विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 (उत्तर प्रदेश) — पारंपरिक कारीगरों को ₹10,000 से ₹10 लाख तक की सहायता | पूरी जानकारी

🔴 अपडेट (जुलाई 2026)

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (उत्तर प्रदेश, 2018 से चालू) अभी भी सक्रिय है और केंद्र सरकार की PM विश्वकर्मा योजना (2023 से चालू) से पूरी तरह अलग है। ध्यान दें: उत्तर प्रदेश के निवासी दोनों योजनाओं के लिए स्वतंत्र रूप से आवेदन कर सकते हैं — इस योजना के लिए diupmsme.upsdc.gov.in से, और PM विश्वकर्मा योजना के लिए नज़दीकी CSC से। फ्री ट्रेनिंग की अवधि ज़्यादातर स्रोतों में 6 दिन बताई गई है, लेकिन एक सरकारी ज़िला पोर्टल पर 10 दिन भी दर्ज है — पब्लिश से पहले अपने ज़िला उद्योग कार्यालय से एक बार पुष्टि कर लें।

सीधा जवाब

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों के विकास हेतु विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना चलाई जाती है। इसके अंतर्गत बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री एवं हस्तशिल्पियों के आजीविका के साधनों को मज़बूत करते हुए उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जाता है — मुफ्त ट्रेनिंग, टूलकिट और व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10,000 से ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता के ज़रिए।

📊 विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना – एक नज़र में

विवरणजानकारी
योजना का नामविश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY)
राज्यउत्तर प्रदेश
शुरुआत2018
लाभार्थीस्थानीय दस्तकार व पारंपरिक कारीगर (8 ट्रेड)
मुख्य लाभ6 दिन फ्री ट्रेनिंग, टूलकिट, ₹10,000–₹10 लाख मार्जिन मनी ऋण
हेल्पलाइन नंबर1800-1800-888
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन व ऑफलाइन
आधिकारिक वेबसाइटmsme.up.gov.in
केंद्रीय योजना से अंतरPM विश्वकर्मा योजना (2023) से अलग — दोनों का लाभ साथ लिया जा सकता है
अंतिम अद्यतनजुलाई 2026

🎯 योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों की क्षमता का विकास करना और उन्हें आगे बढ़ाना है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। इस योजना के तहत सरकार इन कुशल कारीगरों को उनके व्यवसाय में 6 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण देने के साथ-साथ, पारंपरिक स्थानीय कारीगरों और दस्तकारों को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए ₹10,000 से लेकर ₹10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

✨ योजना की विशेषताएं

  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना संपूर्ण उत्तर प्रदेश राज्य में लागू है।
  • राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक व्यवसायियों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची और हस्तशिल्प कला करने वालों को इस योजना का लाभ मिलता है।
  • इस योजना के ज़रिये राज्य के सभी पारंपरिक मज़दूरों के विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाता है।
  • 6 दिन की ट्रेनिंग का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है — ट्रेनिंग के दौरान लाभार्थी का कोई पैसा नहीं लगता।
  • व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10,000 से ₹10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
  • लाभ लेने के लिए आवेदक को योजना में ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
  • राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष लगभग 15,000 लोगों को रोज़गार मिलता है।
  • बेरोज़गार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह योजना बहुत फायदेमंद है।

💰 योजना के लाभ

इस योजना के अंतर्गत स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों को तीन प्रकार से लाभान्वित किया जाता है:

1. कौशल वृद्धि प्रशिक्षण: आवेदक को वांछित ट्रेड में 6 दिन का निःशुल्क, आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षार्थी को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

2. टूलकिट वितरण: प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक कारीगर को उनके व्यवसाय में प्रयुक्त होने वाले आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत टूलकिट दिया जाता है।

3. मार्जिन मनी ऋण: टूलकिट प्राप्त कर चुके इच्छुक लाभार्थियों को वर्तमान में संचालित मार्जिन मनी योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार योजना आदि) से अपने व्यवसाय हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

✅ पात्रता

  • आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
  • शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है।
  • पिछले 2 वर्षों में आवेदक ने केंद्र या राज्य सरकार से टूलकिट संबंधी कोई लाभ प्राप्त न किया हो।
  • आवेदक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य केवल एक बार ही योजना के लिए आवेदन करने का पात्र होगा (परिवार का अर्थ पति व पत्नी से है)।
  • पात्रता मानदंडों को पूरा करने के लिए एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • जाति पात्रता का एकमात्र आधार नहीं है — परंपरागत कारीगरी से भिन्न जाति के लोग भी पात्र हैं, बशर्ते वे ग्राम प्रधान/नगर पालिका/नगर निगम द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें।

📋 आवश्यक दस्तावेज़

  • आवेदक की पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • बैंक पासबुक की प्रति
  • आधार कार्ड / वोटर आईडी कार्ड / निवास प्रमाण पत्र / बिजली बिल / राशन कार्ड / किरायानामा में से कोई एक
  • मोबाइल नंबर
  • पारंपरिक कारीगरी से जुड़े होने का प्रमाण पत्र

📝 आवेदन की प्रक्रिया

ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया

  1. इस योजना से संबंधित आवेदन पत्र जिला उद्योग कार्यालय से प्राप्त करें — यह फॉर्म ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है।
  2. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
  3. आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
  4. सभी जानकारी भरने के बाद संबंधित जिला उद्योग कार्यालय में जाकर जमा करें।
  5. प्राधिकृत अधिकारी द्वारा आवेदन पत्र की जाँच की जाएगी।
  6. जाँच में योग्य पाए जाने पर आपको इस योजना के अंतर्गत निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

  • सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र पर diupmsme.upsdc.gov.in टाइप करें — वेबसाइट का मुख्य पृष्ठ खुल जाएगा।
  • “नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करके अपना पंजीकरण करें — इसके बाद लॉगिन और पासवर्ड मिलेगा।
  • पंजीकृत उपयोगकर्ता लॉगिन पर यूज़रनेम, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।
  • आवेदन पत्र के पेज में स्थाई पता, नाम, जिला, तहसील, ब्लॉक, ग्राम आदि जानकारियां दर्ज करें।
  • जानकारी भरने के बाद “आगे बढ़ें” पर क्लिक करें, फिर “दस्तावेज़ अपलोड करें” विकल्प से सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • शपथ पत्र (यदि आवश्यक हो) का नोटरी-सत्यापित प्रिंटआउट अपलोड करें।
  • सभी दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद “फाइनल सबमिशन” पर क्लिक करें — आवेदन संख्या प्राप्त होगी, इसे संभालकर रखें। इसी संख्या से भविष्य में आवेदन की स्थिति जानी जा सकती है।

💰 यूनिट/बिज़नेस शुरू करने के लिए बैंक लोन चाहिए?

घर बैठे ऑनलाइन लोन आवेदन करें — पात्रता मिनटों में पता चल जाती है, ब्रांच के चक्कर नहीं। (यह सुविधा योजना का हिस्सा नहीं, बैंक की अलग सेवा है।)

ऑनलाइन लोन आवेदन करें →

डिस्क्लोज़र: इस लिंक के उपयोग पर हमें कमीशन मिल सकता है। आपके लिए यह सेवा मुफ्त है।

🔗 PM विश्वकर्मा योजना से क्या अंतर है?

यह उत्तर प्रदेश की राज्य योजना (2018 से) है — केंद्र सरकार की PM विश्वकर्मा योजना (2023 से) से अलग। उत्तर प्रदेश के पारंपरिक कारीगर दोनों योजनाओं के लिए स्वतंत्र रूप से पात्र हो सकते हैं — इस योजना के लिए diupmsme.upsdc.gov.in से, और PM विश्वकर्मा योजना के लिए नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) से आवेदन करें। यूपी के बाहर के कारीगरों के लिए केवल PM विश्वकर्मा योजना लागू होती है, क्योंकि यह राज्य-विशिष्ट स्कीम है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में क्या लाभ मिलता है?

पात्र कारीगरों को 6 दिन की मुफ्त आवासीय ट्रेनिंग, उन्नत टूलकिट, और व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10,000 से ₹10 लाख तक का मार्जिन मनी ऋण मिलता है।

इस योजना के लिए कौन पात्र है?

18 वर्ष या अधिक आयु के उत्तर प्रदेश निवासी, जो बढ़ई, दर्जी, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं, इस योजना के लिए पात्र हैं। पिछले 2 वर्षों में टूलकिट संबंधी कोई अन्य सरकारी लाभ न लिया हो, यह भी ज़रूरी है।

क्या यह योजना PM विश्वकर्मा योजना जैसी ही है?

नहीं। यह उत्तर प्रदेश की अपनी राज्य योजना है (2018 से चालू), जबकि PM विश्वकर्मा केंद्र सरकार की योजना है (2023 से चालू)। दोनों स्वतंत्र योजनाएं हैं और यूपी के पात्र कारीगर दोनों का लाभ ले सकते हैं।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन जिला उद्योग कार्यालय से ऑफलाइन फॉर्म लेकर, या diupmsme.upsdc.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करके किया जा सकता है। दोनों तरीकों में ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ आवेदन जमा करना होता है।

ट्रेनिंग कितने दिन की होती है?

अधिकतर आधिकारिक स्रोतों के अनुसार यह 6 दिन की निःशुल्क आवासीय ट्रेनिंग होती है। अपने ज़िले में सटीक अवधि जानने के लिए स्थानीय जिला उद्योग कार्यालय से पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

अभी क्या करें?

अगर आप या आपके परिचित उत्तर प्रदेश में पारंपरिक कारीगरी (बढ़ईगिरी, दर्ज़ीगिरी, लोहारी, कुम्हारी आदि) से जुड़े हैं, तो diupmsme.upsdc.gov.in पर जाकर आज ही पंजीकरण करें, या अपने नज़दीकी जिला उद्योग कार्यालय से संपर्क करें। ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें ताकि आवेदन में देरी न हो।

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