संशोधित उड़ान योजना 2026 (UDAN 2.0): नए नियम, बजट और आम आदमी को फायदा — पूरी जानकारी

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🔴 Update (16 जुलाई 2026): नागर विमानन मंत्री श्री के. राममोहन नायडू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में संशोधित उड़ान योजना पर हितधारकों की वर्कशॉप का उद्घाटन किया और नए प्रावधानों का मसौदा जारी किया। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को जोधपुर एयरपोर्ट से लॉन्च की थी।
संशोधित उड़ान योजना (UDAN 2.0) क्या है? यह केंद्र सरकार की उड़ान योजना का अगला चरण है। अब एयरलाइन कंपनियों को 5 साल तक Viability Gap Funding मिलेगी (पहले सिर्फ 3 साल), बड़े विमानों के लिए सीट सीमा हटा दी गई है, और अगले 10 वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे व 200 हेलीपैड बनाने का लक्ष्य रखा गया है — ताकि छोटे शहरों तक भी सस्ती हवाई यात्रा पहुंच सके।

एक नज़र में

योजना का नामसंशोधित उड़ान योजना (UDAN 2.0)
मंत्रालयनागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार
शुभारंभ तिथि4 जुलाई 2026, जोधपुर एयरपोर्ट से
शुभारंभकर्ताप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
वर्कशॉप तिथि16 जुलाई 2026, विज्ञान भवन, नई दिल्ली
10-वर्षीय लक्ष्य100 नए एयरपोर्ट, 200 हेलीपैड
अनुमानित बजट~₹12,159 करोड़ (एयरपोर्ट) + ₹3,661 करोड़ (हेलीपैड)

उड़ान योजना अब तक: 9 एयरपोर्ट से 90 तक का सफर

सोचो अगर तुम्हारे शहर के पास कभी हवाई अड्डा ही न रहा हो, और अचानक एक दिन वहां से फ्लाइट उड़ने लगे — यही कहानी है भारत के दर्जनों छोटे शहरों की।

2001 में देश में सिर्फ 65 एयरपोर्ट थे। 2014 तक ये बढ़कर सिर्फ 74 हुए — यानी 13 साल में सिर्फ 9 नए जुड़े। लेकिन पिछले 12 साल में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। बंद पड़ी 55 हवाई पट्टियों को फिर से चालू करके 90 नए एयरपोर्ट जोड़े गए।

नतीजा ये है कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार बन चुका है। हर दिन करीब 5 लाख लोग घरेलू उड़ानों से सफर करते हैं, और मई 2026 में तो रिकॉर्ड ही टूट गया — एक ही महीने में 1.5 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने हवाई यात्रा की।

संशोधित उड़ान योजना में क्या-क्या नया है

प्रावधानपहलेअब (संशोधित)
RCS सीट सीमाप्रति उड़ान अधिकतम 40 सीट80+ सीट वाले बड़े विमानों के लिए सीमा हटाई
Viability Gap Fundingसिर्फ 3 साल तक5 साल तक (घटते क्रम में)
एयरपोर्ट रखरखाव फंडिंगकोई प्रावधान नहीं3 साल तक O&M सपोर्ट, ₹3.06 करोड़/वर्ष तक
रूट बिडिंग के लिए AOPज़रूरी नहीं थीअब अनिवार्य

Viability Gap Funding: अब एयरलाइंस को मिलेगा ज़्यादा समय

पहले सरकार नई एयरलाइन कंपनियों को घाटे की भरपाई के लिए सिर्फ 3 साल तक फंड देती थी। कई बार यही वजह बनती थी कि रूट शुरू होने के कुछ साल बाद ही बंद हो जाता था।

अब ये सहायता 5 साल तक मिलेगी — तीसरे साल में 75%, चौथे साल में 50%, और पांचवें साल में 25%। मतलब एयरलाइन को धीरे-धीरे खुद के पैरों पर खड़े होने का मौका मिलेगा, रूट अचानक बंद होने का खतरा कम होगा।

छोटे शहरों के लिए नए एयरपोर्ट और हेलीपैड

अगले 10 साल में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य है, हर एक पर करीब ₹100 करोड़ खर्च होगा — कुल मिलाकर ₹12,159 करोड़। साथ ही पहाड़ी और आकांक्षी जिलों में 200 आधुनिक हेलीपैड बनेंगे, ₹15 करोड़ प्रति हेलीपैड की दर से।

एक नई और ज़रूरी बात — पहली बार सरकार एयरपोर्ट बनने के बाद उसके रखरखाव के लिए भी 3 साल तक पैसा देगी (₹3.06 करोड़/वर्ष प्रति एयरपोर्ट)। पहले सिर्फ बनाने पर ज़ोर था, चलाने पर नहीं।

आत्मनिर्भर भारत के तहत नए विमान

Pawan Hans के लिए 2 HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर, और Alliance Air के लिए 2 HAL डोर्नियर विमान शामिल किए जाएंगे — यानी मेड-इन-इंडिया विमानों को बढ़ावा।

उड़ान योजना से बदली ज़िंदगियां — असली उदाहरण

बिहार के दरभंगा की मशहूर शाही लीची कभी सिर्फ लोकल मंडी तक पहुंच पाती थी। फ्लाइट पकड़ने के लिए वहां के लोगों को 150 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। आज वही लीची दुबई जैसे बाज़ारों तक एक्सपोर्ट हो रही है।

राजस्थान के किशनगढ़ में 2017 से पहले संगमरमर उद्योग ठप्प पड़ा था। एयरपोर्ट बनने के बाद अब यहां से सीधा एक्सपोर्ट होता है, और हर साल 2 करोड़ से ज़्यादा तीर्थयात्री पुष्कर मंदिर और अजमेर दरगाह पहुंच रहे हैं। केशोद, देवगढ़, झारसुगुड़ा और नांदेड़ में भी ऐसी ही कहानियां दोहराई गई हैं।

आम आदमी को क्या फायदा

हवाई अड्डों पर अब “उड़ान यात्री कैफे” भी है, जहां ₹10 में चाय और ₹20 में स्नैक्स मिलते हैं। 10-20 साल पहले लोग सिर्फ हवाई जहाज देखने के लिए एयरपोर्ट की दीवार के बाहर खड़े रहते थे — आज मध्यम वर्ग के लोग बड़े आत्मविश्वास से फ्लाइट पकड़ रहे हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संशोधित उड़ान योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना (UDAN) का अगला चरण है, जिसमें एयरलाइंस और एयरपोर्ट डेवलपमेंट के लिए नए नियम और ज़्यादा फंडिंग तय की गई है।

UDAN योजना कब शुरू हुई थी?

मूल उड़ान योजना 2016 में राष्ट्रीय नागर विमानन नीति के तहत शुरू हुई थी।

संशोधित उड़ान योजना कब लॉन्च हुई?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 4 जुलाई 2026 को जोधपुर एयरपोर्ट से लॉन्च किया।

RCS सीट सीमा में क्या बदलाव हुआ है?

80 से ज़्यादा सीट वाले बड़े विमानों के लिए अब कोई सीट सीमा नहीं है, जबकि पहले अधिकतम 40 सीट की सीमा थी।

Viability Gap Funding कितने साल तक मिलेगी?

अब 5 साल तक — तीसरे साल में 75%, चौथे साल में 50%, पांचवें साल में 25%।

अगले 10 साल में कितने नए एयरपोर्ट बनेंगे?

100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य है, करीब ₹12,159 करोड़ की लागत से।

कितने नए हेलीपैड बनाए जाएंगे?

200 आधुनिक हेलीपैड, खासकर पहाड़ी और आकांक्षी जिलों में।

एयरपोर्ट के रखरखाव के लिए क्या नई सुविधा है?

अब बनने के बाद 3 साल तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस सपोर्ट भी मिलेगा, ₹3.06 करोड़/वर्ष तक प्रति एयरपोर्ट।

UDAN यात्री कैफे में चाय-नाश्ता कितने का मिलता है?

₹10 में चाय और ₹20 में स्नैक्स।

उड़ान योजना के तहत कौन-कौन से नए विमान खरीदे जाएंगे?

Pawan Hans के लिए 2 HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर, और Alliance Air के लिए 2 HAL डोर्नियर विमान।

रूट बिडिंग के नियम में क्या बदला है?

अब सिर्फ AOP (Air Operator Permit) वाली एयरलाइंस ही रूट के लिए बोली लगा सकेंगी।

उड़ान योजना से आम आदमी को क्या फायदा हुआ है?

छोटे शहरों में सस्ती फ्लाइट, बेहतर कनेक्टिविटी, और स्थानीय व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा।

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