📌 अपडेट (जनवरी 2026): 77वें गणतंत्र दिवस पर CM डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को देश की “दुग्ध राजधानी” बनाने का ऐलान किया। 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” घोषित किया गया है और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना को इसका flagship बनाया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमिता विकास कार्यक्रम भी इसी योजना के तहत शुरू किया गया है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के अंतर्गत एक नया घटक है, जो पशुपालकों को 25 दुधारू पशुओं (गाय या भैंस) की Dairy Unit स्थापित करने पर SC/ST को 33% और General/OBC को 25% अनुदान देती है। Unit की अधिकतम लागत ₹42 लाख — अधिकतम ₹10 लाख से ₹42 लाख तक अनुदान (category के अनुसार)। लाभार्थी का चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होता है। Apply करें: dbaky.mp.gov.in
Table of Contents
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना |
| राज्य | मध्यप्रदेश |
| Parent Scheme | मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना |
| घोषणा | 77वां गणतंत्र दिवस, जनवरी 2026 |
| किसान कल्याण वर्ष | 2026 |
| Unit Size | 25 दुधारू पशु (गाय या भैंस) |
| अधिकतम Unit लागत | ₹42 लाख |
| SC/ST अनुदान | 33% |
| General/OBC अनुदान | 25% |
| अधिकतम अनुदान | ₹10 लाख से ₹42 लाख (category अनुसार) |
| अधिकतम Units/लाभार्थी | 8 Units (200 दुधारू पशु) |
| भूमि आवश्यकता (प्रति unit) | 3.5 एकड़ |
| Selection Process | “पहले आओ, पहले पाओ” |
| Priority | पूर्व से दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालक |
| Apply Portal | dbaky.mp.gov.in |
| Alternate Portal | mpdah.gov.in |
कामधेनु योजना क्या है — और MP क्यों इसे Priority दे रहा है?
दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत मुख्यमंत्री उद्यमिता विकास कार्यक्रम की शुरुआत की है — उद्देश्य है प्रदेश में संगठित डेयरी उद्योग को बढ़ावा देना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना।
यह योजना विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के डेयरी उद्यमियों के लिए बनाई गई है। इसके तहत लाभार्थियों को 25 दुधारू पशुओं की एक यूनिट स्थापित करने का अवसर मिलता है। इच्छुक किसान या उद्यमी एक से अधिक यूनिट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें अधिकतम 8 यूनिट यानी 200 पशुओं तक का डेयरी प्रोजेक्ट शामिल किया जा सकता है।
यह योजना न केवल दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि ग्रामीण रोजगार और किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।
UPSC/MPPSC Perspective: यह scheme, Central Government की Rashtriya Gokul Mission और NABARD की Dairy Entrepreneurship Development Scheme (DEDS) के State-level complement का उदाहरण है। “पहले आओ, पहले पाओ” approach — lottery-based systems की बजाय — faster implementation सुनिश्चित करता है। MP का “दुग्ध राजधानी” vision, State की White Revolution 2.0 strategy का हिस्सा है।
अनुदान — कितना और किसे?
योजना के तहत सरकार द्वारा SC/ST हितग्राहियों को इकाई लागत का 33% और सामान्य (अनारक्षित/OBC) वर्ग के हितग्राहियों को 25% तक अनुदान दिया जाता है। इकाई की अधिकतम सीमा ₹42 लाख तक हो सकती है।
| Category | अनुदान % | अधिकतम Unit लागत | अधिकतम अनुदान |
|---|---|---|---|
| SC/ST | 33% | ₹42 लाख | ~₹13.86 लाख |
| General/OBC | 25% | ₹42 लाख | ~₹10.50 लाख |
बड़ी गौशालाओं के लिए निर्माण पर निवेश लागत का 25% अनुदान दिया जाएगा।
पात्रता — कौन Apply कर सकता है?
आवेदक मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो, किसी भी बैंक का defaulter न हो, प्रति यूनिट कम से कम 3.5 एकड़ जमीन उपलब्ध हो (जमीन का उपयोग पशु आवास, चारा और संचालन के लिए), और पशुपालन से संबंधित प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
यह योजना सभी वर्ग के पशुपालकों के लिए उपलब्ध है। एक हितग्राही को एक इकाई (25 गाय अथवा 25 भैंस) से अधिक, अधिकतम 8 इकाइयां (200 दुधारू पशु) की इकाई की पात्रता होगी। हितग्राही के पास प्रत्येक इकाई हेतु 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है।
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| निवास | मध्यप्रदेश का मूल निवासी |
| Category | सभी वर्ग — SC/ST/OBC/General |
| Bank Default | कोई भी बैंक defaulter न हो |
| भूमि (प्रति Unit) | 3.5 एकड़ कृषि भूमि |
| अधिकतम Units | 8 Units (200 पशु) |
| Training | पशुपालन training अनिवार्य |
| Priority | दुग्ध संघों से पूर्व में दूध supply करने वाले पशुपालक |
ज़रूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र (मूल निवासी — MP)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
- भूमि के दस्तावेज (3.5 एकड़ प्रति unit)
- बैंक खाता विवरण
- Project Report/Business Plan
- पशुपालन Training Certificate
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- मोबाइल नंबर
Apply कैसे करें?
Online Process
Step 1: dbaky.mp.gov.in पर जाएं (primary portal)
— या —
mpdah.gov.in (alternate portal)
Step 2: “डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना” section में जाएं
Step 3: Registration करें — Aadhaar, Mobile से
Step 4: Application Form भरें — Personal details, category, भूमि details, units की संख्या
Step 5: सभी Documents upload करें
Step 6: Submit करें — “पहले आओ, पहले पाओ” — जितना जल्दी apply करें, उतना बेहतर
Offline Process
Step 1: नज़दीकी विकास खंड स्तरीय पशु चिकित्सा संस्था से संपर्क करें
Step 2: Application form प्राप्त करें और भरें
Step 3: Documents के साथ जमा करें
Selection Process — “पहले आओ, पहले पाओ”
लाभार्थियों का चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर online portal के माध्यम से किया जाएगा।
वर्तमान में दुग्ध संघों के अंतर्गत पूर्व से दुग्ध प्रदाय कर रहे पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यानी — जो पहले से किसी Milk Cooperative/Union को दूध supply कर रहे हैं, उन्हें priority मिलेगी। और बाकी सभी के लिए — जितनी जल्दी apply करेंगे, उतना जल्दी लाभ।
योजना के मुख्य फायदे
सबसे पहले, बड़े निवेश की बाधा कम हो जाती है क्योंकि योजना के तहत बैंक लोन और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आर्थिक सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा, नियमित दूध बिक्री से स्थायी आय का अवसर मिलता है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार सृजित होते हैं।
- 33% तक अनुदान — SC/ST पशुपालकों के लिए
- 25 से 200 पशु — छोटे से बड़े scale तक
- Bank Loan + Subsidy — निवेश का बोझ कम
- “पहले आओ, पहले पाओ” — lottery का इंतज़ार नहीं
- ग्रामीण रोज़गार — स्थानीय level पर job creation
कामधेनु योजना MP बनाम नंद बाबा दुग्ध मिशन UP — तुलना
| कामधेनु योजना (MP) | मिनी नंदिनी/नंदिनी (UP) | |
|---|---|---|
| राज्य | मध्यप्रदेश | उत्तर प्रदेश |
| Unit Size | 25 पशु (गाय या भैंस) | 10 गाय / 25 गाय |
| अधिकतम लागत | ₹42 लाख | ₹23.60 लाख / ₹62.50 लाख |
| SC/ST अनुदान | 33% | 50% |
| General अनुदान | 25% | 50% |
| Selection | पहले आओ, पहले पाओ | e-Lottery / Application |
| भूमि | 3.5 एकड़/unit | 0.5+1.5 एकड़ |
| Portal | dbaky.mp.gov.in | nandbabadugdhmission.up.gov.in |
संबंधित योजनाएं
- राष्ट्रीय गोकुल मिशन 2026 →
- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना UP →
- नंद बाबा दुग्ध मिशन UP →
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC-AH&F) →
- भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना क्या है?
मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का एक नया घटक — 25 दुधारू पशुओं की Dairy Unit पर SC/ST को 33% और General/OBC को 25% अनुदान।
अधिकतम Unit लागत और अनुदान कितना है?
Unit की अधिकतम लागत ₹42 लाख — SC/ST को 33% (~₹13.86 लाख), General/OBC को 25% (~₹10.50 लाख)।
एक लाभार्थी कितनी Units ले सकता है?
अधिकतम 8 Units (200 दुधारू पशु) — प्रत्येक unit के लिए 3.5 एकड़ भूमि अनिवार्य।
Selection कैसे होता है?
“पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर — lottery नहीं। दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को priority।
Apply कहाँ करें?
dbaky.mp.gov.in या mpdah.gov.in पर online, या नज़दीकी विकास खंड पशु चिकित्सा संस्था से offline।
कितनी भूमि चाहिए?
प्रति Unit 3.5 एकड़ कृषि भूमि — पशु आवास, चारा और संचालन के लिए।
क्या महिलाएं Apply कर सकती हैं?
हाँ — यह योजना सभी वर्गों के लिए है, महिला पशुपालक भी eligible।
क्या बैंक Loan मिलेगा?
हाँ — अनुदान के साथ-साथ बैंक loan की सुविधा भी उपलब्ध है।
Training क्यों ज़रूरी है?
आवेदक को पशुपालन से संबंधित training लेना अनिवार्य है — यह योजना की शर्त है।
2026 में इस योजना में क्या नया है?
77वें गणतंत्र दिवस पर CM ने MP को “दुग्ध राजधानी” बनाने का ऐलान किया। 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” घोषित किया गया — इस योजना को flagship बनाया गया।
आधिकारिक स्रोत
- पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्यप्रदेश — mpdah.gov.in
- डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना Portal — dbaky.mp.gov.in
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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