| 📌 अपडेट बॉक्स शुभारंभ: 2 अक्टूबर 2024, हजारीबाग (झारखंड) से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुल परिव्यय: ₹79,156 करोड़ (केंद्र ₹56,333 करोड़ + राज्य ₹22,823 करोड़) कवरेज: 63,000+ आदिवासी बहुल गांव, 30 राज्य/UT, 549 ज़िले, 2,740 ब्लॉक — 5 करोड़+ जनजातीय आबादी ताज़ा (3 अगस्त 2026): छत्तीसगढ़ में 160 गांव चयनित, हर ग्राम सभा को वन संसाधन प्रबंधन के लिए ₹15 लाख स्वीकृत |
शुरुआत — एक बड़े मिशन की कहानी
गांधी जयंती के मौके पर, 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड के हजारीबाग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अब तक के सबसे बड़े आदिवासी विकास अभियानों में से एक की शुरुआत की — धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA)। मकसद साफ़ था — सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं से अब तक वंचित रहे 63,000 से ज़्यादा आदिवासी बहुल गांवों को एक साथ, समग्र तरीके से विकसित करना — अलग-अलग बिखरी योजनाओं की बजाय, 17 मंत्रालयों को एक मिशन के तहत जोड़कर।
| सीधा जवाब: DAJGUA (मूल नाम: PM-JUGA) भारत सरकार का ₹79,156 करोड़ का बड़ा मिशन है, जो 63,000+ आदिवासी बहुल गांवों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं को एक साथ लागू करके सड़क, बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका की कमी दूर करता है। यह किसी व्यक्ति को सीधे आवेदन करने वाली योजना नहीं है — पहले से चयनित गांवों में सरकार खुद मौजूदा योजनाओं (PMAY, जल जीवन मिशन, सड़क योजना आदि) को प्राथमिकता के साथ लागू करती है। |
एक नज़र में DAJGUA
| बिंदु | जानकारी |
| मूल नाम | PM जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA) |
| शुभारंभ | 2 अक्टूबर 2024, हजारीबाग, झारखंड |
| कुल परिव्यय | ₹79,156 करोड़ (केंद्र ₹56,333cr + राज्य ₹22,823cr) |
| कवर गांव | 63,843 आदिवासी बहुल गांव |
| कवर क्षेत्र | 30 राज्य/UT, 549 ज़िले, 2,911 ब्लॉक |
| लाभार्थी आबादी | 5 करोड़+ जनजातीय जनसंख्या |
| मंत्रालय शामिल | 17 मंत्रालय, 25 हस्तक्षेप/योजनाएं |
| वित्तपोषण तंत्र | DAPST — अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना |
| निगरानी | PM गति शक्ति पोर्टल के ज़रिए |
DAJGUA क्यों बनाया गया
अब तक आदिवासी विकास के लिए अलग-अलग मंत्रालय अपनी-अपनी योजनाएं अलग-अलग चलाते थे, जिससे कई बार एक ही गांव में कुछ सुविधाएं दोहरी बनती थीं और कुछ पूरी तरह छूट जाती थीं। DAJGUA इसका समाधान है — एक “परिपूर्णता कवरेज” (saturation approach) दृष्टिकोण अपनाकर, यानी चुने गए हर गांव में जो भी सुविधा या योजना बाकी है, उसे प्राथमिकता से पूरा करना, बजाय बिखरे प्रयासों के।
अगले 5 साल के प्रमुख लक्ष्य
| मंत्रालय | योजना | लक्ष्य |
|---|---|---|
| ग्रामीण विकास | PMAY-G आवास | 20 लाख घर |
| ग्रामीण विकास | PMGSY सड़कें | 25,000 किमी |
| स्वास्थ्य | Mobile Medical Units | 1,000 MMU |
| दूरसंचार | USOF कनेक्टिविटी | 5,252 गांव |
| जल शक्ति | जल जीवन मिशन | सभी गांव saturate |
| नवीन ऊर्जा | PM सूर्य घर | 2,000 संस्थानों में रूफटॉप सोलर |
| महिला-बाल विकास | आंगनवाड़ी (POSHAN 2.0) | 2,000 नई आंगनवाड़ी |
| शिक्षा | समग्र शिक्षा अभियान | 1,000 छात्रावास |
| कौशल विकास | Jan Shikshan Sansthan | 30 स्किलिंग सेंटर |
| कृषि | PM-RKVY (FRA पट्टाधारक) | ~2 लाख किसान |
| बिजली | RDSS | ~2.35 लाख अविद्युतीकृत घर |
| पेट्रोलियम | उज्ज्वला योजना | 25 लाख LPG कनेक्शन |
| मत्स्य पालन | PMMSY | 10,000 IFR + 1,000 CFR |
| पर्यटन | स्वदेश दर्शन होमस्टे | 1,000 होमस्टे |
| पशुपालन-डेयरी | राष्ट्रीय पशुधन मिशन | 8,500 IFR धारकों को सहयोग |
राज्यों में कैसे लागू हो रहा है — छत्तीसगढ़ का ताज़ा उदाहरण
3 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ सरकार ने DAJGUA के तहत वन अधिकार अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के 160 गांवों का चयन तय मापदंडों के आधार पर करने का निर्णय लिया। इन गांवों में सामुदायिक वन संसाधन (CFR) के संरक्षण और प्रबंधन के लिए एक योजना (CFRMP) बनाई जाएगी, और हर ग्राम सभा को इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए ₹15 लाख की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है — यह दिखाता है कि अभियान अब ज़मीनी स्तर पर सक्रिय रूप से लागू होना शुरू हो गया है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और पांढुर्ना ज़िलों के 11 ब्लॉक के 591 गांव DAJGUA सूची में शामिल किए गए हैं।
DAJGUA का PM-JANMAN और PMAAGY से क्या संबंध है
- PM-JANMAN — सिर्फ सबसे कमज़ोर 75 विशेष जनजातियों (PVTG) के लिए एक अलग, पहले से चल रहा अभियान है
- PMAAGY (आदि आदर्श ग्राम योजना) — पुरानी SCA-to-TSS फंडिंग व्यवस्था का नया रूप, 36,428 गांवों तक सीमित
- DAJGUA — सबसे बड़ा और नया अभियान (63,000+ गांव), जो मौजूदा योजनाओं समेत व्यापक दायरे में सभी आदिवासी बहुल गांवों को कवर करने की कोशिश करता है
तीनों में कुछ ओवरलैप हो सकता है क्योंकि DAJGUA मौजूदा योजनाओं को ही एक साथ, तेज़ी से लागू करने का मिशन है — अपने गांव के लिए सटीक स्थिति जानने के लिए स्थानीय जनजातीय कल्याण विभाग से संपर्क करें।
किसे फायदा मिलता है और कैसे
DAJGUA में कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है — यह चयनित गांवों में सरकार द्वारा खुद पहल करके मौजूदा योजनाओं (PMAY, जल जीवन मिशन, सड़क योजनाएं, स्वास्थ्य केंद्र आदि) को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का मिशन है। अगर आपका गांव आदिवासी बहुल है, तो संभावना है कि वो पहले से चयनित 63,000 गांवों में शामिल हो — अपने गांव की स्थिति ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या ज़िला जनजातीय कल्याण विभाग से जानी जा सकती है।
संबंधित योजनाएं
- पीएम जनमन योजना — PVTG समुदायों के लिए
- प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना (PMAAGY)
- PESA नियमावली — पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G)
- जल जीवन मिशन — हर घर जल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
DAJGUA क्या है?
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान — 63,000+ आदिवासी बहुल गांवों के समग्र विकास के लिए ₹79,156 करोड़ का राष्ट्रीय मिशन, 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं को एक साथ लागू करके।
DAJGUA कब शुरू हुआ?
2 अक्टूबर 2024 को हजारीबाग, झारखंड से।
कुल कितने गांव कवर होंगे?
63,000 से ज़्यादा आदिवासी बहुल गांव, 30 राज्यों/UT में।
क्या व्यक्तिगत रूप से आवेदन किया जा सकता है?
नहीं, यह गांव-स्तर की समग्र विकास योजना है — कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है।
DAJGUA का मूल नाम क्या था?
PM जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA)।
अगले 5 साल का सबसे बड़ा लक्ष्य क्या है?
20 लाख पक्के घर, 25,000 किमी सड़कें और छोटी बस्तियों तक पाइप जल पहुंचाना।
DAJGUA और PM-JANMAN में क्या फर्क है?
PM-JANMAN सिर्फ सबसे कमज़ोर 75 PVTG समुदायों के लिए है; DAJGUA सभी आदिवासी बहुल गांवों (63,000+) के लिए है — दायरा बहुत बड़ा है।
क्या मेरे गांव को फायदा मिल रहा है, कैसे पता करें?
ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या ज़िला जनजातीय कल्याण विभाग से संपर्क करें।
फंडिंग कैसे होती है?
DAPST (अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना) के तहत 17 मंत्रालयों को धन आवंटित होता है।
निगरानी कैसे होती है?
PM गति शक्ति पोर्टल के ज़रिए प्रगति ट्रैक की जाती है।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



