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14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने NSAP का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया और इसे ₹53,428 करोड़ के साथ 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी।
दिव्यांग पेंशन में तीन बड़े बदलाव: राशि ₹300 से ₹375, दिव्यांगता की शर्त 80% से 40%, और न्यूनतम आयु अब जन्म से। वृद्धावस्था, विधवा और परिवार लाभ योजना की राशि नहीं बदली — सिर्फ नाम बदले हैं। दिव्यांग पेंशन की नई गाइडलाइन 3 महीने के भीतर आएगी, तब मैं यह लेख फिर अपडेट करूंगी।
मेरठ के पास एक गांव में रहने वाली सुनीता देवी का 9 साल का बेटा 60% दिव्यांग है। पिछले साल वह पंचायत में दिव्यांग पेंशन का फॉर्म लेकर गईं तो उन्हें दो वजहों से लौटा दिया गया — बच्चा 18 साल से छोटा है और केंद्र की योजना में 80% दिव्यांगता चाहिए। अब ये दोनों रुकावटें हट गई हैं।
मैं Sarita Mishra, इस लेख में आपको आसान भाषा में बताती हूं कि प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना क्या है, इसकी पांचों योजनाओं में किसे कितना पैसा मिलता है, आपके राज्य में असली पेंशन कितनी है, और आवेदन व स्टेटस चेक कैसे करें।
| ✅ सीधा जवाब राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कहलाता है। इसके तहत गरीब (BPL) परिवारों के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने पेंशन, और कमाने वाले सदस्य की मृत्यु पर ₹20,000 एकमुश्त मिलते हैं। अक्टूबर 2026 में असली बदलाव दिव्यांग पेंशन में हुआ है: केंद्र से ₹375/माह (0-79 वर्ष) और ₹625/माह (80+), 40% दिव्यांगता पर्याप्त, और बच्चे भी पात्र। आपके हाथ में कुल पेंशन राज्य के Top-Up के साथ इससे ज्यादा होती है। |
योजना एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
| नया नाम | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| पुराना नाम | राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) |
| शुरुआत | 15 अगस्त 1995 |
| ताज़ा मंजूरी | 14 अक्टूबर 2026 (केंद्रीय कैबिनेट) |
| अवधि | 2026-27 से 2030-31 (5 वर्ष) |
| कुल बजट | ₹53,428 करोड़ |
| नोडल विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार |
| कुल लाभार्थी | 3.20 करोड़ (सभी 36 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश) |
| भुगतान का तरीका | DBT — सीधे आधार-लिंक बैंक खाते में |
| आवेदन | ग्राम पंचायत / ब्लॉक / नगर निकाय (मुफ्त फॉर्म) |
| आधिकारिक पोर्टल | nsap.nic.in |
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना क्या है — और क्यों बनी?
यह भारत सरकार का सबसे बड़ा सामाजिक पेंशन कार्यक्रम है, जो 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ। संविधान के अनुच्छेद 41 (नीति निदेशक तत्व) में कहा गया है कि बुढ़ापे, बीमारी और दिव्यांगता की स्थिति में राज्य लोगों को सहायता देगा। यही जिम्मेदारी पूरी करने के लिए यह योजना बनी।
केंद्र अपना हिस्सा 100% केंद्रीय सहायता के रूप में देता है, ताकि पूरे देश में हर लाभार्थी को कम से कम एक तय राशि जरूर मिले। राज्य सरकारें इसके ऊपर अपनी राशि जोड़ती हैं।
अक्टूबर 2026 का बड़ा बदलाव: 5 योजनाओं के नए नाम
| पुराना नाम | नया नाम (अक्टूबर 2026 से) |
| राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (IGNDPS) | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
| राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना |
ध्यान दें: नाम बदलने से आपकी चल रही पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर कोई कहे कि “योजना बंद हो गई, दोबारा फॉर्म भरो और फीस दो”, तो सावधान रहें — फॉर्म हमेशा मुफ्त है।
दिव्यांग पेंशन में 3 बड़े बदलाव
| बिंदु | पहले (IGNDPS) | अब (प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना) |
| राशि (80 वर्ष से कम) | ₹300/माह (18-79 वर्ष) | ₹375/माह (0-79 वर्ष) |
| राशि (80 वर्ष या अधिक) | ₹500/माह | ₹625/माह |
| दिव्यांगता की शर्त | 80% या अधिक | 40% (बेंचमार्क दिव्यांगता) |
| न्यूनतम आयु | 18 वर्ष | जन्म से |
यह बदलाव क्यों हुआ?
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (RPwD Act) में “बेंचमार्क दिव्यांगता” 40% मानी गई है, इसलिए पेंशन की शर्त भी इसी से जोड़ी गई। इसी कानून के अनुसार दिव्यांगजनों की सहायता दूसरी समान योजनाओं से कम से कम 25% अधिक होनी चाहिए।
इसीलिए ₹300 को 25% बढ़ाकर ₹375 और ₹500 को 25% बढ़ाकर ₹625 किया गया। अब दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन (₹300) और 80+ वृद्धावस्था पेंशन (₹500) से ठीक 25% ज्यादा है।
नई पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और राशि की गाइडलाइन 3 महीने के भीतर जारी होकर लागू होगी। तब तक मौजूदा नियम चलते रहेंगे।
5 योजनाएं — किसे कितना पैसा मिलता है (केंद्र का हिस्सा)
| योजना | कौन पात्र | केंद्र की राशि |
| प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना | 60 वर्ष+, BPL परिवार | ₹200/माह (60-79), ₹500/माह (80+) |
| प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | 40 वर्ष+ विधवा, BPL परिवार | ₹300/माह (40-79), ₹500/माह (80+) |
| प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना | जन्म से, 40%+ दिव्यांगता, BPL परिवार | ₹375/माह (0-79), ₹625/माह (80+) — नई गाइडलाइन के बाद |
| प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना | BPL परिवार, कमाने वाले सदस्य (18-59 वर्ष) की मृत्यु | ₹20,000 (एकमुश्त) |
| अन्नपूर्णा योजना | 65 वर्ष+, वृद्धावस्था पेंशन के पात्र पर पेंशन नहीं मिल रही | 10 किलो मुफ्त अनाज/माह |
State Top-Up — आपके राज्य में असली पेंशन कितनी?
ऊपर दी गई राशि सिर्फ केंद्र का हिस्सा है। आपके हाथ में आने वाली कुल वृद्धावस्था पेंशन राज्य के Top-Up से तय होती है:
| राज्य | कुल वृद्धावस्था पेंशन (प्रति माह) |
| हरियाणा | ₹2,750 |
| दिल्ली | ₹2,000 |
| उत्तराखंड | ₹1,200 |
| उत्तर प्रदेश | ₹1,000 |
| राजस्थान | ₹1,000 |
| मध्य प्रदेश | ₹600 |
| बिहार | ₹400 |
विधवा और दिव्यांग पेंशन की कुल राशि भी राज्य के हिसाब से अलग होती है। अपने राज्य की सही राशि के लिए राज्य समाज कल्याण विभाग से पुष्टि करें।
उदाहरण से समझें: नए नियम से किसे कितना फायदा?
| लाभार्थी | पहले की स्थिति | नए नियम के बाद (केंद्र का हिस्सा) |
| 9 साल का बच्चा, 60% दिव्यांग, BPL परिवार | अपात्र (उम्र 18 से कम, दिव्यांगता 80% से कम) | ₹375/माह = ₹4,500/साल |
| 35 साल के रमेश, 50% दिव्यांग, BPL परिवार | अपात्र (दिव्यांगता 80% से कम) | ₹375/माह = ₹4,500/साल |
| 45 साल की गीता, 85% दिव्यांग, पहले से पेंशनधारी | ₹300/माह = ₹3,600/साल | ₹375/माह = ₹4,500/साल (₹900/साल ज्यादा) |
| 82 साल के हरि सिंह, 90% दिव्यांग | ₹500/माह = ₹6,000/साल | ₹625/माह = ₹7,500/साल (₹1,500/साल ज्यादा) |
सबसे बड़ा फायदा पहली दो श्रेणियों को है — जो अब तक योजना से पूरी तरह बाहर थे, वे पहली बार पात्र होंगे। इसके ऊपर राज्य का Top-Up अलग से मिलेगा।
2026 में योजना के नए फीचर
- अक्टूबर 2026: नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना, ₹53,428 करोड़ के साथ 2030-31 तक विस्तार, दिव्यांग पेंशन ₹375 और 40% नियम
- फेस ऑथेंटिकेशन से जीवन प्रमाण पत्र: आधार Face RD ऐप से घर बैठे, बैंक या CSC जाए बिना
- UMANG और SAMBAL ऐप: आवेदन ट्रैकिंग और रियल-टाइम स्टेटस
- DBT भुगतान: ज्यादातर पेंशन सीधे आधार-लिंक बैंक खाते में
पात्रता — एक टेबल में
| शर्त | वृद्धावस्था | विधवा | दिव्यांग (नया) | परिवार लाभ |
| आयु | 60+ | 40+ | जन्म से | मृतक 18-59 |
| BPL परिवार | हां | हां | हां* | हां |
| विशेष शर्त | — | पति का निधन | 40%+ दिव्यांगता | मुख्य कमाने वाले की मृत्यु |
*BPL शर्त मौजूदा नियम है; नई गाइडलाइन में कोई बदलाव हुआ तो यहां अपडेट करूंगी।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (उम्र का प्रमाण भी)
- BPL राशन कार्ड या SECC सूची में नाम
- आधार से जुड़ा बैंक खाता (पासबुक की कॉपी)
- उम्र का अन्य प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल सर्टिफिकेट
- विधवा पेंशन: पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
- दिव्यांग पेंशन: सरकारी मेडिकल बोर्ड का दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड — अब 40% या अधिक
- परिवार लाभ: मुख्य कमाने वाले सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र
💡 योजना का पैसा पाने के लिए बैंक खाता चाहिए?
घर बैठे सिर्फ 5 मिनट में ज़ीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट खोलें — कोई ब्रांच जाने की ज़रूरत नहीं। आधार + पैन कार्ड से तुरंत खाता खुलता है और DBT का पैसा सीधे आता है।
फ्री में खाता खोलें →डिस्क्लोज़र: इस लिंक से खाता खोलने पर हमें कमीशन मिल सकता है। आपके लिए यह सेवा बिल्कुल मुफ्त है।
आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
- नजदीकी ग्राम पंचायत (गांव) या नगर निकाय (शहर) जाएं।
- पेंशन का आवेदन फॉर्म लें — यह बिल्कुल मुफ्त है।
- अपनी जानकारी और बैंक विवरण भरें, दस्तावेज़ लगाएं।
- ग्राम पंचायत जांच करके फॉर्म ब्लॉक कार्यालय भेजती है।
- जिला समाज कल्याण अधिकारी मंजूरी देकर पेंशन आदेश जारी करते हैं।
- हर महीने पेंशन DBT से सीधे बैंक खाते में आती है।
दिव्यांग पेंशन के नए आवेदकों के लिए: अगर दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, तो अभी से swavlambancard.gov.in पर UDID कार्ड के लिए आवेदन कर दें, ताकि गाइडलाइन आते ही फॉर्म भर सकें।
लाभार्थी सूची और स्टेटस कैसे चेक करें
- nsap.nic.in खोलें।
- Reports → Beneficiary Details पर जाएं।
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- सूची में अपना नाम खोजें।
UMANG ऐप से: ऐप डाउनलोड करें, NSAP सर्च करें और Application ID से स्टेटस देखें।
पेंशन नहीं मिली? शिकायत कैसे करें
| समस्या | क्या करें |
| पेंशन खाते में नहीं आई | nsap.nic.in पर पेमेंट स्टेटस देखें |
| आधार बैंक से लिंक नहीं | बैंक जाकर आधार सीडिंग फॉर्म जमा करें |
| जीवन प्रमाण पत्र की अवधि खत्म | Face Authentication ऐप या CSC से जमा करें |
| आवेदन लंबे समय से पेंडिंग | ब्लॉक कार्यालय में फॉलो-अप करें |
| अन्य शिकायत | nsap.nic.in → Grievance → Register |
इन योजनाओं के बारे में भी पढ़ें
- वृद्धावस्था पेंशन UP 2026 →
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना →
- अटल पेंशन योजना 2026 →
- राष्ट्रीय वयोश्री योजना →
- PM जनमन योजना →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना क्या है?
यह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नया नाम है। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने इसे ₹53,428 करोड़ के बजट के साथ 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी।
क्या इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई?
नहीं। योजना बंद नहीं हुई, सिर्फ नाम बदला है। अब इसे प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना कहा जाएगा। राशि और नियम पहले जैसे हैं।
इस योजना में केंद्र सरकार कितनी पेंशन देती है?
वृद्धावस्था पेंशन ₹200/माह (60-79 वर्ष) और ₹500/माह (80+), विधवा पेंशन ₹300/माह (40-79 वर्ष) और ₹500/माह (80+), तथा दिव्यांग पेंशन नई गाइडलाइन लागू होने के बाद ₹375/माह (0-79 वर्ष) और ₹625/माह (80+)।
दिव्यांग पेंशन के लिए अब कितने प्रतिशत दिव्यांगता चाहिए?
अब 40% बेंचमार्क दिव्यांगता पर्याप्त होगी। पहले केंद्र की योजना में 80% दिव्यांगता जरूरी थी।
क्या दिव्यांग बच्चों को भी पेंशन मिलेगी?
हां। न्यूनतम आयु अब “जन्म से” कर दी गई है। बच्चे के लिए आवेदन माता-पिता या अभिभावक करेंगे; पूरी प्रक्रिया नई गाइडलाइन में साफ होगी।
नई दिव्यांग पेंशन कब से मिलेगी?
PIB के अनुसार नई गाइडलाइन 3 महीने के भीतर जारी और लागू होगी। अभी कोई तय तारीख घोषित नहीं हुई है।
State Top-Up क्या है?
केंद्र की राशि के ऊपर राज्य सरकार जो अतिरिक्त पैसा जोड़ती है, उसे State Top-Up कहते हैं। इसीलिए अलग-अलग राज्यों में कुल पेंशन अलग-अलग होती है।
विधवा पेंशन के लिए क्या चाहिए?
आयु 40 वर्ष या अधिक, BPL परिवार, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार और आधार से जुड़ा बैंक खाता।
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना में कितना मिलता है?
BPL परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य (18-59 वर्ष) की मृत्यु पर परिवार को ₹20,000 एकमुश्त सहायता मिलती है। यह योजना पहले राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) कहलाती थी।
अन्नपूर्णा योजना क्या है?
65 वर्ष या अधिक उम्र के ऐसे BPL बुजुर्ग, जो वृद्धावस्था पेंशन के पात्र हैं लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिल रही, उन्हें हर महीने 10 किलो मुफ्त अनाज मिलता है।
आवेदन कहां करें?
ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय और शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका में। फॉर्म मुफ्त मिलता है। कई राज्यों में राज्य के समाज कल्याण पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन भी होता है।
पेंशन का स्टेटस कहां चेक करें?
nsap.nic.in पर Reports → Beneficiary Details में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर, या UMANG ऐप पर NSAP सर्च करके।
जीवन प्रमाण पत्र कैसे जमा करें?
आधार Face RD ऐप से घर बैठे फेस ऑथेंटिकेशन करके, या नजदीकी CSC/बैंक जाकर।
इस योजना से कितने लोगों को फायदा मिलता है?
PIB (14 अक्टूबर 2026) के अनुसार सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 3.20 करोड़ लाभार्थी।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना में नाम बदलना सिर्फ औपचारिक बदलाव है — वृद्धावस्था, विधवा और परिवार लाभ के पेंशनधारकों को कुछ नहीं करना है। लेकिन दिव्यांग पेंशन के नए नियम लाखों परिवारों के लिए असली राहत हैं: जो दिव्यांग बच्चे और 40-79% दिव्यांगता वाले लोग अब तक बाहर थे, वे पहली बार इस योजना में आ सकेंगे। मेरी सलाह है कि अभी से UDID कार्ड और आधार-लिंक बैंक खाता तैयार रखें। गाइडलाइन आते ही मैं यह लेख अपडेट करूंगी — हमारा WhatsApp चैनल जरूर फॉलो करें।
आधिकारिक स्रोत
- PIB, Release ID 2323264 (14 अक्टूबर 2026) — कैबिनेट फैसला
- NSAP पोर्टल: nsap.nic.in
- ग्रामीण विकास मंत्रालय: rural.nic.in
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



