📌 अपडेट (मई 2026): हरदा जिले के जनजातीय कार्य विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए सभी बैंकों को लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं — और portal पर online applications शुरू हो चुके हैं। यह योजना भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना की sister scheme है — दोनों एक ही SAMAST Portal से चलती हैं।
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक scheme है, जिसे 6 सितंबर 2022 को CM शिवराज सिंह चौहान की Cabinet ने — भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के साथ ही — मंज़ूरी दी थी। यह जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित होती है, और 18 से 55 वर्ष के अनुसूचित जनजाति (ST) के व्यक्तियों को — जिनके लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है — छोटे व्यवसाय के लिए ₹10,000 से ₹1 लाख तक का Bank Loan देती है, साथ में 7% Interest Subsidy अधिकतम 5 साल तक और Bank Loan Guarantee भी।
Table of Contents
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना |
| राज्य | मध्यप्रदेश |
| Cabinet Approval | 6 सितंबर 2022 |
| नोडल विभाग | जनजातीय कार्य विभाग |
| Implementing Agency | आदिवासी वित्त एवं विकास निगम |
| Target Community | अनुसूचित जनजाति (ST) |
| आयु सीमा | 18 से 55 वर्ष |
| शैक्षणिक योग्यता | अनिवार्य नहीं |
| Loan Range | ₹10,000 से ₹1,00,000 |
| Interest Subsidy | 7%, अधिकतम 5 वर्ष तक |
| Bank Guarantee | हाँ — Bank Loan की Guarantee भी |
| Income Tax Payer | पात्र नहीं |
| Apply Portal | SAMAST — samast.mponline.gov.in |
| Sister Scheme | भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना (₹1-50 लाख) |
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना क्या है — और यह बिरसा मुंडा योजना से अलग कैसे?
6 सितंबर 2022 की उस Cabinet meeting में — जिसमें भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना को मंज़ूरी मिली — उसी दिन टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना को भी हरी झंडी मिली। दोनों एक ही उद्देश्य से शुरू हुई — ST समुदाय को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता — लेकिन scale बिल्कुल अलग है।
नाम पर ध्यान दें — टंट्या मामा (तंट्या भील), एक legendary आदिवासी freedom fighter थे, जिन्हें “Indian Robin Hood” भी कहा जाता है। उनका नाम छोटे, सूक्ष्म उद्यमियों की scheme को दिया गया — यह प्रतीकात्मक रूप से उस वर्ग को represent करता है जिनकी ज़रूरतें “बड़ी” नहीं बल्कि “शुरुआती” हैं।
अगर भगवान बिरसा मुंडा योजना “बड़े सपनों” (₹50 लाख तक का manufacturing unit) के लिए है, तो टंट्या मामा योजना “पहले कदम” के लिए है — एक छोटी सी दुकान, ठेला, या service-based काम शुरू करने के लिए ₹10,000 से ₹1 लाख तक।
UPSC/MPPSC Perspective: यह scheme “Missing Bottom” की समस्या को address करती है — जहाँ बहुत छोटे loans (₹1 लाख से कम) के लिए formal banking system में जाना अक्सर मुश्किल होता है, क्योंकि banks के लिए इतना छोटा loan process करना cost-effective नहीं होता। सरकार द्वारा 7% Interest Subsidy और Loan Guarantee देने से banks को इस segment में lend करने का incentive मिलता है — यह Financial Inclusion का एक practical उदाहरण है, ठीक वैसे ही जैसे Mudra की Shishu category (₹50,000 तक) काम करती है।
टंट्या मामा योजना के लाभ
मध्य प्रदेश टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत लाभार्थी को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएंगे:
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| Bank Loan | ₹10,000 से ₹1,00,000 तक — स्वरोजगार के लिए |
| Interest Subsidy | 7% दर पर, अधिकतम 5 वर्ष तक |
| Bank Loan Guarantee | सरकार की तरफ से loan की guarantee भी |
समझने वाली बात यह है कि 7% Interest Subsidy का मतलब — अगर bank का normal rate 10-12% भी हो, तो सरकार इस पूरे या आंशिक हिस्से को subsidy के through cover कर देगी, जिससे borrower पर असली ब्याज का बोझ बहुत कम (या शून्य के करीब) हो जाएगा — और यह 5 साल तक चलेगा, यानी पूरे loan tenure तक benefit मिलने की संभावना है।
पात्रता — कौन Apply कर सकता है?
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के लिए ज़रूरी है कि आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य हो तथा वह आयकर दाता न हो।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| Category | अनुसूचित जनजाति (ST) |
| निवास | मध्यप्रदेश का मूल निवासी |
| आयु | 18 से 55 वर्ष |
| शैक्षणिक योग्यता | अनिवार्य नहीं — यह सबसे बड़ा अंतर भगवान बिरसा मुंडा योजना से |
| Income Tax | Income Tax Payer नहीं होना चाहिए |
| Business Type | छोटे व्यवसाय (स्वरोजगार) — Service, Retail, छोटे Manufacturing |
सबसे बड़ा फर्क: भगवान बिरसा मुंडा योजना में 8वीं पास होना अनिवार्य है, लेकिन टंट्या मामा योजना में कोई शैक्षणिक योग्यता की शर्त नहीं है। यह scheme को उन व्यक्तियों के लिए भी accessible बनाता है जो formally पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन छोटा व्यवसाय शुरू करने की क्षमता रखते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज और योग्यताएं इस प्रकार हैं:
- जाति प्रमाण-पत्र (ST Certificate)
- मूल निवासी प्रमाण-पत्र
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- आय प्रमाण-पत्र
- मतदाता परिचय पत्र
- अंकसूची (Mark Sheet — जो भी हो, भले ही higher education अनिवार्य नहीं)
- समग्र आईडी (मध्यप्रदेश-specific Unique ID)
- वाहन से जुड़े project के मामले में License
- 2 पासपोर्ट साइज़ फोटो
- परियोजना प्रपत्र (Project Report)
- Project का Quotation
Apply कैसे करें? — SAMAST Portal से Step-by-Step
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना की official website samast.mponline.gov.in पर जाकर अपना profile बनाना होगा। इसके बाद आवेदन फॉर्म भरकर ज़रूरी documents upload करने होंगे और शुल्क का भुगतान करना होगा।
Step 1: samast.mponline.gov.in पर जाएं — यह SAMAST Portal है (Adivasi Vitt Vikas Nigam की schemes के लिए common portal)
Step 2: अपना Profile बनाएं — Aadhaar, Mobile Number से Register करें
Step 3: “टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना” select करें
Step 4: आवेदन फॉर्म भरें — Personal Details, ST Certificate, आयु, आय आदि
Step 5: सभी documents upload करें — जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी, आधार, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, समग्र ID, Project Report आदि
Step 6: ज़रूरी शुल्क का भुगतान करें
Step 7: Submit करें — आपकी application संबंधित जिले के Adivasi Vitt Vikas Nigam कार्यालय में verification के लिए जाएगी
Step 8: Verification के बाद — संबंधित Bank से Loan Sanction होगा और Interest Subsidy + Guarantee की प्रक्रिया शुरू होगी
Application Status कैसे Check करें?
आप अपनी application status official website पर जाकर check कर सकते हैं — वेबसाइट पर मोबाइल नंबर और जन्मतिथि डालकर अपने application का status देखा जा सकता है।
Step 1: samast.mponline.gov.in पर जाएं
Step 2: “Application Status” या “स्थिति जांचें” section में जाएं
Step 3: Mobile Number और Date of Birth डालें
Step 4: आपकी application का current status — Pending/Approved/Rejected — दिखेगा
स्थानीय संपर्क — कहाँ जाएं?
जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त विकास निगम के ज़िला कार्यालयों में संपर्क किया जा सकता है — उदाहरण के लिए हरदा जिले में स्थित कार्यालय। योजना के तहत वर्ष 2026-27 हेतु ज़िले के सभी बैंकों को लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, और संबंधित अधिकारियों को implementation के निर्देश जारी हुए हैं।
अपने ज़िले के जनजातीय कार्य विभाग — आदिवासी वित्त एवं विकास निगम कार्यालय से संपर्क करें — local targets और bank tie-ups की जानकारी वहाँ से मिलेगी।
टंट्या मामा बनाम भगवान बिरसा मुंडा — किसके लिए कौन सी योजना?
| विशेषता | टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना | भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना |
|---|---|---|
| Loan Range | ₹10,000 – ₹1 लाख | ₹1 लाख – ₹50 लाख |
| शैक्षणिक योग्यता | अनिवार्य नहीं | न्यूनतम 8वीं पास |
| Interest Subsidy | 7%, 5 साल तक | 5% तक |
| Bank Guarantee | हाँ | — |
| उपयुक्त किसके लिए | बहुत छोटा व्यवसाय शुरू करने वाले | मध्यम/बड़े उद्यम स्थापित करने वाले |
| Portal | SAMAST | SAMAST |
दोनों scheme एक ही दिन approve हुई, एक ही Portal से चलती हैं, और एक ही विभाग के अंतर्गत हैं — सिर्फ scale अलग है। अगर आपका business idea बहुत छोटा है और आप 8वीं पास नहीं हैं — टंट्या मामा योजना बेहतर fit है। अगर आपके पास बड़ा project plan है और आप 8वीं पास हैं — भगवान बिरसा मुंडा योजना देखें।
संबंधित योजनाएं
- भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना 2026 →
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना क्या है?
मध्यप्रदेश सरकार की एक scheme है जो ST वर्ग के लोगों को छोटे व्यवसाय के लिए ₹10,000 से ₹1 लाख तक का Bank Loan, 7% Interest Subsidy (5 साल तक) और Bank Guarantee देती है।
यह योजना कब शुरू हुई?
6 सितंबर 2022 को — भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के साथ ही, MP Cabinet द्वारा।
कौन Eligible है?
मध्यप्रदेश के अनुसूचित जनजाति (ST) के 18-55 वर्ष के व्यक्ति, जो Income Tax Payer न हों। शैक्षणिक योग्यता ज़रूरी नहीं।
कितना Loan मिलता है?
₹10,000 से ₹1,00,000 तक — स्वरोजगार के लिए।
Interest Subsidy कितनी और कितने समय के लिए मिलती है?
7% दर पर, अधिकतम 5 वर्ष तक।
Apply कहाँ करें?
samast.mponline.gov.in पर — Profile बनाकर, Application Form भरकर और documents upload करके।
Application Status कैसे check करें?
Official website पर Mobile Number और Date of Birth डालकर status check किया जा सकता है।
टंट्या मामा और भगवान बिरसा मुंडा योजना में मुख्य अंतर क्या है?
Loan की राशि — टंट्या मामा में ₹10,000-₹1 लाख (छोटे व्यवसाय), भगवान बिरसा मुंडा में ₹1 लाख-₹50 लाख (बड़े उद्यम)। साथ ही टंट्या मामा में शैक्षणिक योग्यता ज़रूरी नहीं, बिरसा मुंडा में 8वीं पास अनिवार्य है।
क्या वाहन से जुड़ा business शुरू कर सकते हैं?
हाँ — लेकिन वाहन से संबंधित project के मामले में संबंधित License submit करना होगा।
किस विभाग के अंतर्गत यह योजना आती है?
जनजातीय कार्य विभाग — आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, मध्यप्रदेश।
आधिकारिक स्रोत
- जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश — आदिवासी वित्त एवं विकास निगम
- SAMAST Portal — samast.mponline.gov.in
- मध्यप्रदेश Cabinet Decision, 6 सितंबर 2022
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.
