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विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP)एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
| पूरा नाम | विकसित ग्राम पंचायत प्लान (Viksit Gram Panchayat Plan) |
| किसके तहत | VB–G RAM G अधिनियम, 2025 |
| क्या है | गाँव की मुख्य विकास योजना; सभी काम इसी से लिए जाएँगे |
| कौन बनाएगा | ग्राम पंचायत; मंज़ूरी — ग्राम सभा |
| तकनीकी मंच | Yuktdhara पोर्टल (उपग्रह/GIS आधारित) |
| मुख्य क्षेत्र | जल सुरक्षा, ग्रामीण ढाँचा, आजीविका, आपदा से बचाव |
| कुल अनुमत काम | 318 (अंतरिम सूची) |
| वित्त-पोषण मॉडल | सिंगल प्लान – मल्टी फंडिंग (विभिन्न योजनाओं का संगम) |
| लागू | 1 जुलाई 2026 से |
विकसित ग्राम पंचायत प्लान(VGPP) क्या है? (आसान भाषा में)
अब तक गाँव में काम अक्सर “किसने माँगा” के आधार पर तय होते थे — एक तरह की इच्छा-सूची (wish-list)। नए कानून ने इस तरीके को बदल दिया है। अब हर ग्राम पंचायत को एक वैज्ञानिक योजना बनानी होगी, जिसे कहते हैं — विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP)।
सीधे शब्दों में — यह आपके गाँव की एक “मास्टर डेवलपमेंट लिस्ट” है। इसमें यह तय होता है कि गाँव में कौन-सा काम, कहाँ, कब और किस ज़रूरत के आधार पर होगा। सबसे अहम बात — अब गाँव में वही काम होंगे जो इस मंज़ूर प्लान में शामिल होंगे। इसलिए इस प्लान में आपके गाँव की असली ज़रूरतें शामिल होना बेहद ज़रूरी है।
यह आम ग्रामीण के लिए क्यों मायने रखता है?
यह सिर्फ़ अफसरों के लिए कागज़ी काम नहीं है। आपके लिए इसमें सीधा फायदा है:
- आपकी आवाज़ ग्राम सभा में: चूँकि VGPP को ग्राम सभा मंज़ूर करती है, इसलिए ग्राम सभा की बैठक में जाकर आप अपने गाँव की ज़रूरत (तालाब, सड़क, नाली, पशु शेड आदि) इसमें शामिल करवा सकते हैं।
- अपनी ज़मीन पर काम: कुछ प्राथमिकता वाले परिवारों की अपनी ज़मीन/घर पर भी काम (जैसे खेत-तालाब, वर्मी कम्पोस्ट, पशु शेड, कुआँ) कराए जा सकते हैं।
- पारदर्शिता: सभी रिकॉर्ड (मस्टर रोल, बिल, माप, जियो-टैग) ग्राम सभा के सामने रखे जाएँगे और सामाजिक अंकेक्षण (social audit) होगा।
चार मुख्य क्षेत्र और उनके काम (318 कुल)
सभी अनुमत काम चार बड़े क्षेत्रों में बँटे हैं। जल सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा गया है:
| क्षेत्र | कामों की संख्या | उदाहरण |
| 1. जल सुरक्षा (सर्वोच्च प्राथमिकता) | 107 | चेक डैम, तालाब, रिचार्ज पिट, सिंचाई कुआँ, वृक्षारोपण, रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग |
| 2. मुख्य ग्रामीण ढाँचा | 88 | सड़क, पुलिया, आँगनवाड़ी, पंचायत भवन, स्कूल कक्षा/शौचालय, सोलर स्ट्रीट लाइट |
| 3. ग्रामीण आजीविका | 86 | SHG शेड, ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, दूध संग्रह केंद्र, पशु/मुर्गी शेड, वर्मी कम्पोस्ट, प्रोसेसिंग यूनिट |
| 4. आपदा से बचाव (Climate Resilience) | 37 | बाढ़/चक्रवात शेल्टर, तटबंध, रिटेनिंग वॉल, शेल्टरबेल्ट, वनाग्नि रेखा |
| कुल | 318 | — |
👉 हर काम की पूरी सूची (Schedule-I की सभी 318 entries) के लिए पढ़ें: VB–G RAM G के 318 अनुमत कार्य: Schedule-I की पूरी सूची।
जल सुरक्षा पर ज़ोर इतना है कि खर्च की न्यूनतम सीमाएँ तय की गई हैं — अति-दोहित/क्रिटिकल ब्लॉक में कम-से-कम 65%, सेमी-क्रिटिकल में 40%, और सुरक्षित (safe) ब्लॉक में 30% खर्च जल-संबंधी कामों पर।
किन परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी?
VGPP में कमज़ोर वर्ग को केंद्र में रखा गया है। इन परिवारों की अपनी ज़मीन/घर पर व्यक्तिगत संपत्ति (individual assets) बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी:
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST)
- घुमंतू और विमुक्त जनजातियाँ (nomadic/denotified tribes)
- आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS)
- महिला-मुखिया वाले परिवार
- दिव्यांगजन के मुखिया वाले परिवार
- भूमि सुधार के लाभार्थी
- पीएम आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थी
- वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के लाभार्थी
इन वर्गों के बाद, छोटे और सीमांत किसानों की ज़मीन पर भी काम लिए जा सकते हैं — बशर्ते उनके पास वैध जॉब कार्ड हो और एक वयस्क सदस्य काम करने को तैयार हो।
विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) कैसे बनता है? (प्रक्रिया)
- गैप असेसमेंट: Yuktdhara पोर्टल पर उपग्रह डेटा (PM Gati Shakti, India-WRIS, Bhuvan, GeoMGNREGA) से गाँव में पहले से मौजूद संपत्तियों और कमियों का आकलन।
- काम की पहचान: कमियों के आधार पर ज़रूरी काम चुने जाते हैं और नक्शे पर उनकी लोकेशन (अक्षांश-देशांतर) तय की जाती है।
- जन-परामर्श: टोला, वार्ड, गाँव और ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें — ताकि समुदाय अपनी ज़रूरतें बता सके और कामों को प्राथमिकता दे सके।
- ग्राम सभा की मंज़ूरी: ग्राम सभा एक औपचारिक प्रस्ताव (resolution) पास करके योजना को मंज़ूरी देती है।
- संकलन (Consolidation): मंज़ूर योजना पोर्टल पर अपलोड होती है, फिर ब्लॉक → ज़िला → राज्य → राष्ट्रीय स्तर पर जुड़कर “विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण ढाँचा स्टैक (VB-NRIS)” बनाती है।
Yuktdhara पोर्टल क्या है?
Yuktdhara एक उपग्रह/GIS आधारित प्लानिंग पोर्टल है, जिस पर गाँव के नक्शे, जल बजट और संपत्तियों का डेटा देखकर वैज्ञानिक योजना बनाई जाती है। 👉 विस्तार से पढ़ें: युक्तधारा पोर्टल: ISRO का GIS-आधारित ग्रामीण योजना पोर्टल।
पैसा कहाँ से आएगा?
इसमें एक नया तरीका अपनाया गया है — “सिंगल प्लान – मल्टी फंडिंग”। यानी एक ही गाँव-योजना के लिए कई सरकारी योजनाओं का पैसा मिलकर (convergence) लगेगा। वित्त-पोषण का अनुपात:
- सामान्य राज्य — केंद्र:राज्य 60:40
- पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य — 90:10
- विधानसभा रहित केंद्र शासित प्रदेश — 100% केंद्र
सहज शुरुआत के लिए लगभग ₹95,692 करोड़ का अंतरिम आवंटन घोषित किया गया है। साथ ही, लागत के हिसाब से कम-से-कम 50% काम ग्राम पंचायतों के ज़रिए कराए जाने हैं, और श्रम-सामग्री अनुपात (labour-material ratio) 60:40 रखा गया है।
UPSC और राज्य PCS के नज़रिए से
- VGPP — VB–G RAM G के तहत मुख्य planning instrument; ग्राम सभा द्वारा मंज़ूर।
- तकनीक — Yuktdhara पोर्टल, PM Gati Shakti, GIS, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर।
- दृष्टिकोण — सैचुरेशन-आधारित, कन्वर्जेंस-आधारित, outcome-based planning।
- चार थीमैटिक डोमेन और 318 अनुमत काम; जल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।
- संकलन — Block → District → State → VB-NRIS (राष्ट्रीय ग्रामीण ढाँचा स्टैक)।
- मॉडल — “सिंगल प्लान – मल्टी फंडिंग”; GS पेपर-2 (शासन) के लिए प्रासंगिक।
संबंधित योजनाएं
- VB–G RAM G योजना: 1 जुलाई 2026 से लॉन्च — पूरी जानकारी
- ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड (GRGC): पुराने जॉब कार्ड का क्या होगा?
- पीएम किसान सम्मान निधि
- युक्तधारा पोर्टल
- राष्ट्रीय गोकुल मिशन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: VGPP का मतलब क्या है?
उत्तर: विकसित ग्राम पंचायत प्लान — VB–G RAM G के तहत हर गाँव की मुख्य विकास योजना, जिसमें से ही गाँव के सारे काम लिए जाएँगे।
प्रश्न 2: मैं अपने गाँव की ज़रूरत इसमें कैसे शामिल करवाऊँ?
उत्तर: ग्राम सभा की बैठक में भाग लें। योजना को ग्राम सभा ही मंज़ूर करती है, इसलिए वहीं अपनी ज़रूरत रखें।
प्रश्न 3: किन परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी?
उत्तर: SC/ST, घुमंतू/विमुक्त जनजाति, EWS, महिला-मुखिया परिवार, दिव्यांग-मुखिया परिवार, भूमि सुधार व PMAY-G व FRA लाभार्थियों को।
प्रश्न 4: कुल कितने तरह के काम हो सकते हैं?
उत्तर: अंतरिम सूची में 318 तरह के काम — जल सुरक्षा (107), ग्रामीण ढाँचा (88), आजीविका (86) और आपदा से बचाव (37)।
प्रश्न 5: क्या मैं Yuktdhara पोर्टल पर लॉगिन कर सकता हूँ?
उत्तर: नहीं। यह सिर्फ़ अधिकृत सरकारी कर्मचारियों के लिए है और इसका कोई मोबाइल ऐप नहीं है। फ़र्ज़ी ऐप से बचें।
प्रश्न 6: पैसा कहाँ से आएगा?
उत्तर: “सिंगल प्लान – मल्टी फंडिंग” के तहत कई योजनाओं का पैसा मिलकर लगेगा; केंद्र:राज्य अनुपात आम तौर पर 60:40 (NE/हिमालयी राज्यों में 90:10)।
नोट: यह लेख VB–G RAM G के विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) के ड्राफ्ट फ्रेमवर्क और हालिया सरकारी सूचनाओं पर आधारित है। चूँकि यह मसौदा है, अमल के दौरान बदलाव संभव हैं — सटीक जानकारी के लिए अपने ब्लॉक/ज़िला कार्यालय या ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक सूचना देखें।
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।
