📌 अपडेट (मई 2026): मध्यप्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) के शिक्षित युवाओं के लिए 2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित हैं — भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना (₹1 लाख-₹50 लाख) और साथ चलने वाली टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना (₹10,000-₹1 लाख) के तहत। आवेदन SAMAST Portal पर — जिसमें 5% तक की Interest Subsidy मिलती है।
भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक scheme है, जिसे 6 सितंबर 2022 को CM शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में Cabinet ने मंज़ूरी दी थी। यह जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित होती है, और 18 से 55 वर्ष के अनुसूचित जनजाति (ST) के युवाओं को — जो कम से कम 8वीं पास हों — Manufacturing के लिए ₹1 लाख से ₹50 लाख और Service/Retail के लिए ₹1 लाख से ₹25 लाख तक का Loan देती है। साथ में 5% तक की Interest Subsidy भी मिलती है। Apply SAMAST Portal (samast.mponline.mp.gov.in) पर — Adivasi Vitt Vikas Nigam के through।
Table of Contents
एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना |
| राज्य | मध्यप्रदेश |
| Cabinet Approval | 6 सितंबर 2022 |
| नोडल विभाग | जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग |
| Implementing Agency | आदिवासी वित्त एवं विकास निगम |
| Target Community | अनुसूचित जनजाति (ST) |
| आयु सीमा | 18 से 55 वर्ष |
| शैक्षणिक योग्यता | न्यूनतम 8वीं पास |
| Manufacturing Loan | ₹1 लाख से ₹50 लाख |
| Service/Retail Loan | ₹1 लाख से ₹25 लाख |
| Interest Subsidy | 5% तक |
| Apply Portal | SAMAST Portal — samast.mponline.mp.gov.in |
| Sister Scheme | टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना (₹10,000-₹1 लाख) |
भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना क्या है?
6 सितंबर 2022 को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्व-रोज़गार के अधिक अवसर देने के लिए तीन योजनाओं को मंज़ूरी दी — भगवान बिरसा मुंडा स्व-रोज़गार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना।
नाम पर ध्यान दें — भगवान बिरसा मुंडा, आदिवासी आंदोलन के एक प्रमुख प्रतीक हैं, जिनका जन्म झारखंड के मुंडा समुदाय में हुआ था। उनके नाम पर इस योजना का नामकरण — सरकार की मंशा को दर्शाता है — यह सिर्फ एक financial scheme नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के आत्मनिर्भरता और सम्मान के संदेश से जुड़ी है।
मध्य प्रदेश भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना एक बहुआयामी पहल है, जिसे स्वरोजगार को बढ़ावा देकर और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देकर वंचित समुदायों को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
UPSC/MPPSC Perspective: यह योजना PM-DAKSH और PM VIKAS जैसी केंद्रीय schemes के साथ वैचारिक समानता रखती है — जहाँ हाशिये पर रहने वाले समुदायों को Skill + Finance + Market Access का त्रिकोण मिलता है। राज्य स्तर पर ST समुदाय के लिए dedicated Financial Corporation (Adivasi Vitt Vikas Nigam) का होना — Tribal Sub-Plan की state-level implementation का उदाहरण है।
Loan Amount — दो श्रेणियों में समझें
मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र नागरिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए — उद्योग परियोजनाओं के लिए ₹50 लाख तक तथा सेवा इकाई और खुदरा व्यवसाय हेतु ₹25 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
| Category | Loan Range | किसके लिए |
|---|---|---|
| Manufacturing/उद्योग | ₹1 लाख से ₹50 लाख | विनिर्माण इकाई स्थापित करना |
| Service/Retail | ₹1 लाख से ₹25 लाख | सेवा इकाई या खुदरा व्यवसाय |
ध्यान दें — कुछ sources में Manufacturing के लिए ₹5 लाख तक की “subsidised loan” की बात भी आती है, लेकिन official 2022 Cabinet approval और 2026 के application cycle दोनों में ₹50 लाख (Manufacturing) और ₹25 लाख (Service/Retail) की upper limits confirm होती हैं। Application के समय अपने ज़िले के Adivasi Vitt Vikas Nigam कार्यालय से exact limits ज़रूर confirm करें।
पात्रता — कौन Apply कर सकता है?
मध्यप्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) के 18 से 45/55 वर्ष की आयु के युवा, जो न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण हों, इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| Category | अनुसूचित जनजाति (ST) |
| आयु | 18 से 55 वर्ष |
| शैक्षणिक योग्यता | न्यूनतम 8वीं पास |
| निवास | मध्यप्रदेश का स्थायी निवासी |
| Project Type | Manufacturing, Service या Retail |
कुछ sources में आयु सीमा “18 से 45 वर्ष” भी बताई गई है, जबकि May 2026 के latest application cycle में “18-55 वर्ष” स्पष्ट रूप से mention हुआ है। आवेदन से पहले अपने जिले के कार्यालय से confirm करें — चूंकि state schemes में वार्षिक guidelines में minor adjustments होते रहते हैं।
योजना के मुख्य लाभ
मध्य प्रदेश भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना अपने लाभार्थियों को कई लाभ प्रदान करती है — सिर्फ loan ही नहीं।
- वित्तीय सहायता — व्यवसाय स्थापित करने के लिए सब्सिडी वाला Loan
- 5% तक Interest Subsidy — ब्याज दर पर सीधी छूट, जिससे EMI का बोझ घटता है
- कौशल विकास प्रशिक्षण — विभिन्न ट्रेडों में निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम
- सहायता प्रणाली (Support System) — Business Planning, Market Access और Enterprise Management में guidance
यानी सिर्फ पैसा देकर नहीं छोड़ा जाता — Training और Mentoring का component भी जोड़ा गया है, जो ground पर scheme की success rate बढ़ाने के लिए ज़रूरी है।
ज़रूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (ST Certificate) — Competent Authority द्वारा जारी
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र (कम से कम 8वीं पास)
- निवास प्रमाण पत्र (मध्यप्रदेश)
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- Project Report/Business Plan
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
Apply कैसे करें? — SAMAST Portal से Step-by-Step
अभ्यर्थी MP Online Portal — samast.mponline.mp.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके पश्चात Adivasi Vitt Vikas Nigam पर click करके योजना का online आवेदन करना होता है।
Step 1: samast.mponline.mp.gov.in पर जाएं — यह SAMAST Portal है
Step 2: “आदिवासी वित्त एवं विकास निगम” (Adivasi Vitt Vikas Nigam) सेक्शन पर click करें
Step 3: “भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना” select करें
Step 4: Registration करें — आधार/मोबाइल नंबर से
Step 5: Personal Details, ST Certificate, शैक्षणिक details भरें
Step 6: अपना Project Type चुनें — Manufacturing (₹50 लाख तक) या Service/Retail (₹25 लाख तक)
Step 7: Business Plan/Project Report upload करें
Step 8: सभी documents upload करें और submit करें
Step 9: Verification के बाद — संबंधित Bank से Loan Sanction और Interest Subsidy की प्रक्रिया शुरू होगी
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना — Sister Scheme
भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के साथ-साथ टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना भी run होती है — जो छोटे loans के लिए है।
| भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना | टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना | |
|---|---|---|
| Loan Range | ₹1 लाख – ₹50 लाख | ₹10,000 – ₹1 लाख |
| Target | बड़े/मध्यम उद्यम | छोटे/सूक्ष्म उद्यम |
| Community | ST | ST |
| Portal | SAMAST | SAMAST |
दोनों योजनाएं एक ही पोर्टल से apply होती हैं — यानी अगर आपकी ज़रूरत छोटी पूंजी की है (₹1 लाख तक), तो टंट्या मामा योजना ज़्यादा उपयुक्त हो सकती है, और बड़े उद्यम के लिए भगवान बिरसा मुंडा योजना।
मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना — तीसरी Sister Scheme
6 सितंबर 2022 की ही Cabinet meeting में एक तीसरी योजना — मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना — को भी मंज़ूरी मिली थी। यह विशेष/बड़े projects के लिए है, जो सामान्य भगवान बिरसा मुंडा योजना की सीमा से बाहर आते हैं।
संबंधित योजनाएं
- PM-DAKSH योजना 2026 →
- स्टैंड अप इंडिया → — SC/ST + महिला उद्यमी, केंद्र की scheme
- PM VIKAS योजना 2026 →
- मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना MP →
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 2026 →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना क्या है?
मध्यप्रदेश सरकार की एक scheme है, जो ST समुदाय के युवाओं को Manufacturing में ₹50 लाख तक और Service/Retail में ₹25 लाख तक का loan देती है — साथ में 5% तक Interest Subsidy।
यह योजना कब शुरू हुई?
6 सितंबर 2022 को CM शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में Cabinet ने मंज़ूरी दी।
कौन Eligible है?
मध्यप्रदेश के अनुसूचित जनजाति (ST) के 18-55 वर्ष के युवा, जो कम से कम 8वीं पास हों।
Manufacturing और Service/Retail के लिए कितना Loan मिलता है?
Manufacturing — ₹1 लाख से ₹50 लाख। Service/Retail — ₹1 लाख से ₹25 लाख।
Interest Subsidy कितनी मिलती है?
5% तक — जिससे loan की effective cost काफी कम हो जाती है।
Apply कहाँ करें?
SAMAST Portal — samast.mponline.mp.gov.in पर, “आदिवासी वित्त एवं विकास निगम” सेक्शन के through।
क्या Training भी मिलती है?
हाँ — विभिन्न ट्रेडों में निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण और Business Planning में guidance भी इस योजना का हिस्सा है।
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना क्या है?
यह भगवान बिरसा मुंडा योजना की sister scheme है — ₹10,000 से ₹1 लाख तक के छोटे loans के लिए, उसी SAMAST Portal से apply होती है।
इस योजना को implement कौन करता है?
जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, और आदिवासी वित्त एवं विकास निगम के through।
क्या 2025-26 के लिए Applications अभी भी खुले हैं?
मई 2026 में 2025-26 के लिए applications आमंत्रित किए गए थे — exact timeline और deadline के लिए SAMAST Portal या नज़दीकी Adivasi Vitt Vikas Nigam कार्यालय से confirm करें।
आधिकारिक स्रोत
- आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, मध्यप्रदेश
- SAMAST Portal — samast.mponline.mp.gov.in
- मध्यप्रदेश Cabinet Decision, 6 सितंबर 2022
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.

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