि केंद्र पर सिर्फ दवाएं मिलती हैं?

नहीं, अब प्रोटीन पाउडर, न्यूट्रिशन बार और सेहत से जुड़े सप्लीमेंट्स भी मिलते हैं।

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