प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC) 2026: पात्रता, राशि, आवेदन

ताज़ा अपडेट (सितंबर 2026): • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने हाल ही में पुष्टि की है कि इस योजना में भी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) व्यवस्था 2022-23 से लागू है — राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आती है, जिससे देरी और गड़बड़ी दोनों कम हुई हैं। • कई राज्यों में 2026-27 सत्र के लिए आवेदन अगस्त-सितंबर 2026 में शुरू हो चुके हैं — अपने राज्य की सटीक तारीख राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल या राज्य पोर्टल पर देखें।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति अनुसूचित जाति (SC) के उन छात्रों के लिए है जो कक्षा 9वीं या 10वीं में पढ़ रहे हैं — यह पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (जो 11वीं से शुरू होती है) से अलग और पहले की योजना है। पात्रता के लिए परिवार/अभिभावक की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए। इसका मकसद है 9वीं-10वीं जैसी अहम कक्षाओं में आर्थिक तंगी की वजह से होने वाला ड्रॉपआउट रोकना। इसमें ट्यूशन फीस/एडमिशन फीस की सहायता के साथ-साथ मासिक रखरखाव भत्ता भी मिलता है (डे-स्कॉलर और हॉस्टलर के लिए अलग-अलग)। आवेदन राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (scholarships.gov.in) या राज्य के अपने पोर्टल से ऑनलाइन होता है, और राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से आती है।

Quick Info Table

बिंदुजानकारी
योजना संचालकसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (केंद्र प्रायोजित, राज्य/UT द्वारा कार्यान्वित)
किसके लिएSC छात्र — सिर्फ कक्षा 9वीं और 10वीं
आय सीमापरिवार/अभिभावक की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम
मुख्य पोर्टलscholarships.gov.in (राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल), कुछ राज्यों का अपना पोर्टल भी
लाभ के प्रकारएडमिशन/ट्यूशन फीस सहायता + मासिक रखरखाव भत्ता (डे-स्कॉलर/हॉस्टलर अनुसार अलग)
भुगतान माध्यमDBT — सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में (2022-23 से लागू)
उद्देश्य9वीं-10वीं में ड्रॉपआउट रोकना, स्कूली शिक्षा पूरी कराना

यह छात्रवृत्ति क्यों ज़रूरी है?

कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली सोनाली के पिता दिहाड़ी मज़दूर हैं। घर में यह चर्चा होने लगी थी कि आर्थिक तंगी के कारण उसे स्कूल छोड़कर घर के काम में हाथ बंटाना पड़ेगा — ठीक वही उम्र जब स्कूल छोड़ने का असर पूरी ज़िंदगी पर पड़ सकता है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से मिली फीस सहायता और मासिक भत्ते ने परिवार का बोझ हल्का किया, और सोनाली 10वीं तक पढ़ाई जारी रख पाई। यही इस योजना का मकसद है — ठीक उस मोड़ पर मदद पहुंचाना जहां सबसे ज़्यादा बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं।

पात्रता की शर्तें

  • आवेदक अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से हो, वैध जाति प्रमाण पत्र के साथ।
  • आवेदक कक्षा 9वीं या 10वीं में नियमित रूप से पढ़ रहा हो — यह योजना सिर्फ इन्हीं दो कक्षाओं के लिए है।
  • परिवार/अभिभावक की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम हो।
  • आवेदक किसी मान्यता प्राप्त सरकारी/निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहा हो।
  • आवेदक का आधार-लिंक्ड बैंक खाता हो, जिसमें DBT से राशि आ सके।

ध्यान रहे — कक्षा 11वीं से ऊपर के छात्रों के लिए यह योजना नहीं, बल्कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC) लागू होती है।

कितनी राशि मिलती है

⚠️ इस योजना में भी राशि दो हिस्सों में मिलती है, और सटीक रकम राज्य तथा डे-स्कॉलर/हॉस्टलर स्थिति पर निर्भर करती है। सामान्य संरचना इस प्रकार है — पब्लिश से पहले राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर मौजूदा दरें ज़रूर कन्फर्म करें:

  • एडमिशन/ट्यूशन फीस सहायता — स्कूल की प्रवेश और ट्यूशन फीस के लिए सहायता।
  • मासिक रखरखाव भत्ता (Maintenance Allowance) — पढ़ाई से जुड़े रोज़मर्रा के खर्च के लिए, डे-स्कॉलर (घर से स्कूल आने-जाने वाले) और हॉस्टलर (छात्रावास में रहने वाले) के लिए अलग-अलग दर पर।
  • किताबें/स्टेशनरी के लिए एकमुश्त सहायता (कुछ राज्यों में अलग से दी जाती है)।

कई राज्य इस केंद्रीय योजना के साथ-साथ अपनी खुद की अतिरिक्त प्री-मैट्रिक छात्रवृत्तियां भी चलाते हैं (जैसे कुछ राज्यों में कक्षा 1 से 8 तक के लिए भी अलग योजनाएं) — अपने राज्य के समाज कल्याण/सामाजिक न्याय विभाग से यह ज़रूर जांच लें कि कोई अतिरिक्त राज्य-स्तरीय योजना भी लागू होती है या नहीं।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • जाति (SC) प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र (निर्धारित प्रारूप में, हाल का)
  • आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक)
  • पिछली कक्षा की मार्कशीट (अगर लागू हो)
  • स्कूल से बोनाफाइड/प्रवेश प्रमाण पत्र
  • मूल फीस रसीद
  • बैंक पासबुक (आधार-लिंक्ड खाता — छात्र या अभिभावक के नाम, राज्य के नियम अनुसार)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो

आवेदन कैसे करें

  1. scholarships.gov.in (राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल) खोलें, या अपने राज्य का अलग पोर्टल हो तो वहां जाएं।
  2. नए आवेदक के तौर पर रजिस्ट्रेशन करें — मोबाइल नंबर, आधार और बुनियादी जानकारी से।
  3. “प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC)” सेवा खोजकर आवेदन फॉर्म खोलें।
  4. व्यक्तिगत, स्कूल और पारिवारिक आय की जानकारी भरें।
  5. जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, स्कूल बोनाफाइड जैसे दस्तावेज़ स्कैन कर अपलोड करें।
  6. फॉर्म जमा करें — इसके बाद यह स्कूल और फिर ज़िला/राज्य स्तर पर सत्यापन के लिए जाता है।
  7. सत्यापन पूरा होने पर राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से आती है।

⚠️ आवेदन की अंतिम तिथि हर साल और हर राज्य में अलग-अलग होती है — समय रहते scholarships.gov.in या अपने राज्य के पोर्टल पर मौजूदा वर्ष की तारीख देख लें।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें

  • scholarships.gov.in या अपने राज्य के पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • “Application Status” या “Track Application” विकल्प चुनें।
  • आवेदन/रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्टेटस देखें।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से फर्क समझें

यह जानना ज़रूरी है कि प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक — दोनों अलग योजनाएं हैं, हालांकि दोनों का संचालन एक ही मंत्रालय करता है और आय सीमा (₹2.5 लाख) भी एक जैसी है। प्री-मैट्रिक सिर्फ कक्षा 9वीं-10वीं के लिए है, जबकि पोस्ट मैट्रिक कक्षा 11वीं से लेकर PhD तक के लिए है। 10वीं पास करने के बाद अगर आप 11वीं में जाते हैं, तो अगले साल पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अलग से आवेदन करना होगा — प्री-मैट्रिक अपने आप पोस्ट मैट्रिक में नहीं बदलती।

आम गलतियाँ जिनसे बचें

  • यह सोचना कि 10वीं पास करने के बाद यही छात्रवृत्ति अपने आप जारी रहेगी — 11वीं में जाने पर पोस्ट मैट्रिक के लिए नए सिरे से आवेदन करना होगा।
  • आय प्रमाण पत्र पुराना या गलत प्रारूप में अपलोड करना — इससे आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
  • आधार में नाम और स्कूल रिकॉर्ड में नाम अलग होना — भुगतान अटकने का एक बड़ा कारण है, आवेदन से पहले मिला लें।
  • हर साल रिन्यूअल आवेदन करना भूल जाना — कक्षा 9 और कक्षा 10 दोनों के लिए अलग-अलग साल आवेदन ज़रूरी हो सकता है।
  • राज्य की अपनी अतिरिक्त प्री-मैट्रिक योजनाओं (कक्षा 1-8 के लिए) की जानकारी न लेना, जबकि परिवार में उससे छोटे बच्चे भी पात्र हो सकते हैं।

संबंधित सेवाएं और योजनाएं

इस छात्रवृत्ति से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति किसके लिए है?

SC छात्रों के लिए जो कक्षा 9वीं या 10वीं में पढ़ रहे हैं — यह सिर्फ इन्हीं दो कक्षाओं तक सीमित है।

आय सीमा क्या है?

परिवार/अभिभावक की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए।

प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक में क्या फर्क है?

प्री-मैट्रिक कक्षा 9वीं-10वीं के लिए है, जबकि पोस्ट मैट्रिक कक्षा 11वीं से PhD तक के लिए है — दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन करना होता है।

कितनी राशि मिलती है?

एडमिशन/ट्यूशन फीस सहायता और मासिक रखरखाव भत्ता (डे-स्कॉलर/हॉस्टलर अनुसार अलग-अलग) मिलता है। सटीक मौजूदा राशि scholarships.gov.in पर देखें।

आवेदन कहां करें?

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (scholarships.gov.in) से, या अपने राज्य के अलग पोर्टल से।

क्या यह हर साल दोबारा लेनी होती है?

हां, कक्षा 9वीं और कक्षा 10वीं दोनों के लिए अलग-अलग आवेदन/नवीनीकरण करना पड़ सकता है।

क्या 10वीं पास करने के बाद यह अपने-आप आगे जारी रहेगी?

नहीं, 11वीं में प्रवेश लेने पर पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अलग से नया आवेदन करना होगा।

क्या सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के छात्र पात्र हैं?

हां, किसी भी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी स्कूल में पढ़ने वाले पात्र SC छात्र आवेदन कर सकते हैं।

राशि कैसे मिलती है?

पूरी तरह DBT के ज़रिए, सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में — यह व्यवस्था 2022-23 से लागू है।

क्या कक्षा 1-8 के छात्रों के लिए भी कोई योजना है?

यह केंद्रीय योजना सिर्फ कक्षा 9-10 के लिए है, पर कई राज्य कक्षा 1-8 के लिए अपनी अलग प्री-मैट्रिक योजनाएं चलाते हैं — अपने राज्य के समाज कल्याण विभाग से जांच लें।

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