📌 अपडेट (2026): Union Budget 2026-27 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को ₹28,183 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है — जो 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹24,374 करोड़ से कहीं ज्यादा है। यह सरकार की महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण और पोषण से जुड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। योजना अब Mission Shakti के अंतर्गत संचालित हो रही है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना क्या है?
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) भारत सरकार की एक राष्ट्रीय अभियान योजना है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से शुरू किया था।
यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त अभिसरण (Convergence) से लागू की जाती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य है — घटते बाल लिंगानुपात (Child Sex Ratio) को रोकना, कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना और बालिकाओं की शिक्षा एवं भागीदारी को बढ़ावा देना।
शुरुआत में यह योजना ₹100 करोड़ की प्रारंभिक फंडिंग के साथ कम लिंगानुपात वाले 100 जिलों में लागू की गई थी — अब यह देश के सभी जिलों में लागू है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना त्वरित जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) |
| शुरुआत | 22 जनवरी 2015, पानीपत (हरियाणा) |
| मंत्रालय | महिला एवं बाल विकास + स्वास्थ्य + शिक्षा मंत्रालय |
| प्रारंभिक बजट | ₹100 करोड़ (2015) |
| 2026-27 बजट | ₹28,183 करोड़ (पूरे WCD Ministry के लिए) |
| 2025-26 संशोधित बजट | ₹24,374 करोड़ |
| शुरुआती कवरेज | 100 जिले (कम लिंगानुपात वाले) |
| वर्तमान कवरेज | देश के सभी जिले |
| संचालन | Mission Shakti के अंतर्गत |
| District Funding आधार | Sex Ratio at Birth (SRB) |
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के मुख्य उद्देश्य हैं:
- लिंग चयनात्मक गर्भपात (Sex-Selective Abortion) को रोकना
- बाल लिंगानुपात में सुधार लाना
- बालिकाओं की जीवन रक्षा, सुरक्षा और शिक्षा सुनिश्चित करना
- समाज में बेटियों के प्रति नकारात्मक मानसिकता को बदलना
- बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की संस्कृति बनाना
- महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना
SRB (Sex Ratio at Birth) आधारित जिला फंडिंग
Mission Shakti दिशा-निर्देशों के तहत जिलों को धन का आवंटन उनकी Sex Ratio at Birth (SRB) स्थिति के आधार पर तीन श्रेणियों में होता है:
| जिले की SRB स्थिति | वार्षिक सहायता राशि |
|---|---|
| 918 या उससे कम (सबसे गंभीर) | ₹40 लाख/वर्ष |
| 919 से 952 (मध्यम) | ₹30 लाख/वर्ष |
| 952 से अधिक (बेहतर स्थिति) | ₹20 लाख/वर्ष |
| नए गठित जिले | ₹30 लाख की श्रेणी में |
📌 यह दर्शाता है कि जिन जिलों में लिंगानुपात की समस्या ज्यादा गंभीर है, वहां सरकार ज्यादा फंडिंग देती है — ताकि targeted तरीके से सुधार हो सके।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के 3 मुख्य स्तंभ
1. लिंग चयनात्मक गर्भपात रोकथाम
PC&PNDT Act (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) का कड़ाई से क्रियान्वयन और निगरानी।
2. बाल जीवन रक्षा और सुरक्षा
नवजात बालिकाओं की मृत्यु दर कम करना और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाना।
3. शिक्षा और भागीदारी सुनिश्चित करना
स्कूलों में बालिकाओं के Enrollment और Retention को बढ़ावा देना, खासकर माध्यमिक स्तर पर Drop-out रोकना।
Mission Shakti के अंतर्गत Convergence
BBBP अब Mission Shakti योजना का एक प्रमुख घटक है, जो महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाओं को एक साथ जोड़ती है। इससे:
- Multiple Schemes के बीच बेहतर समन्वय
- District Level पर एकीकृत निगरानी
- संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग
शिक्षा पाठ्यक्रम में BBBP
संशोधित NCERT की Class 7 की पाठ्यपुस्तकों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल को शामिल किया गया है — जिससे लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भारत के सामाजिक विकास की कहानी के हिस्से के रूप में बालिकाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया जा सके।
जिला स्तर पर क्रियान्वयन
प्रत्येक जिले में एक District Task Force बनाई जाती है जो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करती है। इसमें शामिल हैं:
- District Collector/Magistrate (अध्यक्ष)
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
- शिक्षा विभाग के अधिकारी
- महिला एवं बाल विकास अधिकारी
- स्थानीय NGOs और Civil Society प्रतिनिधि
संबंधित योजनाएं — Convergence Schemes
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ कई अन्य बालिका-केंद्रित योजनाएं भी एक साथ काम करती हैं:
| योजना | लाभ |
|---|---|
| सुकन्या समृद्धि योजना | बालिका के नाम पर बचत खाता, 8.2% ब्याज |
| माध्यमिक शिक्षा हेतु बालिका प्रोत्साहन योजना | माध्यमिक शिक्षा में सहायता |
| राष्ट्रीय बालिका दिवस | 24 जनवरी — जागरूकता कार्यक्रम |
| मुख्यमंत्री कन्यादान/कन्या उत्थान (राज्य स्तरीय) | राज्य अनुसार वित्तीय सहायता |
📌 ध्यान दें: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्वयं में सीधे नकद राशि देने वाली योजना नहीं है — यह एक जागरूकता और System-Strengthening अभियान है। बालिकाओं को सीधी वित्तीय सहायता के लिए सुकन्या समृद्धि योजना या राज्य-विशेष योजनाएं देखें।
आधिकारिक स्रोत
- PIB PRID 2100716 — Mission Shakti SRB Funding Details
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय: wcd.nic.in
- Union Budget 2026-27 — WCD Ministry Allocation
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना कब शुरू हुई?
इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से शुरू किया था। शुरुआत में यह कम लिंगानुपात वाले 100 जिलों में लागू थी, अब देश के सभी जिलों में है।
2026-27 में BBBP/WCD का बजट कितना है?
Union Budget 2026-27 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को ₹28,183 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जो 2025-26 के ₹24,374 करोड़ से अधिक है।
क्या बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना सीधे पैसा देती है?
नहीं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एक जागरूकता और System-Strengthening अभियान है। सीधी वित्तीय सहायता के लिए सुकन्या समृद्धि योजना या राज्य-विशेष बालिका योजनाएं देखें।
SRB आधारित जिला फंडिंग क्या है?
जिलों को Sex Ratio at Birth (SRB) के आधार पर वार्षिक सहायता मिलती है — 918 या कम SRB वाले जिलों को ₹40 लाख, 919-952 वालों को ₹30 लाख और 952 से अधिक वालों को ₹20 लाख प्रति वर्ष।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना किस मंत्रालय के अंतर्गत आती है?
यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त अभिसरण से लागू होती है। 2026 में यह Mission Shakti के अंतर्गत संचालित है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के 3 मुख्य स्तंभ क्या हैं?
लिंग चयनात्मक गर्भपात रोकथाम (PC&PNDT Act), बाल जीवन रक्षा और सुरक्षा, तथा बालिकाओं की शिक्षा और भागीदारी सुनिश्चित करना — ये तीन मुख्य स्तंभ हैं।
क्या स्कूली पाठ्यक्रम में BBBP को शामिल किया गया है?
हाँ। संशोधित NCERT Class 7 की पाठ्यपुस्तकों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल को शामिल किया गया है ताकि लैंगिक समानता की जागरूकता बढ़े।
District Task Force में कौन शामिल होता है?
District Collector (अध्यक्ष), स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और स्थानीय NGO प्रतिनिधि — ये District Task Force का हिस्सा होते हैं।
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लेखक: सरिता मिश्रा — सरिता “सरकारी योजना” की मुख्य लेखिका हैं। वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर शोध करके उन्हें आसान हिंदी में समझाती हैं, ताकि हर आम परिवार ज़रूरी जानकारी आसानी से समझ सके। हर लेख आधिकारिक स्रोतों (PIB, मंत्रालय की वेबसाइट और सरकारी पोर्टल) से जाँचने के बाद ही प्रकाशित किया जाता है।




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