| ताज़ा अपडेट (अगस्त 2026): • Parivahan पोर्टल पर Rule 32 (Central Motor Vehicles Rules) के तहत केंद्रीय फीस जुलाई 2026 में वेरिफाई की गई है — लर्नर लाइसेंस ₹150/क्लास, LL टेस्ट ₹50, ड्राइविंग टेस्ट ₹300, DL जारी करने की फीस ₹200। • दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में अब लर्नर लाइसेंस टेस्ट आधार e-KYC के साथ घर बैठे ऑनलाइन दिया जा सकता है — कुछ राज्यों में अभी भी RTO जाना पड़ता है। • DigiLocker या mParivahan ऐप से निकाला गया डिजिटल DL ट्रैफिक पुलिस चेकिंग में फिजिकल कार्ड जितना ही कानूनी रूप से मान्य है — सड़क परिवहन मंत्रालय की एडवाइज़री के अनुसार। • डुप्लीकेट DL अब पूरी तरह फेसलेस प्रक्रिया है — Sarathi पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन, बिना RTO जाए। |
| sarathi.parivahan.gov.in पर जाकर राज्य चुनें, फिर “Apply for Learner Licence” से पहले लर्नर लाइसेंस बनवाएं — आवेदन, दस्तावेज़, फीस और टेस्ट-स्लॉट सब ऑनलाइन होता है। LL इशू होने के 30 दिन बाद और 180 दिन के अंदर “Apply for Driving Licence” से परमानेंट DL के लिए आवेदन करें, ड्राइविंग टेस्ट पास करना ज़रूरी है। DL डाउनलोड करने के लिए Sarathi पोर्टल, mParivahan ऐप या DigiLocker इस्तेमाल करें — यह डिजिटल कॉपी फिजिकल कार्ड जितनी ही मान्य है। रिन्यूअल और डुप्लीकेट DL के लिए भी वही पोर्टल है — RTO जाने की ज़रूरत नहीं, सिर्फ ड्राइविंग टेस्ट के लिए जाना पड़ता है। |
Quick Info Table
| सेवा | तरीका | फीस | समय |
| लर्नर लाइसेंस (LL) — नया | sarathi.parivahan.gov.in | ₹150/क्लास + ₹50 टेस्ट | कुछ दिन |
| परमानेंट DL (LL के बाद) | sarathi.parivahan.gov.in | ₹300 ड्राइविंग टेस्ट + ₹200 इशू | कुछ दिन से हफ्ते (स्लॉट पर निर्भर) |
| DL डाउनलोड (डिजिटल कॉपी) | Sarathi / mParivahan / DigiLocker | मुफ्त | तुरंत |
| DL रिन्यूअल (एक्सपायरी से पहले/ग्रेस में) | Sarathi पोर्टल | लगभग ₹200 + स्मार्ट कार्ड शुल्क | कुछ दिन |
| डुप्लीकेट DL (खो जाने/खराब होने पर) | Sarathi पोर्टल (फेसलेस) | पोर्टल पर दिखाई गई फीस (राज्य अनुसार अलग) | कुछ दिन |
ड्राइविंग लाइसेंस क्यों ज़रूरी है?
सुरेश जी का लाइसेंस एक्सपायर हुए 2 महीने हो चुके थे और उन्हें पता ही नहीं चला — जब तक ट्रैफिक चेकिंग में चालान नहीं कटा। ग्रेस पीरियड निकल जाने के बाद उन्हें लेट फीस के साथ रिन्यू कराना पड़ा। DL सिर्फ गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं है — यह पहचान प्रमाण के तौर पर बैंक, एयरपोर्ट और कई सरकारी कामों में भी इस्तेमाल होता है। इसलिए समय पर बनवाना, डाउनलोड कर सेव रखना और एक्सपायरी से पहले रिन्यू कराना — तीनों ज़रूरी हैं।
लर्नर लाइसेंस (LL) कैसे बनाएं
पात्रता:
- 16 साल या उससे ऊपर: 50cc तक की गियरलेस मोटरसाइकिल, माता-पिता/अभिभावक की सहमति ज़रूरी
- 18 साल या उससे ऊपर: गियर वाली मोटरसाइकिल और हल्के मोटर वाहन (कार)
- 20 साल या उससे ऊपर (राज्य अनुसार अलग): ट्रांसपोर्ट/कमर्शियल वाहन — Form 1A मेडिकल सर्टिफिकेट ज़रूरी
आवेदन प्रक्रिया:
- sarathi.parivahan.gov.in खोलें और ड्रॉपडाउन से अपना राज्य चुनें।
- “Apply for Learner Licence” पर क्लिक करें।
- अगर राज्य में सुविधा है तो आधार OTP से e-KYC करें — इससे जानकारी अपने-आप भर जाती है और कई राज्यों में घर बैठे ऑनलाइन टेस्ट देने की सुविधा मिलती है।
- फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, पता और वाहन क्लास (मोटरसाइकिल/कार) चुनें — दोनों एक साथ चाहिए तो एक ही आवेदन में जोड़ें, सिर्फ एक अतिरिक्त क्लास फीस लगेगी, अलग आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
- उम्र प्रमाण, पता प्रमाण, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
- फीस ऑनलाइन भरें — पोर्टल राज्य और वाहन क्लास के हिसाब से कुल राशि खुद जोड़ देगा।
- LL टेस्ट का स्लॉट बुक करें, या अगर राज्य में सुविधा है तो ऑनलाइन टेस्ट तुरंत दें।
LL टेस्ट ट्रैफिक नियमों और सड़क संकेतों पर आधारित लगभग 20 सवालों का MCQ क्विज़ होता है, पास होने के लिए करीब 60% सही जवाब चाहिए। Sarathi पोर्टल पर ही प्रैक्टिस टेस्ट और सवालों का बैंक उपलब्ध है — आधे घंटे की तैयारी आमतौर पर काफी है।
परमानेंट DL कैसे बनाएं (LL के बाद)
लर्नर लाइसेंस 6 महीने (180 दिन) के लिए वैध होता है। दो तारीखें याद रखें: परमानेंट DL के लिए आवेदन LL बनने के 30 दिन बाद ही किया जा सकता है, और ड्राइविंग टेस्ट 180 दिन के अंदर पास करना ज़रूरी है — यानी लगभग 5 महीने की विंडो मिलती है।
- Sarathi पोर्टल पर राज्य चुनकर “Apply for Driving Licence” पर क्लिक करें।
- लर्नर लाइसेंस नंबर और जन्मतिथि डालें — पोर्टल आपकी मौजूदा जानकारी अपने-आप खींच लेगा।
- वाहन क्लास कन्फर्म करें, मांगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें और DL फीस भरें।
- “Appointments → DL Test Slot Booking” से ड्राइविंग टेस्ट का स्लॉट बुक करें — ज़्यादातर RTO सिर्फ 30 दिन पहले तक के स्लॉट खोलते हैं, इसलिए जल्दी बुक करें, बड़े शहरों में स्लॉट जल्दी भर जाते हैं।
- तय तारीख पर RTO या ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर मूल दस्तावेज़ और वाहन के साथ पहुंचें — ड्राइविंग स्कूल से सीखा है तो अक्सर स्कूल ही टेस्ट के लिए वाहन देता है।
टेस्ट पास होते ही लाइसेंस अप्रूव हो जाता है। राज्य के अनुसार डाक से फिजिकल स्मार्ट कार्ड मिलता है और/या डिजिटल लाइसेंस तुरंत DigiLocker में डाउनलोड किया जा सकता है।
DL डाउनलोड कैसे करें (डिजिटल कॉपी)
- Sarathi पोर्टल पर लॉगिन कर “Download DL” विकल्प चुनें, या
- mParivahan ऐप डाउनलोड कर DL नंबर और जन्मतिथि से “Driving Licence” जोड़ें, या
- DigiLocker ऐप/वेबसाइट पर जाकर “Ministry of Road Transport & Highways” से अपना DL लिंक करें।
तीनों तरीकों से मिली डिजिटल कॉपी ट्रैफिक पुलिस चेकिंग में फिजिकल कार्ड जितनी ही मान्य है — सड़क परिवहन मंत्रालय की एडवाइज़री के अनुसार, अलग से फिजिकल कार्ड साथ रखना ज़रूरी नहीं।
DL रिन्यूअल कैसे करें
एक्सपायरी तारीख से 1 साल पहले तक रिन्यूअल के लिए आवेदन किया जा सकता है। एक्सपायर होने के बाद 30 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है, जिसमें कोई पेनल्टी नहीं लगती।
- sarathi.parivahan.gov.in पर राज्य चुनकर “Services on Driving Licence” में “DL Renewal” चुनें।
- DL नंबर और जन्मतिथि डालकर मौजूदा जानकारी वेरिफाई करें।
- पुराने लाइसेंस की कॉपी, पता प्रमाण और फोटो अपलोड करें — 40 साल से ऊपर के आवेदकों को अक्सर Form 1A मेडिकल सर्टिफिकेट भी देना पड़ता है।
- फीस ऑनलाइन भरें — नेट बैंकिंग, UPI या डेबिट कार्ड से।
- आवेदन सबमिट करें और रसीद/एप्लीकेशन नंबर संभालकर रखें।
फीस और पेनल्टी (सामान्य ढांचा — राज्य अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है):
- ग्रेस पीरियड (30 दिन) के भीतर रिन्यू करने पर: सामान्य फीस लगभग ₹200 + स्मार्ट कार्ड शुल्क, कोई पेनल्टी नहीं
- ग्रेस पीरियड निकलने के बाद: फीस बढ़ सकती है, साथ ही एक्सपायरी के बाद हर साल (या उसके हिस्से) की देरी पर अतिरिक्त लेट फीस लग सकती है
- अगर लाइसेंस 5 साल से ज़्यादा समय से एक्सपायर है: रिन्यू नहीं हो सकता — नए सिरे से लर्नर लाइसेंस और ड्राइविंग टेस्ट की पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी होगी
नोट: ऊपर की पेनल्टी संरचना सामान्य दिशा-निर्देश है — सटीक ₹ राशि पब्लिश से पहले अपने राज्य के Sarathi पोर्टल पर ज़रूर कन्फर्म करें, क्योंकि यह राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
डुप्लीकेट DL कैसे बनाएं (खो जाने/खराब होने पर)
अगर मूल लाइसेंस चोरी हो गया, खो गया या पूरी तरह खराब हो गया है — लेकिन उसकी वैलिडिटी अभी बाकी है — तो डुप्लीकेट के लिए आवेदन करें।
- Sarathi पोर्टल पर राज्य चुनकर “Services on DL” में जाएं।
- अपना लाइसेंस नंबर और जन्मतिथि डालें — सिस्टम पुराना डेटा अपने-आप फेच कर लेगा।
- डुप्लीकेट क्यों चाहिए — चोरी, खोना या खराब होना — कारण चुनें।
- फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
- ऑनलाइन फीस भरें और रसीद सुरक्षित रखें।
यह पूरी प्रक्रिया फेसलेस है — RTO जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। डुप्लीकेट और रिन्यूअल में फर्क समझें: डुप्लीकेट तब मांगते हैं जब कार्ड खो/खराब हो पर वैलिडिटी बाकी हो; रिन्यूअल तब जब लाइसेंस की वैलिडिटी खत्म हो रही हो या हो चुकी हो।
ज़रूरी दस्तावेज़
- उम्र प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या आधार
- पता प्रमाण: आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी, बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट (राज्य की स्वीकृत सूची अनुसार)
- Form 1: शारीरिक फिटनेस की स्व-घोषणा (ज़्यादातर आवेदकों के लिए ऑनलाइन ही भरी जाती है)
- Form 1A: रजिस्टर्ड डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट — ट्रांसपोर्ट वाहन कैटेगरी और ज़्यादातर राज्यों में 40 साल से ऊपर के आवेदकों के लिए ज़रूरी
- पासपोर्ट साइज़ फोटो और हस्ताक्षर (स्कैन कॉपी)
फीस की पूरी लिस्ट (Rule 32, केंद्रीय — जुलाई 2026 वेरिफाइड)
| सेवा | फीस |
| लर्नर लाइसेंस (प्रति वाहन क्लास) | ₹150 |
| लर्नर लाइसेंस टेस्ट (प्रति प्रयास) | ₹50 |
| ड्राइविंग टेस्ट (प्रति प्रयास) | ₹300 |
| ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना | ₹200 |
यानी दो क्लास (मोटरसाइकिल + कार) के लिए दोनों चरणों में कुल केंद्रीय फीस लगभग ₹850 बैठती है। इसके ऊपर राज्य स्मार्ट-कार्ड, डाक या सर्विस चार्ज जोड़ सकते हैं, और अगर ड्राइविंग स्कूल का सहारा लिया है तो उसकी अलग फीस लगेगी। रिन्यूअल और डुप्लीकेट की फीस राज्य अनुसार अलग होती है, इसलिए आवेदन के समय पोर्टल पर दिखाई गई राशि ही अंतिम मानें।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- टेस्ट फेल होने पर दोबारा बिना गैप के स्लॉट बुक करने की कोशिश करना — आमतौर पर करीब 7 दिन का गैप ज़रूरी होता है, और फिर से ₹300 टेस्ट फीस देनी होगी।
- LL की 180 दिन की वैलिडिटी खत्म होने का इंतज़ार करना — इससे पूरी लर्नर लाइसेंस प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ेगी।
- रिन्यूअल को बहुत टालना — 30 दिन के ग्रेस पीरियड के बाद पेनल्टी शुरू हो जाती है, और 5 साल से ज़्यादा देरी पर रिन्यू ही नहीं हो पाता।
- फिजिकल कार्ड न मिलने पर परेशान होना — डिजिटल कॉपी (DigiLocker/mParivahan) कानूनी रूप से उतनी ही मान्य है, स्मार्ट कार्ड डाक से पहुंचने में कुछ दिन से हफ्ते लग सकते हैं।
संबंधित सेवाएं और योजनाएं
DL से जुड़ी इन सेवाओं की जानकारी भी देखें:
- आधार कार्ड अपडेट 2026: मोबाइल लिंक और डाउनलोड
- पैन कार्ड 2026: ऑनलाइन अप्लाई, डाउनलोड और आधार लिंक
- वोटर आईडी कार्ड 2026 – e-EPIC Download, नया नाम जोड़ें
- अग्निपथ योजना 2026 – Army, Navy, Air Force में अग्निवीर बनें
- EPFO 2026: PF बैलेंस चेक, UAN एक्टिवेशन और विथड्रॉल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह ऑनलाइन बन सकता है, RTO जाए बिना?
लगभग — आवेदन, फीस और दस्तावेज़ अपलोड हर जगह ऑनलाइन है, और कई राज्यों में LL टेस्ट भी ऑनलाइन होता है। पर असली ड्राइविंग टेस्ट के लिए RTO या ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक पर खुद जाना ही पड़ता है।
लर्नर लाइसेंस कितने दिन वैध रहता है?
जारी होने की तारीख से 6 महीने (180 दिन)। परमानेंट DL के लिए आवेदन 30 दिन बाद किया जा सकता है, और ड्राइविंग टेस्ट 180 दिन के अंदर पास करना ज़रूरी है।
ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाएं तो क्या होगा?
लगभग 7 दिन बाद दोबारा स्लॉट बुक कर सकते हैं, ₹300 टेस्ट फीस फिर से देनी होगी। रीटेस्ट की तारीख पर लर्नर लाइसेंस वैध होना ज़रूरी है।
DigiLocker से निकाला DL पुलिस चेकिंग में मान्य है क्या?
हां, सड़क परिवहन मंत्रालय की एडवाइज़री के अनुसार DigiLocker या mParivahan से मिला डिजिटल DL फिजिकल कार्ड जितना ही कानूनी रूप से मान्य है।
क्या अपने होम स्टेट के अलावा किसी और राज्य से DL बनवा सकते हैं?
हां, जहां आप फिलहाल रहते हैं वहां का वैध पता प्रमाण हो तो वहीं से आवेदन कर सकते हैं। एक बार बना लाइसेंस पूरे भारत में मान्य होता है।
DL रिन्यूअल कब कराना चाहिए?
एक्सपायरी तारीख से 1 साल पहले तक आवेदन किया जा सकता है। एक्सपायरी के बाद 30 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है, जिसमें कोई पेनल्टी नहीं लगती — उसके बाद देर होने पर फीस और पेनल्टी बढ़ती जाती है।
अगर लाइसेंस बहुत पुराना एक्सपायर हो चुका है तो क्या होगा?
5 साल से ज़्यादा समय से एक्सपायर लाइसेंस रिन्यू नहीं हो सकता — ऐसी स्थिति में नए सिरे से लर्नर लाइसेंस बनवाकर पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी होगी।
डुप्लीकेट DL और रिन्यूअल में क्या फर्क है?
डुप्लीकेट तब बनवाते हैं जब कार्ड खो जाए या खराब हो जाए पर उसकी वैलिडिटी अभी बाकी हो। रिन्यूअल तब कराते हैं जब लाइसेंस की वैलिडिटी खत्म होने वाली हो या हो चुकी हो।
क्या ड्राइविंग स्कूल का सर्टिफिकेट ज़रूरी है?
प्राइवेट (गैर-ट्रांसपोर्ट) लाइसेंस के लिए ज़्यादातर राज्यों में ज़रूरी नहीं — कहीं से भी सीखकर सीधे टेस्ट दे सकते हैं। ट्रांसपोर्ट वाहन लाइसेंस के लिए आमतौर पर ट्रेनिंग दस्तावेज़ या ड्राइविंग स्कूल सर्टिफिकेट (Form 5) चाहिए हो सकता है।
आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?
sarathi.parivahan.gov.in पर राज्य चुनकर “Application Status” में एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालें — डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, टेस्ट शेड्यूल, टेस्ट पास या लाइसेंस डिस्पैच जैसा मौजूदा स्टेटस दिख जाएगा।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



