राष्ट्रीय गोकुल मिशन 2026 (RGM) — देशी गोवंश संरक्षण, Free Artificial Insemination और IVF Technology से दूध उत्पादन में क्रांति | ₹3,400 करोड़ बजट | पूरी जानकारी

📌 अपडेट (मार्च 2025): PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में Union Cabinet ने Revised Rashtriya Gokul Mission को मंज़ूरी दी — ₹1,000 करोड़ अतिरिक्त allocation के साथ कुल बजट ₹3,400 करोड़ हो गया (2021-22 से 2025-26)। दो नई activities — Heifer Rearing Centres और HGM IVF Heifers पर 3% Interest Subvention — इस revision में जोड़ी गई हैं।

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राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) दिसंबर 2014 में शुरू की गई एक Central Sector Scheme है — मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत। इसका उद्देश्य है देशी गोजातीय नस्लों (Indigenous Bovine Breeds) का वैज्ञानिक संरक्षण एवं विकास, दूध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालन को ग्रामीण किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाना। 2021 में Revised होकर ₹2,400 करोड़ और मार्च 2025 में दोबारा Revised होकर ₹3,400 करोड़ के साथ यह मिशन अब तक 8.39 करोड़ पशुओं में Free Artificial Insemination, 22 IVF Labs और Gau Chip/Mahish Chip जैसी आत्मनिर्भर technology लेकर आया है।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन एक नज़र में

विवरणजानकारी
मिशन का नामराष्ट्रीय गोकुल मिशन (Rashtriya Gokul Mission / RGM)
Launchदिसंबर 2014
नोडल मंत्रालयमत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय
Scheme TypeCentral Sector Scheme
मूल Budget (2014-17)₹500 करोड़
Revised Budget (2021-26)₹2,400 करोड़
Latest Revised Budget (2025)₹3,400 करोड़ (+₹1,000 करोड़ मार्च 2025)
Umbrella SchemeRashtriya Pashudhan Vikas Yojana
NAIP — AI Programme605 जिलों में Free AI
कुल पशु AI (अब तक)8.39 करोड़
लाभार्थी किसान5.21 करोड़
IVF Labs स्थापित22
HGM Calves (IVF)2,541+
दूध उत्पादन वृद्धि (10 वर्ष)63.55%
प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता307 ग्राम (2013-14) → 471 ग्राम/दिन (2023-24)
उत्पादकता वृद्धि26.34% (10 वर्षों में)

राष्ट्रीय गोकुल मिशन क्यों शुरू हुआ — पृष्ठभूमि

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है — लेकिन यह आंकड़ा हमेशा से ऐसा नहीं था। देश की 80% से अधिक कम उत्पादकता वाली देशी पशु आबादी छोटे और सीमांत किसानों तथा भूमिहीन मज़दूरों के पास थी — और scientific breeding practices का अभाव इस स्थिति को और कठिन बना रहा था।

Cross-breeding से देशी नस्लों की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी, दूध की पैदावार घटी, और परंपरागत पशुपालन जीविका के रूप में कम लाभकारी होता जा रहा था। इसी पृष्ठभूमि में दिसंबर 2014 में PM नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत की — देशी गाय-भैंस की नस्लों को वैज्ञानिक ढंग से संरक्षित और विकसित करने के लिए।

UPSC Perspective: RGM, National Programme for Bovine Breeding and Dairy Development (NPBBDD) का एक component है। यह SDG-2 (Zero Hunger) और Atmanirbhar Bharat (Gau Chip, Gau Sort) दोनों को touch करता है। 70% से अधिक पशुपालन कार्य महिलाओं द्वारा किया जाता है — इसलिए यह Women Economic Empowerment का indirect instrument भी है।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के मुख्य उद्देश्य

  • आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके गोवंश की उत्पादकता और दुग्ध उत्पादन को स्थायी रूप से बढ़ाना
  • प्रजनन उद्देश्यों के लिए उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले बैलों के उपयोग को बढ़ावा देना
  • देशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक संरक्षण — गिर, साहीवाल, थारपारकर, लाल सिंधी जैसी नस्लें
  • वीर्य केंद्रों (Semen Stations) को मज़बूत कर उच्च गुणवत्ता वाले वीर्य की availability बढ़ाना
  • Artificial Insemination नेटवर्क का विस्तार — किसान के दरवाज़े तक मुफ्त सेवा
  • IVF technology को mainstream में लाना

Revised RGM (मार्च 2025) — क्या-क्या बदला?

Cabinet ने मार्च 2025 में Revised Rashtriya Gokul Mission को मंजूरी दी — ₹1,000 करोड़ अतिरिक्त allocation के साथ कुल ₹3,400 करोड़ का बजट 15वें वित्त आयोग cycle (2021-22 से 2025-26) के लिए निर्धारित किया गया।

इस revision में दो नई activities जोड़ी गईं:

नई Activity 1 — Heifer Rearing Centres

Implementing Agencies को Heifer Rearing Centres स्थापित करने के लिए capital cost का 35% one-time assistance दिया जाएगा — कुल 30 housing facilities जिनमें 15,000 heifers रखी जाएंगी।

नई Activity 2 — HGM IVF Heifers पर Interest Subvention

किसानों को High Genetic Merit (HGM) IVF heifers खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु Milk Unions/Financial Institutions/Banks से लिए गए loan पर 3% Interest Subvention दिया जाएगा।


मिशन के प्रमुख Components

1. Nationwide Artificial Insemination Programme (NAIP)

NAIP के तहत देश के 605 जिलों में — जहाँ AI coverage 50% से कम थी — किसानों के दरवाज़े पर मुफ्त Artificial Insemination (AI) की सुविधा दी जा रही है। अब तक 8.39 करोड़ से अधिक पशुओं में AI हो चुकी है और 5.21 करोड़ किसान लाभान्वित हुए हैं।

2. IVF Technology — 22 Labs, 2,541+ HGM Calves

देश भर में State Livestock Boards (SLBs) और Universities के अंतर्गत 22 In Vitro Fertilization (IVF) प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं और 2,541 से अधिक High Genetic Merit calves IVF तकनीक से जन्म ले चुके हैं।

3. Gau Chip, Mahish Chip और Gau Sort — आत्मनिर्भर Technology

Gau Chip और Mahish Chip — देशी गोजातीय पशुओं के लिए genomic chips — National Dairy Development Board (NDDB) और ICAR National Bureau of Animal Genetic Resources (NBAGR) द्वारा विकसित। Gau Sort — NDDB द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित sex-sorted semen production technology।

4. Sex-Sorted Semen Programme

Sex-sorted semen के उपयोग से Accelerated Breed Improvement Programme — किसानों को sex-sorted semen की लागत का 50% तक assistance मिलती है।

5. Semen Stations का Strengthening

वीर्य केंद्रों को मज़बूत बनाना और कृत्रिम गर्भाधान नेटवर्क का विस्तार — उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले बैलों के वीर्य की availability बढ़ाने के लिए।

6. Centres of Excellence

Bovine Breeding में research और development के लिए Centres of Excellence की स्थापना — साथ ही Central Cattle Breeding Farms को मज़बूत करना।

7. Skill Development और Farmer Awareness

पशुपालन के नए तरीके, पोषण प्रबंधन, प्रजनन तकनीक और टीकाकरण पर किसानों को training।


Budget Timeline — शुरू से अब तक

अवधिBudgetविशेषता
2014-17₹500 करोड़Launch Phase
2021-26 (Original)₹2,400 करोड़Rashtriya Pashudhan Vikas Yojana के under
2021-26 (Revised, मार्च 2025)₹3,400 करोड़+₹1,000 करोड़, 2 नई Activities

10 साल में क्या हासिल हुआ? — Progress Report

RGM के implementation और सरकार के अन्य प्रयासों से:

Metric2013-142023-24वृद्धि
दूध उत्पादन63.55% वृद्धि
प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता307 ग्राम/दिन471 ग्राम/दिन
उत्पादकता26.34% वृद्धि
AI कवर पशु8.39 करोड़+
लाभार्थी किसान5.21 करोड़
IVF Labs22

राष्ट्रीय गोकुल मिशन पात्रता — कौन लाभ उठा सकता है?

  • स्वदेशी गायों या भैंसों का पालन करने वाले किसान/पशुपालक
  • छोटे और सीमांत किसान — जिनके पास कम उत्पादकता वाले देशी पशु हैं
  • भूमिहीन मज़दूर जो पशुपालन से जीवन यापन करते हैं
  • महिला पशुपालक — 70% से अधिक पशुपालन कार्य महिलाओं द्वारा होता है

लाभ कैसे प्राप्त करें?

  • Free AI (Artificial Insemination): अपने जिले के पशुपालन और डेयरी विभाग से संपर्क करें — NAIP के तहत 605 जिलों में doorstep service
  • Sex-Sorted Semen Subsidy: 50% cost assistance — Semen Station या Milk Union से
  • HGM IVF Heifers Loan: 3% Interest Subvention — अपने नज़दीकी Milk Union/Bank से
  • Heifer Rearing Centre Assistance: 35% capital cost — Implementing Agency से
  • आवेदन: अपने जिले के पशुपालन और डेयरी विभाग कार्यालय में जाएं या dahd.gov.in पर जानकारी लें

देशी नस्लें जो संरक्षित हो रही हैं

नस्लक्षेत्र
गिरगुजरात
साहीवालपंजाब/हरियाणा
थारपारकरराजस्थान
लाल सिंधीपंजाब
राठीराजस्थान
देवनीमहाराष्ट्र/आंध्र प्रदेश
भैंस नस्लेंमुर्राह, मेहसाना, नीली-रावी आदि

संबंधित योजनाएं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राष्ट्रीय गोकुल मिशन क्या है?

दिसंबर 2014 में शुरू की गई Central Sector Scheme — देशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक संरक्षण और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का वर्तमान बजट क्या है?

मार्च 2025 में Revised होकर ₹3,400 करोड़ (2021-22 से 2025-26) — पहले ₹2,400 करोड़ था।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन Revision में क्या नया जोड़ा गया?

दो नई activities — (1) Heifer Rearing Centres (35% capital cost assistance), (2) HGM IVF Heifers पर 3% Interest Subvention।

NAIP क्या है?

Nationwide Artificial Insemination Programme — 605 जिलों में किसानों के दरवाज़े पर मुफ्त AI। अब तक 8.39 करोड़ पशु cover और 5.21 करोड़ किसान लाभान्वित।

Gau Chip और Mahish Chip क्या हैं?

NDDB और ICAR NBAGR द्वारा विकसित genomic chips — देशी गोजातीय पशुओं की genetic profiling के लिए।

Gau Sort क्या है?

NDDB द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित sex-sorted semen production technology — Atmanirbhar Bharat का हिस्सा।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन से दूध उत्पादन पर क्या असर पड़ा?

पिछले 10 वर्षों में 63.55% वृद्धि — प्रति व्यक्ति availability 307 ग्राम (2013-14) से 471 ग्राम/दिन (2023-24) हुई।

Sex-Sorted Semen के लिए क्या subsidy मिलती है?

किसानों को sex-sorted semen की लागत का 50% तक assistance।

IVF Technology का क्या status है?

22 IVF Labs स्थापित — 2,541 से अधिक HGM Calves IVF से जन्म ले चुके।

Apply कैसे करें?

अपने जिले के पशुपालन और डेयरी विभाग कार्यालय से संपर्क करें, या dahd.gov.in पर जानकारी लें।

आधिकारिक स्रोत

  • मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय — dahd.gov.in
  • PIB — Cabinet Approval, मार्च 2025
  • PM India — pmindia.gov.in

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