🚨 Breaking (14 जून 2026): राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” को मंज़ूरी दे दी है — अब यह Devbhoomi Parivar Yojana Act बन गया है। उत्तराखंड में हर परिवार को मिलेगी Unique Family ID।
देवभूमि परिवार योजना उत्तराखंड सरकार की एक डिजिटल पहचान योजना है जिसके अंतर्गत राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को एक Unique Family Identity Number (Devbhoomi Parivar ID) दी जाएगी। यह हरियाणा की ‘परिवार पहचान पत्र’ योजना के अनुरूप है। इस ID में परिवार के मुखिया के तौर पर 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा। 10 मार्च 2026 को Bill विधानसभा में पेश हुआ, और 14 जून 2026 को राज्यपाल ने इसे मंज़ूरी दे दी — अब यह कानून बन गया है।
Table of Contents
एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना/Act का नाम | देवभूमि परिवार विधेयक/अधिनियम 2026 |
| राज्य | उत्तराखंड |
| Bill विधानसभा में पेश | 10 मार्च 2026 (गैरसैंण/भराड़ीसैंण सत्र) |
| पेश किया | संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल |
| Governor की मंज़ूरी | 14 जून 2026 — लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह |
| मुख्यमंत्री | पुष्कर सिंह धामी |
| Database का नाम | “देवभूमि परिवार” |
| ID में मुखिया | 18+ आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य |
| निवास पात्रता | 15 वर्ष या अधिक उत्तराखंड में निवास |
| Similar Scheme | हरियाणा “परिवार पहचान पत्र” (PPP) |
देवभूमि परिवार योजना क्या है?
देवभूमि परिवार आईडी योजना उत्तराखंड सरकार की एक डिजिटल पहचान योजना है जिसके अंतर्गत राज्य के प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट परिवार पहचान संख्या (Family Identity Number) प्रदान की जाएगी।
विधेयक में प्रदेश में “देवभूमि परिवार” नामक एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस बनाने का प्रावधान है — जिसकी ID में मुखिया के तौर पर परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा।
सरल शब्दों में — उत्तराखंड में अब हर परिवार का एक डिजिटल पहचान पत्र होगा — जो राशन कार्ड से लेकर पेंशन तक हर सरकारी योजना का आधार बनेगा।
UPSC/State PSC Perspective: यह VB-G RAM G के “Household-based Registration” approach के समान concept है — एक परिवार, एक ID, सभी schemes से linked। यह हरियाणा के Parivar Pehchan Patra (PPP) से प्रेरित है और Direct Benefit Transfer (DBT) Architecture को राज्य स्तर पर मज़बूत करता है। “सबसे बुज़ुर्ग महिला को मुखिया बनाना” — Women Empowerment और Family Headship में Gender-progressive policy का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा — “देवभूमि परिवार विधेयक-2026 सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और उत्तराखंड के नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा।”
क्यों ज़रूरी थी यह योजना? — समस्या क्या थी
वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं।
समस्याएं:
- हर विभाग का अपना डेटाबेस — Ration Card, Pension, Health Schemes सब अलग
- Duplicate Beneficiaries — एक व्यक्ति कई schemes में अलग-अलग register
- गलत लाभार्थी तक पहुंचना — पारदर्शिता की कमी
- Resources का बेहतर उपयोग न होना
देवभूमि परिवार का समाधान:
- सभी विभागों का डेटा एक प्लेटफॉर्म पर
- Duplication की जांच — एक परिवार, एक ID
- नागरिक और सरकार दोनों — पात्रता और लाभ का overview
Devbhoomi Parivar ID में क्या-क्या दर्ज होगा?
देवभूमि परिवार आईडी एक विशेष पहचान संख्या होगी, जो राज्य में रहने वाले पात्र परिवारों को दी जाएगी। इस आईडी में परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज होगी।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| मुखिया | 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य |
| सभी सदस्यों की जानकारी | नाम, आयु, संबंध आदि |
| योजनाओं का लाभ | कौन सा परिवार किन योजनाओं का लाभ ले रहा है |
| पारिवारिक डेटाबेस | ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए |
पात्रता — कौन Apply कर सकता है?
देवभूमि परिवार आईडी के लिए पात्र — वे व्यक्ति या परिवार जो 15 वर्षों या उससे अधिक समय से उत्तराखंड में निवास कर रहे हैं।
- उत्तराखंड में 15 वर्ष या अधिक से निवासरत परिवार
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्र दोनों के परिवार eligible
- परिवार में 18+ आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का होना — मुखिया के लिए आवश्यक
हरियाणा की Parivar Pehchan Patra (PPP) से तुलना
यह पहल हरियाणा की ‘परिवार पहचान पत्र’ योजना के अनुरूप है।
| विशेषता | हरियाणा PPP | देवभूमि परिवार (उत्तराखंड) |
|---|---|---|
| ID Type | Family ID | Family ID (देवभूमि परिवार ID) |
| मुखिया | परिवार का कोई भी सदस्य | वरिष्ठतम महिला सदस्य (18+) |
| निवास पात्रता | राज्य निवासी | 15 वर्ष या अधिक निवास |
| उद्देश्य | Scheme Integration | Scheme Integration + Transparency |
VB-G RAM G से Similarity — Household Registration Trend
यह योजना VB-G RAM G के “Household-based Registration” approach से मिलती है — जहाँ परिवार के स्तर पर एक Unique ID बनती है और सभी सदस्यों की जानकारी एक साथ दर्ज होती है।
यह दिखाता है कि “One Family, One ID” का governance model अब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर अपनाया जा रहा है।
आगे क्या होगा? — Implementation Timeline
| चरण | स्थिति |
|---|---|
| Bill विधानसभा में पेश | ✅ 10 मार्च 2026 |
| विधानसभा से पास | ✅ (Governor approval से पहले अनिवार्य) |
| Governor की मंज़ूरी | ✅ 14 जून 2026 |
| Act का Notification | जल्द संभावित |
| Database Creation शुरू | Notification के बाद |
| Family ID Distribution | आगे घोषित होगा |
अभी इस article में update होगा जब Registration process और portal की जानकारी सरकार द्वारा जारी की जाएगी।
संबंधित योजनाएं
- VB-G RAM G Registration Process → — Household-based ID का similar concept
- PM जन धन योजना →
- आयुष्मान वय वंदना कार्ड →
- मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (MP) → — अन्य State Scheme
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
देवभूमि परिवार योजना क्या है?
उत्तराखंड के हर पात्र परिवार को एक Unique Family Identity Number (Devbhoomi Parivar ID) देने की योजना — जो सभी सरकारी योजनाओं से जुड़ी होगी।
Bill को कब मंज़ूरी मिली?
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने 14 जून 2026 को देवभूमि परिवार विधेयक-2026 को मंज़ूरी दी।
Family ID में मुखिया कौन होगा?
परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य।
कौन पात्र है इस योजना के लिए?
वे परिवार जो 15 वर्ष या अधिक समय से उत्तराखंड में निवास कर रहे हैं।
यह योजना किस अन्य राज्य की scheme जैसी है?
हरियाणा की ‘परिवार पहचान पत्र’ (PPP) योजना के अनुरूप।
Bill विधानसभा में कब पेश हुआ?
10 मार्च 2026 को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) बजट सत्र में — संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा।
इस योजना से क्या फायदा होगा?
विभिन्न विभागों का बिखरा हुआ data एक platform पर आएगा — duplicate beneficiaries की पहचान होगी और योजनाओं का लाभ सही परिवार तक पहुंचेगा।
क्या ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र cover होंगे?
हाँ — दोनों क्षेत्रों के परिवारों का comprehensive dynamic database बनेगा।
क्या अभी Registration शुरू हो गया है?
Governor की मंज़ूरी 14 जून 2026 को मिली है — Notification और Registration process की जानकारी आगे सरकार द्वारा जारी होगी।
इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
पारदर्शिता बढ़ाना, प्रशासनिक दक्षता सुधारना और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना।
आधिकारिक स्रोत
- ETV Bharat — Governor Approval, 14 जून 2026
- The Print Hindi — Bill Introduction, 10 मार्च 2026
- उत्तराखंड शासन — uk.gov.in
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.
