📌 अपडेट (फरवरी 2026): PIB PRID 2226360 के अनुसार — पशुधन बीमा में बड़ा बदलाव: अब 10 पशु इकाई तक बीमा (पहले 5 थी), किसान का प्रीमियम हिस्सा घटाकर 15% कर दिया गया (पहले 20-50%)। पिछले 5 वर्षों में ₹161.07 करोड़ जारी — 60.80 लाख पशु बीमाकृत। BRICS 2026 में भारत ने Livestock Technology में वैश्विक नेतृत्व प्रदर्शित किया।
Table of Contents
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) क्या है?
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission / NLM) भारत सरकार की एक Centrally Sponsored Scheme है जिसे 2014-15 में शुरू किया गया और 2021-22 में संशोधित किया गया। इसका कुल परिव्यय ₹2,300 करोड़ है।
इसे मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) द्वारा लागू किया जाता है।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है — ग्रामीण किसानों और बेरोजगार युवाओं को पशुपालन में उद्यमिता के अवसर देना, पशु उत्पादकता बढ़ाना और रोजगार सृजन करना। NLM-Entrepreneurship Development Programme (NLM-EDP) इसका प्रमुख घटक है जो देश के सुदूर, शुष्क और पहाड़ी क्षेत्रों सहित हर जगह नई आजीविका के अवसर तैयार करता है।
त्वरित जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) |
| विभाग | पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) |
| मंत्रालय | मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय |
| शुरुआत | 2014-15 (पुनः संशोधित 2021-22) |
| कुल बजट | ₹2,300 करोड़ |
| अधिकतम सब्सिडी | ₹50 लाख तक 50% |
| लाभार्थी | व्यक्ति, SHG, FPO, FPC, JLG, Section 8 Company |
| आवेदन पोर्टल | nlm.udyamimitra.in |
| सब्सिडी वितरक | SIDBI (2 किस्तों में) |
| बीमा प्रीमियम | किसान का हिस्सा — केवल 15% |
| बीमाकृत पशु | 60.80 लाख (5 वर्षों में) |
2026 में क्या नया बदला?
पशुधन बीमा में बड़ा बदलाव (फरवरी 2026):
कवरेज बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति परिवार बीमा लाभ 5 पशु इकाई से बढ़ाकर 10 पशु इकाई कर दिया है (1 पशु इकाई = 10 छोटे जानवर)। किसान के प्रीमियम का हिस्सा पहले 20-50% की विस्तृत श्रृंखला में था जिसे सरल करके 15% की एकसमान दर कर दिया गया है। शेष 85% प्रीमियम केंद्र और राज्य मिलकर 60:40 के अनुपात में वहन करते हैं (पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में 90:10)।
NDLM — National Digital Livestock Mission (दिसंबर 2025):
पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने National Digital Livestock Mission (NDLM) शुरू किया है जिसके तहत पशुओं का डिजिटल डेटाबेस बनाया जा रहा है। अब तक 35.96 करोड़ Pashu Aadhaar जारी और NDLM में पंजीकृत हो चुके हैं। यह Bharat Pashudhan (mobile और web) प्लेटफॉर्म के माध्यम से पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और उत्पादकता डेटा को एकीकृत करता है।
BRICS 2026 — भारत का वैश्विक नेतृत्व:
1 जून 2026 को भारत की BRICS अध्यक्षता में पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने Advanced Livestock Technology और Feed Systems पर उच्चस्तरीय संवाद का आयोजन किया।
NLM के 4 प्रमुख उप-मिशन
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के 4 प्रमुख उप-मिशन हैं:
| उप-मिशन | मुख्य फोकस |
|---|---|
| 1. नस्ल विकास उप-मिशन | मुर्गी, भेड़, बकरी, सुअर — उद्यमिता और नस्ल सुधार |
| 2. चारा एवं फोडर उप-मिशन | चारा बीज उत्पादन, Silage Making, Hay Bailing |
| 3. R&D, बीमा और नवाचार उप-मिशन | शोध, पशु बीमा, Extension Activities |
| 4. कौशल विकास और प्रशिक्षण | पशुपालकों को आधुनिक तकनीक सिखाना |
NLM-EDP सब्सिडी — पूरा ब्योरा
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत आवेदन और लाभार्थी चयन ऑनलाइन पोर्टल nlm.udyamimitra.in के माध्यम से होता है।
मुर्गी पालन (Poultry)
NLM-EDP के अंतर्गत Rural Poultry Breed Development Ventures के लिए 50% Capital Subsidy (अधिकतम ₹25 लाख) प्रदान की जाती है।
| इकाई | सब्सिडी |
|---|---|
| कम से कम 1,000 Parent Birds + Mother Unit | 50% — अधिकतम ₹25 लाख |
बकरी/भेड़ पालन (Goat/Sheep Farming)
500 बकरी/भेड़ + 25 बकरे/मेढ़े की इकाई स्थापित करने के लिए 50% Capital Subsidy दी जाती है।
| इकाई | सब्सिडी |
|---|---|
| 500 बकरी/भेड़ + 25 बकरे/मेढ़े | 50% — अधिकतम ₹50 लाख |
| 100 मादा + 10 नर (Small Unit) | 50% — अधिकतम ₹50 लाख |
सुअर पालन (Piggery)
कम से कम 100 Sow + 25 Boar की Breeding Unit के लिए 50% सब्सिडी।
| इकाई | सब्सिडी |
|---|---|
| 100 Sow + 25 Boar | 50% — अधिकतम ₹50 लाख |
घोड़ा/गधा/ऊंट पालन (Horse/Donkey/Camel)
Union Cabinet ने घोड़ा, गधा, खच्चर और ऊंट के लिए उद्यमिता को NLM में शामिल किया — 50% Capital Subsidy अधिकतम ₹50 लाख। इनकी नस्ल संरक्षण के लिए राज्यों को अलग से सहायता और Semen Station + Nucleus Breeding Farm के लिए ₹10 करोड़ की व्यवस्था।
चारा उत्पादन (Fodder/Feed Units)
| इकाई | सब्सिडी |
|---|---|
| Silage Making Unit | 50% — अधिकतम ₹50 लाख |
| Hay Bailing Unit | 50% — अधिकतम ₹50 लाख |
| Fodder Block Unit | 50% — अधिकतम ₹50 लाख |
सब्सिडी का पूरा सारांश
| पशु/गतिविधि | इकाई आकार | अधिकतम सब्सिडी |
|---|---|---|
| मुर्गी पालन | 1,000 Parent Birds | ₹25 लाख |
| बकरी/भेड़ पालन | 500 पशु | ₹50 लाख |
| सुअर पालन | 100 Sow | ₹50 लाख |
| घोड़ा/गधा/ऊंट | इकाई अनुसार | ₹50 लाख |
| Silage/Hay/Fodder Block | इकाई अनुसार | ₹50 लाख |
📌 सब्सिडी 2 किस्तों में मिलती है — SIDBI के माध्यम से Bank Loan खाते में जमा होती है।
पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?
NLM-EDP के लिए निम्नलिखित आवेदन कर सकते हैं:
- व्यक्तिगत किसान / पशुपालक
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- Farmer Producer Company (FPC)
- Farmer Producer Organization (FPO)
- Joint Liability Group (JLG)
- Section 8 Company
अन्य शर्तें:
- भारत का नागरिक होना चाहिए
- पशुपालन में रुचि और अनुभव
- Bank Loan की Pre-Approval आवश्यक
- Detailed Project Report (DPR) तैयार होनी चाहिए
- जमीन उपलब्ध होनी चाहिए (Owned/Leased)
पशुधन बीमा — 2026 के नए नियम
पशुधन बीमा गतिविधि पूरे देश के सभी जिलों में लागू है। कवरेज बढ़ाने के उद्देश्य से सभी पशुओं के लिए प्रति परिवार सब्सिडी लाभ 5 पशु इकाई से बढ़ाकर 10 पशु इकाई कर दिया गया है। सुअर और खरगोश के लिए यह 5 पशु इकाई तक सीमित है। किसान का प्रीमियम हिस्सा 20-50% की पूर्व की सीमा से घटाकर एकसमान 15% कर दिया गया है। शेष प्रीमियम केंद्र और राज्यों द्वारा अधिकांश राज्यों में 60:40 और हिमालयी एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में 90:10 के अनुपात में वहन किया जाता है।
| विवरण | नया नियम (2026) |
|---|---|
| बीमा कवरेज | 10 पशु इकाई/परिवार |
| किसान का प्रीमियम | 15% (पहले 20-50%) |
| केंद्र + राज्य हिस्सा | 60:40 (सामान्य) / 90:10 (पहाड़ी) |
| 5 वर्ष में जारी राशि | ₹161.07 करोड़ |
| बीमाकृत पशु | 60.80 लाख |
Pashu Aadhaar (NDLM) — 2026 में नई सुविधा
पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने NDLM शुरू किया जिसमें पशुओं का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। अब तक 35.96 करोड़ Pashu Aadhaar जारी और NDLM में पंजीकृत हो चुके हैं।
Pashu Aadhaar से फायदे:
- पशु की बीमारी का इतिहास — एक जगह
- Vaccination Record — Digital
- Insurance Claim — आसान
- Breeding History — Track होगी
- Government Subsidy — सीधे लिंक
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — Step by Step
Step 1: NLM Portal nlm.udyamimitra.in पर जाएं और Register करें।
Step 2: Detailed Project Report (DPR) तैयार करें जिसमें आपका Business Plan हो।
Step 3: जमीन के दस्तावेज और Funds का प्रमाण (Bank Loan Letter या Self-Finance Proof) अपलोड करें।
Step 4: State Implementing Agency (SIA) आपके आवेदन की समीक्षा करेगी।
Step 5: स्वीकृति के बाद SIDBI 2 किस्तों में सब्सिडी जारी करती है।
आवेदन से पहले:
- अपने नजदीकी बैंक (SBI, PNB, BOB) से Loan Pre-Approval लें
- जिला पशुपालन विभाग कार्यालय से मार्गदर्शन लें
- DPR किसी CA या कृषि सलाहकार से तैयार करवाएं
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड + PAN Card
- बैंक पासबुक
- जमीन के कागजात (Ownership/Lease Deed)
- Detailed Project Report (DPR)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
- बैंक Loan Sanction Letter
- पासपोर्ट साइज फोटो
- SHG/FPO Registration Certificate (यदि लागू हो)
NLM बनाम AHIDF — मुख्य अंतर
| विषय | NLM | AHIDF |
|---|---|---|
| फोकस | छोटे पशुपालक + Entrepreneur | बड़े Dairy/Meat Processing Plants |
| सब्सिडी | 50% (₹50 लाख तक) | 3% Interest Subvention |
| लाभार्थी | Individual/SHG/FPO | Large Enterprises |
| पशु | भेड़, बकरी, मुर्गी, सुअर | Dairy, Meat Processing |
| पोर्टल | nlm.udyamimitra.in | ahidf.udyamimitra.in |
NLM की उपलब्धियां (2021-26)
2021-22 से 2025-26 के बीच Poultry Sector में 208 Projects स्वीकृत हुए जिनसे 1,201 रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पिछले 5 वर्षों में Livestock Insurance के अंतर्गत ₹161.07 करोड़ जारी किए गए और कुल 60.80 लाख पशु बीमाकृत हुए।
- 35.96 करोड़ Pashu Aadhaar जारी (NDLM)
- मांस, अंडा और बकरी दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
- BRICS 2026 में Advanced Livestock Technology पर भारत का वैश्विक नेतृत्व प्रदर्शित
आधिकारिक स्रोत
- PIB PRID 2226360 — 11 फरवरी 2026 (पशुधन बीमा अपडेट)
- PIB PRID 2204580 — 16 दिसंबर 2025 (NDLM — Pashu Aadhaar)
- PIB PRID 2267550 — 1 जून 2026 (BRICS Livestock Dialogue)
- आवेदन पोर्टल: nlm.udyamimitra.in
- विभाग: dahd.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय पशुधन मिशन क्या है?
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) भारत सरकार की एक Centrally Sponsored Scheme है जो ग्रामीण पशुपालकों और उद्यमियों को बकरी, भेड़, मुर्गी और सुअर पालन में 50% Capital Subsidy (अधिकतम ₹50 लाख) प्रदान करती है।
NLM में कितनी सब्सिडी मिलती है?
NLM-EDP के अंतर्गत पात्र उद्यमों पर 50% Capital Subsidy मिलती है। मुर्गी पालन के लिए अधिकतम ₹25 लाख और बकरी/भेड़/सुअर पालन के लिए अधिकतम ₹50 लाख तक की सब्सिडी है।
NLM के लिए ऑनलाइन आवेदन कहां करें?
nlm.udyamimitra.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। पहले पोर्टल पर Profile बनाएं, DPR अपलोड करें और Bank Loan Pre-Approval के साथ आवेदन Submit करें।
NLM सब्सिडी कैसे मिलती है?
State Implementing Agency (SIA) द्वारा Project Approval के बाद SIDBI 2 समान किस्तों में सब्सिडी सीधे Bank Loan Account में जमा करती है।
2026 में पशुधन बीमा में क्या बदलाव हुआ?
फरवरी 2026 से प्रति परिवार बीमा कवरेज 5 से बढ़ाकर 10 पशु इकाई की गई है। किसान का प्रीमियम हिस्सा घटाकर 15% कर दिया गया है।
Pashu Aadhaar क्या है?
Pashu Aadhaar NDLM (National Digital Livestock Mission) के अंतर्गत पशुओं को दी जाने वाली 12 अंकों की Barcoded Ear Tag पहचान है। इससे पशु का स्वास्थ्य, टीकाकरण और बीमा रिकॉर्ड Digital रहता है। अब तक 35.96 करोड़ Pashu Aadhaar जारी हो चुके हैं।
NLM में SHG और FPO भी आवेदन कर सकते हैं?
हां। व्यक्तिगत किसानों के अलावा SHG, FPO, FPC, JLG और Section 8 Company भी NLM-EDP के लिए आवेदन कर सकती हैं।
NLM और AHIDF में क्या फर्क है?
NLM छोटे पशुपालकों और उद्यमियों को 50% Capital Subsidy देता है जबकि AHIDF बड़े Dairy और Meat Processing Plants को 3% Interest Subvention प्रदान करता है।
घोड़ा और ऊंट पालन के लिए भी सब्सिडी मिलती है?
हां। Cabinet अनुमोदन के बाद घोड़ा, गधा, खच्चर और ऊंट पालन को भी NLM में शामिल किया गया है। इन पर भी 50% Capital Subsidy (अधिकतम ₹50 लाख) मिलती है।
DPR (Detailed Project Report) कहां से बनवाएं?
अपने जिले के पशुपालन विभाग कार्यालय, NABARD, या किसी CA/कृषि सलाहकार से DPR तैयार करवाएं। DPR में व्यवसाय का विस्तृत विवरण, लागत अनुमान, रोजगार सृजन और Loan विवरण होना चाहिए।
संबंधित योजनाएं
- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन 2026 →
- खेत बचाओ अभियान 2026 →
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना 2026 →
- PM किसान सम्मान निधि 2026 →
- PMFME योजना 2026 →
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
this site are based on official sources including PIB press releases,
ministry notifications, and gazette publications.
