🔔 ताज़ा अपडेट (2 नवंबर 2026) — पंजीकरण 9 नवंबर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2 नवंबर 2026 को देहरादून में देवभूमि परिवार पोर्टल का शुभारंभ किया। शासकीय आदेश के अनुसार उत्तराखंड देवभूमि परिवार अधिनियम, 2026 9 नवंबर 2026 से लागू होगा, और पंजीकरण भी 9 नवंबर से शुरू होगा। इससे पहले पोर्टल पर पंजीकरण नहीं होगा। तब तक तैयारी करें: आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा हो और उत्तराखंड के पते वाला एक निवास प्रमाण तैयार रखें। हेल्पलाइन: 1800-180-2525
✅ सीधा जवाब
देवभूमि परिवार आईडी में कोई नकद लाभ नहीं है — खाते में पैसा नहीं आता। यह हर परिवार की पहचान संख्या है, जिससे योजनाओं का लाभ बिना बार-बार कागज़ जमा किए लेना आसान होगा। पंजीकरण 9 नवंबर 2026 से devbhoomiparivar.uk.gov.in या CSC पर होगा। चाहिए सिर्फ दो चीज़ें: आधार कार्ड (e-KYC) और उत्तराखंड के पते वाला कोई एक निवास प्रमाण। परिवार की सबसे बड़ी उम्र की वयस्क महिला मुखिया होगी।
एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना/Act का नाम | देवभूमि परिवार विधेयक/अधिनियम 2026 |
| राज्य | उत्तराखंड |
| Bill विधानसभा में पेश | 10 मार्च 2026 (गैरसैंण/भराड़ीसैंण सत्र) |
| पेश किया | संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल |
| Governor की मंज़ूरी | 14 जून 2026 — लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह |
| मुख्यमंत्री | पुष्कर सिंह धामी |
| Database का नाम | “देवभूमि परिवार” |
| पोर्टल शुभारंभ | 2 नवंबर 2026 |
| अधिनियम लागू | 9 नवंबर 2026 |
| पंजीकरण शुरू | 9 नवंबर 2026 |
| आधिकारिक पोर्टल | devbhoomiparivar.uk.gov.in |
| आवेदन का तरीका | पोर्टल पर खुद या नजदीकी CSC से |
| जरूरी दस्तावेज़ | आधार (e-KYC) + उत्तराखंड पते का कोई एक प्रमाण |
| सत्यापन (गांव) | VPDO सत्यापन, ADO (पंचायत) मंज़ूरी |
| परिवार का मुखिया | सबसे बड़ी उम्र की वयस्क (18+) महिला |
| निवास पात्रता | 15 वर्ष या अधिक उत्तराखंड में निवास |
| हेल्पलाइन | 1800-180-2525 |
देवभूमि परिवार योजना क्या है?
देवभूमि परिवार आईडी योजना उत्तराखंड सरकार की एक डिजिटल पहचान योजना है जिसके अंतर्गत राज्य के प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट परिवार पहचान संख्या (Family Identity Number) प्रदान की जाएगी।
विधेयक में प्रदेश में “देवभूमि परिवार” नामक एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस बनाने का प्रावधान है — जिसकी ID में मुखिया के तौर पर परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा।
सरल शब्दों में — उत्तराखंड में अब हर परिवार का एक डिजिटल पहचान पत्र होगा — जो राशन कार्ड से लेकर पेंशन तक हर सरकारी योजना का आधार बनेगा।
UPSC/State PSC Perspective: यह VB-G RAM G के “Household-based Registration” approach के समान concept है — एक परिवार, एक ID, सभी schemes से linked। यह हरियाणा के Parivar Pehchan Patra (PPP) से प्रेरित है और Direct Benefit Transfer (DBT) Architecture को राज्य स्तर पर मज़बूत करता है। “सबसे बुज़ुर्ग महिला को मुखिया बनाना” — Women Empowerment और Family Headship में Gender-progressive policy का उदाहरण है।
देवभूमि परिवार पोर्टल लॉन्च — और 9 नवंबर की तारीख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2 नवंबर 2026 को मुख्य सेवक सदन, देहरादून से देवभूमि परिवार पोर्टल शुरू किया। इसी कार्यक्रम में विकसित उत्तराखंड विज़न-2047 भी जारी हुआ।
लेकिन ध्यान दें — पोर्टल पर लगे शासकीय आदेश के अनुसार उत्तराखंड देवभूमि परिवार अधिनियम, 2026, 9 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा और पंजीकरण प्रक्रिया उसी दिन से चलेगी। 9 नवंबर से पहले पोर्टल पर पंजीकरण नहीं होगा। इसलिए अभी कोई भी व्यक्ति, लिंक या ऐप “पहले से पंजीकरण” का दावा करे, तो सावधान रहें।
देवभूमि परिवार पोर्टल से क्या फायदे होंगे
| फायदा | आपके लिए मतलब |
| एकीकृत परिवार पहचान | परिवार और हर सदस्य की प्रमाणित जानकारी एक जगह |
| पात्रता के आधार पर योजना लाभ | जिन योजनाओं के आप पात्र हैं, उन तक आसान पहुंच |
| योजनाओं का समन्वय | विभागों के चक्कर कम, एक ही जानकारी बार-बार जमा नहीं करनी |
| डेटा आधारित सुशासन | सही आंकड़ों से योजना और निगरानी; दोहरे (duplicate) लाभार्थी रुकेंगे |
देवभूमि परिवार आईडी के लिए दस्तावेज़ (आधिकारिक सूची)
जरूरी दस्तावेज़ (Mandatory)
- आधार कार्ड — e-KYC के लिए
- उत्तराखंड के पते वाला निवास/जुड़ाव का प्रमाण — नीचे में से कोई एक:
| इनमें से कोई एक चलेगा |
| वोटर आईडी (EPIC) • राशन कार्ड • परिवार रजिस्टर की नकल |
| ड्राइविंग लाइसेंस • पासपोर्ट |
| बिजली / पानी / गैस का बिल |
| संपत्ति के दस्तावेज़ • नोटरी किया हुआ किरायानामा • बैंक दस्तावेज़ |
| निवास / मूल निवास (Domicile) प्रमाण पत्र |
| सेवा पुस्तिका की कॉपी / नियोक्ता प्रमाण पत्र (सिर्फ राज्य सरकार के पूर्णकालिक कर्मचारी/पेंशनर) |
अन्य दस्तावेज़ (वैकल्पिक — योजना/सेवा के हिसाब से)
| दस्तावेज़ | दस्तावेज़ |
| जन्म प्रमाण पत्र | उच्चतम शैक्षिक प्रमाण पत्र |
| जाति प्रमाण पत्र | श्रम कार्ड (लेबर कार्ड) |
| उत्तराखंड स्थायी निवास प्रमाण पत्र | विवाह प्रमाण पत्र |
| मृत्यु प्रमाण पत्र | PAN कार्ड |
| दिव्यांग प्रमाण पत्र | 12वीं की मार्कशीट |
| कर्मचारी आईडी (राज्य सरकार कर्मचारी/पेंशनर) | 10वीं की मार्कशीट |
मतलब साफ है: आईडी बनाने के लिए सिर्फ आधार और एक पता प्रमाण चाहिए। बाकी दस्तावेज़ जरूरी नहीं, पर जोड़ देंगे तो आगे जाति, दिव्यांग, श्रमिक जैसी योजनाओं में काम आएंगे।
9 नवंबर से पहले ये 3 तैयारी कर लें
- आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा और चालू हो — पूरी प्रक्रिया आधार OTP से होती है। नंबर बंद/गलत है तो आधार केंद्र पर अभी अपडेट कराएं।
- परिवार के हर सदस्य का आधार एक जगह रखें — नाम की स्पेलिंग और जन्मतिथि सही हो।
- उत्तराखंड पते का एक प्रमाण (ऊपर की सूची से) PDF/फोटो में तैयार रखें।
आईडी बनने के बाद: सदस्य जोड़ना, हटाना, अलग करना या दूसरे परिवार में ले जाना
नियोजन विभाग की SOP के अनुसार परिवार आईडी बनने के बाद मुखिया (Head of Family) अपने लॉगिन से चार तरह के बदलाव कर सकती हैं। हर बदलाव OTP से पुष्टि होता है और फिर सरकारी अधिकारी सत्यापन करते हैं।
| विकल्प | कब काम आएगा | क्या देना होगा |
| Add Member (नया सदस्य जोड़ें) | नवजात बच्चा या ऐसा व्यक्ति जो अभी किसी परिवार आईडी में नहीं है | उसका आधार नंबर + OTP से e-KYC; जन्म/जाति/स्थायी निवास प्रमाण अपलोड कर सकते हैं |
| Merge Member (दूसरे परिवार से लाएं) | शादी, तलाक या कानूनी बेदखली के बाद सदस्य को दूसरे परिवार से अपने परिवार में लाना | विवाह प्रमाण पत्र / तलाक डिक्री / शपथ पत्र + पता प्रमाण (गांव में ग्राम प्रधान, शहर में पार्षद) |
| Split Member (अलग परिवार बनाएं) | शादी, तलाक या बेदखली के बाद कुछ सदस्यों का अलग परिवार आईडी बनाना | नया मुखिया तय करें + विवाह प्रमाण पत्र / तलाक डिक्री / शपथ पत्र; सभी को OTP |
| Delete Member (नाम हटाएं) | मृत्यु, उत्तराखंड से बाहर बसना, शादी/अलगाव, अज्ञात सदस्य या बेदखली | कारण के हिसाब से प्रमाण (नीचे टेबल) |
Delete Member — किस कारण पर क्या प्रमाण
| कारण | जरूरी प्रमाण |
| मृत्यु | मृत्यु की तारीख और स्थान + मृत्यु प्रमाण पत्र |
| उत्तराखंड से बाहर चले गए | स्व-घोषणा पत्र, निवास प्रमाण, तबादला आदेश या विदेश जाने का प्रमाण |
| अज्ञात सदस्य | मुखिया का स्व-घोषणा पत्र |
| विवाह / अलगाव | विवाह प्रमाण पत्र, तलाक प्रमाण पत्र या UCC के अनुसार शपथ पत्र |
| बेदखली | सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी बेदखली का दस्तावेज़ |
कुछ जरूरी नियम जो SOP में हैं
- Add Member: अगर व्यक्ति पहले से किसी दूसरे परिवार आईडी में सक्रिय है, तो पोर्टल उसे Add नहीं करेगा — Merge Member इस्तेमाल करने को कहेगा।
- Merge Member: पुराने परिवार के मुखिया को भी OTP जाता है। वे OTP न दें तो उन्हें 48 घंटे में आपत्ति दर्ज करने का मौका मिलता है; आपत्ति न आए तो प्रक्रिया आगे बढ़ती है, आपत्ति आए तो भौतिक सत्यापन होगा।
- विवाह/तलाक के मामलों में UCC पंजीकरण से इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन भी हो सकता है।
- गलती से “मृत” दर्ज व्यक्ति को उसी परिवार में जीवन प्रमाण पत्र देकर दोबारा जोड़ा जा सकता है।
सत्यापन और मंज़ूरी कौन देगा
| क्षेत्र | सत्यापन (Verifier) | मंज़ूरी (Approver) |
| ग्रामीण | ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) | सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) — ADO (P) |
| शहरी | जिला देवभूमि परिवार अधिकारी द्वारा नामित | जिले में DDPO द्वारा तय अधिकारी |
उदाहरण से समझें: शादी के बाद पूजा का नाम नए परिवार में कैसे जाएगा
जसपुर ब्लॉक के एक गांव की पूजा की शादी देहरादून के एक गांव में हुई। पूजा का नाम उसके मायके के परिवार आईडी में है (मुखिया: उसकी दादी कमला देवी)। अब ससुराल वाले उसे अपने परिवार आईडी में जोड़ना चाहते हैं।
| कदम | क्या होगा |
| 1 | ससुराल की मुखिया (पूजा की सास) पोर्टल पर लॉगिन करके Merge Member चुनती हैं और पूजा का आधार नंबर डालती हैं |
| 2 | पोर्टल बताता है कि पूजा पहले से कमला देवी के परिवार आईडी में है; पूजा और कमला देवी दोनों को OTP जाता है |
| 3 | कमला देवी OTP दे दें तो अगला कदम; न दें तो उन्हें 48 घंटे में आपत्ति का मौका — आपत्ति नहीं आई तो प्रक्रिया आगे |
| 4 | कारण “विवाह” चुनकर शादी की तारीख, स्थान और विवाह प्रमाण पत्र अपलोड |
| 5 | ससुराल के गांव के ग्राम प्रधान का पता प्रमाण पत्र अपलोड |
| 6 | VPDO सत्यापन करते हैं (या UCC विवाह पंजीकरण से इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन), ADO (पंचायत) मंज़ूरी देते हैं |
| 7 | पूजा का नाम मायके की आईडी से हटकर ससुराल के परिवार आईडी में आ जाता है |
सीख: शादी के तुरंत बाद विवाह प्रमाण पत्र (UCC पंजीकरण) बनवा लें — यही इस पूरी प्रक्रिया का सबसे जरूरी कागज़ है।
संपर्क और हेल्पलाइन
| माध्यम | जानकारी |
| पोर्टल | devbhoomiparivar.uk.gov.in |
| हेल्पलाइन | 1800-180-2525 |
| सहायता ईमेल | [email protected] |
| तकनीकी समस्या | [email protected] |
| विभाग | देवभूमि परिवार प्रकोष्ठ, नियोजन विभाग, उत्तराखंड शासन |
डेटा सुरक्षा और सावधानी
परिवारों के डेटा का आदान-प्रदान डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अनुसार होगा। पंजीकरण सिर्फ आधिकारिक पोर्टल या CSC से करें। किसी अनजान लिंक, ऐप या व्यक्ति को आधार OTP न बताएं — 9 नवंबर से पहले “पंजीकरण” कराने का दावा करने वाला कोई भी लिंक नकली है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा — “देवभूमि परिवार विधेयक-2026 सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और उत्तराखंड के नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा।”
क्यों ज़रूरी थी यह योजना? — समस्या क्या थी
वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं।
समस्याएं:
- हर विभाग का अपना डेटाबेस — Ration Card, Pension, Health Schemes सब अलग
- Duplicate Beneficiaries — एक व्यक्ति कई schemes में अलग-अलग register
- गलत लाभार्थी तक पहुंचना — पारदर्शिता की कमी
- Resources का बेहतर उपयोग न होना
देवभूमि परिवार का समाधान:
- सभी विभागों का डेटा एक प्लेटफॉर्म पर
- Duplication की जांच — एक परिवार, एक ID
- नागरिक और सरकार दोनों — पात्रता और लाभ का overview
Devbhoomi Parivar ID में क्या-क्या दर्ज होगा?
देवभूमि परिवार आईडी एक विशेष पहचान संख्या होगी, जो राज्य में रहने वाले पात्र परिवारों को दी जाएगी। इस आईडी में परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज होगी।आधार e-KYC से नाम, लिंग, उम्र और पता अपने आप आएंगे; माता-पिता का नाम, मोबाइल, जाति श्रेणी भरनी होगी।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| मुखिया | 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य |
| सभी सदस्यों की जानकारी | नाम, आयु, संबंध आदि |
| योजनाओं का लाभ | कौन सा परिवार किन योजनाओं का लाभ ले रहा है |
| पारिवारिक डेटाबेस | ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए |
हरियाणा की Parivar Pehchan Patra (PPP) से तुलना
यह पहल हरियाणा की ‘परिवार पहचान पत्र’ योजना के अनुरूप है।
| विशेषता | हरियाणा PPP | देवभूमि परिवार (उत्तराखंड) |
|---|---|---|
| ID Type | Family ID | Family ID (देवभूमि परिवार ID) |
| मुखिया | परिवार का कोई भी सदस्य | वरिष्ठतम महिला सदस्य (18+) |
| निवास पात्रता | राज्य निवासी | 15 वर्ष या अधिक निवास |
| उद्देश्य | Scheme Integration | Scheme Integration + Transparency |
VB-G RAM G से Similarity — Household Registration Trend
यह योजना VB-G RAM G के “Household-based Registration” approach से मिलती है — जहाँ परिवार के स्तर पर एक Unique ID बनती है और सभी सदस्यों की जानकारी एक साथ दर्ज होती है।
यह दिखाता है कि “One Family, One ID” का governance model अब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर अपनाया जा रहा है।
आगे क्या होगा? — Implementation Timeline
| चरण | स्थिति |
|---|---|
| Bill विधानसभा में पेश | ✅ 10 मार्च 2026 |
| विधानसभा से पास | ✅ (Governor approval से पहले अनिवार्य) |
| Governor की मंज़ूरी | ✅ 14 जून 2026 |
| पोर्टल शुभारंभ | 2 नवंबर 2026 |
| अधिनियम लागू, पंजीकरण शुरू | 9 नवंबर 2026 |
| Family ID Distribution | आगे घोषित होगा |
संबंधित योजनाएं
- VB-G RAM G Registration Process → — Household-based ID का similar concept
- PM जन धन योजना →
- आयुष्मान वय वंदना कार्ड →
- मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (MP) → — अन्य State Scheme
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
देवभूमि परिवार आईडी का पंजीकरण कब से शुरू होगा?
उत्तराखंड देवभूमि परिवार अधिनियम, 2026 9 नवंबर 2026 से लागू होगा और पंजीकरण भी उसी दिन से शुरू होगा। पोर्टल पर साफ लिखा है कि इससे पहले पंजीकरण नहीं होगा।
देवभूमि परिवार पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?
devbhoomiparivar.uk.gov.in — पंजीकरण सिर्फ इसी वेबसाइट या नजदीकी CSC से करें।
देवभूमि परिवार आईडी के लिए कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
दो: (1) आधार कार्ड (e-KYC के लिए) और (2) उत्तराखंड के पते वाला कोई एक निवास/जुड़ाव प्रमाण — जैसे वोटर आईडी, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, बिजली/पानी/गैस बिल, संपत्ति के कागज़, नोटरी किरायानामा, बैंक दस्तावेज़ या निवास/मूल निवास प्रमाण पत्र।
देवभूमि परिवार आईडी से कितना पैसा मिलेगा?
कोई सीधा पैसा नहीं मिलता। यह परिवार की पहचान संख्या है, जिससे राज्य और केंद्र की योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा। हर योजना की पात्रता अलग रहेगी।
परिवार का मुखिया कौन होगा?
परिवार की सबसे बड़ी उम्र की वयस्क (18 वर्ष से ऊपर) महिला सदस्य मुखिया (Head of Family) दर्ज होगी।
आईडी बनने के बाद नया सदस्य कैसे जुड़ेगा?
मुखिया पोर्टल पर लॉगिन करके Add Member चुनें, नए सदस्य का आधार नंबर डालें और OTP से e-KYC करें। इसके बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भौतिक सत्यापन करेंगे।
शादी के बाद बेटी/बहू का नाम एक परिवार से दूसरे में कैसे जाएगा?
नए परिवार के मुखिया Merge Member विकल्प से सदस्य का आधार या परिवार आईडी डालें। विवाह प्रमाण पत्र और गांव में ग्राम प्रधान/शहर में पार्षद का पता प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए तो क्या करें?
मुखिया Delete Member से उस सदस्य को चुनें, मृत्यु की तारीख और स्थान भरें, मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करें और OTP से पुष्टि करें। सत्यापन के बाद नाम हटेगा।
सत्यापन कौन करेगा?
गांव में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) सत्यापन और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) मंज़ूरी देंगे। शहरों में जिला स्तर पर नामित अधिकारी सत्यापन और मंज़ूरी देंगे।
आधार से मोबाइल नंबर नहीं जुड़ा है तो क्या होगा?
पंजीकरण और सदस्य जोड़ने में आधार OTP से e-KYC होती है। आधार से जुड़ा मोबाइल बंद या गलत हो तो e-KYC फेल होगी। 9 नवंबर से पहले आधार केंद्र पर मोबाइल नंबर अपडेट करा लें।
देवभूमि परिवार हेल्पलाइन नंबर क्या है?
हेल्पलाइन 1800-180-2525 है। ईमेल: [email protected]
देवभूमि परिवार योजना क्या है?
उत्तराखंड के हर पात्र परिवार को एक Unique Family Identity Number (Devbhoomi Parivar ID) देने की योजना — जो सभी सरकारी योजनाओं से जुड़ी होगी।
Bill को कब मंज़ूरी मिली?
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 14 जून 2026 को देवभूमि परिवार विधेयक-2026 को मंज़ूरी दी।
कौन पात्र है इस योजना के लिए?
वे परिवार जो 15 वर्ष या अधिक समय से उत्तराखंड में निवास कर रहे हैं।
यह योजना किस अन्य राज्य की scheme जैसी है?
हरियाणा की ‘परिवार पहचान पत्र’ (PPP) योजना के अनुरूप।
Bill विधानसभा में कब पेश हुआ?
10 मार्च 2026 को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) बजट सत्र में — संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा।
क्या ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र cover होंगे?
हाँ — दोनों क्षेत्रों के परिवारों का comprehensive dynamic database बनेगा।
इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
पारदर्शिता बढ़ाना, प्रशासनिक दक्षता सुधारना और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना।
आधिकारिक स्रोत
- ETV Bharat — Governor Approval, 14 जून 2026
- The Print Hindi — Bill Introduction, 10 मार्च 2026
- उत्तराखंड शासन — uk.gov.in
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



