भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा किसानों को सिंचाई मे सुविधा प्रदान करने हेतु 2019 में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (Prime Minister’s Farmer Energy Security and Upliftment Maha Abhiyan) (प्रधानमंत्री कुसुम योजना) की शुरुआत की थी।इस योजना के तहत देशभर में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी डीजल/बिजली के पंप को सोलर ऊर्जा से चलाने की योजना है। इसके तहत किसानों के लिए सौर पंप और ग्रिड से जुड़े अन्य सौर बिजली संयंत्र लगाये जाने का प्रावधान है तथा इसके लिए भारत सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत छूट प्रदान की जाती है।
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प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उद्देश्य
इस योजना मुख्य उद्देश्य देश के किसानों को मुफ्त में बिजली उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पैनल की सुविधा दी जाती है। कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं. किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांव में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के जरिये किसान को दोहरा फायदा होगा और उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। यदि किसान अधिक बिजली बनाकर ग्रिड को भेजते हैं, तो उन्हें उसका भी लाभ मिल सकेगा।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के मुख्य बिन्दु
| आरम्भ की गई | वित्तमंत्री श्री निर्मला सीतारमण के द्वारा |
| लाभार्थी | किसान |
| पंजीकरण प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| उद्देश्य | किसानो को सोलर पंप उपलब्ध कराना |
| लाभ | किफायती मूल्य पर सौर सिंचाई पंप |
| श्रेणी | केंद्र सरकारी योजनाएं |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://mnre.gov.in/ |

प्रधानमंत्री कुसुम योजना की विशेषताए
- यह योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई है तथा सम्पूर्ण भारत मे लागू है।
- सम्पूर्ण भारत के किसान इस योजना का लाभ ले सकते है।
- योजना के तहत कम दामों पर किसानो को सिंचाई पंप दिए जायेंगे।
- सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा।
- केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी।
- यह 90 प्रतिशत सब्सिडी देता है, जिससे पीएम कुसुम योजना के आवेदकों को सिंचाई में मदद मिलेगी और किसानों को लागत प्रभावी खेती के तरीकों के बारे में पता चलेगा.
- इस योजना से ग्रामीण भू-स्वामियों को स्थायी व निरंतर आय का स्रोत प्राप्त होगा।
- किसान उत्पादित ऊर्जा का उपयोग सिंचाई ज़रूरतों के लिये कर पाएंगे तथा अतिरिक्त ऊर्जा बिजली वितरण कंपनियों को बेच पाएंगे। इससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
- इस योजना से कार्बन डाइऑक्साइड में कमी आएगी और वायुमंडल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। योजना के तीनों घटकों को सम्मिलित करने से पूरे वर्ष में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 27 मिलियन टन की कमी आएगी।
- घटक बी के अंतर्गत सौर कृषि पंपों से प्रतिवर्ष 1.2 बिलियन लीटर डीज़ल की बचत होगी। इससे कच्चे तेल के आयात में खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।
- कुसुम योजना के तहत जो भी सोलर पेनल लगाये जायेंगे वो सभी बंजर भूमि में लगाये जायेंगे। ताकि बंजर भूमि का भी इस्तेमाल हो और बंजर भूमि को शुरू करने से किसानो का फायदा हो।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत पात्रता
- लाभार्थी भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए
- इस योजना मे भाग लेने हेतु किसान,किसानों का समूह,सहकारी समितिया,पंचायत, किसान उत्पादक संगठन एवं जल उपभोक्ता एसोसिएसन जिनके पास स्वयं की या लीज की जमीन है,पात्र होंगे तथा इन्हे सौर ऊर्जा उत्पादक(Solar Power Generator- SPG) माना जाएगा
- किसान,किसानों का समूह,सहकारी समितिया,पंचायत, किसान उत्पादक संगठन एवं जल उपभोक्ता एसोसिएसन आदि स्वयं की पूजी न होने की स्थिति मे प्रोजेक्ट विकसित करने हेतु किसी विकासकर्ता का चुनाव कर सकेंगे तथा भूमि लीज पर देकर भूमि का किराया लीज एग्रीमेंट के आधार पर प्राप्त कर सकेंगे इस स्थिति मे विकासकर्ता को सौर ऊर्जा उत्पादक(Solar Power Generator- SPG) माना जाएगा
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- आय प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- किसान के नाम के भूमि के कागज
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए शुल्क
इस योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए निम्न प्रकार शुल्क का निर्धारण किया जाता है :-
| मेगा वाट | आवेदन शुल्क रुपयों मैं |
| 0.5 मेगावाट | 2500+ GST |
| 1 मेगावाट | 5000 + GST |
| 1.5 मेगावाट | 7500+ GST |
| 2 मेगावाट | 10000+ GST |
PM-कुसुम योजना के घटक
इस योजना के तीन घटक निमन्वत है
घटक 1
इस योजना के तहत, श्रमिक 10,000 मेगावाट विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करेंगे, जो बंजर भूमि पर ग्रिड से जुड़े हैं। ये ग्रिड किसानों, सहकारी समितियों, किसानों के समूह, पंचायतों, जल उपयोगकर्ता संघों (WUA) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) द्वारा स्थापित किए जाएंगे। बिजली परियोजनाओं को उप-स्टेशन के 5 किलोमीटर के दायरे में सेटअप किया जाएगा
घटक 2
इस योजना के तहत, किसानों को सौर कृषि पंप स्थापित करने के लिए 17.50 लाख रु. का फण्ड दिया जाएगा। मौजूदा डीज़ल कृषि पंपों को बदलने के लिए पंपों की क्षमता 7.5 एचपी तक होगी। क्षमता 7.5 एचपी से अधिक हो सकती है लेकिन आर्थिक सहायता केवल 7.5 एचपी की क्षमता के लिए प्रदान की जाएगी
घटक 3
यह योजना 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों के सोलराइज़ेशन के लिए है और अलग-अलग किसानों को ग्रिड पंप के लिए सोलराइज़ पंपों के लिए फण्ड दिया जाएगा। पूर्व निर्धारित टैरिफ पर भारत की वितरण कंपनियों (DISCOMs) को अतिरिक्त सौर ऊर्जा बेची जाएगी। उत्पादित सौर ऊर्जा का उपयोग करके किसान की सिंचाई की ज़रूरतों को पूरा किया जाएगा
कुसुम योजना के अंतर्गत लाभ
कुसुम योजना के लाभ निम्न प्रकार हैं।
- सौर पंप वितरण
- सौर ऊर्जा कारखाने का निर्माण
- ट्यूबवेल की स्थापना
- वर्तमान पंपों का आधुनिकरण
कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया
इस योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों के माध्यम से किया जा रहा है। अतः आनलाईन आवेदन हेतु आपको अपने से संबंधित राज्य की कुसुम योजना की वेवसाईट पर जा कर आनलाईन आवेदन करना होगा।आनलाईन आवेदन हेतु आपको अपने राज्य से संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा, पंजीकरण के उपरांत आपको आनलाईन आवेदन फार्म भरना होगा, आनलाईन आवेदन पत्र मे मांगी गई समस्त सूचनाओ को ध्यानपूर्वक भरे उसके बाद आपको अपने से संबंधित दस्तावेज अपलोड कर आवेदन पत्र को submit करना होगा। इस प्रकार आपका आवेदन पूर्ण हो जाएगा और इसके उपरांत आवेदन क्रमांक नम्बर प्राप्त होगा जिसके माध्यम से आप अपने आवेदन पत्र की स्थिति ज्ञात कर सकते है।
प्रिय दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना क्या होता है ,आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और स्कीम्स के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा। दोस्तों यदि आप प्रधानमंत्री कुसुम योजना से संबंधित कोई और जानकारी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।
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Sarita Mishra is the founder and chief author of Sarakari Yojna, India’s
Hindi-language hub for government welfare schemes. With 17+ years of
experience researching central and state government programs, she
specializes in rural development schemes, pension programs, farmer
welfare initiatives, and women’s empowerment policies. All articles on
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ministry notifications, and gazette publications.

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