| ताज़ा अपडेट (अगस्त 2026): • हरियाणा में गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दो अलग-अलग योजनाओं से लाभ मिल सकता है — केंद्र सरकार की PMMVY 2.0 (पहले बच्चे पर ₹5,000, दूसरे बच्चे पर सिर्फ बेटी होने पर ₹6,000) और हरियाणा सरकार की अपनी मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना (दूसरे बच्चे पर सिर्फ बेटा होने पर ₹5,000)। दोनों मिलाकर लगभग हर परिवार को दूसरे बच्चे पर कोई-न-कोई सहायता मिल जाती है, चाहे बेटी हो या बेटा। • हरियाणा की अपनी योजना को “Right to Services Act” के तहत रखा गया है — पूरा आवेदन जमा होने के लगभग 45 दिन के भीतर राशि जारी करने की गारंटी है, देरी होने पर Grievance Officer से शिकायत की जा सकती है। |
| हरियाणा में मातृत्व लाभ दो योजनाओं से मिलता है। पहली, केंद्र सरकार की Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana (PMMVY) — पहले जीवित बच्चे पर ₹5,000 (3 किस्तों में: गर्भावस्था पंजीकरण, एक ANC जांच, बच्चे का जन्म पंजीकरण) और दूसरे बच्चे पर सिर्फ बेटी होने पर ₹6,000 अतिरिक्त। दूसरी, हरियाणा सरकार की अपनी मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना — यह सिर्फ दूसरे बच्चे के बेटा होने पर ₹5,000 एकमुश्त देती है, ताकि PMMVY में जो कमी (सिर्फ बेटी को कवर करना) है, वह पूरी हो जाए। PMMVY के लिए pmmvy.wcd.gov.in या नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र/आशा वर्कर से आवेदन करें; हरियाणा की अपनी योजना का लाभ Family ID और आधार के ज़रिए PPP-DBT से अपने-आप जुड़ता है। |
संक्षेप में
| बिंदु | PMMVY (केंद्र) | मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना (हरियाणा) |
| किसके लिए | पहला जीवित बच्चा + दूसरा बच्चा (सिर्फ बेटी) | दूसरा बच्चा (सिर्फ बेटा) |
| राशि | ₹5,000 (पहला बच्चा) + ₹6,000 (दूसरी बेटी) | ₹5,000 एकमुश्त |
| किस्तें | पहला बच्चा 2-3 किस्तों में; दूसरी बेटी एकमुश्त | जन्म के बाद एक ही किस्त में |
| पोर्टल | pmmvy.wcd.gov.in | Family ID/PPP आधारित — अलग पोर्टल की ज़रूरत नहीं |
| आवेदन का तरीका | आंगनवाड़ी केंद्र/आशा वर्कर या ऑनलाइन | स्वतः PPP-DBT से (आधार वेरिफिकेशन ज़रूरी) |
| प्रोसेसिंग गारंटी | आवेदन/वेरिफिकेशन अनुसार अलग | Right to Services Act के तहत 45 दिन |
मातृत्व लाभ योजना क्यों ज़रूरी है?
नेहा का पहला बच्चा हुआ तो पड़ोस की आशा वर्कर ने बताया कि PMMVY से ₹5,000 मिल सकते हैं — गर्भावस्था पंजीकरण और जांच पूरी करने पर किस्तें आती रहीं। दो साल बाद दूसरा बच्चा हुआ, इस बार बेटा — नेहा को लगा कि अब कुछ नहीं मिलेगा क्योंकि PMMVY में दूसरे बच्चे पर सिर्फ बेटी को लाभ मिलता है। पर हरियाणा सरकार की अपनी मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना से उन्हें ₹5,000 और मिल गए — क्योंकि यह योजना ठीक इसी कमी को पूरा करने के लिए बनाई गई है।
PMMVY (केंद्र सरकार) — पहला बच्चा और दूसरी बेटी
किस्तों की संरचना (पहले बच्चे के लिए):
- पहली किस्त — गर्भावस्था का जल्दी पंजीकरण होने पर
- दूसरी किस्त — कम से कम एक प्रसव-पूर्व जांच (ANC) के बाद
- तीसरी किस्त — बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने पर
दूसरे बच्चे के लिए, अगर वह बेटी है, तो ₹6,000 की राशि एकमुश्त सीधे बैंक खाते में मिलती है (PMMVY 2.0 के तहत जोड़ा गया प्रावधान)।
मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना (हरियाणा) — दूसरा बेटा
यह पूरी तरह हरियाणा सरकार की अपनी योजना है, जो 8 मार्च 2022 या उसके बाद जन्मे दूसरे बच्चे के लिए है — बशर्ते वह बेटा हो। मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगर दूसरा बच्चा बेटी है, तो इस विशेष योजना का लाभ नहीं मिलता (उस स्थिति में PMMVY से ₹6,000 मिलता है)।
- राशि जन्म के बाद एक ही किस्त में ₹5,000 दी जाती है।
- भुगतान परिवार पहचान पत्र (PPP) और DBT के ज़रिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में होता है।
- डुप्लीकेशन और गड़बड़ी रोकने के लिए लाभ सिर्फ लाभार्थी के आधार नंबर के आधार पर ही मिलता है।
- शर्तें: गर्भावस्था का पंजीकरण, कम से कम एक ANC जांच, बच्चे के जन्म का पंजीकरण, और नवजात को टीकाकरण का पहला चक्र पूरा होना — यह मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए रखी गई शर्तें हैं।
पात्रता की शर्तें
- आवेदक गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला हो।
- केंद्र/राज्य सरकार या PSU में नियमित कर्मचारी न हो, और न ही किसी और समान योजना का लाभ ले रही हो (PMMVY के लिए)।
- आंशिक या पूर्ण दिव्यांग महिलाएं और BPL राशन कार्ड धारक महिलाएं भी दोनों योजनाओं के दायरे में आती हैं।
- हरियाणा की अपनी योजना सिर्फ हरियाणा में रहने वाले परिवारों के दूसरे बच्चे (बेटा) के लिए है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (दोनों योजनाओं के लिए अनिवार्य, डुप्लीकेशन रोकने हेतु)
- परिवार पहचान पत्र (Family ID/PPP)
- मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड — आंगनवाड़ी/अस्पताल से मिलता है
- आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक (DBT-enabled खाता)
- गर्भावस्था प्रमाण/ANC रिपोर्ट
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (बाद की किस्तों के लिए)
- टीकाकरण कार्ड (नवजात का)
PMMVY के लिए आवेदन कैसे करें
- नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र (AWC) या स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं, या pmmvy.wcd.gov.in पोर्टल खोलें।
- आशा वर्कर/आंगनवाड़ी वर्कर की मदद से Form 1-A भरें — वे घर जाकर भी जानकारी और दस्तावेज़ों में मदद कर सकती हैं।
- आधार, बैंक पासबुक, MCP कार्ड जैसे दस्तावेज़ जमा करें।
- फॉर्म इंचार्ज मेडिकल ऑफिसर की निगरानी में जमा और सत्यापित होता है।
- हर शर्त (पंजीकरण/ANC/जन्म पंजीकरण) पूरी होने पर संबंधित किस्त अपने-आप बैंक खाते में आती जाती है।
हरियाणा की मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के लिए अलग से आवेदन की ज़रूरत सामान्यतः नहीं पड़ती — यह Family ID और आधार के ज़रिए स्वतः जुड़ जाती है, बशर्ते दूसरा बच्चा बेटा हो और सारी शर्तें (पंजीकरण, ANC, जन्म पंजीकरण, टीकाकरण) पूरी हों। दिक्कत होने पर आंगनवाड़ी केंद्र या ज़िला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से संपर्क करें।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- दूसरे बच्चे के बेटा होने पर PMMVY से पैसा न मिलने पर निराश हो जाना — यह सामान्य बात है, इसके लिए हरियाणा की अपनी योजना देखें।
- गर्भावस्था का पंजीकरण देर से कराना — इससे पहली किस्त में देरी या नुकसान हो सकता है।
- आधार-लिंक्ड बैंक खाता न होना — बिना इसके DBT से पैसा नहीं आ सकता।
- 45 दिन से ज़्यादा देरी होने पर भी शिकायत दर्ज न कराना — हरियाणा की योजना Right to Services Act के तहत है, इसलिए Grievance Officer से संपर्क करने का अधिकार है।
संबंधित सेवाएं और योजनाएं
मातृत्व लाभ से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:
- जननी सुरक्षा योजना (Janani Suraksha Yojna) 2026
- परिवार पहचान पत्र हरियाणा 2026 (PPP)
- मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा 2026
- मिशन POSHAN 2.0 (सक्षम आंगनवाड़ी) 2026
- हरियाणा राशन कार्ड (PDS) 2026
- जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हरियाणा में मातृत्व लाभ के लिए कौन सी योजना लागू होती है?
दो योजनाएं साथ में लागू होती हैं — केंद्र की PMMVY (पहला बच्चा + दूसरी बेटी) और हरियाणा सरकार की अपनी मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना (दूसरा बेटा)।
अगर दूसरा बच्चा बेटा हो तो क्या कोई लाभ मिलेगा?
हां, हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना से ₹5,000 एकमुश्त मिलता है — यह खासतौर पर इसी स्थिति को कवर करने के लिए बनाई गई है।
PMMVY के तहत कुल कितनी राशि मिल सकती है?
पहले जीवित बच्चे पर ₹5,000 (किस्तों में), और अगर दूसरा बच्चा बेटी है तो अतिरिक्त ₹6,000 एकमुश्त।
हरियाणा की अपनी योजना के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है क्या?
आमतौर पर नहीं — यह Family ID और आधार के ज़रिए PPP-DBT से स्वतः जुड़ती है, बशर्ते शर्तें पूरी हों।
PMMVY के लिए कहां आवेदन करें?
नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, आशा वर्कर के ज़रिए, या pmmvy.wcd.gov.in पोर्टल से।
क्या सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं पात्र हैं?
नहीं, जो महिलाएं केंद्र/राज्य सरकार या PSU में नियमित कर्मचारी हैं या समान योजना का लाभ ले रही हैं, वे PMMVY के लिए पात्र नहीं हैं।
राशि आने में कितना समय लगता है?
हरियाणा की अपनी योजना में Right to Services Act के तहत पूरा आवेदन जमा होने के लगभग 45 दिन के भीतर राशि जारी की जाती है। PMMVY में समय आवेदन और वेरिफिकेशन पर निर्भर करता है।
तीसरे या उसके बाद के बच्चे पर कोई लाभ मिलता है क्या?
नहीं, दोनों योजनाएं सिर्फ पहले और दूसरे बच्चे तक सीमित हैं।
देरी होने पर शिकायत कहां करें?
हरियाणा की योजना में देरी पर संबंधित ज़िले के Grievance Officer से संपर्क किया जा सकता है, क्योंकि यह Right to Services Act के तहत आती है।
आधार क्यों अनिवार्य है?
डुप्लीकेट लाभ या गड़बड़ी रोकने के लिए दोनों योजनाओं में भुगतान सिर्फ लाभार्थी के आधार नंबर के सत्यापन पर आधारित है।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



