मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राज्य के किसान के पुत्र एवं पुत्रियों को उद्यम स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना में नवीन उद्यम की स्थापना के लिए 50 हजार रुपए से 2 करोड़ रुपए तक का ऋण दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत आपके बिजनेस की पूंजीगत लागत पर पुरुषों को 5% और महिलाओं को 6% की दर से अधिकतम 7 वर्ष तक ब्याज अनुदान देय होता है।
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मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसान के पुत्र या पुत्री द्वारा स्वयं का उद्योग(विनिर्माण)/सेवा/व्यवसाय उद्यम स्थापित करने हेतु बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना है जिससे किसानों में कृषि व कृषि आधारित उद्यमों मे रुचि पैदा करने के साथ ही उनका आर्थिक विकास हो सके तथा राज्य की कृषि एवं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मे भी सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के मुख्य तथ्य
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना |
| लाभार्थी | मध्यप्रदेश कृषक के पुत्र तथा पुत्री |
| उद्देश्य | उद्यम स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://msme.mponline.gov.in |
| वित्तीय सहायता | 10 लाख से 2 करोड़ |
| आवेदन का प्रकार | ऑनलाइन आवेदन |
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का लाभ व विशेषताए
- यह योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई है तथा सम्पूर्ण राज्य मे लागू है।
- इस योजना के अंतर्गत कृषक के पुत्र व पुत्रियों का अपना खुद का उद्यम स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- यह आर्थिक सहायता केवल नया उद्यम स्थापित करने पर ही प्रदान की जाती है।
- इस योजना के अंतर्गत 10 लाख से लेकर 2 करोड रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत परियोजना की पूंजीगत लागत का 15% सामान्य वर्ग को प्रदान किया जाएगा तथा 20% बीपीएल वर्ग को प्रदान किया जाता है।
- इस योजना के अंतर्गत गारंटी फीस प्रचलित दर से अधिकतम 7 वर्षों तक प्रदान की जाती है ।
- इस योजना के द्वारा कृषक परिवार आत्म निर्भर बनेंगे तथा स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
- इस योजना के द्वारा राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मे सुधार होगा।
- इस योजना के द्वारा राज्य मे नए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत पात्रता
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो।
- न्यूनतम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण हो।
- आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य हो।
- किसान पुत्री व पुत्र हो अर्थात जिनके माता, पिता या स्वयं के पास कृषि भूमि हो तथा वह आयकर दाता न हो।
- आय सीमा का कोई बंधन नहीं परंतु आवेदक का परिवार पहले से ही उद्योग/व्यापार क्षेत्र में स्थापित होकर आयकर दाता ना हो।
- किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक/वित्तीय संस्था/सहकारी बैंक का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।
- यदि कोई व्यक्ति किसी शासकीय उद्यमी/स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर रहा हो, तो इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होगा।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेज
- परियोजना प्रतिवेदन
- राशन कार्ड/स्थाई निवास प्रमाण पत्र/मतदाता पहचान पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस(कोई भी एक)
- शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र
- जन्मतिथि संबंधी प्रमाण पत्र
- भूमि व भवन यदि किराए पर हो तो किरायानामा
- बी पी एल संबंधी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- मशीनरी/उपकरण/साज-सज्जा हेतु वर्तमान दरों के कोटेशन
- आय सीमा के संबंध में स्वयं एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि का उद्योग/व्यापार क्षेत्र में स्थापित होने संबंधी शपथ पत्र तथा स्वयं की विगत 3 वर्षों की आयकर विवरणिया
- माता, पिता अथवा स्वयं के पास कृषि भूमि होने संबंधी दस्तावेज
- असंगठित क्षेत्र श्रमिक संबंधी पंजीयन प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत वित्तीय सहायता
- इस योजना के तहत आपको बिजनेस हेतु न्यूनतम लागत 50 हजार रूपये और अधिकतम 2 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी।
- मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना 2020 के तहत फ्री योजना की पूंजीगत लागत पर मार्जिन मनी सहायता 15% जोकि अधिकतम 1200000 रुपए होता है और बीपीएल परिवार के लिए परियोजना के पूंजीगत लागत पर 20% जोकि अधिकतम ₹1800000 होता है वह सरकार द्वारा देय होगा।
- इस योजना के अंतर्गत आपके बिजनेस की पूंजीगत लागत पर पुरुषों को 5% और महिलाओं को 6% की दर से अधिकतम 7 वर्ष तक ब्याज अनुदान देय होगा.
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के अंतर्गत निम्न प्रकार आनलाईन आवेदन किया जा सकता है:-
- सर्वप्रथम आपको अपने वेब ब्राउजर मे https://msme.mponline.gov.in/ टाईप करना होगा। जिससे मध्यप्रदेश की स्वरोजगार योजनाओ का होम पेज खुल जाएगा।

- उसके बाद इस योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों से संबंधित पेज खुल जाएगा, इस पेज पर आपको अपने व्यवसाय से संबंधित विभाग के लिंक पर क्लिक करना होगा।

- संबंधित विभाग के लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके सामने आपको एक पेज खुल जाएगा।

- इस पेज पर यदि आप पहली बार आ रहे है तो आपको सर्वप्रथम SignUP आप्शन पर क्लिक कर अपना रजिस्ट्रेशन कर अपना पासवर्ड बनाना होगा। उसके बाद आपको Login के आप्शन पर अपनी योजना का चयन कर अपने मोबाईल नंबर व पासवर्ड डालकर लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन करने के बाद आपके सामने आवेदन फार्म खुल जाएगा, जिसमे आपको सभी सूचनाए ध्यानपूर्वक भरणी होंगी तथा उसके बाद योजना से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सबमिट करना होगा।
- इस प्रकार आपकी आवेदन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। आवेदन सबमिट होने के 15 दिवस के भीतर आवेदक को संबंधित विभाग द्वारा आवेदन पूर्ण या अपूर्ण होने की सूचना आवेदक को प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत विभाग
इस योजना के अंतर्गत निम्न विभागों द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है :-
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग
- कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग
- माटी कला बोर्ड
- हथकरघा और हस्तशिल्प निदेशालय
- मध्य प्रदेश सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम
- जनजातीय कार्य विभाग आदिवासी वित्त एवं विकास निगम
- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
- पशुपालन विभाग
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
- नगरीय विकास एवं आवास विभाग
- मछुआ कल्याण तथा मत्स्य पालन विभाग
- विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग
- किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत उद्यम
इस योजना के अंतर्गत निम्न उद्यम प्रारंभ करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है:-
- एग्रो प्रोसेसिंग
- फूड प्रोसेसिंग
- कोल्ड स्टोरेज
- मिल्क प्रोसेसिंग
- टिशू कल्चर
- दाल मिल
- राइस मिल
- फ्लोर मिल (आटा चक्की)
- कस्टम हायरिंग सेंटर
- पोल्ट्री फीड (मुर्गियों को दिए जाने वाला एक प्रकार का भोजन)
- फिश फीड (मछलियों को दिए जाने वाला एक प्रकार का भोजन)
- बेकरी
- मसाला निर्माण उद्योग
- सीड ग्रेडिंग
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना क्या है ?
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई गई एक योजना है जिसमे किसानों के पुत्र एवं पुत्रियों को नवीन उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत क्या पात्रता है?
इस योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु आवेदक न्यूनतम 10 वी कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए तथा उम्र 18 से 45 वर्ष के मध्य होना चाहिए | यह योजना सिर्फ किसान पुत्र/पुत्री के लिए हैं |
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत कितनी बार लाभ लिया जा सकता है?
इस योजना के अंतर्गत केवल एक बार ही लाभ लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत कितना ऋण प्रदान किया जाता है?
इस योजना में नवीन उद्यम की स्थापना के लिए 50 हजार रुपए से 2 करोड़ रुपए तक का ऋण दिए जाने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत परियोजना की लागत कितनी होनी चाहिए?
इस योजना के अंतर्गत परियोजना लागत न्यूनतम रूपए 50 हज़ार से अधिकतम रूपए 2 करोड़ तक की हो सकती है।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना क्या होता है व इसमें आवेदन कैसे करवाया जाता है आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
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Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.
