🔴 अपडेट (जुलाई 2026)
| जननी सुरक्षा योजना की मुख्य राशियां (LPS राज्यों में ग्रामीण ₹1,400 / शहरी ₹1,000) 2026 में भी वही हैं — यह एक स्थिर, वर्षों से अपरिवर्तित योजना है। इस अपडेट में एचपीएस (High Performing States) तालिका की गणना ठीक की गई है — पुराने वर्ज़न में आशा पैकेज और कुल राशि के आंकड़े गलत थे। सही आंकड़े नीचे तालिका में देखें। ध्यान दें: JSY के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY, ₹5,000) भी ली जा सकती है — यह अलग योजना है, लेकिन पात्र महिलाएं दोनों का लाभ ले सकती हैं। |
सीधा जवाब
भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत शुरू की गई जननी सुरक्षा योजना एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 12 अप्रैल 2005 को हुई थी। इसके अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली महिलाओं को संस्थागत प्रसव (सरकारी अस्पताल में डिलीवरी) कराने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है, जिससे प्रशिक्षित दाई/नर्स/डॉक्टर की देखरेख में शिशु जन्म हो सके और माँ व नवजात को गर्भ से जुड़ी जटिलताओं तथा मृत्यु से बचाया जा सके।
📊 जननी सुरक्षा योजना 2026 – एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | जननी सुरक्षा योजना (JSY) |
| शुरुआत की तारीख | 12 अप्रैल 2005 |
| संचालक मंत्रालय | राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय |
| लाभार्थी | गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की गर्भवती महिलाएं |
| मुख्य लाभ | संस्थागत प्रसव पर नकद प्रोत्साहन राशि |
| सहायता राशि (LPS राज्य) | ग्रामीण ₹1,400 / शहरी ₹1,000 |
| सहायता राशि (HPS राज्य) | ग्रामीण ₹700 / शहरी ₹600 |
| घर पर प्रसव (BPL) | ₹500 |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑफलाइन — ASHA/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से |
| आधिकारिक वेबसाइट | nhm.gov.in |
| अंतिम अद्यतन | जुलाई 2026 |
🎯 जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य
जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य बच्चे के जन्म के समय मां एवं नवजात मृत्यु दर को कम करना है। इसके लिए सरकार सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी को प्रोत्साहित करना चाहती है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं पारिवारिक स्थिति सही न होने के कारण अपने बच्चे और स्वयं की पूर्ण देखभाल नहीं कर पातीं, जिस कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को चिकित्सा सुविधाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता — योजना के अंतर्गत महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे मां और बच्चे दोनों की मृत्यु दर में कमी आती है।
✨ जननी सुरक्षा योजना की विशेषताएं
- यह योजना पूर्ण रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए लागू की गई है।
- लाभ लेने के लिए जननी सुरक्षा कार्ड बनवाना अनिवार्य है।
- यह पूर्ण रूप से केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें नकद सहायता को एकीकृत किया जाता है।
- यह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, लेकिन मुख्य लक्ष्य निम्न प्रदर्शन करने वाले राज्यों (LPS) जैसे बिहार, उड़ीसा, राजस्थान, झारखंड, एमपी, यूपी, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ का विकास करना है।
- पंजीकृत सभी महिलाओं को कम से कम दो प्रसव-पूर्व जाँच बिल्कुल मुफ्त दी जाती हैं। ASHA और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता डिलीवरी के बाद की अवधि में भी सहायता करती हैं।
- इस योजना ने ASHA को मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में पहचान दी है।
- जो गर्भवती महिलाएं आंगनवाड़ी/ASHA की सहायता से घर पर बच्चे को जन्म देती हैं (केवल BPL), उन्हें ₹500 की राशि मिलती है।
- बच्चे की निःशुल्क डिलीवरी के बाद पांच साल तक जच्चा-बच्चा के टीकाकरण की जानकारी भेजी जाती है और निःशुल्क टीकाकरण किया जाता है।
- बच्चे के जन्म के लिए कोई खर्च नहीं लगता।
✅ जननी सुरक्षा योजना पात्रता
- देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की गर्भवती महिलाएं पंजीकरण करवा सकती हैं।
- गर्भवती महिला की आयु 19 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए।
- जननी सुरक्षा कार्ड बना होना चाहिए।
- दो से अधिक बच्चों के लिए इस योजना का कोई लाभ नहीं दिया जाएगा।
- गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली सभी गर्भवती महिलाएं पात्र होंगी।
- पंजीकृत महिलाओं को केवल सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा चयनित निजी चिकित्सा संस्थान में ही जाना होगा।
📋 आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी कार्ड
- सरकारी अस्पताल द्वारा जारी डिलीवरी सर्टिफिकेट
- बीपीएल राशन कार्ड
- जननी सुरक्षा कार्ड
- बैंक अकाउंट पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
📝 आवेदन की प्रक्रिया
- सबसे पहले ASHA या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के ऑफिस में जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त करें — यह फॉर्म ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
- सभी जानकारी भरने के बाद निकटतम ग्राम/पंचायत कार्यालय में जमा करें।
- प्राधिकृत अधिकारी द्वारा आवेदन पत्र की जाँच की जाएगी।
- जाँच में योग्य पाए जाने पर योजना के तहत निर्धारित राशि आपके बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी।
💰 संस्थागत/घर पर प्रसव पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि
शासकीय अस्पतालों में संस्थागत प्रसव होने पर गर्भवती महिला को निम्नानुसार प्रोत्साहन राशि दी जाती है:
| श्रेणी | ग्रामीण — माता | ग्रामीण — आशा | ग्रामीण — कुल | शहरी — माता | शहरी — आशा | शहरी — कुल |
| LPS (निम्न प्रदर्शन वाले राज्य) | ₹1,400 | ₹600 | ₹2,000 | ₹1,000 | ₹200 | ₹1,200 |
| HPS (उच्च प्रदर्शन वाले राज्य) | ₹700 | ₹200 | ₹900 | ₹600 | ₹200 | ₹800 |
नोट: बिहार, उड़ीसा, राजस्थान, झारखंड, एमपी, यूपी, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य LPS श्रेणी में आते हैं। शासकीय अस्पताल के पेइंग वार्ड में भर्ती प्रसूता को JSY के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि की पात्रता नहीं होगी। घर में प्रसव होने पर केवल BPL (ग्रामीण एवं शहरी) गर्भवती महिला को — BPL प्रमाण पत्र के साथ — ₹500 की राशि दी जाती है।
🔗 JSY के साथ मिलने वाली अन्य योजना
| प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) — ₹5,000 अतिरिक्त सहायता PMMVY, JSY से अलग योजना है, लेकिन दोनों एक साथ ली जा सकती हैं। पहले बच्चे के लिए पात्र महिलाओं को PMMVY के तहत ₹5,000 अतिरिक्त मिलते हैं (आंगनवाड़ी केंद्र या pmmvy.wcd.gov.in से आवेदन)। यानी JSY (₹1,400) + PMMVY (₹5,000) मिलाकर ₹6,400 तक की सहायता संभव है। पूरी पात्रता व आवेदन प्रक्रिया के लिए अपने आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क करें। |
🔗 संबंधित सरकारी योजनाएं
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (Bihar) — बेटियों के लिए शिक्षा सहायता
- आयुष्मान भारत योजना — ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज
- प्रधानमंत्री जन धन योजना — ज़ीरो बैलेंस खाता, DBT के लिए ज़रूरी
- ई-श्रम पोर्टल — असंगठित महिला श्रमिकों के लिए
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जननी सुरक्षा योजना में कितनी राशि मिलती है?
निम्न प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में ग्रामीण क्षेत्र की महिला को ₹1,400 और शहरी क्षेत्र की महिला को ₹1,000 मिलते हैं। उच्च प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) में यह राशि ग्रामीण ₹700 और शहरी ₹600 है। घर पर प्रसव कराने वाली BPL महिला को ₹500 मिलते हैं।
इस योजना के लिए कौन पात्र है?
19 वर्ष या अधिक आयु की, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली गर्भवती महिलाएं जिनके पास जननी सुरक्षा कार्ड है, इस योजना के लिए पात्र हैं। दो से अधिक बच्चों के लिए योजना का लाभ नहीं मिलता।
आवेदन कैसे करें?
अपने नज़दीकी ASHA या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें और जननी सुरक्षा कार्ड बनवाएं। आवेदन फॉर्म ASHA/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से या ऑनलाइन डाउनलोड करके भरा जा सकता है, फिर ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ ग्राम/पंचायत कार्यालय में जमा करना होता है।
क्या JSY और PMMVY दोनों का लाभ एक साथ मिल सकता है?
हाँ। दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं और पात्र महिलाएं दोनों का लाभ ले सकती हैं — JSY से संस्थागत प्रसव पर सहायता, और PMMVY से पहले बच्चे के लिए अतिरिक्त ₹5,000। पूरी जानकारी आंगनवाड़ी केंद्र से लें।
क्या निजी अस्पताल में डिलीवरी पर भी लाभ मिलेगा?
केवल सरकार द्वारा चयनित/मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सा संस्थानों में डिलीवरी पर ही लाभ मिलता है। सामान्य निजी अस्पतालों में डिलीवरी कराने पर योजना का लाभ नहीं मिलता।
अभी क्या करें?
अगर आप या आपके परिवार में कोई गर्भवती महिला है और अभी तक जननी सुरक्षा कार्ड नहीं बना है, तो आज ही अपने नज़दीकी ASHA या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें। सरकारी अस्पताल में ही प्रसव की योजना बनाएं ताकि प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ मुफ्त प्रसव-पूर्व जाँच और टीकाकरण का भी पूरा लाभ मिल सके।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



