| 🔔 ताज़ा अपडेट (21 अक्टूबर 2026) वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) का राष्ट्रव्यापी अभियान आज 21 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गया है और 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान बैंक ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में कैंप लगाएंगे, जहां बीमा, पेंशन, जन धन, re-KYC, KCC और फसल बीमा के काम एक ही जगह होंगे। |
सलेमपुर के पास एक गांव के रामपाल का जन धन खाता पिछले साल अचानक बंद-सा हो गया। PM-Kisan की किस्त आई, पर निकाल नहीं पाए। बैंक गए तो पता चला — re-KYC बाकी है। दो बार बैंक का चक्कर, एक दिन की मजदूरी गई। अब यही काम उनकी पंचायत में लगने वाले कैंप में हो सकेगा।
मैं Sarita Mishra, इस लेख में आपको आसान भाषा में बताती हूं कि 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक चलने वाले वित्तीय समावेशन अभियान में आप कौन-कौन से काम करवा सकते हैं, क्या साथ ले जाएं, और किसे सबसे ज्यादा फायदा है।
| ✅ सीधा जवाब यह कोई नई योजना नहीं, बल्कि बैंक कैंप लगाने का अभियान है। 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक बैंक आपकी ग्राम पंचायत या नगर निकाय में आकर ये काम करेंगे: बीमा-पेंशन: जीवन ज्योति (₹436 में ₹2 लाख), सुरक्षा बीमा (₹20 में ₹2 लाख), अटल पेंशन | बैंक खाता: जन धन खाता, re-KYC, nominee | किसान: KCC आवेदन, रबी फसल बीमा। |
अभियान एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
| अभियान | वित्तीय समावेशन (FI) योजनाओं का व्यापक अभियान |
| विभाग | वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS), वित्त मंत्रालय |
| अवधि | 21 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 |
| कहां | ग्राम पंचायतें और शहरी स्थानीय निकाय |
| कौन लगाएगा कैंप | बैंक (SLBC और राज्य प्रशासन की निगरानी में) |
| मुख्य काम | बीमा/पेंशन नामांकन, जन धन, re-KYC, nominee, KCC, फसल बीमा |
| जागरूकता | डिजिटल धोखाधड़ी, “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” |
| घोषणा | PIB, 19 अक्टूबर 2026 |
कैंप में कौन-कौन से 9 काम होंगे
| # | काम | किसके लिए उपयोगी |
| 1 | जीवन ज्योति बीमा (PMJJBY), सुरक्षा बीमा (PMSBY), अटल पेंशन (APY) में नामांकन | हर बैंक खाताधारक परिवार |
| 2 | PMJJBY और PMSBY में आधार जोड़ना | जो पहले से बीमा में जुड़े हैं |
| 3 | प्रधानमंत्री जन धन खाता खोलना | जिनका कोई बैंक खाता नहीं |
| 4 | जन धन और दूसरे बचत खातों का re-KYC | जिनका खाता रुका है या DBT अटका है |
| 5 | C-KYC ID बनाना (जहां बाकी हो) | सभी खाताधारक |
| 6 | बचत खाते और लॉकर में nominee अपडेट | जिनके खाते में nominee नहीं |
| 7 | डिजिटल धोखाधड़ी और “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” पर जागरूकता | सभी |
| 8 | किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदन | PM-Kisan लाभार्थी किसान |
| 9 | रबी फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन | रबी बोने वाले किसान |
तीन बीमा-पेंशन योजनाएं — एक टेबल में
| योजना | उम्र | सालाना प्रीमियम | लाभ |
| प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा (PMJJBY) | 18–50 वर्ष | ₹436 | किसी भी कारण से मृत्यु पर ₹2 लाख |
| प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा (PMSBY) | 18–70 वर्ष | ₹20 | दुर्घटना मृत्यु/पूर्ण विकलांगता ₹2 लाख, आंशिक ₹1 लाख |
| अटल पेंशन योजना (APY) | 18–40 वर्ष | उम्र और पेंशन के हिसाब से | 60 के बाद ₹1,000–₹5,000/माह पेंशन |
तीनों का प्रीमियम आपके बचत खाते से ऑटो-डेबिट होता है, इसलिए खाते में थोड़ा बैलेंस रखें।
उदाहरण से समझें: एक परिवार को कितना फायदा?
मान लीजिए रामपाल (35 साल) और उनकी पत्नी सरला (32 साल) कैंप में जाकर दोनों अपने-अपने खाते से जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा लेते हैं:
| रामपाल | सरला | परिवार कुल | |
| जीवन ज्योति प्रीमियम | ₹436 | ₹436 | ₹872 |
| सुरक्षा बीमा प्रीमियम | ₹20 | ₹20 | ₹40 |
| कुल सालाना खर्च | ₹456 | ₹456 | ₹912 |
| किसी भी कारण मृत्यु पर | ₹2 लाख | ₹2 लाख | — |
| दुर्घटना में मृत्यु पर (दोनों बीमा मिलाकर) | ₹4 लाख | ₹4 लाख | — |
सीख: साल में ₹912 — यानी महीने के करीब ₹76 — में पूरे परिवार को ₹2 से ₹4 लाख तक का बीमा सुरक्षा कवच। दुर्घटना में मृत्यु होने पर दोनों योजनाओं का पैसा मिलता है, इसलिए ₹4 लाख।
किसानों के लिए खास: KCC और रबी फसल बीमा
इस अभियान में PM-Kisan लाभार्थियों से KCC के आवेदन लिए जाएंगे। KCC से कम ब्याज पर खेती का कर्ज मिलता है। साथ ही रबी फसल के लिए फसल बीमा का नामांकन भी कैंप में होगा।
सलाह: रबी बुवाई का समय चल रहा है। अगर आपके पास KCC नहीं है, तो कैंप में खतौनी/भूमि का कागज और PM-Kisan की जानकारी लेकर जाएं। फसल बीमा की आखिरी तारीख अपने राज्य के notification या बैंक से पक्की कर लें।
re-KYC: खाता रुका है तो यह सबसे जरूरी काम
जिनका जन धन या बचत खाता लंबे समय से अपडेट नहीं हुआ, उनके खाते में लेन-देन रुक सकता है। ऐसे में PM-Kisan, पेंशन या किसी भी योजना का DBT पैसा खाते में आकर भी नहीं निकलता। कैंप में आधार और मोबाइल नंबर के साथ re-KYC करवा लें।
साथ ही nominee जरूर अपडेट करें — इसके बिना खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को पैसा निकालने में महीनों लग जाते हैं।
“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” — बिना दावे का पैसा
देशभर के बैंकों और बीमा कंपनियों में ऐसा पैसा पड़ा है, जिस पर सालों से किसी ने दावा नहीं किया — जैसे किसी बुजुर्ग का भूला हुआ खाता या पुरानी FD। कैंप में इसकी जानकारी दी जाएगी कि ऐसा पैसा असली हकदार कैसे वापस पाए। बैंक में पड़े ऐसे जमा की खोज RBI के UDGAM पोर्टल पर भी की जा सकती है।
डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव — 4 बातें
- बैंक कभी फोन पर OTP, PIN या पासवर्ड नहीं मांगता।
- “KYC अपडेट करो वरना खाता बंद” वाले SMS/लिंक पर क्लिक न करें — re-KYC बैंक शाखा या कैंप में ही करवाएं।
- पैसा “पाने” के लिए कभी UPI PIN नहीं डालना पड़ता।
- धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
कैंप में क्या लेकर जाएं
- आधार कार्ड (और आधार से जुड़ा मोबाइल फोन)
- बैंक पासबुक या खाता नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- nominee का नाम, उम्र और आधार
- किसान: खतौनी/भूमि का कागज, PM-Kisan पंजीकरण की जानकारी, बोई जाने वाली फसल का ब्योरा
कैंप की तारीख कैसे पता करें
- अपनी बैंक शाखा या गांव के बैंक मित्र (BC) से पूछें।
- ग्राम पंचायत कार्यालय / ग्राम प्रधान या नगर निकाय कार्यालय में संपर्क करें।
- पंचायत के नोटिस बोर्ड और गांव के WhatsApp समूहों पर नजर रखें।
इन योजनाओं के बारे में भी पढ़ें
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
- अटल पेंशन योजना
- प्रधानमंत्री जन धन योजना
- किसान क्रेडिट कार्ड
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
- PM Kisan Status Check
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
वित्तीय समावेशन अभियान 2026 कब से कब तक है?
21 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक। इस दौरान बैंक देशभर की ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में कैंप लगाएंगे।
कैंप में कौन-कौन से काम होंगे?
जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा और अटल पेंशन में नामांकन; बीमा योजनाओं में आधार जोड़ना; जन धन खाता खोलना; re-KYC; C-KYC ID बनाना; nominee अपडेट; KCC आवेदन; रबी फसल बीमा में नामांकन; और डिजिटल धोखाधड़ी व बिना दावे के पैसे पर जागरूकता।
मेरे गांव में कैंप कब लगेगा, कैसे पता करें?
PIB release में हर पंचायत की तारीख नहीं दी गई है। अपनी बैंक शाखा, बैंक मित्र (BC) या ग्राम पंचायत कार्यालय से कैंप की तारीख पूछें।
क्या कैंप में कोई फीस लगती है?
कैंप में आना और फॉर्म भरना मुफ्त है। बीमा योजनाओं का सालाना प्रीमियम (जैसे ₹436 और ₹20) आपके खाते से कटेगा। कोई अलग से “सेवा शुल्क” मांगे तो बैंक शाखा में शिकायत करें।
re-KYC क्या है और क्यों जरूरी है?
बैंक समय-समय पर खाताधारक की पहचान और पता दोबारा जांचता है। re-KYC न होने पर खाते में लेन-देन रुक सकता है और सरकारी योजनाओं का DBT पैसा अटक सकता है।
जीवन ज्योति बीमा में क्या मिलता है?
₹436 सालाना प्रीमियम पर किसी भी कारण से मृत्यु होने पर नॉमिनी को ₹2 लाख। नामांकन 18 से 50 साल की उम्र में।
सुरक्षा बीमा में क्या मिलता है?
₹20 सालाना प्रीमियम पर दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर ₹2 लाख, आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख। उम्र 18 से 70 साल।
अटल पेंशन योजना में कौन जुड़ सकता है?
18 से 40 साल का कोई भी बैंक खाताधारक, जो आयकर दाता न हो। 60 साल के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक मासिक पेंशन, जमा राशि उम्र और चुनी गई पेंशन पर निर्भर।
किसानों के लिए इस अभियान में क्या है?
PM-Kisan लाभार्थियों से KCC आवेदन लिए जाएंगे, और रबी फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन होगा।
“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” क्या है?
यह बैंकों, बीमा और दूसरी वित्तीय संस्थाओं में पड़े बिना दावे के पैसे को असली हकदार तक पहुंचाने की मुहिम है। कैंप में इसकी जानकारी दी जाएगी। बैंक में पड़े बिना दावे के जमा पैसे की खोज RBI के UDGAM पोर्टल पर भी की जा सकती है।
कैंप में कौन से दस्तावेज़ ले जाएं?
आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर (जो आधार से जुड़ा हो), पासपोर्ट साइज फोटो; किसान हैं तो खतौनी/भूमि का कागज और PM-Kisan की जानकारी; nominee का नाम और आधार।
निष्कर्ष
21 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक का यह अभियान उन लोगों के लिए सबसे काम का है, जिनका खाता re-KYC की वजह से रुका है, जिनके पास बीमा नहीं है, या जो किसान KCC और फसल बीमा से अब तक बाहर हैं। बैंक के चक्कर लगाने के बजाय यह काम अपनी पंचायत में ही हो सकता है। अपनी शाखा से कैंप की तारीख पूछ लें और ऊपर दिए दस्तावेज़ तैयार रखें। अपने इलाके के कैंप की जानकारी मिलते ही मैं यहां जोड़ूंगी — हमारा WhatsApp चैनल जरूर फॉलो करें।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।



