बिहार राज्य फसल सहायता योजना 2026 – फसल नष्ट होने पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर, कोई प्रीमियम नहीं

📌 अपडेट (2026): रबी 2025-26 के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना में आवेदन 1 जनवरी 2026 से शुरू हो चुका है। फसल नुकसान पर ₹7,500 से ₹10,000 प्रति हेक्टेयर (अधिकतम 2 हेक्टेयर) DBT से मिलता है। आवेदन पोर्टल: esahkari.bihar.gov.in

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बिहार राज्य फसल सहायता योजना क्या है?

बिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY) बिहार सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा चलाई जाने वाली एक राज्य स्तरीय फसल सुरक्षा योजना है।

इसे 2018 में खरीफ सीजन से शुरू किया गया था। यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का प्रभावी विकल्प है, लेकिन इसमें किसानों को एक भी रुपये का प्रीमियम नहीं देना पड़ता।

जब बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होती है, तो सरकार सीधे किसान के बैंक खाते में DBT से मुआवजा भेजती है।

त्वरित जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामबिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY)
विभागसहकारिता विभाग, बिहार सरकार
लॉन्च2018 (खरीफ से)
लाभार्थीबिहार के सभी किसान (रैयत/गैर-रैयत)
प्रीमियमकोई नहीं — पूर्णतः निःशुल्क
मुआवजा (20% तक नुकसान)₹7,500 प्रति हेक्टेयर
मुआवजा (20% से अधिक नुकसान)₹10,000 प्रति हेक्टेयर
अधिकतम क्षेत्र2 हेक्टेयर प्रति किसान
अधिकतम मुआवजा₹20,000 (2 हेक्टेयर × ₹10,000)
भुगतान माध्यमDBT — सीधे बैंक खाते में
आधिकारिक पोर्टलesahkari.bihar.gov.in
मोबाइल ऐपई-सहकारी (E-Sahkari App)

बिहार राज्य फसल सहायता योजना की सबसे खास बात — कोई प्रीमियम नहीं!

PMFBY और अन्य फसल बीमा योजनाओं में किसानों को प्रीमियम देना पड़ता है। BRFSY में ऐसा नहीं है।

बिहार सरकार स्वयं पूरा खर्च उठाती है। किसान को बस समय पर आवेदन करना है — बाकी सरकार करती है।

रैयत किसान (जिनके पास अपनी जमीन है) और गैर-रैयत किसान (जो दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं) — दोनों पात्र हैं।

मुआवजा राशि — पूरा ब्योरा

फसल क्षतिमुआवजा दरअधिकतम (2 हेक्टेयर)
20% तक नुकसान₹7,500 प्रति हेक्टेयर₹15,000
20% से अधिक नुकसान₹10,000 प्रति हेक्टेयर₹20,000

📌 नोट: एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए सहायता राशि प्राप्त कर सकता है। एक से अधिक फसलों के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।

कौन सी फसलें शामिल हैं?

रबी फसलें (Rabi Crops)

फसलअधिसूचित जिले
गेहूंसभी 38 जिले (पंचायत स्तर)
मक्कासभी 38 जिले (पंचायत स्तर)
मसूर35 जिले
सरसोंजिला स्तर पर अधिसूचित
चना17 जिले
अरहर/तूर22 जिले
आलू15 जिले
प्याज14 जिले

खरीफ फसलें (Kharif Crops)

फसलअधिसूचित क्षेत्र
अघनी धान38 जिलों के 527 ग्राम पंचायत
भदई मक्का38 जिलों के 534 ग्राम पंचायत
सोयाबीनबेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया (जिला स्तर)

⚠️ ध्यान दें: फसल अधिसूचना जिलेवार और पंचायतवार होती है। आवेदन से पहले पोर्टल पर अपने जिले/पंचायत की फसल सूची जरूर चेक करें।

पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

  • बिहार का स्थायी निवासी किसान
  • रैयत किसान — जिनके पास अपनी जमीन है
  • गैर-रैयत किसान — जो दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं
  • आंशिक रैयत — जिनके पास कुछ अपनी और कुछ दूसरे की जमीन है
  • कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर किसान पंजीकरण अनिवार्य

⚠️ जरूरी: जो किसान कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें पहले वहां पंजीकरण करना होगा, उसके बाद ही फसल सहायता योजना का आवेदन हो सकता है।

आवश्यक दस्तावेज

रैयत किसानों के लिए:

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (आधार लिंक्ड)
  • भूमि स्वामित्व प्रमाण — खाता/खेसरा नंबर
  • स्व-घोषणा प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो

गैर-रैयत किसानों के लिए:

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • स्व-घोषणा प्रमाण पत्र (वार्ड सदस्य/किसान सलाहकार द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित)
  • जमीन मालिक का अनुमति पत्र

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — Step by Step

Step 1: esahkari.bihar.gov.in पर जाएं।

Step 2: “बिहार राज्य फसल सहायता योजना हेतु आवेदन (रबी-2025-26)” लिंक पर क्लिक करें।

Step 3: कृषि विभाग की किसान निबंधन संख्या दर्ज करें।

Step 4: आधार OTP से सत्यापित करें।

Step 5: फसल का विवरण भरें — फसल का नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर, बोई गई भूमि का क्षेत्र।

Step 6: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।

Step 7: स्व-घोषणा प्रमाण पत्र अपलोड करें।

Step 8: फॉर्म सबमिट करें — रसीद डाउनलोड करके सुरक्षित रखें।

📱 मोबाइल से आवेदन: Google Play Store से “ई-सहकारी” ऐप डाउनलोड करें — मोबाइल से भी पूरा आवेदन हो सकता है।

🏢 ऑफलाइन आवेदन: नजदीकी प्रखंड कृषि कार्यालय में भी फॉर्म जमा किया जा सकता है।

आवेदन के बाद मुआवजा कैसे मिलता है?

  1. आवेदन जमा → पोर्टल पर दर्ज
  2. फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiment) — सरकारी अधिकारी फसल नुकसान का सत्यापन करते हैं
  3. नुकसान 20% से कम या अधिक — तय दर से मुआवजा तय
  4. DBT से सीधे बैंक खाते में मुआवजा राशि जमा

BRFSY बनाम PMFBY — मुख्य अंतर

विषयBRFSY (बिहार)PMFBY (केंद्र)
प्रीमियमकोई नहीं1.5%–2% किसान देते हैं
क्षेत्रकेवल बिहारपूरा भारत
विभागसहकारिता विभागकृषि मंत्रालय
मुआवजा₹7,500–₹10,000/हेक्टेयरउत्पादन के आधार पर
कवरेजरैयत + गैर-रैयतमुख्यतः रैयत
आवेदनesahkari.bihar.gov.inpmfby.gov.in

आधिकारिक स्रोत

  • आवेदन पोर्टल: esahkari.bihar.gov.in
  • मोबाइल ऐप: ई-सहकारी (Google Play Store)
  • विभाग: सहकारिता विभाग, बिहार सरकार, पटना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार राज्य फसल सहायता योजना क्या है?

बिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY) बिहार सरकार की एक निःशुल्क फसल सुरक्षा योजना है जिसमें प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होने पर किसानों को ₹7,500 से ₹10,000 प्रति हेक्टेयर DBT से मुआवजा मिलता है।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना में कितना मुआवजा मिलता है?

20% तक नुकसान पर ₹7,500 प्रति हेक्टेयर और 20% से अधिक नुकसान पर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर मिलता है। अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए यानी अधिकतम ₹20,000 तक मुआवजा मिल सकता है।

क्या बिहार राज्य फसल सहायता योजना में प्रीमियम देना पड़ता है?

नहीं। बिहार राज्य फसल सहायता योजना में किसानों को एक भी रुपये का प्रीमियम नहीं देना पड़ता। यह पूरी तरह सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है।

ऑनलाइन आवेदन कहां करें?

esahkari.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। Google Play Store से “ई-सहकारी” ऐप डाउनलोड करके मोबाइल से भी आवेदन हो सकता है।

गैर-रैयत किसान (बटाईदार) भी आवेदन कर सकते हैं?

हां। जो किसान दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं वे भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें वार्ड सदस्य या किसान सलाहकार द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित स्व-घोषणा प्रमाण पत्र देना होगा।

किसान पंजीकरण संख्या कहां से मिलेगी?

कृषि विभाग के DBT पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर किसान पंजीकरण होता है। जो पंजीकृत नहीं हैं वे पहले वहां पंजीकरण करें, उसके बाद फसल सहायता योजना का आवेदन करें।

BRFSY और PMFBY में क्या अंतर है?

BRFSY बिहार सरकार की निःशुल्क योजना है जिसमें कोई प्रीमियम नहीं लगता। PMFBY केंद्र सरकार की योजना है जिसमें किसानों को 1.5-2% प्रीमियम देना पड़ता है। दोनों योजनाएं अलग-अलग हैं और साथ-साथ चलती हैं।

रबी और खरीफ दोनों सीजन में आवेदन होता है?

हां। रबी (अक्टूबर-मार्च) और खरीफ (जून-सितंबर) दोनों सीजन के लिए अलग-अलग आवेदन प्रक्रिया होती है। प्रत्येक सीजन में अलग अंतिम तिथि होती है।

कौन सी फसलें बिहार राज्य फसल सहायता योजना में शामिल हैं?

गेहूं, मक्का, धान, मसूर, सरसों, चना, अरहर, आलू, प्याज, सोयाबीन सहित कई फसलें शामिल हैं। फसल और जिले के अनुसार अधिसूचना अलग होती है।

मुआवजा कब और कैसे मिलता है?

फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiment) के बाद नुकसान का आधिकारिक सत्यापन होता है। उसके बाद DBT के माध्यम से मुआवजा राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा होती है।

UPSC/BPSC Current Affairs नोट: बिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का एक वैकल्पिक राज्य मॉडल है जो Zero Premium के आधार पर किसानों को फसल सुरक्षा देता है। यह GS-III (कृषि, किसान कल्याण, सरकारी योजनाएं) और BPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र की PMFBY और बिहार की BRFSY का तुलनात्मक विश्लेषण परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है। रैयत और गैर-रैयत दोनों किसानों को कवरेज और DBT-आधारित भुगतान इस योजना की विशेषता है।

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