हरित हरिद्वार अभियान 2026 — Kumbh 2027 से पहले धर्मनगरी को हरा-भरा बनाने की मुहिम | वृक्षारोपण + जनसहभागिता | HRDA की पहल | पूरी जानकारी

📌 अपडेट (5 जून 2026 — विश्व पर्यावरण दिवस): हरिद्वार में Kumbh Mela 2027 की तैयारी के अंतर्गत ‘हरित हरिद्वार अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ विश्व पर्यावरण दिवस पर किया गया। अखाड़ों, आश्रमों, सड़कों, घाटों, राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण के साथ साधु-संतों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

हरित हरिद्वार अभियान, मेला प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) द्वारा Kumbh Mela 2027 से पहले हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए शुरू किया गया एक जन-आंदोलन है। इसकी पहल मेलाधिकारी एवं HRDA उपाध्यक्ष सोनिका ने की है और Nodal Officer CDO हरिद्वार डॉ. ललित नारायण मिश्रा हैं। मानसून में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण होगा — प्रमुख मार्गों, घाट क्षेत्रों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और मेला क्षेत्र में। कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन HRDA को location देकर Free पौधारोपण करा सकता है।

हरित हरिद्वार अभियान एक नज़र में

विवरणजानकारी
अभियानहरित हरिद्वार अभियान (Harit Haridwar Abhiyan)
शहरहरिद्वार, उत्तराखंड
उद्देश्यKumbh Mela 2027 के लिए “ग्रीन कुंभ”
Formal Launch5 जून 2026 — विश्व पर्यावरण दिवस
पहलमेलाधिकारी एवं HRDA VP सोनिका
Nodal OfficerCDO हरिद्वार डॉ. ललित नारायण मिश्रा
Implementing BodyHRDA (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) + मेला प्रशासन
Major PlantingMonsoon 2026 में — बड़े पैमाने पर
Demand (अब तक)1,000+ पौधों की request प्राप्त
Coverageप्रमुख मार्ग, घाट, पार्क, आश्रम, सार्वजनिक स्थल
Participationजनसहभागिता — Free पौधे + संरक्षण
ApplyHRDA को location देकर — Free
Kumbh ConnectionKumbh Mela 2027 — Green Kumbh vision

हरित हरिद्वार अभियान क्यों शुरू हुआ?

हरिद्वार — गंगा नदी के किनारे बसी भारत की पवित्र धर्मनगरी। हर साल लाखों तीर्थयात्री यहाँ आते हैं। और 2027 में Kumbh Mela — जिसमें करोड़ों श्रद्धालु आएंगे।

Kumbh से पहले हरिद्वार को सुंदर, स्वच्छ और हरित बनाने की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। मेला प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) ने मिलकर “हरित हरिद्वार अभियान” की शुरुआत की — जो सिर्फ सरकारी program नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन है।

मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि हरिद्वार में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और स्थायी हरित वातावरण विकसित करना भी है।

Kumbh 2027 को “Green Kumbh” के रूप में स्थापित करना — यही इस अभियान का सबसे बड़ा vision है।

UPSC/UKPSC Perspective: हरित हरिद्वार अभियान, National Mission for Green India (NMGI) और State Forest Policy के साथ align करता है। Kumbh Mela जैसे massive gathering में Carbon Footprint कम करना — यह Climate Action (SDG-13) का event-level implementation है। जनसहभागिता model — जहाँ citizens स्वयं plantation location choose करते हैं और HRDA coordination करता है — यह Decentralized Environmental Governance का उदाहरण है।

अभियान के मुख्य उद्देश्य

हरित हरिद्वार अभियान के तहत निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:

उद्देश्यविवरण
Kumbh 2027 — Green Kumbhकुंभ को पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप देना
बड़े पैमाने पर वृक्षारोपणMonsoon 2026 में comprehensive plantation
पौधों की दीर्घकालिक देखभालसिर्फ लगाना नहीं — बचाना भी
पर्यावरण जागरूकतानागरिकों में environmental consciousness
शहर की सौंदर्यताहरिद्वार का visual beautification
पर्यावरणीय संतुलनEcological balance — biodiversity

कहाँ-कहाँ होगा वृक्षारोपण?

Monsoon 2026 में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण होगा — इन स्थानों पर:

Locationविवरण
प्रमुख मार्गNational Highways, main roads
घाट क्षेत्रHar Ki Pauri और अन्य घाट
पार्क और सार्वजनिक स्थलColony parks, public spaces
प्रवेश मार्गहरिद्वार के सभी entry points
मेला क्षेत्रKumbh Mela grounds
अखाड़े और आश्रमReligious establishments
स्कूल और शिक्षण संस्थानEducational premises

कौन-कौन से पौधे लगाए जाएंगे?

अभियान में धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों पर जोर है। मेलाधिकारी सोनिका ने स्वयं रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर symbolic शुरुआत की। अन्य anticipated plants:

  • रुद्राक्ष — धार्मिक महत्व + ecological value
  • पीपल, बरगद, नीम — shade trees, ecological importance
  • तुलसी — medicinal + religious
  • फलदार वृक्ष — local varieties
  • स्थान की मिट्टी के अनुकूल उच्च गुणवत्ता वाले पौधे

जनसहभागिता — आप कैसे जुड़ सकते हैं?

हरित हरिद्वार अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसका जनसहभागिता आधारित स्वरूप है। सिर्फ साधु-संत और सरकारी अधिकारी नहीं — आम नागरिक भी इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

कौन participate कर सकता है:

  • व्यक्तिगत नागरिक
  • सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन
  • शिक्षण संस्थान
  • धार्मिक संगठन और आश्रम
  • व्यापारिक समुदाय
  • Resident Welfare Associations

कैसे जुड़ें:

Step 1: वह स्थान चुनें जहाँ आप पौधारोपण कराना चाहते हैं — अपनी colony, school, temple, road के किनारे

Step 2: उस location की information HRDA (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) को दें:

  • HRDA Office, हरिद्वार में जाकर
  • या मेला प्रशासन कार्यालय से संपर्क करें

Step 3: HRDA संबंधित विभागों से coordination करेगा — पौधे और technical support मिलेगा

Step 4: Plantation होने के बाद — पौधों की देखभाल की ज़िम्मेदारी भी आप ले सकते हैं

1,000 से अधिक पौधों की demand अभी तक HRDA को मिल चुकी है — अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।

अब तक की Progress

अभियान की शुरुआत के बाद से:

MilestoneStatus
HRDA को pौधारोपण requests1,000+ requests मिलीं
Social organizations meeting4 दर्जन NGOs/Organizations ने support दिया
Formal launch (विश्व पर्यावरण दिवस)5 जून 2026
Monsoon Seasonआगामी — Major Plantation

Kumbh 2027 से Connection — Green Kumbh Vision

Kumbh Mela 2027 — हरिद्वार में आयोजित होने वाला — दुनिया का सबसे बड़ा human gathering। करोड़ों श्रद्धालु, हज़ारों साधु-संत।

ऐसे mega event में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी challenge है। हरित हरिद्वार अभियान इसी challenge का proactive solution है:

  • Kumbh से पहले हरिद्वार में green cover बढ़ेगा
  • Temperature कम होगा — pilgrims को relief
  • Air quality improve होगी
  • हरिद्वार nationally और internationally एक “Green Pilgrim Destination” के रूप में emerge होगा

हरेला पर्व — अभियान की अगली बड़ी कड़ी

उत्तराखंड में हरेला पर्व (16 जुलाई से एक माह) — पारंपरिक environmental festival — हरित हरिद्वार अभियान से naturally जुड़ेगा। देहरादून में इस बार 15.50 लाख पौधे लगाने की योजना है। हरिद्वार में भी Harela के दौरान massive plantation expected है।

संबंधित योजनाएं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरित हरिद्वार अभियान क्या है?

Kumbh Mela 2027 से पहले हरिद्वार को हरा-भरा, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए मेला प्रशासन और HRDA द्वारा शुरू किया गया जन-आंदोलन।

इसे किसने शुरू किया?

मेलाधिकारी एवं HRDA उपाध्यक्ष सोनिका की पहल पर — Nodal Officer: CDO हरिद्वार डॉ. ललित नारायण मिश्रा।

अभियान का formal launch कब हुआ?

5 जून 2026 — विश्व पर्यावरण दिवस पर।

Monsoon में क्या होगा?

बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण — प्रमुख मार्गों, घाटों, पार्कों, मेला क्षेत्र, आश्रमों में।

क्या आम नागरिक भागीदारी कर सकते हैं?

हाँ — अपनी पसंद की location HRDA को दें → Free पौधे और technical support मिलेगा।

अब तक कितने पौधों की demand मिली?

1,000 से अधिक पौधों की request HRDA को प्राप्त हो चुकी है।

इस अभियान का Kumbh से क्या संबंध है?

Kumbh Mela 2027 को “Green Kumbh” के रूप में establish करना — temperature, air quality और greenery — सब improve करना।

Harela पर्व का अभियान से क्या connection है?

Harela (16 जुलाई से एक माह) उत्तराखंड का पारंपरिक plantation festival है — यह हरित हरिद्वार अभियान का natural extension बनेगा।

HRDA से कैसे contact करें?

HRDA (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) Office, हरिद्वार में जाएं — या मेला प्रशासन कार्यालय से संपर्क करें।

आधिकारिक Contact

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