लाड़ली बहना गैस रिफिल योजना 2026 (MP): ₹450 में सिलेंडर — 22 लाख बहनों को ₹99 करोड़ ट्रांसफर

📌 अपडेट बॉक्स (11 अगस्त 2026) ताज़ा ट्रांसफर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी से सिंगल क्लिक द्वारा PM उज्ज्वला व गैर-PMUY श्रेणी की 22 लाख पात्र लाड़ली बहनों के खातों में ₹99 करोड़+ की अनुदान राशि ट्रांसफर की साथ में: समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35 लाख हितग्राहियों को भी ₹211.53 करोड़ एक साथ ट्रांसफर हुए मुख्य लाभ: पात्र महिला को गैस सिलेंडर सिर्फ ₹450 में मिलता है, बाकी राशि (~₹398) सरकार अनुदान के रूप में देती है

शुरुआत रसोई का बजट अब हल्का नहीं करेगा

गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत मध्यम और गरीब वर्ग की महिलाओं के रसोई बजट पर सीधा असर डालती है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसी बोझ को कम करने के लिए लाड़ली बहना गैस रिफिल योजना शुरू की — जिसके तहत पात्र महिलाओं को एक सिलेंडर सिर्फ ₹450 में मिलता है, जबकि असली कीमत करीब ₹848 होती है। बाकी ₹398 की राशि राज्य सरकार सीधे अनुदान के तौर पर देती है। 11 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी ज़िले से सिंगल क्लिक के ज़रिए 22 लाख पात्र बहनों के खातों में ये राशि एक साथ ट्रांसफर की।

सीधा जवाब: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना गैस रिफिल योजना के तहत PM उज्ज्वला योजना में पंजीकृत महिलाएं, या मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत और अपने नाम से घरेलू गैस कनेक्शन रखने वाली महिलाएं (आयु 21-60 वर्ष), हर महीने एक सिलेंडर सिर्फ ₹450 में पा सकती हैं। असली सिलेंडर कीमत (~₹848) और ₹450 के बीच का अंतर सरकार सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के ज़रिए भेजती है — यानी पहले पूरी कीमत देनी होती है, फिर अंतर वापस आता है।

एक नज़र में योजना

बिंदुजानकारी
राज्यमध्य प्रदेश
सिलेंडर की कीमत (लाभार्थी को)₹450
असली कीमत / सरकारी अनुदान~₹848 कुल कीमत, सरकार ~₹398 का अंतर भरती है
आयु सीमा21 से 60 वर्ष
पात्र श्रेणियांPM उज्ज्वला (PMUY) पंजीकृत महिलाएं + लाड़ली बहना पंजीकृत महिलाएं (अपने नाम गैस कनेक्शन)
ताज़ा ट्रांसफर (11 अगस्त 2026)22 लाख महिलाएं, ₹99 करोड़+
भुगतान माध्यमDBT — सीधे बैंक खाते में

योजना क्यों शुरू हुई

2023 के विधानसभा चुनाव से पहले लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों को कम कीमत पर रसोई गैस देने के लिए ये योजना शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे जारी रखने का फैसला लिया गया, ताकि लाड़ली बहना और उज्ज्वला योजना, दोनों की लाभार्थी महिलाओं को रसोई गैस की बढ़ती कीमत से राहत मिलती रहे — इसका फायदा करीब 50 लाख महिलाओं तक पहुंचने का अनुमान है।

पात्रता कौन आवेदन कर सकता है

  • आयु 21 से 60 वर्ष के बीच
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत पंजीकृत महिला, या
  • मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत और अपने ही नाम से घरेलू गैस कनेक्शन रखने वाली महिला
  • मध्य प्रदेश की निवासी

पैसा कैसे मिलता है

लाभार्थी महिला को पहले सिलेंडर की पूरी कीमत (लगभग ₹848) गैस एजेंसी को चुकानी होती है। इसके बाद तय अनुदान राशि (कीमत और ₹450 के बीच का अंतर) सरकार द्वारा DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में वापस भेजी जाती है — जिससे असल में सिलेंडर की लागत ₹450 पड़ती है।

11 अगस्त 2026 का बड़ा ट्रांसफर इवेंट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी ज़िले से मंत्रालय के राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के ज़रिए दो योजनाओं का पैसा एक साथ ट्रांसफर किया:

  • समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना — 35 लाख हितग्राहियों को ₹211.53 करोड़
  • गैस रिफिल योजना (PM उज्ज्वला + गैर-PMUY लाड़ली बहना) — 22 लाख पात्र बहनों को ₹99 करोड़ से अधिक

सीधी ज़िले में अकेले 1.06 लाख पेंशन हितग्राहियों को ₹6.38 करोड़ और 67,000 से ज़्यादा गैस लाभार्थियों को ₹1.40 करोड़ का फायदा मिला।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लाड़ली बहना गैस रिफिल योजना में सिलेंडर कितने में मिलता है?

₹450 में — बाकी राशि सरकार अनुदान के तौर पर वापस करती है।

कौन पात्र है?

PM उज्ज्वला योजना में पंजीकृत महिलाएं, या लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत महिलाएं जिनके नाम गैस कनेक्शन है — आयु 21-60 वर्ष।

पैसा कैसे मिलता है?

पहले पूरी कीमत चुकानी होती है, फिर अंतर की राशि DBT से बैंक खाते में वापस आती है।

क्या ये लाड़ली बहना की ₹1,500/माह वाली किस्त से अलग है?

हां, ये एक अलग, अतिरिक्त लाभ है — मासिक ₹1,500 किस्त और गैस सब्सिडी दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं।

11 अगस्त 2026 को कितना पैसा ट्रांसफर हुआ?

22 लाख महिलाओं को ₹99 करोड़ से ज़्यादा — साथ ही 35 लाख पेंशन हितग्राहियों को ₹211.53 करोड़ अलग से।

क्या हर महीने ये सुविधा मिलती है?

हां, सिलेंडर रिफिल कराने पर हर बार ये सब्सिडी मिलती है, समय-समय पर राशि DBT से जारी होती है।

योजना कब शुरू हुई?

2023 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई, मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने इसे जारी रखने का फैसला लिया।

कितनी महिलाओं को फायदा मिलने का अनुमान है?

करीब 50 लाख लाड़ली बहनों को।

क्या आवेदन अलग से करना पड़ता है?

नहीं, पहले से PMUY या लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत महिलाओं को स्वतः पात्रता मिलती है।

अगर पैसा खाते में न आए तो क्या करें?

अपने नज़दीकी गैस एजेंसी या ज़िला खाद्य आपूर्ति कार्यालय से संपर्क करें, और बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं जांचें।

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