| ताज़ा अपडेट (अगस्त 2026): • मध्य प्रदेश का भू-अभिलेख पोर्टल अब नए WebGIS 2.0 सिस्टम पर शिफ्ट हो चुका है — सही लिंक webgis2.mpbhulekh.gov.in है, पुराना mpbhulekh.gov.in अब इसी पर रीडायरेक्ट करता है। • उत्तर प्रदेश में अगर सामान्य खतौनी में गांव का रिकॉर्ड न मिले, तो “रियल टाइम खतौनी” विकल्प देखें — रजिस्ट्री/बैनामा होते ही यह तुरंत अपडेट होता है। • तीनों राज्यों में साधारण (अप्रमाणित) खसरा-खतौनी देखना पूरी तरह मुफ्त है — सिर्फ डिजिटल हस्ताक्षरित/प्रमाणित प्रति (बैंक लोन, रजिस्ट्री जैसे कानूनी काम के लिए) पर नाममात्र शुल्क लगता है। |
| अपने राज्य के आधिकारिक भूलेख पोर्टल पर जाकर जिला → तहसील/अंचल → गांव/मौजा चुनें, फिर खसरा/गाटा/खेसरा नंबर, खाता नंबर या नाम से खोजें — रिकॉर्ड तुरंत स्क्रीन पर दिख जाता है। उत्तर प्रदेश: upbhulekh.gov.in (नक्शे के लिए अलग से upbhunaksha.gov.in)। बिहार: biharbhumi.bihar.gov.in (जमाबंदी पंजी-II)। मध्य प्रदेश: webgis2.mpbhulekh.gov.in (WebGIS 2.0)। साधारण जानकारी देखना मुफ्त है; बैंक/सरकारी काम के लिए डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति चाहिए तो नाममात्र शुल्क देकर डाउनलोड करें। |
Quick Info Table
| राज्य | पोर्टल | मुख्य रिकॉर्ड | फीस |
| उत्तर प्रदेश | upbhulekh.gov.in | खतौनी, खसरा, रियल टाइम खतौनी | देखना मुफ्त, प्रमाणित प्रति नाममात्र शुल्क |
| उत्तर प्रदेश (नक्शा) | upbhunaksha.gov.in | भू-नक्शा (मैप) | देखना मुफ्त, हस्ताक्षरित कॉपी शुल्क सहित |
| बिहार | biharbhumi.bihar.gov.in | जमाबंदी पंजी-II, खाता-खेसरा, दाखिल-खारिज | देखना मुफ्त, LPC/मुटेशन पर शुल्क |
| मध्य प्रदेश | webgis2.mpbhulekh.gov.in | खसरा, खतौनी, भू-नक्शा (WebGIS 2.0) | देखना मुफ्त, डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति शुल्क सहित |
भूलेख/खसरा-खतौनी ऑनलाइन देखना क्यों ज़रूरी है?
रमेश जी अपने पुश्तैनी खेत पर बैंक से KCC लोन लेने गए, तो बैंक ने खतौनी की ताज़ा नकल मांगी। पहले इसके लिए तहसील के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अब वही खतौनी वे अपने मोबाइल से 2 मिनट में निकाल सकते हैं। भूलेख रिकॉर्ड सिर्फ ज़मीन की जानकारी नहीं देता — बैंक लोन, ज़मीन खरीद-बिक्री से पहले मालिकाना हक की जांच, PM Kisan जैसी योजनाओं के लिए भूमि सत्यापन, और पारिवारिक बंटवारे के विवादों में भी यह सबसे भरोसेमंद दस्तावेज़ है।
उत्तर प्रदेश: UP Bhulekh से खतौनी कैसे देखें
- आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in खोलें।
- होमपेज पर “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” विकल्प चुनें।
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरकर सबमिट करें।
- अपना जिला, तहसील और गांव का नाम या ग्राम कोड चुनें।
- तीन तरीकों में से कोई एक चुनें — खसरा/गाटा संख्या से, खाता संख्या से, या भूस्वामी के नाम से खोजें।
- जानकारी भरकर खोजें — खतौनी की नकल स्क्रीन पर आ जाएगी, चाहें तो डाउनलोड/प्रिंट कर लें।
अगर आपके गांव की खतौनी सामान्य खोज में नहीं मिल रही, तो होमपेज पर “रियल टाइम खतौनी की नकल देखें” विकल्प आज़माएं — यह रिकॉर्ड रजिस्ट्री/बैनामा होते ही तुरंत अपडेट होता है।
भू-नक्शा (ज़मीन का मैप) अलग पोर्टल पर है:
upbhunaksha.gov.in पर जाकर जिला, तहसील, गांव चुनें और गाटा संख्या डालकर अपनी ज़मीन का नक्शा, सीमाएं और पड़ोसी प्लॉट देख सकते हैं — यह सुविधा भी मुफ्त है।
बिहार: Bihar Bhumi से जमाबंदी पंजी-II कैसे देखें
- आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर “जमाबंदी पंजी देखें” (View Jamabandi Register) विकल्प चुनें।
- अपना जिला, अंचल (Circle) और मौजा (गांव) चुनें।
- सभी विवरण भरकर “Proceed” पर क्लिक करें।
- खोज विकल्पों में से चुनें — खाता/खेसरा संख्या से, या रैयत (भूस्वामी) के नाम से भी खोज सकते हैं।
- जमाबंदी पंजी-II का पूरा विवरण — मालिक का नाम, खाता, खेसरा, रकबा — स्क्रीन पर दिख जाएगा।
बिहार भूमि पोर्टल पर इसके अलावा ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation), LPC (भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र) आवेदन, भू-नक्शा और परिमार्जन (रिकॉर्ड में गलत नाम/खेसरा/रकबा सुधारने की सुविधा) भी उपलब्ध है। परिमार्जन के लिए अलग से “नागरिक” लॉगिन बनाना ज़रूरी है — मोबाइल नंबर और कैप्चा से रजिस्ट्रेशन होता है।
मध्य प्रदेश: MP Bhulekh WebGIS 2.0 से खसरा-खतौनी कैसे देखें
ध्यान रहे: MP का पोर्टल अब नए सिस्टम पर है — सही लिंक webgis2.mpbhulekh.gov.in है।
- webgis2.mpbhulekh.gov.in खोलें।
- होमपेज पर “भू-अभिलेख (खसरा/खतौनी/नक्शा)” या “Free Services” सेक्शन में जाएं।
- “क्या आप भू-अभिलेख में खसरा खोजना चाहते हैं?” पूछे जाने पर “YES” चुनें।
- अपना जिला (जैसे भोपाल, इंदौर, जबलपुर), फिर तहसील और गांव चुनें।
- खसरा नंबर या भूस्वामी के नाम से खोजें — साधारण (अप्रमाणित) भू-अभिलेख मुफ्त में तुरंत दिख जाएगा।
अगर बैंक लोन या रजिस्ट्री जैसे कानूनी काम के लिए डिजिटल हस्ताक्षरित (QR कोड सहित) प्रति चाहिए, तो पहले “Register As Public User” से लॉगिन आईडी बनानी होगी और OTP से वेरिफाई करना होगा — इसके बाद नाममात्र शुल्क देकर प्रमाणित प्रति डाउनलोड हो जाएगी।
डिजिटल हस्ताक्षरित/प्रमाणित प्रति कब चाहिए होती है
रोज़मर्रा की जानकारी के लिए साधारण (अप्रमाणित) रिकॉर्ड देखना काफी है — यह हमेशा मुफ्त है। पर बैंक लोन, ज़मीन की रजिस्ट्री, कोर्ट-कचहरी के मामलों या सरकारी योजनाओं में सबमिट करने के लिए QR कोड और डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रमाणित प्रति ज़रूरी होती है, जिसके लिए तीनों राज्यों में नाममात्र ऑनलाइन शुल्क देना पड़ता है। यह प्रति कानूनी रूप से मान्य होती है क्योंकि इसे QR कोड स्कैन कर तुरंत वेरिफाई किया जा सकता है।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- पुराना mpbhulekh.gov.in लिंक याद रखकर बार-बार सीधे टाइप करना — अब webgis2.mpbhulekh.gov.in इस्तेमाल करें।
- गांव का नाम गलत स्पेलिंग या पुराने नाम से खोजना — ग्राम कोड से खोजना ज़्यादा सटीक रहता है।
- साधारण (अप्रमाणित) प्रिंटआउट को बैंक/रजिस्ट्री जैसे कानूनी काम में जमा करने की कोशिश करना — वहां डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति ही मान्य होगी।
- रिकॉर्ड में नाम/रकबा गलत दिखने पर इंतज़ार करना — तुरंत संबंधित राज्य के “परिमार्जन”/सुधार विकल्प से ऑनलाइन आवेदन करें।
संबंधित सेवाएं और योजनाएं
भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:
- स्वामित्व योजना 2026 – संपत्ति कार्ड डाउनलोड करें, ड्रोन सर्वे स्टेटस देखें
- PM Kisan Beneficiary List 2026: अपने गांव की सूची में नाम कैसे देखें
- PM Kisan Status Check 2026 — 5 तरीकों से चेक करें
- VB-G RAM G में Water Budgeting 2026
- आधार कार्ड अपडेट 2026: मोबाइल लिंक और डाउनलोड
- राजस्थान जन आधार योजना 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भूलेख देखने के लिए क्या फीस लगती है?
साधारण (अप्रमाणित) खसरा-खतौनी देखना और डाउनलोड करना तीनों राज्यों में पूरी तरह मुफ्त है। सिर्फ डिजिटल हस्ताक्षरित/प्रमाणित प्रति पर नाममात्र शुल्क लगता है।
UP भूलेख और भू-नक्शा एक ही पोर्टल पर मिलते हैं क्या?
नहीं, दोनों अलग-अलग पोर्टल हैं — खतौनी के लिए upbhulekh.gov.in और नक्शे के लिए upbhunaksha.gov.in।
बिहार में जमाबंदी पंजी-II क्या होती है?
यह बिहार भूमि रिकॉर्ड का मुख्य दस्तावेज़ है, जिसमें ज़मीन मालिक (रैयत) का नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर और रकबा दर्ज होता है।
MP भूलेख का नया पोर्टल कौन सा है?
अब webgis2.mpbhulekh.gov.in (WebGIS 2.0) आधिकारिक पोर्टल है — पुराना mpbhulekh.gov.in अब इसी पर रीडायरेक्ट होता है।
अगर UP में मेरे गांव की खतौनी नहीं मिल रही तो क्या करें?
“रियल टाइम खतौनी” विकल्प आज़माएं — यह रजिस्ट्री/बैनामा होते ही तुरंत अपडेट होता है और सामान्य खतौनी से ज़्यादा नया रिकॉर्ड दिखा सकता है।
नाम से भी ज़मीन का रिकॉर्ड खोजा जा सकता है क्या?
हां, तीनों राज्यों के पोर्टल पर भूस्वामी/रैयत के नाम से खोजने का विकल्प उपलब्ध है, हालांकि खसरा/खाता नंबर से खोजना ज़्यादा सटीक और तेज़ रहता है।
रिकॉर्ड में नाम या रकबा गलत दर्ज हो तो कैसे सुधारें?
बिहार में “परिमार्जन” पोर्टल और UP/MP में संबंधित तहसील/भू-अभिलेख कार्यालय के सुधार विकल्प से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
बैंक लोन के लिए कौन सी प्रति चाहिए — साधारण या प्रमाणित?
बैंक लोन, रजिस्ट्री और अन्य कानूनी कामों के लिए हमेशा QR कोड सहित डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति ही मान्य होती है, साधारण प्रिंटआउट नहीं।
क्या दूसरे राज्यों के भी ऐसे पोर्टल हैं?
हां, लगभग हर राज्य का अपना भूलेख/भू-अभिलेख पोर्टल है (जैसे राजस्थान का अपना भूलेख पोर्टल) — यह लेख फिलहाल UP, बिहार और MP पर केंद्रित है।
मोबाइल से भी खतौनी देखी जा सकती है क्या?
हां, तीनों पोर्टल मोबाइल-फ्रेंडली हैं और बिना ऐप डाउनलोड किए सीधे मोबाइल ब्राउज़र से इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



