मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राज्य के गरीब वर्ग के व्यक्तियों को नवीन उद्यम स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना में नवीन उद्यम की स्थापना के लिए अधिकतम 50 हजार रुपए तक का ऋण दिए जाने का प्रावधान है।इस योजना के अंतर्गत मार्जिनमनी सहायता परियोजना लागत का 50 प्रतिशत देय होगी।
Table of Contents
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग के बीपीएल श्रेणी के हितग्राहियों को नवीन उद्यम/व्यवसाय की स्थापना हेतु कम लागत के उपकरण तथा/या कार्यशील पूजी उपलब्ध कराने हेतु बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराना है जिससे राज्य के गरीब वर्ग के व्यक्तियों मे उद्यमों/व्यवसाय मे रुचि पैदा करने के साथ ही उनका आर्थिक विकास हो सके तथा राज्य की अर्थव्यवस्था मे भी सुधार हो सके।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के मुख्य तथ्य
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना |
| लाभार्थी | मध्यप्रदेश राज्य के गरीब वर्ग के व्यक्ति |
| उद्देश्य | उद्यम स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://msme.mponline.gov.in |
| वित्तीय सहायता | अधिकतम 50 हजार रु. तक |
| आवेदन का प्रकार | ऑनलाइन आवेदन |
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का लाभ व विशेषताए
- यह योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई है तथा सम्पूर्ण राज्य मे लागू है।
- यह योजना उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही है।
- इस योजना के अंतर्गत राज्य के गरीब वर्ग के हितग्राहियों का अपना खुद का उद्यम स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- यह आर्थिक सहायता केवल नया उद्यम स्थापित करने पर ही प्रदान की जाती है।
- इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- इस योजना के अंतर्गत मार्जिनमनी सहायता परियोजना लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15000 रु. तक ही देय होगी।
- इस योजना के द्वारा राज्य के गरीब परिवार आत्म निर्भर बनेंगे तथा स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
- इस योजना के द्वारा राज्य की अर्थव्यवस्था मे सुधार होगा।
- इस योजना के द्वारा राज्य मे नए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत पात्रता
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो।
- आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग का सदस्य हो। (सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र सलंग्न करना होगा)।
- आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य हो।
- किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक/वित्तीय संस्था/सहकारी बैंक का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।
- यदि कोई व्यक्ति किसी शासकीय उद्यमी/स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर रहा हो, तो इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होगा।
- सिर्फ एक बार ही इस योजना के अन्तर्गत सहायता के लिए पात्र होगा।
- योजना उद्योग/सेवा व्यवसाय क्षेत्र के लिए होगी।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेज
- परियोजना प्रतिवेदन
- राशन कार्ड/स्थाई निवास प्रमाण पत्र/मतदाता पहचान पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस(कोई भी एक)
- जन्मतिथि संबंधी प्रमाण पत्र
- बी पी एल संबंधी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- मशीनरी/उपकरण/साज-सज्जा हेतु वर्तमान दरों के कोटेशन
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निःशक्तजन संबंधी प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो तो)
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत वित्तीय सहायता
- इस योजना के अंतर्गत परियोजना की अधिकतम लागत रुपये 50 हजार होगी।
- इस योजना के अंतर्गत मार्जिनमनी सहायता परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम रुपये 15,000/-) देय होगी।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के अंतर्गत निम्न प्रकार आनलाईन आवेदन किया जा सकता है:-
- सर्वप्रथम आपको अपने वेब ब्राउजर मे https://msme.mponline.gov.in/ टाईप करना होगा। जिससे मध्यप्रदेश की स्वरोजगार योजनाओ का होम पेज खुल जाएगा।

- उसके बाद इस योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों से संबंधित पेज खुल जाएगा, इस पेज पर आपको अपने व्यवसाय से संबंधित विभाग के लिंक पर क्लिक करना होगा।

- संबंधित विभाग के लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके सामने आपको एक पेज खुल जाएगा।

- इस पेज पर यदि आप पहली बार आ रहे है तो आपको सर्वप्रथम SignUP आप्शन पर क्लिक कर अपना रजिस्ट्रेशन कर अपना पासवर्ड बनाना होगा। उसके बाद आपको Login के आप्शन पर अपनी योजना का चयन कर अपने मोबाईल नंबर व पासवर्ड डालकर लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन करने के बाद आपके सामने आवेदन फार्म खुल जाएगा, जिसमे आपको सभी सूचनाए ध्यानपूर्वक भरणी होंगी तथा उसके बाद योजना से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सबमिट करना होगा।
- इस प्रकार आपकी आवेदन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। आवेदन सबमिट होने के 15 दिवस के भीतर आवेदक को संबंधित विभाग द्वारा आवेदन पूर्ण या अपूर्ण होने की सूचना आवेदक को प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के क्रियान्वयन के लिए नामित नोडल ऐजन्सी, प्रबंध संचालक, म0प्र0 राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, भोपाल है तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी/कार्यपालन अधिकारी, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समितियों के माध्यम से योजना का संचालन कराया जाता है । योजना के लिए समुचित वित्तीय प्रावधान अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा अपने विभागीय बजट में किया जाएगा , तथा तद्नुसार भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों का निर्धारण जिलेवार प्रबंध संचालक, म0प्र0 राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, भोपाल द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र परियोजनाए
इस योजना के अंतर्गत केश शिल्पी,स्ट्रीट वेंडर,हाथठेला चालक,साईकिल रिक्शा चालक व कुम्हार आदि परियोजनाए सम्मिलित है।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत मार्जिनमनी सहायता एवं ऋण अदायगी
- परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत (अधिकतम रु. 15,000/-) मार्जिनमनी सहायता हितग्राही को शासन की ओर से देय होगी।
- आरंभिक स्थगन (moratorium) की न्यूनतम अवधि 6 माह होगी।
- आरंभिक स्थगन (moratorium) के बाद, ऋण अदायगी 5 वषो में होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना क्या है ?
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई एक योजना है जिसमे राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग के बीपीएल श्रेणी के हितग्राहियों को नवीन उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत क्या पात्रता है?
इस योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु आवेदक की उम्र 18 से 55 वर्ष के मध्य होना चाहिए | यह योजना सिर्फ अनुसूचित जाति के लिए हैं |
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत कितनी बार लाभ लिया जा सकता है?
इस योजना के अंतर्गत केवल एक बार ही लाभ लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत कितना ऋण प्रदान किया जाता है?
इस योजना में नवीन उद्यम की स्थापना के लिए अधिकतम 50 हजार रुपए तक का ऋण दिए जाने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत परियोजना की लागत कितनी होनी चाहिए?
मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत परियोजना की लागत अधिकतम 50000 रु. तक की होनी चाहिए।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना क्या होता है व इसमें आवेदन कैसे करवाया जाता है आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
अन्य पढे – किसान क्रेडिट कार्ड
Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
this site are based on official sources including PIB press releases,
ministry notifications, and gazette publications.

2 thoughts on “(आवेदन प्रक्रिया)मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना,मध्यप्रदेश”