मेरी फसल मेरा ब्यौरा हरियाणा 2026: पंजीकरण और स्टेटस

ताज़ा अपडेट (अगस्त 2026): • खरीफ सीजन 2026-27 के लिए पंजीकरण 20 मई 2026 से शुरू होकर 15 अगस्त 2026 को बंद हो चुका है। अगर आपने इस विंडो में पंजीकरण नहीं कराया, तो अगला मौका रबी सीजन 2026-27 की रजिस्ट्रेशन विंडो में मिलेगा, जो आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर के आसपास खुलती है — सटीक तारीख के लिए fasal.haryana.gov.in पर नज़र रखें। • ध्यान रहे — यह पंजीकरण हर सीजन (खरीफ और रबी) के लिए अलग-अलग करना होता है। पिछले सीजन का पंजीकरण अपने-आप अगले सीजन में कैरी फॉरवर्ड नहीं होता।
मेरी फसल मेरा ब्यौरा हरियाणा सरकार का पोर्टल (fasal.haryana.gov.in) है, जहां हर फसल सीजन में किसानों को अपनी बोई गई फसल, ज़मीन और बैंक जानकारी दर्ज करानी होती है। बिना इस पंजीकरण के फसल MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर सरकारी मंडी में नहीं बिक सकती, और फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा मुआवजा या कृषि यंत्र सब्सिडी जैसी सुविधाएं भी नहीं मिलतीं। खरीफ 2026-27 की विंडो 15 अगस्त 2026 को बंद हो चुकी है — अब अगली रबी सीजन विंडो का इंतज़ार करना होगा। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, खसरा नंबर, बैंक डिटेल और मोबाइल नंबर चाहिए।

Quick Info Table

बिंदुजानकारी
विभागकृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा
पोर्टलfasal.haryana.gov.in
खरीफ 2026-27 विंडो20 मई 2026 – 15 अगस्त 2026 (अब बंद)
अगली विंडोरबी 2026-27 (आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर के आसपास खुलती है)
फीसमुफ्त
ज़रूरी आधारआधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र (PPP)
मुख्य फायदेMSP पर फसल बिक्री, फसल बीमा, मुआवजा, कृषि यंत्र सब्सिडी
हेल्पलाइन1800-180-2117

मेरी फसल मेरा ब्यौरा क्यों ज़रूरी है?

सुखबीर जी की गेहूं की फसल तैयार थी, पर मंडी में बेचने गए तो पता चला कि MSP पर बिक्री के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण ज़रूरी है — बिना इसके सरकार उनकी फसल MSP पर नहीं खरीद पाएगी। पड़ोसी किसान ने बताया कि हर सीजन (खरीफ और रबी दोनों) में अलग से पंजीकरण कराना पड़ता है। यह पोर्टल सिर्फ MSP बिक्री के लिए ही नहीं, बल्कि ओलावृष्टि/बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में फसल मुआवजा, फसल बीमा और कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए भी ज़रूरी है।

पात्रता

  • आवेदक हरियाणा राज्य का किसान हो।
  • स्वयं की ज़मीन वाले किसान और बटाईदार (किराए पर खेती करने वाले) किसान — दोनों पात्र हैं।
  • आवेदक के पास आधार कार्ड और बैंक खाता होना ज़रूरी है।
  • कुछ जानकारी के अनुसार, हरियाणा के बाहर के किसान जो सिर्फ हरियाणा में खेती कर रहे हैं, वे भी पंजीकरण करा सकते हैं — इसकी पुष्टि पोर्टल पर एक बार कर लें।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • परिवार पहचान पत्र (PPP)
  • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
  • ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ (खसरा नंबर सहित)
  • बैंक खाता विवरण
  • पासपोर्ट साइज़ रंगीन फोटो
  • निवास प्रमाण पत्र

ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें

  1. fasal.haryana.gov.in पोर्टल खोलें।
  2. होमपेज पर “किसान अनुभाग” या “पंजीकरण करें” विकल्प चुनें।
  3. आधार नंबर/PPP डालकर OTP से वेरिफाई करें।
  4. खेत का खसरा नंबर, फसल की जानकारी (फसल का नाम, क्षेत्रफल, सिंचाई का स्रोत) भरें।
  5. बैंक खाता विवरण और मंडी/आढ़ती की जानकारी दर्ज करें।
  6. सभी जानकारी जांचकर फॉर्म सबमिट करें।

मोबाइल ऐप “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” से भी पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अलावा नज़दीकी अटल सेवा केंद्र या CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) से भी पंजीकरण में मदद ली जा सकती है।

स्टेटस कैसे चेक करें

  • fasal.haryana.gov.in पर लॉगिन करें।
  • “Application Status” विकल्प चुनें।
  • PPP या आधार नंबर डालें।
  • पंजीकरण, फसल का ब्यौरा और भुगतान की मौजूदा स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी।

MSP पर फसल कैसे बेचें (e-Kharid)

पंजीकरण पूरा होने के बाद पोर्टल की e-Kharid सुविधा से किसान सरकारी खरीद केंद्रों से जुड़ सकते हैं, मंडी गेट पास प्राप्त कर सकते हैं, और फसल बेचने के बाद भुगतान सीधे बैंक खाते में पा सकते हैं — इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और भुगतान में पारदर्शिता आती है।

आम गलतियाँ जिनसे बचें

  • यह मानकर चलना कि एक बार पंजीकरण हो गया तो हर सीजन के लिए मान्य रहेगा — हर सीजन (खरीफ/रबी) में अलग से नया पंजीकरण ज़रूरी है।
  • रजिस्ट्रेशन विंडो बंद होने के बाद भी बार-बार कोशिश करते रहना — इसके बजाय अगली विंडो खुलने का इंतज़ार करें और पोर्टल पर नज़र रखें।
  • खसरा नंबर या फसल की जानकारी गलत भरना — इससे MSP खरीद या मुआवजे में दिक्कत आ सकती है।
  • आधार-लिंक्ड बैंक खाता न होना — इससे भुगतान अटक सकता है।

संबंधित सेवाएं और योजनाएं

मेरी फसल मेरा ब्यौरा से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण के लिए फीस लगती है क्या?

नहीं, यह पंजीकरण पूरी तरह मुफ्त है।

क्या पिछले सीजन का पंजीकरण अगले सीजन में भी मान्य रहता है?

नहीं, हर सीजन (खरीफ और रबी) के लिए अलग-अलग नया पंजीकरण कराना ज़रूरी है — पिछली रजिस्ट्रेशन कैरी फॉरवर्ड नहीं होती।

खरीफ 2026-27 की पंजीकरण विंडो कब बंद हुई?

15 अगस्त 2026 को। अब अगली रबी सीजन 2026-27 की विंडो का इंतज़ार करना होगा, जो आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर के आसपास खुलती है।

बिना पंजीकरण के क्या फसल MSP पर बेची जा सकती है?

नहीं, सरकार सिर्फ उन्हीं किसानों की फसल MSP पर खरीदती है जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराया हो।

बटाईदार (किराए पर खेती करने वाले) किसान भी पंजीकरण करा सकते हैं क्या?

हां, स्वयं की ज़मीन वाले किसानों के साथ-साथ बटाईदार किसान भी इस पोर्टल पर पंजीकरण के लिए पात्र हैं।

पंजीकरण की स्थिति कैसे चेक करें?

fasal.haryana.gov.in पर लॉगिन कर “Application Status” में PPP या आधार नंबर डालकर स्थिति देखी जा सकती है।

मोबाइल से भी पंजीकरण हो सकता है क्या?

हां, “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” मोबाइल ऐप से भी पंजीकरण किया जा सकता है, या पोर्टल मोबाइल ब्राउज़र में भी खुल जाता है।

पंजीकरण में मदद कहां से मिल सकती है?

नज़दीकी अटल सेवा केंद्र, CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) से मदद ली जा सकती है, या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-2117 पर संपर्क किया जा सकता है।

फसल नुकसान होने पर मुआवजा कैसे मिलता है?

अगर फसल पोर्टल पर पंजीकृत है, तो प्राकृतिक आपदा (ओलावृष्टि, बाढ़ आदि) से नुकसान होने पर सरकार द्वारा तय मुआवजा सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है।

क्या हरियाणा के बाहर के किसान भी पंजीकरण करा सकते हैं?

जो किसान हरियाणा के निवासी नहीं हैं पर हरियाणा में खेती कर रहे हैं, उनके लिए भी पंजीकरण की सुविधा बताई गई है — आवेदन से पहले पोर्टल पर अपनी स्थिति एक बार कन्फर्म कर लें।

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