मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड 2026 — अनाथ बच्चों को 21 वर्ष तक ₹3,000/माह, Free Education और 5% सरकारी नौकरी Quota | Apply और पात्रता की पूरी जानकारी

📌 अपडेट (जून 2026): मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना अभी भी active है — Bageshwar सहित विभिन्न जिलों में पात्र लाभार्थियों को April-May 2026 में किस्तें जारी की गई हैं। उत्तराखंड सरकार के Women Empowerment & Child Development (WECD) Portal पर scheme की जानकारी June 2026 तक updated है।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड सरकार की एक scheme है जो 22 मई 2021 को तत्कालीन CM तीरथ सिंह रावत द्वारा शुरू की गई थी। यह उन बच्चों के लिए है जिनके माता-पिता या परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मृत्यु हुई हो — मूलतः COVID-19 के कारण, लेकिन बाद में scope बढ़ाया गया। इसके तहत 21 वर्ष की आयु तक ₹3,000/माह DBT से, Free Education, संपत्ति संरक्षण और सरकारी नौकरी में 5% क्षैतिज आरक्षण मिलता है। अब तक 2,311+ बच्चे identify हो चुके हैं। Apply करें: wecd.uk.gov.in

इस लेख में

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना उत्तराखंड एक नज़र में

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री वात्सल्य योजना
राज्यउत्तराखंड
Launch22 मई 2021 — CM तीरथ सिंह रावत
Formally Started2 अगस्त 2021
वर्तमान CMपुष्कर सिंह धामी
नोडल विभागWomen Empowerment & Child Development (WECD)
मासिक सहायता₹3,000/माह
अवधि21 वर्ष की आयु तक
Payment ModeDBT — बैंक खाते में
सरकारी नौकरी Quota5% क्षैतिज आरक्षण
संपत्ति संरक्षणहाँ — DM की जिम्मेदारी
लाभान्वित बच्चे2,311+ (identify किए गए)
आवेदनOffline (WECD विभाग / तहसील)
Official Portalwecd.uk.gov.in

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना क्या है — और इसका Scope क्या है?

22 मई 2021 को उत्तराखंड में COVID-19 की दूसरी लहर की तबाही के बीच — जब बड़ी संख्या में बच्चों के माता-पिता एक साथ चले गए — तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की घोषणा की।

शुरुआत में यह scheme सिर्फ COVID से दोनों माता-पिता खोने वाले बच्चों के लिए थी। लेकिन जून 2021 में उत्तराखंड सरकार ने इसका दायरा बढ़ाया — अब जिन बच्चों के माता-पिता में से किसी एक की भी मृत्यु कोविड-19 से हुई, वे भी eligible हैं। इसके अलावा वे बच्चे जिनके परिवार में एकमात्र कमाऊ सदस्य की मृत्यु कोविड या किसी अन्य बीमारी से हुई, वे भी इसमें शामिल हैं।

UPSC/UKPSC Perspective: यह scheme Child Rights के Article 39(f) (बच्चों की dignity और opportunity) के प्रति राज्य की commitment दर्शाती है। 5% Horizontal Reservation — government jobs में अनाथ बच्चों के लिए — यह प्रावधान करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना। यह PM CARES for Children (Central Scheme, 2021) का state-level complement है।

कौन-कौन Eligible है?

शुरुआत में COVID-specific थी, लेकिन scope के अनुसार अब निम्नलिखित cases में बच्चे eligible हैं:

Caseविवरण
Case 11 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच माता-पिता दोनों की मृत्यु COVID-19 या अन्य बीमारी से
Case 2माता-पिता में से एक पहले ही गुज़र चुके हों — और दूसरे की मृत्यु उसी period में COVID से
Case 3उसी period में परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मृत्यु (माता, पिता या अभिभावक)
Case 41 मार्च 2020 से 31 मई 2022 के बीच बच्चे के संरक्षक (Guardian) की मृत्यु

Basic शर्तें:

  • आवेदक उत्तराखंड का मूल निवासी हो
  • आवेदक का बैंक Account हो (DBT के लिए)
  • बच्चे की आयु 21 वर्ष से कम हो

क्या-क्या मिलता है? — पूरे Benefits

1. ₹3,000/माह भरण-पोषण भत्ता

21 वर्ष की आयु तक — DBT से सीधे बैंक खाते में। यह राशि हर माह निरंतर मिलती रहती है।

2. Free Education — 21 वर्ष तक

ऐसे बेसहारा असहाय बच्चों की देखरेख और शिक्षा की व्यवस्था 21 वर्ष की आयु तक प्रदान की जाएगी। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा निःशुल्क।

3. रोजगार सहायता — 21 वर्ष के बाद

21 वर्ष की आयु के बाद सरकार उन्हें रोज़गार दिलाने में भी मदद करेगी।

4. सरकारी नौकरी में 5% क्षैतिज आरक्षण

अनाथ बच्चों के लिए नौकरियों में पाँच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है। यह reservation सभी सरकारी नौकरियों में applicable है। Facebook

5. पैतृक संपत्ति संरक्षण

बेसहारा असहाय बच्चों के पास जो पैतृक संपत्ति है — जब तक वह वयस्क नहीं हो जाते, उसे बेचने का अधिकार किसी नागरिक को नहीं दिया जाएगा। इस बात की जिम्मेदारी संबंधित जिले के जिला अधिकारी (DM) को दी गई है।

6. कौशल विकास

सरकार इन बच्चों के कौशल विकास पर भी ध्यान देगी।

योजना की Progress — अब तक

अब तक 2,311 ऐसे बच्चे चिन्हित किए गए हैं जिन्हें इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। उत्तराखंड के 13 जिलों में पात्र बच्चों की पहचान और नियमित DBT disbursement जारी है।


Implementation — कैसे काम करता है?

  • वात्सल्य योजना अंतर्गत पात्र उन सभी बच्चों व परिवारों के चयन करने की जिम्मेदारी संबंधित तहसील के नोडल अधिकारी की होगी
  • नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर तैयार हो जाएं
  • सभी पात्र बच्चों की सूची का अभिलेख तहसील स्तर पर जमा कराया जाएगा
  • पंचायती राज संस्थाएं, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, बाल संरक्षण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा आदि नोडल अधिकारी का सहयोग करेंगे
  • योजना के संचालन हेतु MIS Portal बनाया गया है जिसमें समस्त बच्चों का विवरण जनपदों द्वारा ऑनलाइन भरा जाता है।

ज़रूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • जन्म प्रमाण पत्र (बच्चे का)
  • माता-पिता/अभिभावक का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • COVID-19 से मृत्यु का प्रमाण (यदि applicable)
  • निवास प्रमाण (उत्तराखंड का मूल निवासी)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • मोबाइल नंबर

Apply कैसे करें?

Step 1: wecd.uk.gov.in पर जाएं और आवेदन पत्र download करें — या अपनी तहसील/जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय से form प्राप्त करें

Step 2: Form में सभी जानकारी भरें — बच्चे का नाम, जन्मतिथि, धर्म, जाति, आधार नंबर, पता, विद्यालय का नाम आदि

Step 3: सभी दस्तावेज attach करें — मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे ज़रूरी

Step 4: Form अपने जिले के संबंधित विभाग में जमा करें — महिला एवं बाल विकास विभाग या जिला बाल संरक्षण इकाई

Step 5: Verification के बाद — नोडल अधिकारी approval करेंगे और DBT शुरू होगी

Offline आवेदन अनिवार्य — अभी इस योजना में Online Application का provision नहीं है।


जिलावार बाल संरक्षण इकाई से संपर्क करें

अगर आवेदन में कोई समस्या हो या जानकारी चाहिए — अपने जिले की जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से संपर्क करें। DCPU के जिलावार Email ID और Mobile Numbers wecd.uk.gov.in पर उपलब्ध हैं।


PM CARES for Children बनाम मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना

PM CARES for Childrenवात्सल्य योजना (UK)
LevelCentral SchemeState Scheme
Monthly Support₹4,000/माह (10 वर्ष से)₹3,000/माह
EducationPM Scholarship (Class 9 से)21 वर्ष तक Free
Job Reservationनहीं5% Horizontal
ScopeCOVID orphansCOVID + Family के एकमात्र earner की मृत्यु

दोनों schemes एक साथ ली जा सकती हैं — केंद्रीय और राज्य योजना दोनों का लाभ मिलना संभव है।


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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना क्या है?

उत्तराखंड सरकार की scheme — COVID-19 या अन्य कारणों से अनाथ हुए बच्चों को 21 वर्ष तक ₹3,000/माह, Free Education, संपत्ति संरक्षण और 5% सरकारी नौकरी Quota।

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना कब शुरू हुई?

22 मई 2021 को घोषणा और 2 अगस्त 2021 से formally शुरू — CM तीरथ सिंह रावत द्वारा।

कितनी राशि मिलती है?

₹3,000 प्रति माह — 21 वर्ष की आयु तक, DBT से।

क्या यह scheme अभी भी active है?

हाँ — June 2026 तक disbursement जारी है। 2,311+ बच्चे लाभान्वित।

कौन-कौन Eligible है?

माता-पिता दोनों की मृत्यु COVID से, या एक की पहले और दूसरे की COVID से, या परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मृत्यु — 1 मार्च 2020 से 31 मई 2022 के बीच।

5% नौकरी Quota क्या है?

सरकारी नौकरियों में अनाथ बच्चों के लिए 5% क्षैतिज आरक्षण — यह प्रावधान करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है।

संपत्ति संरक्षण कैसे होता है?

जब तक बच्चे वयस्क नहीं हो जाते, उनकी पैतृक संपत्ति बेचने का अधिकार किसी को नहीं — DM इसकी जिम्मेदारी संभालते हैं।

Apply कहाँ करें?

Offline — wecd.uk.gov.in से form download करें या जिला बाल संरक्षण इकाई/महिला एवं बाल विकास विभाग से संपर्क करें।

क्या PM CARES for Children और मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना दोनों एक साथ मिल सकते हैं?

हाँ — Central और State scheme दोनों का लाभ एक साथ लिया जा सकता है।

21 साल के बाद क्या होगा?

सरकार रोज़गार दिलाने में मदद करेगी — और सरकारी नौकरी में 5% क्षैतिज reservation से career में सहायता मिलेगी।

आधिकारिक स्रोत

  • Women Empowerment & Child Development, Uttarakhand — wecd.uk.gov.in
  • Bageshwar NIC — bageshwar.nic.in (June 2026 updated)
  • Uttarakhand Government — uk.gov.in

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