📌 अपडेट (मई 2026): Cabinet ने 22 मार्च 2026 को JJM 2.0 को मंजूरी दी। नई deadline दिसंबर 2028। कुल outlay ₹8.69 लाख करोड़। 1 अप्रैल 2026 को UP, Chhattisgarh, MP, Odisha और Maharashtra को ₹1,561 करोड़ की पहली किस्त जारी।
Table of Contents
एक नज़र में — Quick Info Table
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मिशन का नाम | जल जीवन मिशन (JJM) — हर घर जल |
| लॉन्च तिथि | 15 अगस्त 2019 |
| JJM 2.0 Cabinet Approval | 22 मार्च 2026 |
| नई Deadline | दिसंबर 2028 |
| कुल बजट (JJM 2.0 सहित) | ₹8.69 लाख करोड़ |
| केंद्रीय सहायता | ₹3.59 लाख करोड़ |
| Budget 2026-27 Allocation | ₹67,670 करोड़ |
| Progress (मार्च 2026) | 15.82 करोड़ घर (81.61%) |
| 100% Coverage वाले राज्य | 11 राज्य/UT |
| नोडल मंत्रालय | जल शक्ति मंत्रालय |
| आधिकारिक पोर्टल | jaljeevanmission.gov.in |
जल जीवन मिशन क्या है?
जल जीवन मिशन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को किया था। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण घर में नल से जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
जल जीवन मिशन की शुरुआत के समय केवल 3.23 करोड़ (17%) ग्रामीण परिवारों के पास नल से जल का कनेक्शन था। आज यह संख्या 15.82 करोड़ (81.61%) हो चुकी है — यही इस मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की माताओं और बहनों को पानी लाने की सदियों पुरानी दुर्दशा से मुक्त करना है।
UPSC Perspective: JJM SDG-6 (Clean Water and Sanitation) से जुड़ा है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा rural infrastructure programme है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित यह मिशन Panchayati Raj Institutions (PRIs) को drinking water management में सशक्त बनाने का भी काम करता है।
जल जीवन मिशन(JJM 2.0) — नया Phase (मार्च 2026)
Jal Jeevan Mission 2.0 भारत सरकार द्वारा 22 मार्च 2026 को approved किया गया। यह मूल JJM का restructured और extended phase है।
JJM 2.0 की प्रमुख विशेषताएं:
JJM 2.0 का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक देश के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों को tap water connection देकर सभी Gram Panchayats को ‘Har Ghar Jal’ certified करना है।
JJM 2.0 के तहत एक uniform national digital framework ‘Sujalam Bharat’ शुरू किया जाएगा, जिसमें हर गांव को एक unique Sujal Gaon / Service Area ID मिलेगी — source से tap तक पूरे drinking water supply system की digital mapping होगी।
एक Gram Panchayat खुद को “Har Ghar Jal” तभी घोषित कर सकेगी जब यह सुनिश्चित हो जाए कि पर्याप्त Operation & Maintenance mechanism स्थापित हो चुका है।
बजट और Funding — JJM 2.0
Cabinet के निर्णय के साथ मिशन का कुल outlay ₹8.69 लाख करोड़ हो गया है, जिसमें कुल केंद्रीय सहायता ₹3.59 लाख करोड़ है — 2019 में approved ₹2.08 लाख करोड़ से काफी अधिक।
Union Budget 2026-27 में मिशन के लिए ₹67,670 करोड़ का allocation किया गया है।
Funding Pattern:
| श्रेणी | केंद्र : राज्य अनुपात |
|---|---|
| सामान्य राज्य | 50:50 |
| पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्य | 90:10 |
| UT (बिना Legislature) | 100% केंद्र |
Progress 2026 — कितना काम हुआ?
जनवरी 2026 तक देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 15.79 करोड़ (81.56%) परिवारों के घरों में नल का जल उपलब्ध है।
| वर्ष | Coverage |
|---|---|
| अगस्त 2019 (Launch) | 3.23 करोड़ (17%) |
| जनवरी 2024 | 14.21 करोड़ (73.76%) |
| अक्टूबर 2025 | 15.72 करोड़ (81%) |
| मार्च 2026 | 15.82 करोड़ (81.61%) |
| लक्ष्य (दिसंबर 2028) | 19.36 करोड़ (100%) |
100% Coverage — कौन से राज्य आगे?
11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 100% coverage हासिल करके ‘Har Ghar Jal’ का दर्जा पाया है: Arunachal Pradesh, Goa, Gujarat, Haryana, Himachal Pradesh, Mizoram, Punjab, Telangana, Andaman & Nicobar Islands, Dadra & Nagar Haveli और Puducherry।
JJM 2.0 में नए सुधार
1. Citizen-Centric Utility Model JJM 2.0 infrastructure-centric approach से citizen-centric utility-based service delivery approach की ओर shift करेगा — Viksit Bharat @2047 के vision के अनुरूप 24×7 rural drinking water supply का लक्ष्य।
2. Sujalam Bharat Digital Framework हर गांव का unique ID — source से tap तक real-time monitoring।
3. Reform-Based MoUs JJM 2.0 के सुधार-आधारित MoUs के माध्यम से राज्य sustainable, transparent और community-led ग्रामीण पेयजल सेवा delivery के लिए प्रतिबद्ध हो रहे हैं।
4. Jal Utsav Community ownership के लिए ‘Jal Utsav’ को एक annual community-led maintenance और review event के रूप में promote किया जाएगा — स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के साथ।
5. Water Quality Monitoring हर गांव में Water Quality Testing। VWSC (Village Water & Sanitation Committee) की भूमिका बढ़ाई जाएगी।
जल जीवन मिशन के प्रमुख लाभ
महिलाओं को सबसे बड़ी राहत: घर पर पानी उपलब्ध होने से महिलाएं अब स्थानीय कारखाने में या खेतों में मजदूरी करके कमा सकती हैं। बच्चों पर ध्यान देने के लिए उनके पास अधिक समय है और SHG बैठकों में वे अधिक नियमित रूप से शामिल होती हैं।
स्वास्थ्य सुधार: स्वच्छ पानी = Diarrhea, Cholera, Typhoid जैसी बीमारियों में कमी। बच्चों की stunting दर में गिरावट।
समय की बचत: पहले ग्रामीण महिलाएं पानी लाने में 4-6 घंटे/दिन खर्च करती थीं — अब यह समय बच रहा है।
जल जीवन मिशन की चुनौतियाँ
मिशन का original लक्ष्य 2024 में 100% coverage था, लेकिन progress 2025 से लगभग 81% पर रुकी हुई है। प्रमुख चुनौतियाँ:
- कुछ राज्यों में funds utilization धीमी
- Water source sustainability — भूजल स्तर गिरना
- Pipeline बन जाना लेकिन पानी नहीं आना — functional vs reported gap
- Operation & Maintenance — ग्रामीण स्तर पर कमज़ोर
- UP, Bihar, Rajasthan जैसे बड़े राज्यों में अभी काफी काम बाकी
जल जीवन मिशन 2.0 — राज्यों के साथ MoU Status
1 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने JJM 2.0 के तहत 5 राज्यों को ₹1,561 करोड़ जारी किए: UP को ₹792.93 करोड़, Chhattisgarh को ₹536.53 करोड़, MP को ₹154.02 करोड़ और शेष राशि Odisha और Maharashtra को।
6 मई 2026 को Mizoram और Ladakh ने भी JJM 2.0 के तहत MoU पर हस्ताक्षर किए।
संबंधित योजनाएं
- अटल भूजल योजना 2026 → — JJM के साथ मिलकर भूजल संरक्षण
- PM गति शक्ति → — ग्रामीण Infrastructure
- PMAY ग्रामीण → — घर के साथ पानी भी
- VB-G RAM G 2026 → — ग्रामीण रोज़गार और Infrastructure
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जल जीवन मिशन कब शुरू हुआ?
15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से इसकी घोषणा की।
जल जीवन मिशन 2.0 क्या है?
22 मार्च 2026 को Cabinet द्वारा approved मिशन का restructured phase — नई deadline दिसंबर 2028, कुल outlay ₹8.69 लाख करोड़।
अभी तक कितने घरों में नल का पानी पहुंचा?
मार्च 2026 तक 15.82 करोड़ ग्रामीण घर (81.61%) — 2019 में यह 3.23 करोड़ (17%) था।
कौन से राज्यों ने 100% Har Ghar Jal हासिल किया?
11 राज्य/UT — Goa, Gujarat, Haryana, Himachal Pradesh, Punjab, Telangana, Mizoram, Arunachal Pradesh, Andaman & Nicobar, Dadra & Nagar Haveli, Puducherry।
Sujalam Bharat क्या है?
JJM 2.0 का digital framework — हर गांव का unique Sujal Gaon ID, source से tap तक digital mapping।
जल जीवन मिशन का 2026-27 में बजट कितना है?
₹67,670 करोड़ — Union Budget 2026-27 में।
क्या शहरी क्षेत्रों में भी JJM लागू है?
नहीं। JJM केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है। शहरी क्षेत्रों के लिए AMRUT 2.0 अलग से है।
प्रति व्यक्ति कितना पानी देने का लक्ष्य है?
55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन — Functional Household Tap Connection (FHTC) के माध्यम से।
Jal Utsav क्या है?
JJM 2.0 के तहत annual community event — पानी के रखरखाव और समीक्षा के लिए ग्रामीण स्तर पर।
अगर पाइपलाइन बन गई लेकिन पानी नहीं आ रहा तो शिकायत कहाँ करें?
jaljeevanmission.gov.in पर Online शिकायत करें या Gram Panchayat/District Collector से संपर्क करें।
आधिकारिक स्रोत
- PIB — JJM 2.0 Cabinet Approval, 22 मार्च 2026
- जल शक्ति मंत्रालय — jaljeevanmission.gov.in
- Union Budget 2026-27 — ₹67,670 करोड़ allocation
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.
