प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम : 751 ज़िलों में मुफ़्त डायलिसिस — पूरी जानकारी

📌 अपडेट बॉक्स योजना: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) — कई राज्यों में ‘जीवनधारा’ नाम से भी जाना जाता है शुरुआत: 7 अप्रैल 2016, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत ताज़ा आंकड़ा (11 अगस्त 2026, राज्यसभा में लिखित उत्तर): सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 751 ज़िलों (44 संबद्ध ज़िलों सहित) में लागू — 1,856 हीमोडायलिसिस केंद्र, कुल 13,535 हीमोडायलिसिस मशीनें (30 जून 2026 तक) — PIB PRID 2297552

शुरुआत किडनी की बीमारी में इलाज का खर्च नहीं रोकेगा जान

किडनी फेल होने पर नियमित डायलिसिस के बिना जीवन संभव नहीं, पर एक बार का डायलिसिस सेशन भी हज़ारों रुपये का पड़ सकता है — हफ्ते में 2-3 बार। गरीब परिवारों के लिए ये खर्च झेलना नामुमकिन हो जाता है। 2016 में शुरू हुआ प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम इसी समस्या का हल है — गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के मरीज़ों को पूरी तरह मुफ़्त डायलिसिस मिलती है, और APL मरीज़ों को भी बहुत रियायती दरों पर।

सीधा जवाब: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के किडनी रोगियों को सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ़्त डायलिसिस मिलती है, और गरीबी रेखा से ऊपर (APL) के मरीज़ों को भी बाज़ार दर से बहुत कम कीमत पर। ये सेवा अब देशभर के 751 ज़िलों में 1,856 केंद्रों के ज़रिए उपलब्ध है। आयुष्मान कार्ड धारकों को भी इसका सीधा फायदा मिलता है। अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल में डायलिसिस केंद्र की उपलब्धता की जानकारी के लिए वहां संपर्क करें।

एक नज़र में PMNDP

बिंदुजानकारी
मंत्रालयस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत
शुरुआत7 अप्रैल 2016
BPL मरीज़ों के लिएपूरी तरह मुफ़्त डायलिसिस
APL मरीज़ों के लिएबहुत रियायती/सब्सिडी दर पर डायलिसिस
कवरेज (30 जून 2026 तक)36 राज्य/UT, 751 ज़िले (44 संबद्ध ज़िलों सहित)
कुल केंद्र1,856 हीमोडायलिसिस केंद्र
कुल मशीनें13,535 हीमोडायलिसिस मशीनें
मॉडलPublic-Private Partnership (PPP) — ज़िला अस्पतालों में
पोर्टलpmndp.mohfw.gov.in

PMNDP क्यों शुरू हुआ

अंतिम चरण की किडनी बीमारी (End-Stage Renal Disease) के मरीज़ों को जीवित रहने के लिए नियमित डायलिसिस चाहिए होती है, पर निजी अस्पतालों में इसका खर्च आम परिवार की पहुंच से बाहर होता है। सरकार ने NHM के तहत इस योजना को शुरू किया ताकि हर ज़िला अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण, किफायती (या मुफ़्त) डायलिसिस सेवा उपलब्ध हो, खासकर उन इलाकों में जहां पहले ये सुविधा ही नहीं थी। ध्यान रहे — ‘जन स्वास्थ्य’ और ‘अस्पताल’ राज्य के विषय हैं, इसलिए केंद्र सरकार राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता देकर इस ढांचे को मज़बूत करती है।

किन्हें फायदा मिलता है

  • गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के किडनी रोगी — पूरी तरह मुफ़्त डायलिसिस
  • गरीबी रेखा से ऊपर (APL) के मरीज़ — बाज़ार दर से काफी कम, रियायती दर पर डायलिसिस
  • आयुष्मान भारत कार्ड धारक — कई राज्यों में स्वतः मुफ़्त सुविधा
  • दूर-दराज़ और ग्रामीण इलाकों के मरीज़, जहां पहले डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी

यह कैसे लागू होता है

योजना Public-Private Partnership (PPP) मॉडल पर चलती है — राज्य सरकार ज़िला अस्पताल में जगह और बुनियादी ढांचा देती है, जबकि निजी सेवा प्रदाता मशीनें, तकनीशियन और रखरखाव संभालते हैं। डायलिसिस केंद्रों की स्थापना राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अंतर-विश्लेषण (gap analysis) के आधार पर तैयार वार्षिक कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं (PIP) में दिए गए प्रस्तावों पर आधारित होती है — राष्ट्रीय कार्यक्रम समन्वय समिति इन प्रस्तावों को मंज़ूरी देती है। कई राज्यों ने इसे स्थानीय नाम भी दिया है — जैसे कुछ राज्यों में इसे “जीवनधारा” कहा जाता है।

निगरानी व्यवस्था

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय Common Review Mission (CRM) और वरिष्ठ अधिकारियों के दौरों के ज़रिए कार्यक्रम की नियमित समीक्षा करता है। अगर किसी समीक्षा में कोई डायलिसिस केंद्र निष्क्रिय पाया जाता है, तो संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश को सुधारात्मक कार्रवाई के लिए तुरंत सूचित किया जाता है। डायलिसिस केंद्रों को समय पर चालू रखने और प्रशिक्षित डायलिसिस तकनीशियनों की नियुक्ति की ज़िम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार और कार्यान्वयन भागीदार की होती है।

पिछले 2 वित्त वर्षों में राज्यवार सबसे ज़्यादा नए केंद्र

राज्यFY 2024-25FY 2025-26
गुजरात272282
महाराष्ट्र65158
कर्नाटक200214
तमिलनाडु141146
उत्तर प्रदेश7575

यह संचयी (cumulative) संख्या है पूरी राज्यवार सूची PIB विज्ञप्ति PRID 2297552 में उपलब्ध है।

अपने इलाके में डायलिसिस केंद्र कैसे पता करें

  • नज़दीकी ज़िला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में संपर्क करें
  • pmndp.mohfw.gov.in पोर्टल पर जानकारी देखें
  • राज्य स्वास्थ्य विभाग (NHM) की वेबसाइट पर भी सूची उपलब्ध हो सकती है
  • BPL राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड साथ ले जाएं, ताकि पात्रता तुरंत सत्यापित हो सके

संबंधित योजनाएं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम क्या है?

BPL किडनी रोगियों को मुफ़्त और APL रोगियों को रियायती दर पर डायलिसिस सेवा देने वाली योजना, 2016 से NHM के तहत चल रही है।

क्या डायलिसिस पूरी तरह मुफ़्त है?

BPL मरीज़ों के लिए हां, पूरी तरह मुफ़्त; APL मरीज़ों को रियायती दर पर।

ये सुविधा कहां मिलती है?

ज़िला अस्पतालों में, PPP मॉडल के तहत निजी सेवा प्रदाताओं के सहयोग से — अभी 751 ज़िलों में उपलब्ध है।

आयुष्मान कार्ड धारकों को क्या फायदा है?

कई राज्यों में आयुष्मान कार्ड धारकों को स्वतः मुफ़्त डायलिसिस सुविधा मिलती है।

कितने ज़िलों में ये सुविधा उपलब्ध है?

30 जून 2026 तक 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 751 ज़िलों में, 1,856 केंद्रों के ज़रिए।

योजना कब शुरू हुई?

7 अप्रैल 2016 को, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत।

कुल कितनी डायलिसिस मशीनें उपलब्ध हैं?

देशभर में कुल 13,535 हीमोडायलिसिस मशीनें (30 जून 2026 तक)।

अपने ज़िले में केंद्र है या नहीं, कैसे पता करें?

नज़दीकी ज़िला अस्पताल से संपर्क करें, या pmndp.mohfw.gov.in पोर्टल देखें।

अगर कोई डायलिसिस केंद्र काम नहीं कर रहा तो क्या होता है?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नियमित समीक्षा (CRM) में ऐसे केंद्र पकड़े जाने पर संबंधित राज्य को सुधारात्मक कार्रवाई के लिए सूचित किया जाता है।

क्या इसे ‘जीवनधारा’ भी कहा जाता है?

हां, कुछ राज्यों में इस योजना को स्थानीय स्तर पर ‘जीवनधारा’ नाम से लागू किया जाता है।

Leave a Comment