📌 अपडेट (2026): बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत झारखंड में अब तक 1.67 लाख से अधिक परिवारों को horticulture से जोड़कर लाभान्वित किया जा चुका है। यह scheme पहले “बिरसा आम बागवानी योजना” के नाम से थी — COVID-19 pandemic के दौरान 2020 में returning migrant workers की मदद के लिए इसे relaunch किया गया। 2026 में VB-G RAM G (MGNREGA की जगह) के launch के साथ यह scheme अब नए framework में continue है।
बिरसा हरित ग्राम योजना झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की एक flagship scheme है। इसके तहत 5 लाख परिवारों को लगभग 100 फलदार पौधे दिए जाएंगे और पौधों की उपज (Usufruct Rights) उन्हीं परिवारों को मिलेगी। यह scheme MGNREGA framework के तहत implement होती है और प्रत्येक किसान परिवार को हर साल ₹50,000 की आमदनी का अनुमान है। SC, ST, भूमिहीन परिवार और अन्य आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग — सभी eligible हैं। Apply: नज़दीकी Gram Panchayat या MGNREGA Office से।
Table of Contents
बिरसा हरित ग्राम योजना एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | बिरसा हरित ग्राम योजना (Birsa Harit Gram Yojana/BHGY) |
| राज्य | झारखंड |
| Launch | 4 मई 2020 — CM हेमंत सोरेन |
| पुराना नाम | बिरसा आम बागवानी योजना |
| नोडल विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड |
| Implementing Scheme | MGNREGA (अब VB-G RAM G) |
| प्रति परिवार पौधे | 100 फलदार पौधे (Free) |
| लक्ष्य परिवार | 5 लाख परिवार |
| पौधारोपण लक्ष्य | 5 करोड़ पौधे |
| अनुमानित वार्षिक आय | ₹50,000/परिवार/वर्ष |
| भूमि | 2 लाख एकड़ बंजर/परती सरकारी भूमि |
| Usufruct Rights | भूमि सरकारी — लेकिन उपज हकदार परिवार की |
| रोज़गार | VB- G RAM G के तहत land preparation + maintenance |
| प्रमुख फसलें | आम (Amrapali, Mallika), अमरूद, नींबू, कटहल, काजू |
| Priority | SC, ST, BPL, विधवा महिलाएं, वृद्ध |
| लाभान्वित परिवार | 1.67 लाख+ (2025 तक) |
| Apply | Gram Panchayat/VB- G RAM G Office — Offline |
| Selection | Gram Sabha द्वारा |
| VB-G RAM G ग्रामीण रोजगार गारण्टी कार्ड | अनिवार्य |
बिरसा हरित ग्राम योजना — पूरी कहानी
2020 में COVID-19 lockdown के दौरान झारखंड के हज़ारों प्रवासी मज़दूर राज्य वापस लौटे — रोज़गार नहीं था, खेती बंजर पड़ी थी। CM हेमंत सोरेन ने इसी संकट को एक opportunity में बदला। पुरानी “बिरसा आम बागवानी योजना” को relaunch करके “बिरसा हरित ग्राम योजना” बनाई — returning migrants को उनकी ही ज़मीन पर fruit trees लगाने का काम मिला, MGNREGA wages मिले और लंबे समय के लिए एक sustainable income source बना।
MGNREGA Commissioner Mritunjay Kumar Barnwal (IAS 2013 Batch) ने कहा — “Scheme को इस तरह design किया गया है कि MGNREGA workers अपने orchards के owners बनें। Land preparation के दौरान wages मिलती हैं और एक long-term asset create होता है। जब तक fruit trees mature होते हैं, वे सब्जियां उगाते हैं और बेचते हैं।”
Jharkhand के लगभग 28% geographical area में जंगल हैं — और तेज़ industrial growth के साथ deforestation एक चुनौती है। बिरसा हरित ग्राम योजना इसी को address करती है — development और environment का balance।
योजना का नाम झारखंड के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के सम्मान में रखा गया है।
UPSC/JPSC Perspective: यह scheme MGNREGA के “Productive Asset Creation” objective का एक innovative implementation है — जहाँ wage employment सिर्फ दिहाड़ी के लिए नहीं, बल्कि long-term productive asset (orchard) create करने के लिए। यह Agroforestry — जो भूमि उपयोग की एक integrated system है — को tribal/marginalised communities के livelihood tool के रूप में mainstream में लाने का प्रयास है। Usufruct Rights — जहाँ भूमि का स्वामित्व सरकार के पास है लेकिन उपज का अधिकार beneficiary को — यह “Land to the Tiller” के concept का एक nuanced application है।
तीन चरणों में काम — 3-Phase Plantation Model
Scheme एक structured three-phase plantation model follow करती है:
Phase 1 — Land Preparation और Planting
- MGNREGA wages पर भूमि की तैयारी — जुताई, खुदाई, गड्ढे करना
- 100 फलदार पौधे प्रति परिवार — Free साथ ही उर्वरक और तकनीकी सहायता
- आम (Amrapali और Mallika जैसी high-yielding varieties), अमरूद, नींबू — मिश्रित बागवानी
Phase 2 — Maintenance और Interim Income
- पौधों की देखभाल — पानी, खाद, pest control (MGNREGA wages)
- जब तक fruit trees mature हों — बीच में सब्जियां और अनाज उगाएं — extra income
- MGNREGA के तहत ongoing रोज़गार
Phase 3 — Fruiting और Sustainable Income
- पौधे mature होने के बाद (3-5 साल) — नियमित उपज
- प्रत्येक परिवार को ₹50,000/वर्ष की अनुमानित आय
- सरकार market linkages develop करेगी — उपज बेचने में सहायता
भूमि — कहाँ होगा रोपण?
2 लाख एकड़ से अधिक उपयोगहीन सरकारी परती भूमि (Government Fallow Land) का उपयोग।
- सड़क किनारे (Roadside Plantation)
- सरकारी भूमि
- व्यक्तिगत भूमि (Private Land)
- गैर-मजरुआ भूमि
- कॉमन लैंड (Common Land)
Usufruct Rights का अर्थ: भूमि का स्वामित्व सरकार के पास रहेगा — लेकिन पौधों से होने वाली उपज का अधिकार (Usufruct Rights) लाभार्थी परिवार को दिया जाएगा। यानी — ज़मीन सरकारी है, फल तुम्हारे।
कौन-कौन सी फसलें?
आम (Amrapali, Mallika varieties), अमरूद, नींबू के साथ मिश्रित फल की बागवानी। फलदार पौधों के साथ-साथ खेतों में अनाज और सब्जी भी। इसके अलावा:
| फल/पौधे | विशेषता |
|---|---|
| आम (Amrapali, Mallika) | High-yielding varieties, first plantation |
| अमरूद | Fast growing, early income |
| नींबू | Year-round production |
| कटहल (Jackfruit) | Nutritious, tribal food |
| काजू (Cashew) | High commercial value |
| शरीफा (Custard Apple) | Local demand |
| सहजन (Moringa) | Nutritious + income |
| चारे वाले पेड़ | Animal fodder |
पात्रता — कौन Eligible है?
| Category | विवरण |
|---|---|
| SC (Scheduled Caste) | ✅ Priority |
| ST (Scheduled Tribe) | ✅ Priority |
| Primitive Tribes (PVTG) | ✅ Priority |
| BPL परिवार | ✅ |
| भूमिहीन परिवार | ✅ |
| महिला-प्रधान परिवार | ✅ Priority |
| दिव्यांग व्यक्ति | ✅ |
| PMAY लाभार्थी | ✅ |
| छोटे और सीमांत किसान | ✅ |
| वृद्ध और विधवा महिलाएं | ✅ विशेष प्राथमिकता |
अनिवार्य शर्त:
- MGNREGA Job Card होना ज़रूरी है
- आजीविका मुख्यतः कृषि पर निर्भर होनी चाहिए
- झारखंड का निवासी होना अनिवार्य
ज़रूरी दस्तावेज
- पहचान प्रमाण पत्र (Aadhaar Card)
- MGNREGA Job Card (अनिवार्य)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए)
- BPL प्रमाण पत्र (अगर BPL हैं)
- बैंक खाता विवरण
- भूमि दस्तावेज (यदि private land पर plantation हो)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
बिरसा हरित ग्राम योजना Apply कैसे करें — Offline Process
Step 1: नज़दीकी Gram Panchayat या VB- G RAM G Office जाएं
Step 2: Application Form की hard copy request करें
Step 3: Form ध्यानपूर्वक भरें — Personal details, Land details, VB-G RAM G Guarantee Card number
Step 4: सभी documents attach करें
Step 5: Form Gram Panchayat/VB- G RAM G Office Office में submit करें
Step 6: Gram Sabha पात्र applications verify और approve करेगी
Step 7: Approval के बाद — scheme phase के अनुसार plantation work assign किया जाएगा
Scheme की Progress — अब तक क्या हुआ?
Statistical analysis के अनुसार FY 2022-23 में beneficiaries में 5.04% वृद्धि — 1,187 नए participants।
Scheme शुरू होने के बाद से अब तक 1.67 लाख से अधिक परिवारों को support मिला है।
कुल लक्ष्य: 5 लाख परिवार, 5 करोड़ पौधे।
VB-G RAM G में यह Scheme — क्या बदला?
1 जुलाई 2026 से MGNREGA की जगह VB-G RAM G Act लागू हो गया। बिरसा हरित ग्राम योजना अब VB-G RAM G के “Livelihood Infrastructure” thematic category के तहत आती है।
क्या same रहेगा:
- पौधे मिलेंगे — Free
- Usufruct Rights — same
- Gram Sabha से selection — same
- DBT wages — same (बल्कि बढ़ी हुई ₹300/दिन minimum)
क्या बदला:
- रोज़गार guarantee 100 दिन → 125 दिन (25 दिन अधिक)
- Wage minimum ₹241/दिन → ₹300/दिन (झारखंड के लिए)
- Works VB-NRIS पर linked — better monitoring
Challenges — क्या कमियाँ हैं?
Researchers ने कुछ challenges identify किए हैं:
| Challenge | विवरण |
|---|---|
| Temporary Employment | Plantation phases complete होने के बाद रोज़गार कम हो जाता है |
| Delayed Income | Trees mature होने में 3-5 साल — इस बीच income कम |
| Market Linkage | उपज बेचने के लिए market access अभी भी limited |
| Maintenance | Long-term maintenance plans अभी और strengthen होने चाहिए |
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिरसा हरित ग्राम योजना क्या है?
झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग की scheme — SC/ST/BPL/भूमिहीन परिवारों को 100 Free फलदार पौधे + MGNREGA wages + Usufruct Rights।
बिरसा हरित ग्राम योजना कब शुरू हुई?
4 मई 2020 — CM हेमंत सोरेन द्वारा। पहले “बिरसा आम बागवानी योजना” थी — 2020 में relaunch।
बिरसा हरित ग्राम योजना में कितनी आय होगी?
₹50,000/वर्ष — जब फलदार पौधे mature हो जाएंगे (3-5 साल)।
कौन Eligible है?
SC, ST, BPL, भूमिहीन, महिला-प्रधान परिवार, दिव्यांग, PMAY लाभार्थी, छोटे-सीमांत किसान, वृद्ध, विधवा।
क्या MGNREGA Job Card ज़रूरी है?
हाँ — MGNREGA Job Card अनिवार्य है।
भूमि कौन सी use होती है?
सरकारी परती/बंजर भूमि — 2 लाख एकड़। भूमि सरकारी रहती है, उपज का अधिकार beneficiary को।
Apply कहाँ करें?
नज़दीकी Gram Panchayat या MGNREGA Office में offline।
Selection कैसे होता है?
Gram Sabha द्वारा verification और approval।
VB-G RAM G में यह scheme continue है?
हाँ — अब VB-G RAM G के “Livelihood Infrastructure” category में। रोज़गार 100 → 125 दिन, wage minimum ₹300/दिन।
कितने परिवारों को लाभ मिल चुका है?
1.67 लाख+ परिवार — लक्ष्य 5 लाख परिवार और 5 करोड़ पौधे।
आधिकारिक स्रोत
- ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड — rd.jharkhand.gov.in
- MGNREGA Jharkhand — nrega.nic.in/netnrega/home.aspx (state: Jharkhand)
- DRDA District Offices — जिलावार NIC websites
लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।
