| 📌 अपडेट बॉक्स कैबिनेट मंज़ूरी: 6 अगस्त 2026 — GOBARdhan (National Circular Bioenergy Scheme), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय कुल परिव्यय: ₹23,731 करोड़ (FY 2026-27 से FY 2035-36) पूंजी सहायता: नए CBG प्लांट पर ₹2 करोड़ प्रति TPD (Ton Per Day) तक अब तक: 1,908 CBG/Bio-CNG प्लांट रजिस्टर, 217 चालू, 339 निर्माणाधीन (6 अगस्त 2026 तक) |
शुरुआत — गोबर और कचरे से कमाई का मौका
गांव-गांव में हर दिन बहुत सारा गोबर, फसल का बचा हुआ अवशेष और जैविक कचरा यूं ही बर्बाद हो जाता है। अब सरकार इसी “कचरे” को “धन” (GOBARdhan) में बदलने के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय योजना लाई है — 6 अगस्त 2026 को कैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की GOBARdhan योजना मंज़ूर की, जिसका मकसद है Compressed Biogas (CBG) उत्पादन को 10 गुना बढ़ाना। इससे किसानों को अपने गोबर/कृषि अवशेष बेचकर अतिरिक्त आय मिलेगी, और गांव-कस्बों में CBG प्लांट लगाने वाले उद्यमियों, सहकारी समितियों और महिला उद्यमियों को भारी पूंजी सहायता व आसान लोन मिलेगा।
| सीधा जवाब: GOBARdhan एक राष्ट्रीय योजना है जो गोबर, कृषि अवशेष और जैविक कचरे से बनने वाली Compressed Biogas (CBG) को बढ़ावा देती है। किसान गोबर/अवशेष बेचकर सीधी कमाई कर सकते हैं। जो व्यक्ति/सहकारी समिति/MSME/उद्यमी खुद CBG प्लांट लगाना चाहते हैं, उन्हें ₹2 करोड़ प्रति टन-प्रतिदिन क्षमता तक पूंजी सहायता, 10 साल तक तय ₹2,110/MMBTU की कीमत, और MSME/महिला उद्यमियों के लिए 85% तक लोन गारंटी मिलती है। रजिस्ट्रेशन gobardhan.eil.co.in पोर्टल पर होता है। |
एक नज़र में GOBARdhan
| बिंदु | जानकारी |
| नोडल मंत्रालय | पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) |
| कैबिनेट मंज़ूरी | 6 अगस्त 2026 |
| कुल परिव्यय | ₹23,731 करोड़ (2026-27 से 2035-36) |
| पूंजी सहायता | ₹2 करोड़/TPD तक (नए और विस्तार दोनों प्रोजेक्ट के लिए) |
| तय CBG कीमत | ₹2,110/MMBTU (~₹105/किलो), 10 साल तक स्थिर |
| MSME लोन गारंटी | 85% तक credit guarantee coverage |
| रजिस्ट्रेशन पोर्टल | gobardhan.eil.co.in |
| अब तक रजिस्टर्ड प्लांट | 1,908 (217 चालू, 339 निर्माणाधीन) |
| 10 साल का अनुमानित लाभ | 1.5 लाख+ रोज़गार, ₹75,000cr+ GDP योगदान, ₹40,000cr+ forex बचत |
GOBARdhan क्या है और क्यों बनाया गया
भारत अपनी प्राकृतिक गैस ज़रूरत का लगभग 50% आयात करता है, और उसमें से 55-60% Hormuz जलडमरूमध्य से होकर आता है — एक भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील रास्ता। GOBARdhan इसी आयात-निर्भरता घटाने और गांव-गांव में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का ज़रिया बनाने के लिए बनाई गई है। पहले ये स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 2018 में एक छोटे घटक के रूप में शुरू हुई थी; अब इसे पूरी तरह नया रूप देकर, 4 अलग-अलग मंत्रालयों में बंटे CBG इकोसिस्टम को एक ही मंत्रालय (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस) के तहत लाकर, राष्ट्रीय स्तर पर scale किया जा रहा है।
6 Growth Engines — योजना के 6 घटक
- 1. Assured CBG Offtake — City Gas कंपनियों के लिए CNG/PNG में CBG मिलाना अनिवार्य: FY26-27 में 3%, FY27-28 में 4%, FY28-29 से 5%
- 2. स्थिर मूल्य ढांचा — ₹2,110/MMBTU (~₹105/किलो) की तय कीमत, 10 साल तक गारंटीड
- 3. पूंजी सहायता — नए/विस्तार वाले प्लांट को ₹2 करोड़/TPD तक, feedstock aggregation और खाद प्रोसेसिंग assets भी शामिल
- 4. पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर — CBG प्लांट को मुख्य गैस नेटवर्क से जोड़ने के लिए सहायता
- 5. क्रेडिट गारंटी सपोर्ट — MSME-आधारित प्रोजेक्ट को 85% तक लोन गारंटी, महिला उद्यमियों और नए उद्यमियों को प्राथमिकता
- 6. CBG Ecosystem Challenge Fund — ज़िला-स्तर पर feedstock मैपिंग, तकनीकी सहायता, जागरूकता कार्यक्रम
किसान को क्या फायदा मिलता है
- गोबर, फसल अवशेष, बाज़ार का जैविक कचरा बेचकर सीधी अतिरिक्त आय
- Fermented Organic Manure (FOM) और तरल जैविक खाद के उत्पादन/उपयोग से खेती की लागत में कमी
- Kisan Sangoshthi और जागरूकता शिविरों के ज़रिए जानकारी और प्रशिक्षण (अब तक 15,690+ शिविर आयोजित)
- फर्टिलाइज़र मार्केटिंग कंपनियों के साथ सीधा जुड़ाव — अब तक 44 MoU साइन हो चुके हैं
उद्यमी/सहकारी समिति को क्या फायदा मिलता है
- नया CBG प्लांट लगाने पर ₹2 करोड़ प्रति टन-प्रतिदिन क्षमता तक पूंजी सहायता
- 10 साल तक तय, भरोसेमंद कीमत — निवेश की सुरक्षा
- MSME/महिला उद्यमी/नए उद्यमियों को 85% तक लोन गारंटी, कम collateral
- पाइपलाइन और मार्केट एक्सेस में सरकारी सहायता
- ज़िला-स्तर पर feedstock उपलब्धता मैपिंग में मदद (Challenge Fund से)
CBG प्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें
- स्टेप 1: gobardhan.eil.co.in पोर्टल पर जाएं
- स्टेप 2: GOBARdhan Unified Registration Portal पर अपने प्रोजेक्ट की जानकारी के साथ रजिस्टर करें
- स्टेप 3: रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने पर ही MoPNG से सहायता/सुविधाएं मिलनी शुरू होती हैं
- स्टेप 4: पूंजी सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, क्रेडिट गारंटी जैसी योजनाओं के लिए संबंधित आवेदन प्रक्रिया अपनाएं
10 साल में अपेक्षित असर
- CBG उत्पादन में 10 गुना वृद्धि
- ₹40,000 करोड़+ की विदेशी मुद्रा (forex) बचत
- 10 मिलियन टन जीवाश्म ईंधन की जगह स्वदेशी स्वच्छ गैस
- राष्ट्रीय GDP में ₹75,000 करोड़+ का योगदान
- पूरी value chain में 1.5 लाख+ नई नौकरियां
- 40 मिलियन टन+ CO₂ उत्सर्जन में कमी
- 250 मिलियन टन जैविक खाद का उत्पादन
संबंधित योजनाएं
- PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
- PM सूर्य सरोवर योजना
- राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD)
- PMEGP योजना — नया उद्यम लोन
- स्टैंड अप इंडिया योजना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
GOBARdhan क्या है?
गोबर, कृषि अवशेष और जैविक कचरे से Compressed Biogas (CBG) बनाने को बढ़ावा देने वाली ₹23,731 करोड़ की राष्ट्रीय योजना।
योजना कब मंज़ूर हुई?
6 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा।
किसान को क्या फायदा है?
गोबर और फसल अवशेष बेचकर अतिरिक्त आय, साथ ही जैविक खाद का लाभ।
CBG प्लांट लगाने पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
₹2 करोड़ प्रति टन-प्रतिदिन (TPD) क्षमता तक पूंजी सहायता।
CBG की कीमत कितनी तय की गई है?
₹2,110 प्रति MMBTU (लगभग ₹105/किलो), 10 साल तक स्थिर।
लोन गारंटी कितनी मिलती है?
MSME-आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए 85% तक credit guarantee coverage।
रजिस्ट्रेशन कहां करें?
gobardhan.eil.co.in — GOBARdhan Unified Registration Portal पर।
अब तक कितने प्लांट रजिस्टर हो चुके हैं?
1,908 प्लांट रजिस्टर, जिनमें से 217 चालू और 339 निर्माणाधीन हैं (6 अगस्त 2026 तक)।
क्या महिला उद्यमियों के लिए कोई खास सुविधा है?
हां, क्रेडिट गारंटी मैकेनिज्म में महिला उद्यमियों और नए उद्यमियों को प्राथमिकता दी गई है।
योजना किस मंत्रालय के अंतर्गत है?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के अंतर्गत।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



