मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना 2026 (उत्तराखंड) – नवजात शिशु और मां को मुफ्त पोषण किट, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

📌 अपडेट 2026: महालक्ष्मी किट योजना पहले केवल बालिका शिशु के लिए थी — अब इसमें बालकों को भी शामिल कर लिया गया है। योजना की निगरानी के लिए Online Portal लॉन्च हो चुका है जिससे राज्य की लगभग 50,000 धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं को हर साल आसानी से किट मिलेगी।

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मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना क्या है?

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना (जिसे “महालक्ष्मी किट योजना” भी कहा जाता है) उत्तराखंड सरकार की एक कल्याणकारी योजना है। इसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 17 जुलाई 2021 को शुरू किया था।

इस योजना का उद्देश्य प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु के स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता को बेहतर बनाना है। उत्तराखंड की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य की पहल पर यह योजना लागू की गई।

देश में आमतौर पर देखा जाता है कि बालिका के जन्म के बाद मां और शिशु की देखभाल पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता — इसी कमी को दूर करने के लिए यह योजना बनाई गई।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना त्वरित जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना (किट योजना)
राज्यउत्तराखंड
शुरुआत17 जुलाई 2021
शुरू करने वालेमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
संबंधित मंत्रीरेखा आर्य (महिला कल्याण एवं बाल विकास)
विभागमहिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग
लाभार्थीधात्री महिलाएं + नवजात शिशु
2026 अपडेटअब बालक भी पात्र (पहले सिर्फ बालिका)
वार्षिक लाभार्थीलगभग 50,000 महिलाएं/शिशु
आवेदन स्थाननजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र
मॉनिटरिंगOnline Portal लॉन्च

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के अंतर्गत क्या मिलता है?

प्रसव के बाद महिला को पहली दो बालिकाओं/बालकों के जन्म पर एक-एक किट दी जाती है। यदि जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं तो महिला को अलग-अलग दो किट दी जाती हैं।

मां और शिशु — दोनों के लिए अलग किट दी जाती है, जिसमें पोषण और स्वच्छता संबंधी सामग्री होती है।

मां के लिए महालक्ष्मी किट में शामिल सामग्री

  • पौष्टिक खाद्य सामग्री (ड्राई फ्रूट्स — बादाम, अखरोट सहित)
  • स्वच्छता संबंधी सामान
  • वस्त्र संबंधी सामग्री

नवजात शिशु के लिए किट में शामिल सामग्री

  • शिशु के वस्त्र
  • पोषण सामग्री
  • स्वच्छता का सामान

📌 किट में मां और बच्चे दोनों के समुचित पोषण के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल की जाती है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना पात्रता — कौन आवेदन कर सकता है?

  • आवेदक उत्तराखंड की स्थायी निवासी होनी चाहिए
  • गर्भवती महिला आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत होनी चाहिए
  • प्रसव के बाद ही किट प्राप्त करने की पात्रता बनती है
  • परिवार की मासिक आय ₹6,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए
  • पहले दो बच्चों (बालक या बालिका) के लिए ही लाभ मिलेगा

अपात्र:

  • सरकारी अधिकारी/कर्मचारी
  • आयकर (Tax) जमा करने वाले नागरिक

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • जन्म प्रमाण पत्र (नवजात शिशु का)
  • परिवार रजिस्टर की प्रति
  • आय प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक
  • आंगनवाड़ी पंजीकरण विवरण
  • दो बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र (यदि दो बच्चों वाली हों)

आवेदन कैसे करें — Step by Step

ऑफलाइन आवेदन (मुख्य तरीका)

Step 1: गर्भावस्था के दौरान ही नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण करवाएं।

Step 2: प्रसव के बाद जन्म प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की प्रति सहित आवेदन पत्र भरें।

Step 3: भरा हुआ आवेदन पत्र अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में जमा करें।

Step 4: आवेदन करने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर पंजीकरण विवरण प्राप्त होगा।

Step 5: आंगनवाड़ी केंद्र से रसीद अवश्य प्राप्त करें।

Step 6: सत्यापन के बाद महालक्ष्मी किट आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से वितरित की जाएगी।

📌 2026 अपडेट: अब योजना की निगरानी के लिए Online Portal भी लॉन्च हो चुका है जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ बनी है।

संबंधित योजना — नंदा गौरा योजना

महालक्ष्मी किट योजना के साथ-साथ उत्तराखंड में नंदा गौरा योजना भी चलती है, जिसके अंतर्गत बालिकाओं को:

  • जन्म पर ₹11,000
  • कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर ₹51,000

की धनराशि दी जाती है। दोनों योजनाओं के लिए अब Online Portal की सुविधा उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना बनाम नंदा गौरा योजना — अंतर

विषयमहालक्ष्मी किट योजनानंदा गौरा योजना
लाभपोषण/स्वच्छता किटनकद राशि (₹11,000 + ₹51,000)
समयजन्म के तुरंत बादजन्म पर + 12वीं पास पर
लाभार्थीअब बालक + बालिका दोनोंकेवल बालिका
आवेदनआंगनवाड़ी केंद्रOnline Portal

शिकायत निवारण

यदि किट में सामग्री पूरी न मिले या कोई गड़बड़ी हो, तो संबंधित ब्लॉक के महिला कल्याण एवं बाल विकास कार्यालय में शिकायत दर्ज करें। आंगनवाड़ी केंद्र स्तर की समस्याओं के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) से संपर्क करें।

आधिकारिक स्रोत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना क्या है?

यह उत्तराखंड सरकार की एक योजना है जिसमें प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु को पोषण और स्वच्छता संबंधी सामग्री वाली “महालक्ष्मी किट” मुफ्त में दी जाती है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना कब शुरू हुई?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे 17 जुलाई 2021 को शुरू किया था।

क्या अब बालकों को भी इस योजना का लाभ मिलता है?

हाँ। पहले यह योजना केवल बालिका शिशु के लिए थी, लेकिन अब इसमें बालकों को भी शामिल कर लिया गया है।

आवेदन कहाँ करें?

गर्भावस्था के दौरान नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण करवाएं। प्रसव के बाद जन्म प्रमाण पत्र सहित आवेदन पत्र वहीं जमा करें।

महालक्ष्मी किट में क्या मिलता है?

मां के लिए पौष्टिक खाद्य सामग्री (बादाम, अखरोट सहित), स्वच्छता और वस्त्र संबंधी सामान। शिशु के लिए वस्त्र, पोषण और स्वच्छता का सामान — दोनों के लिए अलग-अलग किट।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के लिए आय सीमा क्या है?

परिवार की मासिक आय ₹6,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी और आयकर देने वाले नागरिक पात्र नहीं हैं।

कितने बच्चों के लिए यह लाभ मिलता है?

पहले दो बच्चों (बालक या बालिका) के लिए लाभ मिलता है। जुड़वां बच्चे होने पर दो अलग-अलग किट दी जाती हैं।

योजना से सालाना कितनी महिलाओं को फायदा होता है?

उत्तराखंड में हर साल लगभग 50,000 धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं को इस योजना का लाभ मिलता है

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