| 🔔 ताज़ा अपडेट (22 अक्टूबर 2026) केंद्रीय कैबिनेट ने 30 सितंबर 2026 को रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए सभी 6 रबी फसलों का MSP बढ़ाया। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (₹675), फिर सरसों (₹413) और मसूर (₹390)। गेहूं में सिर्फ ₹25 की बढ़ोतरी। यह MSP अभी बोई जा रही रबी फसल पर लागू होगा, जो 2027 में मंडी में बिकेगी। खरीद की तारीख राज्य घोषित करेंगे। |
हरिद्वार के पास लक्सर के किसान रामवीर इस बार 3 एकड़ में गेहूं और 1 एकड़ में सरसों बो रहे हैं। बुवाई से पहले उनका सबसे बड़ा सवाल यही है — “अगले साल मंडी में क्या भाव मिलेगा? गेहूं ज्यादा बोऊं या सरसों?” रबी MSP 2027-28 इसी सवाल का जवाब देता है।
मैं Sarita Mishra, इस लेख में आपको आसान भाषा में बताती हूं कि रबी MSP 2027-28 में किस फसल का कितना भाव तय हुआ, पिछले साल से कितना बढ़ा, लागत पर कितना मुनाफा है, और MSP पर फसल कैसे बेचें।
| ✅ सीधा जवाब रबी MSP 2027-28 (₹ प्रति क्विंटल): गेहूं ₹2,610, जौ ₹2,286, चना ₹5,958, मसूर ₹7,390, सरसों ₹6,613, कुसुम ₹7,215। यह भाव 2027 की रबी फसल की सरकारी खरीद पर लागू होगा। गेहूं में बढ़ोतरी सिर्फ ₹25 है, जबकि तिलहन-दलहन (सरसों, कुसुम, मसूर) में बढ़ोतरी कहीं ज्यादा है। |
रबी MSP 2027-28 — एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
| घोषणा | 30 सितंबर 2026, केंद्रीय कैबिनेट |
| विपणन सीजन | रबी 2027-28 (बिक्री 2027 में) |
| कुल फसलें | 6 — गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों, कुसुम |
| सबसे ज्यादा बढ़ोतरी | कुसुम — ₹675/क्विंटल |
| सबसे कम बढ़ोतरी | गेहूं — ₹25/क्विंटल |
| सबसे ज्यादा मार्जिन | गेहूं — लागत पर 106% |
| आधार | MSP = औसत लागत का कम से कम 1.5 गुना (बजट 2018-19) |
| मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय |
सभी 6 फसलों का MSP — पुराना बनाम नया
| फसल | MSP 2026-27 | MSP 2027-28 | बढ़ोतरी (₹) | बढ़ोतरी (%) |
| गेहूं | ₹2,585 | ₹2,610 | +₹25 | 0.97% |
| जौ | ₹2,150 | ₹2,286 | +₹136 | 6.33% |
| चना | ₹5,875 | ₹5,958 | +₹83 | 1.41% |
| मसूर | ₹7,000 | ₹7,390 | +₹390 | 5.57% |
| रेपसीड और सरसों | ₹6,200 | ₹6,613 | +₹413 | 6.66% |
| कुसुम | ₹6,540 | ₹7,215 | +₹675 | 10.32% |
सभी भाव ₹ प्रति क्विंटल में हैं। प्रतिशत बढ़ोतरी PIB के आंकड़ों से निकाली गई है।
लागत पर कितना मुनाफा — सरकारी आंकड़े
सरकार हर फसल की औसत उत्पादन लागत निकालती है, जिसमें नकद खर्च और परिवार की मेहनत का मूल्य शामिल होता है। उसी पर मार्जिन तय होता है:
| फसल | उत्पादन लागत 2027-28 | MSP 2027-28 | लागत पर मार्जिन |
| गेहूं | ₹1,264 | ₹2,610 | 106% |
| सरसों | ₹3,367 | ₹6,613 | 96% |
| मसूर | ₹3,854 | ₹7,390 | 92% |
| चना | ₹3,751 | ₹5,958 | 59% |
| जौ | ₹1,447 | ₹2,286 | 58% |
| कुसुम | ₹4,810 | ₹7,215 | 50% |
ध्यान दें: यह पूरे देश की औसत लागत है। आपके खेत की असली लागत डीजल, खाद, मजदूरी और पैदावार के हिसाब से कम-ज्यादा हो सकती है।
इस बार गेहूं में सिर्फ ₹25 क्यों?
गेहूं का MSP सिर्फ 0.97% बढ़ा, जबकि सरसों, कुसुम और मसूर में 5–10% की बढ़ोतरी हुई। सरकार के अनुसार गेहूं में लागत पर मार्जिन पहले से ही सबसे ज्यादा (106%) है। ऊंची बढ़ोतरी तिलहन और दलहन को मिली है, ताकि किसान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ें — यानी सिर्फ गेहूं-धान के बजाय दलहन-तिलहन भी बोएं।
उदाहरण से समझें: रामवीर को कितना ज्यादा मिलेगा?
मान लीजिए रामवीर अगले साल सरकारी केंद्र पर 40 क्विंटल गेहूं और 12 क्विंटल सरसों बेचते हैं:
| फसल | पुराने MSP पर | नए MSP पर | अतिरिक्त कमाई |
| गेहूं — 40 क्विंटल | ₹1,03,400 | ₹1,04,400 | +₹1,000 |
| सरसों — 12 क्विंटल | ₹74,400 | ₹79,356 | +₹4,956 |
| कुल | ₹1,77,800 | ₹1,83,756 | +₹5,956 |
सीख: गेहूं 40 क्विंटल बेचकर सिर्फ ₹1,000 ज्यादा मिले, जबकि सरसों के 12 क्विंटल पर ₹4,956। इस बार MSP की बढ़ोतरी का असली फायदा तिलहन बोने वालों को है। (यह उदाहरण सिर्फ MSP पर बिक्री मानकर है; खुले बाजार का भाव अलग हो सकता है।)
MSP पर फसल कैसे बेचें — 5 कदम
- अपने राज्य के खरीद पोर्टल पर समय से पंजीकरण कराएं (जैसे हरियाणा में “मेरी फसल मेरा ब्यौरा”)।
- पंजीकरण में खतौनी/भूमि रिकॉर्ड, आधार और बैंक खाता (आधार से जुड़ा) दें।
- फसल को साफ और सूखा रखें — नमी और गुणवत्ता के मानक पूरे होने चाहिए।
- राज्य द्वारा घोषित खरीद केंद्र और तारीख/टोकन के अनुसार फसल लेकर जाएं।
- भुगतान सीधे बैंक खाते में आता है — खाता चालू और आधार-लिंक रखें।
रबी 2027 की खरीद और पंजीकरण की तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं। घोषणा होते ही मैं यहां जोड़ दूंगी।
पिछले 12 साल में सरकारी खरीद — सरकार के आंकड़े
| बिंदु | 2004-05 से 2013-14 | 2014-15 से 2025-26 |
| गेहूं की खरीद | 2,254 लाख टन | 3,715 लाख टन |
| 6 रबी फसलों की खरीद | 2,302 लाख टन | 3,921 लाख टन |
| गेहूं पर MSP भुगतान | ₹2.56 लाख करोड़ | ₹7.31 लाख करोड़ |
| 6 रबी फसलों पर MSP भुगतान | ₹2.65 लाख करोड़ | ₹8.36 लाख करोड़ |
बुवाई से पहले किसान क्या करें
- मिट्टी जांच कराएं — खेत बचाओ अभियान (22 अक्टूबर – 30 नवंबर) में KVK टीमें गांव में आ रही हैं
- धान के बाद खाली खेत में सरसों या मसूर जैसी फसल पर विचार करें — इस बार इनका MSP ज्यादा बढ़ा है
- रबी फसल बीमा कराएं — पंचायत में बैंक कैंप (21 अक्टूबर – 31 दिसंबर) में नामांकन हो रहा है
- Farmer ID और KCC बनवा लें, ताकि खरीद और सब्सिडी में दिक्कत न हो
इन योजनाओं के बारे में भी पढ़ें
- खेत बचाओ अभियान रबी 2026
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा हरियाणा
- Farmer Registry (किसान पहचान पत्र)
- किसान क्रेडिट कार्ड
- PM धन-धान्य कृषि योजना
- PM Kisan Status Check
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रबी MSP 2027-28 में गेहूं का भाव कितना है?
गेहूं का MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल है, जो पिछले साल (₹2,585) से ₹25 ज्यादा है।
रबी MSP 2027-28 कब घोषित हुआ?
केंद्रीय कैबिनेट ने 30 सितंबर 2026 को रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए 6 फसलों का MSP मंजूर किया।
सबसे ज्यादा MSP किस फसल का बढ़ा?
कुसुम (safflower) का — ₹675 प्रति क्विंटल। इसके बाद सरसों ₹413 और मसूर ₹390 बढ़ी।
सरसों का नया MSP कितना है?
रेपसीड और सरसों का MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल है, जो पिछले साल से ₹413 ज्यादा है।
चने का MSP कितना है?
चने का MSP ₹5,958 प्रति क्विंटल है (₹83 की बढ़ोतरी)।
“रबी विपणन सीजन 2027-28” का मतलब क्या है?
जो रबी फसल अभी (अक्टूबर-दिसंबर 2026) बोई जा रही है, वह मार्च-जून 2027 में मंडी में बिकेगी। उसी बिक्री पर यह MSP लागू होगा।
MSP पर गेहूं कब से खरीदा जाएगा?
खरीद आम तौर पर मार्च-अप्रैल से शुरू होती है, और हर राज्य अपनी तारीख अलग घोषित करता है। रबी 2027 की खरीद तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
MSP पर फसल बेचने के लिए क्या करना होगा?
अपने राज्य के खरीद पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है (जैसे हरियाणा में मेरी फसल मेरा ब्यौरा)। पंजीकरण की तारीख राज्य सरकार घोषित करती है।
MSP लागत से कितना ज्यादा है?
सरकार के अनुसार गेहूं में लागत पर 106%, सरसों में 96%, मसूर में 92%, चने में 59%, जौ में 58% और कुसुम में 50% का मार्जिन है।
MSP तय करने का आधार क्या है?
2018-19 के बजट की घोषणा के अनुसार MSP अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना रखा जाता है।
क्या हर किसान को MSP मिलता है?
MSP उन्हीं किसानों को मिलता है जो सरकारी खरीद केंद्र पर, तय गुणवत्ता की फसल, पंजीकरण के साथ बेचते हैं। खुले बाजार में भाव MSP से कम-ज्यादा हो सकता है।
निष्कर्ष
रबी MSP 2027-28 में गेहूं ₹2,610, सरसों ₹6,613, मसूर ₹7,390, चना ₹5,958, जौ ₹2,286 और कुसुम ₹7,215 प्रति क्विंटल तय हुआ है। इस बार सरकार ने गेहूं के बजाय तिलहन-दलहन को ज्यादा बढ़ोतरी देकर साफ संकेत दिया है। बुवाई से पहले अपने खेत, पानी और बाजार को देखकर फसल चुनें, और खरीद पंजीकरण की तारीख का ध्यान रखें — वह घोषित होते ही मैं यहां अपडेट करूंगी।
स्रोत: PIB, 30 सितंबर 2026 — “Cabinet approves Minimum Support Prices (MSP) for Rabi Crops for Marketing Season 2027-28” (PRID 2316941)
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



